दादी और माँ के साथ बहन की सील तोड़ी

हैल्लो दोस्तों, मेरी पिछली कहानी माँ का भोसड़ा और दादी की गांड चोदी को पड़ने के लिए धन्यवाद। दोस्तों इस कहानी में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने अपनी माँ और दादी को चोदा था। अब आगे की कहानी इस प्रकार है।

अब मेरा लंड पूरा सात इंच का हो गया था। अब में चूत के लिए बहुत तरसता था। फिर मैंने कई बार अपनी बहन की चूत को देखा था और उसको छूकर भी देखा था। एक दिन मेरी माँ और दादी को किसी शादी में जाना पड़ा, जाना तो हमें भी था, लेकिन वो शादी बहुत दूर थी और वहां जाने में तीन दिन लगे थे और हम काम नहीं छोड़ सकते थे, इसलिए मेरी माँ मेरी बहन को खाना बनाने के लिए घर छोड़कर चली गयी। फिर में सुबह उठा और अपना काम किया और नहाने जा रहा था कि मैंने सोचा कि मालिश ही करवा लूँ। फिर मैंने अपनी बहन को बुलाया और उससे कहा कि वो मेरी मालिश कर दे, तो वो तेल लेकर आ गई और कहने लगी कि भैया अब आप लेट जाओ और में उसके कहने पर तुरंत अपने कपड़े उतारकर लेट गया। में बिल्कुल नंगा था और उल्टा लेटा हुआ था, उसने मेरी पीठ पर तेल डाला और मालिश करना शुरू कर दिया। मुझे उसके कोमल हाथों से बहुत मज़ा आया। फिर में कुछ देर बाद सीधा होकर लेट गया और वो मेरा सोया हुआ लंड बड़े ध्यान से देख रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि तुम क्या देख रही हो? वो बोली कि भैया आपका यह तो बड़ा हो गया। में उससे बोला कि यह खुद बड़ा हो गया। तो वो बोली कि आप झूठ क्यों बोलते हो रोज माँ और दादी इसकी मालिश करती है, इसलिए यह बड़ा हो गया। मैंने उससे बोला क्या तू इसकी मालिश करेगी? वो बोली हाँ कर देती हूँ। फिर यह कहकर उसने तेल मेरे लंड पर डाला और मालिश करने लगी, जिसकी वजह से मेरा लंड तनकर खड़ा होने लगा और थोड़ी ही देर में मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया, जिसकी वजह से वो अब उसके हाथ में भी नहीं आ रहा था। में पूरा गरम हो गया और मैंने उससे कहा कि तुम भी अपने कपड़े उतार दो। फिर उसने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब वो पूरी नंगी होकर मेरे सामने खड़ी थी। उसके छाती के छोटे छोटे उभार बहुत अच्छे लग रहे थे। फिर मैंने उसको अपने पास बुलाया और उसको नीचे एकदम चित लेटा दिया। तब मैंने उसके होंठो पर अपने होंठो को रख दिया और उसकी कोमल चूत पर अपना हाथ फेरने लगा। मैंने उसके छोटे से बूब्स को अपने मुहं में लेकर चूसने लगा। अब वो मुझसे बोली कि भैया यह क्या कर रहे हो मुझे बहुत गुदगुदी हो रही है? अब में और भी ज़ोर से चूसने लगा। फिर कुछ देर बाद मैंने उससे पूछा क्या तुम मेरा लंड अपने मुहं में लोगी? वो बोली नहीं, तब में उससे बोला कि माँ और दादी भी लेती है तो तू भी ले, तुझे बड़ा मज़ा आएगा और वो बोली कि हाँ ठीक है।

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अब मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया। उसका मुहं मेरे लंड पर था और मेरा मुहं उसकी चूत पर। फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया और उसने भी मेरा लंड अपने मुहं में ले लिया और वो मेरे टोपे को चूसने लगी और में उसकी चूत को ज़ोर ज़ोर चाटने लगा। उसी समय मैंने उसकी चूत में अपनी एक उंगली को डाल दिया, जिसकी वजह से वो चीख उठी और मैंने महसूस किया कि उसकी चूत बहुत टाइट थी। में अपनी एक उंगली को लगातार अंदर बाहर करने लगा और वो पाँच मिनट में झड़ गयी। में उसका सारा पानी पी गया और में उसके दोनों पैरों को पूरा खोलकर बीच में आकर बैठ गया। उसकी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा, जिसकी वजह से उसके मुहं से सिसकियाँ निकल रही थी। वो बोली कि भैया आपका यह लंड अंदर कैसे जाएगा, जब एक ऊँगली ही इतनी मुश्किल से जाती है तो यह नहीं जाएगा। फिर मैंने उससे बोला कि चला जाएगा, बस तुम्हे थोड़ा सा दर्द जरुर होगा। पहली बार में ऐसा दर्द सभी को होता है, बस तुम बर्दाश्त कर लेना, उसके बाद तुम्हे मज़ा आएगा। फिर वो बोली कि हाँ ठीक है और मैंने उसकी चूत पर बहुत ज्यादा तेल लगाकर अपनी उंगली को अंदर बाहर करने लगा और मैंने अपनी दूसरी उंगली को भी अंदर डाल दिया, तब वो हल्का सा चीख उठी, उस समय मैंने सोचा कि जब मेरा लंड इसकी चूत में जाएगा तो यह बहुत चिल्लाएगी और यह बात सोचकर मैंने उसकी सलवार को उसके मुहं में घुसेड़ दिया और अपने लंड पर तेल लगाकर मैंने उसकी चूत पर रखा और उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया और हल्का सा एक धक्का दिया, जिसकी वजह से मेरा लंड तीन इंच अंदर चला गया और वो दर्द की वजह से तड़पने लगी। वो मुहं से कपड़े को निकालने लगी तो मैंने उसके हाथ पकड़ लिए फिर एक ज़ोर से झटका मारा और अब मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ अंदर चला गया।

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