दमन में चुदाई

मैने कहा मैडम इस से भी अच्छी चीज है मेरे पास वेसलीन, और मैं उठ कर ड्रायर से वेसलीन ले आया। और ढेर सारी वेसलीन अपने लंड और उसकी गांड पर लगाया और उसकी गांड मारने को तैयार हो गया। अब मैने अपना लंड उसकी गांड के सुराख पर लगाया और थोड़ा जोर लगा कर पुश किया। लंड का सुपाड़ा गांड में थोड़ा सा घुस गया। फ़िर थोड़ा जोर लगा कर और पुश किया तो सुपाड़ा उसकी गांड में समा गया। सुपाड़ा गांड में घुसते ही वो बोली हार्दिक थोड़ा आहिस्ते आहिस्ते डालो दर्द हो रहा है, २ साल हो गये गांड मरवाये। अब मैं सिर्फ़ सुपाड़े को ही धीरे धीरे गांड के अंदर बाहर करने लगा। थोड़ी देर बाद ही उसकी गांड का छेद पूरा लंड खाने के काबिल हो गया। मुझे लगा अब मेरा लंड पूरा उसकी गांड में घुस जायेगा और ऐसा ही हुआ।

उसकी गांड का छेद चिकनाहट की वजह से, लंड थोड़ा थोड़ा और अंदर समाने लगा। २-३ मिनट की मेहनत से मेरा लंड पूरा का पूरा उसकी गांड में घुस गया। मैं धीरे धीरे अपना लंड उसकी गांड से अंदर बाहर करने लगा। उसकी टाइट गांड होने से मुझे बड़ा मजा आ रहा था। उसे भी गांड मरवाने का मजा आ रहा था और मुंह से ऊफ़्फ़ आह्हा की आवाजे निकाल रही थी। ४०-५० धक्को के बाद मेरे लंड ने घुटने टेक दिये और उसकी गांड में ढेर सारा वीर्य छोड़ दिया वो भी अपनी गांड को सिकोड़ने लगी। अब हम दोनो निढाल होकर बिस्तर पर लेट गये। जब तक मेरा दोस्त नहीं आया मैने उसकी मामी की कई बार चूत और गांड मारी। जब मैं वापस अपने घर लौटने लगा तो मामी बोली। कैसी रही मेरी समाज सेवा। और मैने हंस कर कहा, मामी जी आप सच्चे तन मन से समाज सेवा करती हो फिर मैं घर लौट आया

Pages: 1 2 3 4 5

Leave a Reply

error: Content is protected !!