चुड़क्कड़ लड़की 8 लड़कों के ग्रूप से चुदी

हेलो गाइस, मेरा नाम तामाना है. मेरी आगे 30 है, और मेरा फिगर 34-26-40 है. ये बात तब की है जब मैं 26 साल की थी, और उस टाइम भी मेरा सेम फिगर था. तो चलो स्टोरी स्टार्ट करते है.

मैं जब 24 की थी, तब मेरी न्यू शादी हुई थी, और मैं अपने हज़्बेंड से फुल्ली सॅटिस्फाइड थी. लेकिन जैसे-जैसे हम सेक्स करते गये, मेरे सेक्षुयल डिज़ाइर्स बढ़ने लगे थे. मैं हमेशा से गंगबांग ट्राइ करना चाहती थी. लेकिन कभी चान्स नही मिला.

धीरे-धीरे टाइम निकलता गया, और मैं 26 साल की हो चुकी थी. मेरे हज़्बेंड मुझे प्रेग्नेंट करने की प्लॅनिंग कर रहे थे. उस टाइम मैने सोचा की अगर मैं मा बन जौंगी तो फिर बिज़ी हो जौंगी. और फिर कभी गंगबांग सेक्स नही कर पौँगी. तो मैने अपने पति को बहाना दे दिया की मैं अभी रेडी नही थी.

लेकिन दूसरी साइड मुझे अपने सेक्षुयल डिज़ाइर्स को भी पूरा करना था. उसके 2 दिन बाद मेरे हज़्बेंड ऑफीस के काम से 10 दीनो के लिए बाहर जेया रहे थे. तो तभी मैने सोचा की यही सही मौका रहेगा मेरे लिए अपना सेक्षुयल डिज़ाइर पूरा करने का.

मेरे पति हा चुके थे, और मैं आचे लड़कों को और मर्दों को ढूँढने निकल गयी सिटी सेंटर की तरफ. मैं सोच रही थी की कैसे करूँगी लड़कों का अरेंज्मेंट. सिटी सेंटर जाने के लिए मैने ऑटो किया था, और रास्ते में ऑटो वाले को बहुत ज़ोर से टाय्लेट लग रही थी.

तो उसने बोला: मेडम आप थोड़ी देर रूको, मुझे टाय्लेट आ रहा है.

उसने ऑटो साइड में रोका, और सड़क के किनारे खड़े हो कर टाय्लेट करने लगा. लेकिन मैने उसका लंड देख लिया था. एक-दूं कला था उसका लंड. साइज़ भी ठीक-ताक था, पंत के उपर से पता नही चल रहा था. और तभी मैने सोचा क्यूँ ऑटो वाले से बात की जाए. ऑटो वाला था भी हॅंडसम.

फिर ऑटो वाला टाय्लेट करके जैसे ही ऑटो में आया, तो मैने उससे बोला-

मैं: अभी रूको, ऑटो स्टार्ट मत करना. मुझे आपसे बात करनी है.

मैने उससे पहले उसका नाम पूछा, और थोड़ी बातें करते हुए उससे रिक्वेस्ट की-

मैं: प्लीज़ मुझे आपका लंड देखना है.

ऑटो वाले का नाम मयंक था. वो फ्ले तोड़ा शरमाया, फिर वो मान गया और हम दोनो वाहा पर एक पेड़ था, उसके पीछे चले गये. फिर उसने अपना लंड मुझे दिखाया.

उसका लंड 8.5″ का था, और 3″ मोटा होगा. बहुत काला था, और बहुत गंदा हो रखा था. उसमे से स्मेल आ रही थी, लेकिन मुझे बहुत अछा लग रहा था.

फिर मैने उससे कहा: तुम्हारा लंड बहुत गंदा हो रहा है, चलो इसे सॉफ कर देती हू.

इतना कहने के बाद मैने उसका लंड मूह में ले लिया. मुझे बहुत मज़ा आने लगा था, और उसका जूस भी पिया मैने.

फिर मैने उससे कहा: तुम मेरे लिए 8-10 लड़के अरेंज कर सकते हो? मुझे गंगबांग सेक्स करना है.

वो मान गया. फिर मैने उसका नंबर ले लिया, और उसे अपनी डिमॅंड बताई की मुझे लंबे मोटे और गंदे लंड जिसमे से स्मेल आती है, वो बहुत पसंद है.

फिर मयंक ने बोला: मैं लड़के लेकर आता हू. तुम उनमे से सेलेक्ट कर लेना की तुम्हे किसके साथ करना है.

यहा हमारी डील डन हो गयी. नेक्स्ट दे मयंक करीब 30 लड़के लेकर आया, और उसने मुझे एक रूम में बिता दिया. वो खुद रूम के बाहर खड़ा हो गया, और एक-एक करके उसने लड़कों को रूम के अंदर भेजना शुरू कर दिया.

उस दिन मैने एक-एक बार हर लड़के का लंड मूह में लिया था, और जूस भी पिया था. सब लंड बहुत गंदे हो रखे थे, और स्मेल भी आ रही थी. लेकिन उसमे से मुझे केवल 7 लड़के ही पसंद आए जिनको मैने सेलेक्ट किया था. सब का लंड 8″ से लंबा था, और मोटा था.

मयंक को मिला कर अब मेरे पास 8 लड़के थे जिनके साथ मैं गंगबांग सेक्स करने वाली थी. तो उस दिन तो नही, लेकिन 3 दिन बाद मैने उन सब को घर आने के लिए बोल दिया था. जिस दिन मेरा गंगबांग सेक्स होने वाला था, उस दिन मैं ब्यूटी पालौर जेया कर रेडी हुई.

मैने सेक्सी टाइट लेगैंग्स और सलवार पहनी थी, और पूरा अची तरह से मेकप किया था, जो की कुछ टाइम बाद खराब होने वाला था. मैं जैसे ही घर पहुँची उसके 1 घंटे बाद सारे लड़के आ गये, और उन सब का मुझे देखते की खड़ा हो गया था. सब मेरी बहुत तारीफ कर रहे थे. लेकिन समझ नही पा रहे थे की कैसे स्टार्ट करे.

मैं मयंक के साथ स्टार्ट करना चाहती थी. तो मैने मयंक को अपने पास बुलाया, और किस करते हुई उसका पंत खोल दी. फिर मैने उसका लंड चूसना स्टार्ट कर दिया, जिसको देखने के बाद सब ने अपना लंड निकाला और एक-दूं मेरे मूह के पास आ कर खड़े हो गये. मैने बारी-बारी से सब का लंड मूह में लिया और तब तक मैं पसीने से भीग चुकी थी.

क्यूंकी गर्मियों का टाइम था, और हमने फन एसी कुछ भी नही चलाया था. मेरी अंडरवेर पूरी गीली हो चुकी थी. मुझे बहुत मज़ा आने लगा था. उसके बाद ओं लोगों ने मुझे नंगा कर दिया, और एक लड़के ने मेरी छूट में लंड डाला, और एक ने गांद में. बाकी सब मेरे आयेज अपना लंड लेकर खड़े हो गये.

मैं बारी-बारी से सब का लंड चूसने लग गयी. मेरी जब गांद में लंड गया था, तो मुझे बहुत दर्द हुआ. पर वो दर्द कब मज़े में बदल गया मुझे पता नही चला.

धीरे-धीरे गर्मी भी लगने लगी, और हम सब पसीने में भीग चुके थे. और मेरी चुदाई चल रही थी.

बारी-बारी से सब मेरी छूट में और गांद में अपना लंड डाल रहे थे, और जैसे ही उनका जूस निकालने वाला होता, वो मेरे मूह में डाल देते. मुझे लड़कों का जूस पीना बहुत अछा लगता है.

मुझे पहले जूस पीने की आदत नही थी. लेकिन मेरे पति ने जूस पीने की आदत मुझे लगवाई थी, जो की आज काम आ रही थी. पहले मुझे जूस अछा नही लगता था. लेकिन अब मुझे कभी भी किसी भी लड़के का जूस पीला दो, मुझे बहुत अछा लगता है.

मेरी गांद फटत चुकी थी, और छूट भी घिस चुकी थी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था इतने सारे लंड एक साथ मेरे आस-पास देख कर. फिर धीरे-धीरे सब ने तेज़-तेज़ सेक्स करना स्टार्ट कर दिया था. मेरा मेकप पूरा फैल चुका था. मेरे बाल बिखर चुके थे.

मेरी चुदाई पुर 4 घंटे चली थी, जिसमे 15 कॉनडम्स के पॅकेट ख़तम हो चुके थे, और 4 घंटे लगातार मेरे सभी च्छेदो में लंड जेया रहे थे. सब बहुत गंदे तरीके से मुझे छोड़ रहे थे.

फिर जैसे ही उनका मॅन भर गया मुझे छोड़ते-छोड़ते, तो उन लोगों ने मुझसे एक डिमॅंड की, की मैं फिरसे वही कपड़े पहन लू और पानी में पूरी गीली हो कर उनके पास अओ. मुझे सुन के बहुत अछा लग रहा था, तो मैने अपने कपड़े पहन लिए, और पानी में गीली हो कर उनके पास गयी. फिरसे मैने सब का लंड चूसा और जूस भी पिया.

मुझे गीले होने के बाद और भी मज़ा आ गया. तो ये थी मेरी गंगबांग सेक्स की कहानी.

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