दमन में चुदाई

नाश्ता करते वक्त रवि ने कहा यार आज मुझे ओफ़िस के काम के सिलसिले में सुरत जाना है। और मैं कल रात को या सोमवार दोपहर को वापस लौटूंगा। अगर सोमवार दोपहर को लौटूंगा तो तुम्हे कल फोन कर दूंगा। अगर तुम्हे ऐतराज़ न हो तो क्या तुम जब तक मैं नहीं आता हूं मेरे घर रुक जाना ताकि मामी को बोरियत महसूस नहीं होगी न ही मुझे उनकी चिंता रहेगी क्योंकि वो दमन में पहली बार आयी हुई हैं। मैने कहा ठीक है नो प्रॉब्लम । और वो १२:३० बजे वाली ट्रेन से सूरत चला गया। मैं भी उसे ट्रेन मे बिठाने के लिये बोरिवली गया जब वापस लौट रहा था तो एक रेस्तौरेंट मे जाकर ३ पेग व्हिस्की पी और लौट कर रवि के घर गया।

घर पर मामी जी हाल मे बैठ कर कोई किताब पढ़ रही थी। मुझे नशीली निगाहों से देखा और बोली रवि को बैठने की सीट मिल गयी थी क्या ? मैने कहा हां क्योंकि ट्रेन बिल्कुल खाली थी। वो बोली कि मैने खाना बना लिया है भूख लगी हो तो बोल देना। मैने कहा अभी भूख नहीं है जब होगी तो बोल दूंगा। मामी की निगाहों में अजीब नशा देख कर मैने पूछा। मामी जी करती क्या हैं? थोड़ी देर तक मेरे नज़रों से नज़रे मिलाती रही फिर बोली “समाज सेवा” ये सुनते ही अचानक मेरे मुंह से निकल गया कभी हमारी भी सेवा कर दीजिये ताकि हमारा भी भला हो जाये। वो हल्के से मुसकुराई और बोली तुम्हारी क्या प्रोब्लम है? मैने कहा वैसे तो कुछ खास नहीं है लेकिन बता दूंगा जब उचित समय होगा। वो मेरे आंखों में आंखें डालती हुए बोली यहां तुम्हारे और मेरे आलावा कोई नहीं है बेझिझक प्रोब्लम कह डालो शायद मैं तुम्हारी प्रोब्लम हल कर दूं?

मैने कुछ नहीं कहा आप किस प्रकार की समाज सेवा करती हो वो बोली मैं जरुरतमंद लोगो की जरुरत पूरी करने की मदद करती हूं उनकी समस्या हल करती हूं। मैने कहा कि मेरी भी जरुरत पूरी करदो न, वो बोली जब वक्त आयेगा तो कर दूंगी फिर वो चुप रही और मैगज़ीन पढ़ने लगी। थोड़ी देर बाद मैने पूछा, मामी जी आप क्या पढ़ रही हैं कुछ खास सब्जेक्ट है क्या इस मैगज़ीन में? वो मुस्कुराते हुए बोली “इस मैगज़ीन में बहुत अच्छा लेख है पत्नी और पति के सेक्स के विषय में। फिर वो पढ़ने लगी। थोड़ी देर बाद उसने पूछा हार्दिक ये उत्तेजना का क्या मतलब होता है? मैं सोचने लगा वो मेरी ओर कातिल निगाहों से देखती हुयी बोली बताओ न। मेरी समझ में नहीं आया कि हिंदी में उसे कैसे बताउं। वो लगातार मेरी और देख रही थी। उसकी आंखों में नशा छाने लगा। मैं उसे गौर से देख रहा था उसके होंठ खुश्क हो रहे थे। वो अपने होंठों पर जीभ फेर रही थी। मैने सोचा अच्छा मौका है मामी को पटाने का। वो इठलाकर बोली बताओ न क्या मतलब होता है? उसकी इस अदा को देखते हुए मैने कहा शायद चुदास। वो बोली क्या कहा क्या मतलब होता है? मैने कहा क्या तुम चुदास नहीं समझती हो? वो बोली कुछ कुछ… क्या यही मतलब होता है? मैने कहा हां शायद यानि कि……।कैसे समझाउं तुम्हे मामीजी मैने उलझ कर कहा।

वो हंसते हुए बोली चुदास का मतलब सेक्स करने की चाहत तो नहीं। मैं उसे एकटक देखने लगा उसके होंठो पर चंचल मुस्कुराहट थी। मैने कहा ठीक समझी आप। वो मेरे आंखो में आंखे डाल कर बोली किस शब्द से बना है चुदास? मैने उसकी आवाज में कंपकपी महसूस की। मेरे दिल ने कहा गधे वो इतना चांस दे रही है तु भी बन जा बेशरम वरना पछतायेगा। मैने कहा चुदास चोदना शब्द से बना है वो खिलखिला कर हंसने लगी और मैगज़ीन के पन्ने पलटने लगी। मैं सोचने लगा अब क्या करुं अचानक उसने पूछा ये वेजिना क्या होता है। मेरे दिल ने कहा साली जानबूझ कर ऐसे सवाल पूछ रही है। मैने बिंदास होकर कहा योनि को वेजिना कहते हैं। वो फिर पूछी यह योनि क्या होता है। मैने कहा क्या आप योनि नहीं जानती हो? वो बोली नहीं। मैने कहा चूत समझती हो। वो झट से मुंह पर हाथ रखा और मैगज़ीन के पन्ने पलटती हुयी बोली हां। मैने हिम्मत कर के कहा चुदास की बहुत चाहत हो रही है। वो हल्के से मुस्कुराते हुए कहा चुदास की प्यास? मैने कहा वाकई चुदास की प्यास लगी है। वो बोली मैं भी २ साल से प्यासी हूं क्योंकि २ साल पहले मेरा पति से तलाक हो गया था। मैने कहा ओह इसका मतलब कि २ साल से तुम्हारी चूत ने लंड का पानी नहीं पिया है। वो सिर झुका कर बोली आज तक तुम्हारे जैसा कोई मिला ही नहीं।

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