ही दोस्तों, मेरा नाम आरिक है. मैं मुंबई की एक रिच नृ फॅमिली से हू. मेरी 5.7 फीट हाइट, रंग गोरा, हेरलेस चिकनी बॉडी, भरा हुआ हेल्ती बदन है.
ये कहानी आज से कुछ साल पहले की है. जब मैं 10त क्लास में था, तब मेरे दाद की डेत हो गयी थी. मेरी मम्मी शादी से पहले से ही दाद के साथ बिज़्नेस में मदद करती थी, इसलिए शादी के बाद भी वो ही दाद का बिज़्नेस संभाल रही थी.
दाद के जाने के बाद मम्मी बहुत उदास रहने लगी थी. ऐसे ही कुछ साल बीट गये. मैं अब 2न्ड एअर में था. तब मम्मी ने दादा दादी के कहने पर, मुझसे पूच कर दूसरी शादी कर ली. मम्मी ज़्यादातर बिज़्नेस में ही टाइम लगती थी.
मेरे नये पापा (जॉन), मम्मी के कॉलेज के दोस्त थे. वो मम्मी को कॉलेज टाइम से ही बहुत पसंद करते थे. ये बात जब घर वालो को पता चली, तो उन्होने मम्मी की शादी करवा दी.
जॉन का अपना बिज़्नेस देल्ही और बंगलोरे जैसी सिटीस में बहुत बढ़िया था. अब शादी के बाद उन्होने मुंबई में भी नयी ब्रांच खोल ली थी अपने किसी नृ दोस्त के साथ.
शादी के 2-3 साल तक सब बढ़िया रहा. हम सब घूमने जाते, शॉपिंग करते और बहुत मज़े किया करते थे. लेकिन मम्मी अब बाहर भी कुछ नया स्टार्ट करने की सोच रही थी. इसलिए वो ज़्यादातर बाहर ही रहने लगी.
अब ज़्यादातर घर पर पापा और मैं ही रहते थे. पापा मुझे बहुत प्यार करते थे. मेरे गाल पर किस करना, गले मिलना उनके लिए नॉर्मल था. लेकिन मेरे पापा के जाने के बाद मैं जॉन में अपने पापा को देख नही पाता था. इसलिए मैं उनसे डोर रहता था.
मम्मी मुझे बहुत समझती की बेटा वो तुम्हारे दाद है, उनसे आचे से बात करा करो. जॉन भी मेरे लिए वो सब करते जो मुझे पसंद था. ऐसे ही कुछ महीने निकल गये.
जॉन को जब कहीं नही जाना होता था, तब वो ज़्यादातर टवल पर एक त-शर्ट डाल कर ही रहते थे. मेरा ध्यान बार-बार उनके बदन पर ही रहता. लेकिन वो दाद है ये सोच कर ही खुद को रोक लेता.
जॉन की आगे 40, रंग सावला, 6 फीट हाइट, मस्क्युलर हेरी बॉडी थी. लेकिन ज़्यादातर वो जब घर पर होते है, तो अपने बॉडी हेर रिमूव कर लेते है. एक दिन हम लंच कर रहे थे. तभी दाद ने मुझे बुलाया और अपनी गोद में बिता लिया. जॉन ने पाजामा और त-शर्ट पहनी हुई थी.
दाद: आरिक मुझे पता है तुम मुझे पसंद नही करते. लेकिन बेटा मैं पूरी कोशिश करता हू की तुम्हे कभी तुम्हारे पापा की कमी ना होने डू. अगर फिर भी तुम्हे मैं पसंद नही हू, तो कोई नही. मैं 2 दिन बाद देल्ही चला जौंगा.
मैं: नही दाद, आप तो बहुत आचे हो. ऐसा मत बोलो. वो बस दाद की याद आती है बस. आप कहीं मत जाना, वरना मैं अकेला पद जौंगा.
ये बोल कर दाद ने मुझे गले लगा लिया, और मेरे गाल और सर पर किस करने लगे. दाद मुझे बहुत देर तक कस्स कर पकड़े रहे. वो मुझे प्यार से सहलाते हुए मुझे सबसे बात करने की सलाह दे रहे थे.
ये फर्स्ट टाइम था जब मैं दाद को इतना करीब से महसूस कर रहा था. 2 दिन बाद मम्मी 15-20 दिन के लिए घर आई हुई थी. उन दीनो हमने बहुत मज़े किए. अब मैं, पापा और मम्मी के साथ बहुत एंजाय करता था. ये देख कर मम्मी को भी बहुत अछा लगा.
एक दिन रात को मुझे नींद नही आ रही थी, इसलिए मैं पानी पीने रसोई में गया. फिर बिना लाइट ओं करे ही पानी पी कर जाने लगा. तभी मैने देखा दाद अपने रूम से रसोई में आ रहे थे. मैं जल्दी से दरवाज़े के पीछे च्छूप गया. दाद ने लाइट ओं करी. ओन्ली अंडरवेर में खड़े थे वो. दाद की हेरी मस्क्युलर 6 फीट बॉडी क्या मस्त लग रही थी. उनका लोड्ा अंडरवेर से ऐसे लटक रहा था, जैसे कोई मोटा खीरा हो.
मैं तो बस दाद को देखता ही रहा. दाद ने मुझे नही देखा और वो रूम में चले गये. ऐसे ही कुछ दिन तक मैं दाद को नोटीस करता रहा. अब मम्मी भी काम से चली गयी थी, और दाद और मैं ही घर पर थे.
एक दिन दाद किसी काम से बाहर गये थे. मैं तोड़ा लाते उठा तो देखा मेरे रूम के वॉशरूम में पानी नही आ रहा है. इसलिए मैं नहाने के लिए दाद के रूम में चला गया. मैं बेड पर अपने कपड़े निकाल कर, सिर्फ़ व-शेप्ड अंडरवेर में बातरूम में एंटर किया.
और ये क्या, मेरे सामने दाद बिल्कुल नंगे दूसरी तरफ मूह करके खड़े थे, जिससे उनकी गांद सॉफ दिख रही थी. वो अपने लंड और छ्चाटी के बाल काट रहे थे. ये दाद के सामने लगे मिरर से सॉफ दिख रहा था. दाद का लंड बालों से ढाका हुआ था, जिसे उन्होने हाथ से पकड़ा हुआ था, इसलिए सॉफ नही दिखा.
ये देख कर मैने बहुत ज़ोर से सॉरी बोला, और अपनी आँखें बंद करके उल्टा घूम गया.
दाद ने जल्दी से तावेल पहना.
दाद: तुम यहाँ?!
मैं (घबराते हुए): मेरे बातरूम का पानी नही आ रहा इसलिए यहाँ आया.
दाद ने देखा उनके बातरूम में भी पानी बंद हो गया था.
दाद: श शीत यार, यहाँ भी नही आ रहा, और मैने बाल भी सॉफ कर लिए. अब कैसे नाहौ.
मैं अभी भी बहुत शर्मिंदा होते हुए उदास खड़ा था. दाद अपनी त-शर्ट से सारे बाल सॉफ करके सेक्यूरिटी गुआर्द को कॉल करते हुए बाल्कनी में चले गये. मैं अभी भी उदस्स ही खड़ा था. दाद ने ये देख लिया था की मैं अभी भी उदास खड़ा था. इसलिए वो मुझे बाल्कनी से ही इशारा करके बुलाने लगे.
हमारा फ्लॅट 19त फ्लोर पर है. हमारी बाल्कनी नेट से पूरी कवर है. बाहर से कोई भी अंदर नही देख सकता, बुत हम बाहर देख सकते है. बाल्कनी में एक सोफा सेट लगा हुआ है. दाद कॉल पर बात करते-करते सोफे पर बैठ गये और मुझे अपनी गोद में बैठने का इशारा करने लगे.
मैं दाद की गोद ने जेया कर बैठ गया. दाद का टवल तोड़ा ढीला था, इसलिए उनकी बालों से भारी मोटी जाँघ सॉफ दिख रही थी. वो मुझे पकड़ते हुए मेरे हाथ को सहलाने लगे.
कॉल कट होने पर दाद बोले: तुम उदास क्यूँ हो?
मैं: नही बस ऐसे ही. और वो पानी का क्या हुआ दाद?
दाद: आरिक पानी 1 घंटे बाद आएगा. तब तक हम दोनो यहाँ लेट कर सूरज की रोशनी का मज़ा लेते है.
दाद सोफे पर लेट गये और मुझे अपने आयेज लिटा लिया. मैं अभी भी व-शेप्ड अंडरवेर में ही था. दाद मुझे पीछे से कमर और जाँघ पर हाथ रख कर बात करते-करते सहला रहे थे.
दाद: आरिक अब तो तुम मेरे साथ अछा फील करते हो ना?
मैं: जी.
दाद फिर कुछ पूछते और मैं फिर “जी-जी ” में ही बात करता. दाद को गुस्सा आ गया.
वो बोले: आरिक बेटा क्या बात है? तुम कुछ और क्यूँ नही बोल रहे? मुझे लग रहा है तुम अभी भी वॉशरूम वाली बात को लेकर शर्मिंदा हो. क्यूँ, ये बात है ना?
मैने हा बोल दिया.
दाद: बेटा हम दोनो जवान है. बाप-बेटे में ये सब चलता है.
फिर दाद मेरी गांद को दबाते हुए बोले: और वैसे भी मैं तुम्हारे साथ दोस्त जैसा ही तो हू. फिर क्यूँ शर्मा रहा है?
दाद ने मेरी गांद पर प्यार से छाँटा मारते हुए मुझे कस्स कर पकड़ लिया. फिर मेरी छ्चाटी और पेट को मसालते हुए मेरी गर्दन पर किस करने लगे.
वो बोले: आरिक बेटा तू कितना प्यारा है. लोवे योउ मेरा बच्चा.
मैने दाद का हाथ पकड़ कर हाथ पर किस किया: लोवे योउ टू दाद.
दाद मेरे बदन को बहुत प्यार से सहला रहे थे. बीच-बीच में वो मेरे निपल पर भी उंगलियाँ फेरते हुए मसल देते. कभी गांद को अंडरवेर के उपर से मसल देते.
दाद: क्या बदन है आरिक तुम्हारा, बिल्कुल भी बाल नही है. और एक मेरा बदन है, जिसे बार-बार सॉफ करना पड़ता है.
मैं: लेकिन आपकी बॉडी बहुत अची है. ख़ास कर जब बाल होते है तब.
ये बोल कर मैं दाद की तरफ फेस करके मूड गया. दाद ने मुझे कमर से कस्स कर पकड़ लिया, और मुझे गाल और सर पर किस करते हुए मेरी कमर से गांद तक मसालने लगे. दाद अपनी उंगलियों से मेरे चुचो से होते हुए मेरी जाँघ तक हाथ फेरने लगे. उनकी हरकतों से मेरा लंड खड़ा होने लगा था.
दाद: वैसे बाल अभी भी बदन पर है, चू कर देख लो.
मैं भी दाद की छ्चाटी को हाथ से फील करते हुए हाथ को पेट तक लेकर जाता. फिर उपर लेकर आ जाता, क्यूंकी नीचे लेकर जाने की हिमत ही नही हो रही थी.
लेकिन शायद दाद अब पुर मूड में थे. वो तभी अपने हाथ से मेरे चुचो को दबाते हुए अपना मूह मेरे दोनो चुचो के बीच लेकर आए. फिर उसे ज़ोर से हिलने लगे.
मैं: दाद ये क्या कर रहे हो?
दाद: तुम्हारे चुचे ही लड़कियों जैसे है, तो सोचा क्यूँ ना थोड़ी मस्ती कर लेते है. क्यूँ मज़ा नही आया क्या?
मैं: मज़ा तो आया.
दाद के ऐसा करने से मुझे हस्सी आने लगी. वो मुझे लिटा कर मेरे बदन पर हाथो से अभी मूह से गुदगुदी करने लगे. मैने हेस्ट हुए दाद को पीछे किया. फिर मैने ध्यान दिया दाद का टवल खुल कर दाद का 4 इंच लंबा बालों से भरा हुआ लोड्ा नीचे लटक रहा था.
मैं: कितना बड़ा है… सॉरी सॉरी दाद.
दाद ने मेरा हाथ पकड़ कर अपना लोड्ा मेरे हाथ में दे दिया.
वो बोले: पकड़ कर भी देख सकते हो, मैं तुम्हारा दाद ही हू आरिक. हर बात के लिए सॉरी नही बोलते मी सोन.
मैं: वाउ दाद, ये तो बहुत मोटा और लंबा है. मेरे डिक पर इतने बाल नही है.
दाद का लोड्ा अभी भी सोया हुआ था.
दाद: अभी कहाँ लंबा है? तुम अगर तोड़ा हिलाओगे तो कोई बात होगी.
ये बोल कर दाद और मैं एक साथ खड़े हो गये. दाद ने मेरी अंडरवेर निकाल कर मुझे बिल्कुल नंगा कर दिया.
मेरे 4-5 इंच के खड़े हुए लोड को हाथ में लेकर दाद बोले: ऐसे पकड़ कर हिलाओ आरिक. तुम्हारा बदन तो सच में कमाल का है. कितना सॉफ्ट और मुलायम है.
दाद मेरा लोड्ा हिला रहे थे, और मैं दाद का. थोड़ी देर बाद दाद ने आँखें बंद कर ली और उनका लोड्ा मेरे हाथ में फूल कर 6-7 इंच लंबा और मोटा हो गया. मैं बहुत हैरान था क्यूंकी मैने पहली बार किसी का लोड्ा देखा था.
दाद तोड़ा नीचे झुक कर मेरे निपल्स को चूसने लगे. मैं बहुत माडोष हो गया था. मैने अपने लिप्स को दांतो से काट लिया, और दाद के सर को अपने चुचो में पूरा दबा दिया. 2-3 मिनिट ऐसे करने के बाद-
दाद: मज़ा आया, कुछ और करेगा?
मैं: बहुत मज़ा आ रहा है.
दाद ने मुझे घुटने के बाल बिता दिया और अपने लोड को मेरे फेस, फिर मेरे लिप्स पर मसालने लगे. उन्होने मेरा मूह खोल कर अपना लोड्ा मेरे मूह में डाल दिया. अब दाद मेरे मूह की मस्त चुदाई करने लगे. कुछ देर बाद मैने दाद का लोड्ा हाथो से मसल-मसल कर चूसना शुरू कर दिया.
5 मिनिट मूह की चुदाई के बाद दाद ने मुझे खड़ा किया, और लिप्स पर किस करके मुझे सोफे पर डॉगी बना दिया. वो मेरी गांद को फैलते हुए च्छेद को मसालने लगे.
दाद: ये तो बिल्कुल सील पॅक है. बड़ा मज़ा आने वाला ही.
ये बोल कर वो रूम के अंदर गये और वहाँ से एक सिल्वर कलर का 3-4 इंच लंबा टूल और क्रीम लेकर आए. दाद ने क्रीम मेरे च्छेद पर लगाई और टूल को आचे से क्रीम से भर कर मेरे च्छेद पर रखा. फिर धीरे-धीरे उसको अंदर डालने लगे.
मैं: आआआआ डॅडी आआआआ डॅडी एयेए डॅडी आराम से.
दाद ने धीरे-धीरे अंदर करने के बाद उसे मेरी गांद में ही छ्चोढ़ दिया. वो टूल तोड़ा मेरी गांद से बाहर था, और तोड़ा अंदर. टूल के नीचे 2 बॉल्स थी, वो बाहर थी. बाकी टूल अभी भी गांद में था. दाद मेरे मूह के आयेज आ कर मेरे मूह में अपना लोड्ा डाल कर फिर से छोड़ने लगे. मैं अपनी गांद के च्छेद पर टूल को हाथ से निकालने लगा.
दाद: आरिक उसे अंदर ही रहने दो. असली मज़ा तो अब आएगा.
फिर दाद ना तभी अपने फोन को लेकर कुछ किया, और मेरे च्छेद में हलचल होने लगी. मुझे बहुत अछा लग रहा था. 2 मिनिट बाद वो हलचल तेज़ हो गयी. दाद का लोड्ा अभी भी मैं चूस रहा था. गांद की हलचल मुझे पागल कर रही थी.
तभी दाद ने मेरा सर ज़ोर से अपने लोड में गुस्सा दिया, और सारा माल मेरे मूह में निकाल दिया. जब तक पूरा माल मेरे पेट मैं नही गया, तब तक दाद ने लोड्ा नही निकाला. लोड्ा निकाल कर दाद ने टूल को रोक कर मेरी गांद से बाहर निकाला.
मेरी गांद से तोड़ा खून भी आ रहा था. मैने देखा मेरी गांद का च्छेद अब फैला हुआ लग रहा था. दाद मेरी अंडरवेर से मेरे च्छेद को सॉफ करते हुए बोले-
दाद: मज़ा आया मी बॉय?
मैं: बहुत मज़ा आया डॅडी.
दाद: अब मैं जब बोलूँगा, तब करेगा ऐसे ही. लेकिन ये बात हमारे बीच ही होनी चाहिए.