चुदक्कड़ दीदी को टॉप की रांड बनाया

हैल्लो दोस्तों, hindi sex stories मेरा नाम आदि है और में आज सभी को अपनी एक सच्ची घटना के बारे में बताने के लिए पर आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह आप सभी को पसंद जरुर आएगी। दोस्तों यह बात करीब 6 महीने पहले की है। मेरी मौसी की लड़की जो मुझसे एक साल बड़ी है और वो मेरी मौसी के साथ हमारे घर आई हुई थी और मौसी ने हमारे घर आकर मेरी माँ से कहा कि यह अब करीब दो तीन महीने इधर ही रहेगी। तो माँ उनके पूछने लगी क्यों? तब मौसी ने कहा कि अरे मैंने तुझे बताया नहीं था क्या कि हमें अमरनाथ और उधर के सभी तीर्थ देखने है? तो माँ बोली कि अरे दीदी में तो बिल्कुल भूल ही गयी थी। तभी मैंने कहा कि माँ तुम जाओगी तो खाना कौन बनाएगा? भाभी भी भैया के साथ बाहर घूमने गये है और अब वो लोग भी दो महीने से पहले नहीं आएँगे। तो मौसी ने कहा कि तुम्हारी नीलू दीदी को खाना बनाने के लिए में इसे इसलिए तो यहाँ पर लाई हूँ। फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है।

फिर नीलू दीदी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही है? मैंने कहा कि अच्छी चल रही है और फिर हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे। दोस्तों तब तक मेरे मन में उसके लिए कोई भी ग़लत बात नहीं थी, अगले दिन मेरी माँ और मौसी तीर्थ यात्रा पर निकल गये। अब घर पर सिर्फ़ हम दोनों ही थे पूरे दो तीन महीने के लिए। फिर माँ ने जाते हुए मुझसे कहा कि तुम कहीं जाओ तो शाम को जल्दी घर आना और तुम दोनों तुम्हारे साथ साथ घर का भी ध्यान रखना। तो मैंने कहा कि जी माँ और वो लोग चले गये। शाम को दीदी ने खाना बनाया और हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और फिर में टीवी देखने बैठ गया। तभी नीलू दीदी एक गाउन पहनकर आई और उन्होंने मुझसे कहा कि हम दोनों एक ही कमरे में सोएंगे, मैंने कहा कि जी नीलू दीदी। तो नीलू दीदी बोली या तो तू मुझे दीदी बोल नहीं तो नीलू बोल, मैंने कहा कि हाँ ठीक है दीदी और वो मेरे कमरे में चली गयी और में कुछ देर बाद सभी दरवाज़े बंद करके अपने कमरे में चला आया।

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फिर तभी नीलू दीदी मुझसे कहने लगी कि यहाँ तो बस एक ही बेड है, मैंने कहा हाँ तुम बेड के ऊपर सो जाओ, में नीचे सो जाता हूँ। फिर दीदी ने कहा कि नहीं तुम भी मेरे पास ऊपर ही सो जाओ, तब मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर करीब 11 बजे तक हम दोनों सो चुके थे और रात को करीब एक बजे में बाथरूम के लिए उठकर गया और आकर सिरहाने रखा और पानी पीने लगा तभी मेरी नज़र नीलू दीदी पर पड़ी और उस समय उनके ऊपर की चादर नहीं थी और उनका वो गाउन उनकी जाँघो तक आ चुका था और हल्की लाइट की रोशनी में दीदी की गोरी भरी हुई जांघे बहुत ही चमक रही थी और वहीं मेरा दिमाग़ घूम गया, मैंने मन ही मन में कहा कि वाह क्या मस्त माल है, इसको तो एक बार चखना ही पड़ेगा और यह बात सोचकर में बेड पर बैठ गया और मैंने सोचा कि मुझे किसी भी काम में बिल्कुल भी जल्दीबाजी नहीं करनी है, क्योंकि मेरे पास अभी पूरे तीन महीने है क्योंकि धीरे धीरे आगे बढ़ने में बड़ा मज़ा आएगा और फिर मैंने उनका हल्का सा गाउन ऊपर उठाया और देखा तो नीलू की चूत उस समय पेंटी के अंदर थी, लेकिन वो थोड़ी सी फूली हुई थी कुछ बाल पेंटी से बाहर निकले हुए थे मैंने धीरे से चूत पर फूँक मारी और उसके बाद नीलू दीदी की चूत से लेकर पूरे बदन पर भी फूंक मारी, लेकिन वो तो मस्त गहरी नींद में सोई हुई थी, लेकिन अब मेरा हाल तो बहुत बुरा हो चुका था मेरा मन चाह रहा था कि में अभी उसको पूरा नंगा करके चोद दूँ, लेकिन मैंने सिर्फ़ उस फूँक से ही उसके पूरे बदन का जायजा ले लिया था और उसके बाद में उसके बारे में गंदी बातें सोचकर एक बार मुठ मारकर सो गया। फिर सुबह नीलू दीदी मुझसे पहले उठ गई, लेकिन में तो तब भी गहरी नींद में था तभी नीलू दीदी ने मुझे आवाज़ देकर कहा कि चलो उठ जाओ और उन्होंने मुझे अपने हाथ से हिलाकर उठा दिया, लेकिन जब में उठ गया तब भी रात का वो नजारा याद करके मेरा लंड दोबारा टाइट हो गया।

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फिर मैंने उनसे कहा कि तुम जाओ में अभी आता हूँ और जैसे ही वो मेरे कहते ही कमरे से बाहर चली गयी, में उसी समय तुरंत उठकर नहाने के लिए बाथरूम में चला गया और कुछ देर बाद में नहा धोकर तैयार हो गया और चाय पीने के लिए में रसोई में आ गया। तब मैंने देखा कि नीलू दीदी रोटी बना रही थी और नहाने से उसके बाल बहुत ही अच्छे लग रहे थे, वो पीछे से तो बहुत ही गजब की लग रही थी।

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