अपना लंड मेरी गरमगरम चूत में घुसेड़ दो राजा। उफ़्फ़फ़। अपने लंड से मेरी चूत की गरमी और प्यास बुझा दो मेरे हार्दिक आज इतना कस कस कर चोदो कि मेरे पूरे अरमान निकल जाये। जैसे ही मैने उसकी चूत से अपना मुंह हटाया उसने अपनी टांगे मोड़ ली। मै उसके उठि हुयी टांगो के बीच बैठ गया। मैने उसकी टांगे अपने हाथ से उठा कर अपना लंड उसके चूत के मुंह में रखा जिस कारण उसके शरीर में झुरझुरी मच गयी। लंड को चूत के मुंह में रखते ही चूत की चिकनाहट के कारण अपने आप अंदर जाने लगा। मैने कस कर एक धक्का मारा तो लंड पूरा का पूरा उसकी चूत में घुस गया। गरमा गरम चुत के अंदर लंड की अजीब हालत थी। अब मैं धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत के अंदर बाहर करने लगा। उसकी चूत के घर्षण से मेरा लंड फूल कर और मोटा हो गया। मेरे हर धक्के पर वो ऊऊफ़्फ़फ़्फ़ आआह्हह ऊऊह्हह्हह की आवाजे निकालने लगी। करीब २० मिनट तक मैं उसके चूत में अपना लंड अंदर बाहर करता रहा फिर मैने अपनी स्पीड बढ़ा दी और दना दन लंड को चूत में मूसल की तरह घुसाता रहा वो मुझे कस कर बाहों में जकड़ ली मैं समझ गया कि वो झड़ रही है। और करांह रही थी। बोल रही थी। हाय! हार्दिक २ साल बाद मेरी चूत की खुजली मिटी है। वाकई तुम पक्के चुदक्कड़ हो।
चोदो मुझे जोर जोर से चोद। मेरा लंद फच फच की आवाज के साथ अंदर बाहर हो रहा था। पूरे कमरे में चुदाई की फ़चाफ़च फ़चाफ़च की आवाजे गूंज रही थी। मेरा लंड उसकी चूत को छेदता जा रहा था कुछ देर बाद उसके झड़ने के कारण मेरा लंड बिल्कुल गीला हो चुका था और वो निढाल होकर लम्बी लम्बी सांसे ले रही थी। करीब ५० -६० धक्को के बाद मेरे लंड ने आखिर जोरदार फ़ौव्वारा निकला और उसकी चूत में समा गया। जब तक लंड से एक एक बूंद उसकी चूत में समाती रही मैं धक्को पर धक्के लगाता रहा। आखिर में मैने अपना लंड बाहर निकाला और उसके बाजु में लेट गया। हम दोनो की सांसे तेज चल रही थी वो दाहिने करवट से लेटी हुई थी। करीब १५ -२० मिनट तक हम ऐसे ही लेटी रही। फिर मेरी नज़र उसकी गांड पर पड़ी। गांड का ख्याल आते ही लंड फिर से हरकत करने लगा।
मैने अपनी एक उंगली उसकी गांड के छेद पर रख कर घुसाने की कोशिश की। उसकी गांड का छेद बहुत टाइट था। मैने ढेर सारा थूक उसकी गांड के छेद पर और अपनी उंगली पर लगाया और दुबारा उसकी गांड में उंगली घुसाने की कोशिश करने लगा। गीलेपन के कारण मेरी उंगली थोड़ी गांड में घुस गयी उंगली घुसते ही वो कसमसाहट करने लगी। वो तड़प कर आगे खिसकी जिस वजह से उंगली गांड के छेद से बाहर निकल गयी और मुड़ कर बोली क्या कर रहे हो। मैने कहा तुम्हारी गांड सचमुच खूबसूरत है। वो बोली उंगली क्यों घुसाते हो लंड क्या सो गया है? उसकी यह बातें सुनकर मैं खुश हुआ और उसे पेट के बल लिटा दिया और दोनो हाथों से उसकी चूतड़ को फ़ैला दिया जिस से उसकी गांड का छेद और खुल गया। वो धीरे से बोली हार्दिक, नारियल तेल, घी या कोई चिकनी चीज मेरे गांड और लंड पर लगालो तो आसानी रहेगी।