कॉलेज स्टूडेंट के साथ जिस्मानी रिश्ते की कहानी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम राहुल गाज़ियाबाद से. मैं काफ़ी दिन से यहा सेक्स स्टोरीस पढ़ रहा हू. तो मैने सोचा अपने भी कुछ एक्सपीरियेन्स शेर करू. मैं एक कंप्यूटर टीचर हू. मैं अपने सेंटर पे कंप्यूटर सिखाता हू.

ये बात है 2018 की जिसमे मैने अपनी कंप्यूटर स्टूडेंट को छोड़ा था, और आज भी छोड़ रहा हू. आशा करता हू आप सब को मेरी कहानी पसंद आएगी. तो चलिए कहानी शुरू करते है.

ये बात है नवेंबर 2017 की. मुझे अपने कंप्यूटर सेंटर के लिए एक लड़की की ज़रूरत थी. मैने एक ब.एड कॉलेज के प्रिन्सिपल से बोला मुझे एक लड़की की ज़रूरत थी, जो कम पैसे में सेंटर देख सके. उन्होने कहा चलो बताता हू.

उसके बाद शाम को उनका कॉल आता है, और वो कहते है की शाम को घर आना एक लड़की है काम के लिए. मैने कहा ओक. फिर शाम को 5 बजे मैं उनके घर गया. मैं उनके घर पे जाके वेट करने लगा. तभी थोड़ी देर बाद एक लड़की आती है, जिसका रंग तोड़ा डल था, और हाइट लगभग 5’5″ होगी. चब्बी बॉडी थी उसकी. हाथ में रेज़्यूमे था.

वो आती है, और मैने उससे उसके बारे में पूछा. उसने अपना नाम श्वेता बताया, जो की प्राइवेट ब.कॉम कर रही थी. मैने उससे कंप्यूटर के बारे में पूछा तो उसने बताया की स्कूल लेवेल पर उसने सीखा हुआ था.

वो बोली: बाकी आप बता देना, मैं काम कर लूँगी.

मैने बोला: ठीक है.

फिर हमारी सॅलरी की बात हो गयी, और मैने उसको बोल दिया-

मैं: ठीक है मैं आपको कब से आना है बताता हू.

फिर मैने उसका नंबर ले लिया. मैने उसे लगभग एक वीक बाद कॉल किया और उसको आने को बोला. तो उसने मुझे बोला की उसने साहिबबाद किसी कॉल सेंटर में जाय्न कर लिया था, और वो अभी नही आ सकती थी.

मैने कहा: ठीक है.

उसके बाद मैने उसे कोई कॉल नही की. जन्वरी के मिड में उसका कॉल आता है और वो बोलती है-

श्वेता: सिर मेरे पापा की डेत हो गयी है. अब मैं ज़्यादा डोर काम नही कर सकती. तो आप मुझे काम पर रख लो.

मैने कहा: कोई नही, आपको जब ठीक लगे आ जाना.

नेक्स्ट दे वो सेंटर पे आ जाती है. मैने उसे काम समझाया, और मैं सेंटर से किसी काम के लिए चला गया.

मैने उसे बोला: मैं थोड़ी देर में आता हू.

उसके बाद जब मैं वापस आया, तो वो सिस्टम में काम कर रही थी.

फिर मैने पूछा: कैसा रहा आज का दिन.

तो उसने बताया: ठीक था सिर.

उसके बाद उसने बोला: सिर मुझे कंप्यूटर सीखा भी दीजिए.

मैने कहा: बेटा यहा तो तुम भी देखती हो मुझे बिल्कुल टाइम नही मिलता. बाकी वैसे मैं सीखा दूँगा.

ऐसे ही एक वीक निकल जाता है. फिर एक दिन शाम को उसकी मम्मी का कॉल आता है, और वो सीखने के लिए बोलती है.

मैने उनको बोला: मुझे दिन में बिल्कुल टाइम नही मिलता. अगर आप बोले तो मैं उसको शाम को 7 बजे के बाद सीखा सकता हू.

तो उसकी मम्मी अग्री हो गयी और बोली-

उसकी मम्मी: अगर आपको समय मिले तो आप शाम के 7 के बाद घर पर ही सीखा देना.

मैने कहा: ओक.

अगले दिन शाम को साढ़े सात बजे मैं उनके घर पहुँचा, और उसको उसके लॅपटॉप पर काम सीखने लगा. धीरे-धीरे दिन गुज़रते गये. एक दिन जब मैं शाम को उसके घर पहुँचा, तो उसके घर कोई नही था.

मैने पूछा: सब कहा गये है?

तो उसने बताया की उसके परिवार में कोई शादी थी, उसके लिए देल्ही गये हुए थे. मेरे मॅन में ऐसा कुछ नही था उसके लिए. बुत उस दिन वो मुझे किसी अलग ही मूड में लगी. मेरे जाने के बाद उसने मुझे बोला-

श्वेता: सिर आप बैठो मैं मूह हाथ धोके आती हू. और छाई बना के ले अओ?

मैने कहा: ओक, कोई नही.

मैं बैठा हुआ था, तब मैने देखा की वो छाई लेके आई. उसने एक ब्लॅक कलर की डीप नेक त-शर्ट डाली हुई थी, और नीचे उसने सिर्फ़ एक शॉर्ट पहना हुआ था. मैने उसे देखा और देखता ही रह गया. वो आई, और मेरे पास बैठ गयी. फिर उसने कहा-

श्वेता: लीजिए सिर, छाई पीजिए.

मैं (उसकी तरफ गौर से देखते हुए बोला): आज कैसे शॉर्ट्स पहन लिए इतनी ठंड में?

श्वेता: कुछ नही सिर. मैं शॉर्ट्स में ही कंफर्टबल रहती हू.

मैने कहा: ओक.

श्वेता: सिर आज पढ़ने का मॅन नही है. चलो कुछ बातें करते है.

मैने कहा: कोई नही बताओ.

श्वेता: सिर आपके घर में कों-कों है?

मैने उसे बता दिया.

श्वेता: आपकी गर्लफ्रेंड का क्या नाम है?

मैने कहा: मेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है. मैं शादी-शुदा हू.

श्वेता: झूठ मत बोलो सिर. आप इतने हॅंडसम हो, तो बाहर भी कोई गफ़ तो पक्का होगी.

मैने कहा: रियली, कोई नही है.

श्वेता: सिर ऐसा क्यूँ?

मैं: बस ऐसे ही, काम से ही फ़ुर्सत नही है.

श्वेता: सिर मैं एक बात कहना चाहती हू, अगर आप बुरा ना मानो तो.

मैने कहा: बताओ.

श्वेता: सिर मुझे आप बहुत पसंद हो. ई रियली लीके योउ.

मैने कहा: बेटा आप ग़लत ट्राइ कर रहे हो. आपको पता है ना मैं मॅरीड हू?

श्वेता: सिर मुझे सब पता है. पर मुझे कोई दिक्कत नही है. बस आप मेरी शादी तक मान जाओ

मैने कहा: ये ग़लत है.

श्वेता (इतने में नेरा हाथ पकड़ के बोलती है): प्लीज़ सिर प्लीज़.

मैने कहा: चलो मैं सोच के बता दूँगा.

इतने में वो मेरे बिल्कुल पास आई, और मुझे किस करने लगी. मैने उसे बहुत रोका, पर वो नही रुकी. अब क्या करता, मैं भी एक लड़का ही हू. मैने भी उसे चूसना शुरू कर दिया, और उसके बूब्स दबाने लगा. तब मुझे पता चला की वो अपने अंदर के सब कपड़े उतार के आई थी.

हमने एक-दूसरे को खूब चूसा, और उसके बाद मैने उसकी त-शर्ट उपर करी. फिर बूब्स चूसने शुरू करे. क्या बूब्स थे यार उसके. चूस्टे-चूस्टे मैने उसके शॉर्ट्स में अपना हाथ डाला, और उसकी छूट रब करने लग गया.

मैं उसकी छूट में उंगली डालने ही वाला था की तभी गाते नॉक हुआ. मैं और वो एक दूं से अलग हुए. उसने अपने कपड़े ठीक करे. मैं जल्दी से लॅपटॉप ओं करने लगा.

चलिए फ्रेंड्स आयेज की कहानी में आपको अगले पार्ट में बतौँगा, कैसे मैने उसे खूब छोड़ा उसके घर में. फिर उसके बाद ओयो ले जेया कर छोड़ा.

गाज़ियाबाद से कोई भाभी जो अपने सेक्स डिज़ाइर पूरा करना चाहती हो तो प्लीज़ मुझे मैल करे. पूरी प्राइवसी रखी जाएगी. मैल ईद: लोवेरबोयघाज़ियाबाद708@गमाल.कॉम

चलिए मिलते है कहानी के अगले पार्ट में जल्द ही.

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