दिव्या भाभी मेरे लंड से चुदी

हैल्लो दोस्तों मेरा नाम राहुल है। मेरी उम्र 24 साल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ। मेरी लम्बाई 5.9 इंच मेरा बदन गोरा, गठीला में दिखने में भी ठीक ठाक लगता हूँ और मेरे लंड का आकार सात इंच लंबा और तीन इंच मोटा है, मेरे इस बदन को देखकर हर लड़की मेरी तरफ बहुत आकर्षित हो जाती है। दोस्तों आज में आप सभी को जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ। यह कुछ दिन पहले की एक सच्ची घटना है, वैसे मुझे शुरू से ही सेक्स में बड़ी रूचि रही है और मेरी यह हमेशा कोशिश रहती थी कि कोई मुझे ऐसा मिले जिसके साथ में जमकर सेक्स करूं और अपने मन की सभी इच्छा को उसके साथ पूरा कर लूँ, लेकिन में ऐसा कुछ नहीं कर सका क्योंकि मुझे वो ऐसा मौका कभी मिला ही नहीं, जिसका में फायदा उठाकर वो सभी कर लेता और मेरी किस्मत ने मेरा साथ नहीं दिया। दोस्तों मेरी यह कहानी लंबी जरुर है, लेकिन आप लोग इसको थोड़ा ध्यान से पढ़ना आपको जरुर मज़ा आएगा, उन्ही दिनों में मेरा एक पक्का दोस्त जो मेरे पड़ोस में रहता था उसकी शादी पक्की हो गयी और 15 दिनों के बाद ही उसकी शादी भी हो गयी, लेकिन में उसकी शादी में नहीं जा सका, क्योंकि में उन दिनों किसी जरूरी काम की वजह से अपने अंकल के घर मुम्बई गया हुआ था और जब में वापस आया तो वो उसी शाम को मुझसे मिला।

फिर मैंने उससे पूछा क्यों कैसी रही तुम्हारी शादी और वो पहली रात तुम्हारी पत्नी के साथ? वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर कुछ भी नहीं बोला और बिल्कुल चुप ही रहा। उसके बाद वो मुझसे कहने लगा कि चल में तुझे मेरी पत्नी से मिलवा देता हूँ। तो में और मेरा वो दोस्त उसके घर चले गए और जब में अंदर गया तो मैंने देखा कि वहां पर उसकी पत्नी घर में अकेली ही थी। अब मैंने देखा कि उसकी पत्नी बहुत ही सुंदर गोरी और सेक्सी लग रही थी और साड़ी में तो वो बहुत ही अच्छी लग रही थी और उसका फिगर तो कुछ ऐसा था कि आप उसके बारे में मुझसे पूछो ही मत, वो मेरी ही उम्र की थी। उसका नाम दिव्या था। मुझे तो वो दिखने में बड़ी ही आकर्षक लड़की लग रही थी, जिसको देखकर में अपने होश पूरी तरह से खो चुका था। उसको देखकर मेरे मन में उसको अपना बनाने की इच्छा होने लगी थी। फिर मैंने मेरे दोस्त को ऐसे ही मजाक में कह दिया वाह यार तेरी पत्नी तो बहुत ही मस्त सुंदर लग रही है, तेरी तो किस्मत ही खुल गई जो तुझे ऐसी सुंदर लड़की मिली है। तू अब इसके साथ अपने अच्छे से आगे का जीवन बिना और इसके साथ खुश रह। फिर मैंने मन ही मन में दुआ कि भगवान अगर आप मुझे पत्नी दो तो ठीक ऐसे ही फिगर वाली और सुंदर पत्नी देना जो मेरा जीवन सफल बना दे और मैंने उससे बात करना शुरू किया तो उसकी आवाज़ भी बहुत मीठी सुरीली थी, जिसको सुनकर में बड़ा खुश था मेरा मन अब पूरी तरह से उसकी तरफ आकर्षित होकर में उसका दीवाना हो चुका था। उस पर मेरा मन आ गया था। अब वो भी मुझे देखकर बार बार मेरी ही तरफ देख रही थी। शायद वो भी मेरे गठीले बदन को देखकर मुझसे आकर्षित थी। फिर कुछ देर वहीं पर रुककर चाय पानी पीकर में वापस अपने घर चला आया, लेकिन मेरा मन तो उसी के पास रह गया था। में बस उसी में बारे में सोचने लगा। फिर एक दिन में जब अपनी गाड़ी को धो रहा था तभी वो अपने घर से कुछ कपड़े और बर्तन लेकर मेरे यहाँ पर धोने आ गई उनके मुझे बताया कि किसी वजह से उनके घर आज पानी खत्म हो चुका है, इसलिए उसको यहाँ आना पड़ा। फिर जब वो अपने काम को करते हुए नीचे की तरफ झुकती उसी समय मैंने उसके प्यारे से गोरे गोलमटोल बूब्स को देख लिया, जिनको देखकर में बड़ा चकित था, इसलिए में उससे कुछ कह नहीं पाया मुझे उसके उभरते हुए बूब्स को देखने में बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था। में गाड़ी को धोता रहा और उसी के बहाने बूब्स को भी देखता रहा और वो मुझे देखती गयी, लेकिन उसने जानबूझ कर अपने पल्लू को ठीक नहीं किया, जो काम करने की वजह से नीचे आ चुका था इसलिए अब तो उसके बूब्स मुझे पहले से भी ज्यादा साफ नज़र आने लगे थे और इसलिए जब जब में उसके बूब्स को देखता तब तक मेरे शरीर में 440 वॉट्स का करंट एक साथ दौड़ने लगता और इस तरह में कई बार उसके बूब्स को खुश होकर देख चुका था। वो मुझसे कुछ कहती ही नहीं वो बस मुझसे अपनी नजरे मिलाकर मेरी तरफ मुस्कुराने लगती और शायद उसको मेरी यह हरकत उसके साथ करना अच्छा लग रहा था इसलिए उसने भी आगे होकर मुझे अपने बूब्स दिखाए और मैंने देखकर उनके मज़े लिए वो बहुत ही गोरे उसके घुटनों से सटे होने की वजह से दबकर उसके बड़े आकार के गले के ब्लाउज से बाहर निकल रहे थे। वो द्रश्य बड़ा ही मनमोहक था इसलिए में भी बिल्कुल चकित होकर घूर घूरकर उन दोनों सफेद कबूतरों को देख रहा था।

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