चुदाई का मज़ा बस में और बीच पर

दूसरे दिन हम दोनो सुबह जल्दी उठे, और घर के सारे काम निपटा लिए. बहुत जगह जाने की बात होने पर लास्ट में गोआ जाने का फाइनल हुआ. रोहित ने ट्रॅवेल की टिकेट्स बुक कर ली.

शाम के 7 बजे की ट्रॅवेल था. हमने सब तैयारिया पूरी कर ली. पूरी पॅकिंग हो चुकी थी. रोहित ने कुछ ऑनलाइन हम दोनो के लिए मँगवाया था, और उसका पार्सल आया था. उसने पार्सल ले लिया और पेमेंट कर दिया.

रोहित: बेबी मैने तुम्हारे लिए कुछ मँगवाया है.

मे: क्या है ये बेबी?

रोहित: तुम खुद खोल के देखो.

मैने पार्सल ओपन करके देखा तो उसमे एक जॉकस्ट्रॅप की अंडरवेर थी, और उसके लिए एक जोक्की की सेक्सी अंडरवेर थी. जॉकस्ट्रॅप की अंडरवेर यानी जिस अंडरवेर में पिछवाड़ा और गांद का च्छेद खुला रहता है, और बाजू से एलास्टिक होती है. जो अंडरवेर गे पॉर्न वीडियोस में बॉटम पहनते है.

मे: ये किसके लिए बेबी? मैं ऐसी अंडरवेर नही पहनता.

रोहित: मालूम है बेबी, बुत तुम इसमे सेक्सी दिखोगे और तुम्हारी गांद खुली रहेगी तो गांद मारने में आसानी होगी. तुम्हे बार-बार अंडरवेर उतारने की कोई ज़रूरत नही होगी.

मे: ओह! नॉटी बॉय.

मुझे उसने अंडरवेर पहनने को बोला. मैने तुरंत उसे पहन लिया. रोहित ने मेरी एक फोटो निकली, और मुझे दिखाई. अंडरवेर में मैं बहुत सेक्सी दिख रहा था. मेरी गोल-गोल सुडौल गांद देख कर मैं शर्मा गया. रोहित ने मुझे एक किस किया और बाहों में ले लिया.

रात के 6 बाज चुके थे. बस स्टॅंड घर के नज़दीक ही था. हमने ऑटो बुलाया, और हम दोनो ऑटो में बैठ कर बस स्टॉप पे पहुँच गये. 7 बजे बस रवाना हो गयी. हमारी सीट पीछे से दूसरे नंबर की थी. रोहित ने जान-बूझ कर पीछे की सीट बुक की थी. ताकि पीछे हमे कोई देखे ना, और हमे प्राइवसी मिले. हम दोनो ने शर्ट और बरमूडा पहने हुए थे.

रात के 12 बाज चुके थे. बस की लाइट्स ऑफ थी. हम सब यानी बस के सारे पॅसेंजर्स सो गये थे. रोहित ने मुझे पीछे से पकड़ा, और मेरी बॉल्स को दबाने लगा. उसकी इस हरकत से मेरी आँख खुल गयी. फिर मैं भी उसका साथ देने लगा. उसने मेरी पंत उतार दी, और बाजू में रख दी. अब मैं सिर्फ़ जॉकस्ट्रॅप की अंडरवेर में था.

वो मेरी गांद में उंगली करने लगा. मेरे मूह से हल्का सा आहह निकला. फिर उसने एक कॉंडम का पॅकेट निकाला, और अपने लंड पे चढ़ाया, और उसपे तोड़ा लूब्रिकॅंट गेल लगाया. उसने अब लंड मेरी गांद में पेल दिया, और मुझे छोड़ने लगा. चलती बस में छुड़वाने का एक्सपीरियेन्स मुझे बहुत अद्भुत लग रहा था.

मैं इस चुदाई का भरपूर आनंद लेने लगा. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. 20 मिनिट्स तक मेरी गांद की चुदाई करने के बाद रोहित झाड़ गया, और कॉंडम को गाँठ मार के एक पॉलितेन में रख दिया. रात को उसने मुझे दो बार छोड़ा. हमने चलती बस में जो सेक्स का आनंद लिया, उसे शब्दो में बयान नही कर सकते.

सुबह के 8 बाज गये थे. हम गोआ पहुँच गये. रोहित ने पहले ही होटेल का कमरा बुक किया था. कमरा डबल बेडरूम, एसी था. रोहित दोस्तों के साथ काई बार गोआ आया था, तो उसे यहा का सब मालूम था. और मैं फर्स्ट टाइम ही आया था.

रूम में एंटर करते ही रोहित मुझसे लिपट गया. उसने मुझे अपनी गोदी में उठा के बिस्तर पे पटक दिया. फिर मेरे उपर आके अपनी बाहों में लेके चूमने लगा, मैने भी उसका साथ दिया. कुछ देर तक हम ऐसे ही एक-दूसरे की बाहों में सोए रहे.

थोड़ी देर के बाद हम बातरूम में गये, दोनो साथ में नहाए, और रूम में आके बैठ गये. रोहित ने ब्रेकफास्ट ऑर्डर किया, क्यूंकी दोनो को बहुत भूख लगी थी. वो उसकी जॉकी की अंडरवेर में और मैं भी अपने जॉकस्ट्रॅप की अंडरवेर में था, और उपर मैने सिर्फ़ बनियान पहनी थी. रोहित उपर से नंगा था.

15 मिनिट्स के बाद रूम की बेल बाजी. रोहित कुछ काम में था तो उसने मुझे दरवाज़ा खोलने को बोला. मैने दरवाज़ा खोला, और साथ ही एक वेटर हमारे कमरे में ब्रेकफास्ट लेके अंदर आ गया. वो सिर्फ़ मुझे ही देखते जेया रहा था.

वो बार-बार मेरे अंडरवेर को, और अंडरवेर में दिखने वाले मेरे पिछवाड़े को देखते जेया रहा था. उसके मूह से लार टपकने लगी. ना-जाने कहा खो गया था.

मे: कहा खो गये भाई? जल्दी लेके आओ ब्रेकफास्ट, बहुत भूख लगी है.

वेटर: सॉरी सिर.

उतने में रोहित भी आ गया. वेटर ने ब्रेकफास्ट टेबल पे रख दिया, और मेरी तरफ देख कर बोला-

वेटर: सिर मैं ब्रेकफास्ट सर्व कर डू?

हमने उसे माना किया और जाने को बोल दिया. उसके जाने के बाद हमने ब्रेकफास्ट किया. हम दोनो ट्रॅवेलिंग और रात की चुदाई से बहुत थके हुए थे, तो हम दोनो सो गये. दोपहर में हम दोनो ने बाहर लंच किया, और बीच पे जाने का प्लान बनाया.

हम दोनो बीच पे जेया रहे थे. वाहा और भी गे कपल्स थे. वो एक-दूसरे की कमर में हाथ डाल के चल रहे थे. रोहित भी मेरी कमर में हाथ डाल के चलने लगा. हम दोनो बीच पे आ गये. बीच पे बहुत भीड़ थी.

हम दोनो ने नॉर्मल त-शर्ट और बरमूडा पहने हुए थे. हम दोनो समुंदर के पानी में गये और एंजाय करने लगे. एक-दूसरे के उपर पानी उड़ाने लगे. मुझे एक मस्ती सूझी. रोहित बचपन में मोटा था, तो हम उसे गोलू बोलते थे. ऐसा बोलने पे वो बहुत चिढ़ जाता था. बातों ही बातों में मैने उसे मितु कहा, और भागने लगा.

वो भी चिढ़ गया, और मुझे पकड़ने के लिए मेरे पीछे-पीछे भागने लगा. बुत मैं उसके हाथ नही आया. उसे बहुत दौड़ाया, फिर मैं तक कर तोड़ा रुक गया. तब उसने आके मुझे पकड़ लिया. उसने मुझे अपनी गोदी में उठाया, और पानी में पटक दिया. वो भी पानी में आया, और हम दोनो मस्ती करने लगे.

मस्ती-मस्ती में हम इतने खो गये, की कब हमारे होंठ एक-दूसरे के होंठो से जुड़ गये, हमे समझ में नही आया. फिर एक ज़ोर की समुंदर की लेहायर आई और हम होश में आ गये. वाहा से थोड़ी दूरी पे मुझे एक नारियल पानी वाला दिखा, तो मैं दौड़ते हुए वाहा गया.

रोहित भी मेरे पीछे आया. हमने एक नारियल लिया. उसमे दो स्ट्रॉ डाले, और हम नारियल पानी पीने लेगे. बाजू में काई स्ट्रेट कपल भी नारियल पानी पी रहे थे. सब हमे देख रहे थे, बुत हमे कोई फराक नही पद रहा था. हम अपने में ही खोए हुए थे, और नारियल पानी पीने का आनंद ले रहे थे.

उतने में वाहा एक ऊँट वाला ( कॅमल वाला) ऊँट लेके आ गया. हमने ऊँट की राइडिंग का मज़ा लेने का सोचा और ऊँट पे बैठ गये. मैं आयेज और रोहित मेरे पीछे बैठ गया. ऊँट चलना शुरू हो गया. रोहित पीछे से मुझे च्चेड़ने लगा.

कभी मुझे गुदगुदी करता, तो कभी मेरे कान को काट देता. कभी मेरी नेक पे किस करता, तो कभी अंडरवेर में हाथ डालता. बुत मैं भी बेफिकर होके ऊँट राइडिंग और रोहित के च्चेड़ने का आनंद लेने लगा.

हनिमून के इस स्पेशल मोमेंट को हम दोनो दिल खोल के जीना चाहते थे. सारी दुनिया को भूल के हम मज़ा लेना चाहते थे. ऊँट राइडिंग ख़तम होने के बाद हम नीचे उतरे. वाहा एक बरफ के गोले वाला था, तो हम वाहा हमने गोला खाया. मेरे होंठो पे तोड़ा बरफ का गोला लगा हुआ था. उसे रोहित ने अपने होंठो से पोंचा, और सॉफ किया.

गोले वाला हमे देख रहा था. उसने हमे एक आँख मारी, और ऑल थे बेस्ट कहा. हमने उसे थॅंक योउ बोला, पैसे दिए, और वाहा से चले गये. हम दोनो भीड़ से तोड़ा डोर कही एकांत में जाके बैठ गये. वो मेरी गांद को दबाने लगा.

मे: ये क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा.

रोहित: यहा कोई नही देखेगा. सब अपने में ही मस्त है.

ये बोलते हुए रोहित ने मेरे गालों पे किस किया.

मे: चलो कही डोर जाके बैठते है.

हम दोनो वही समुंदर किनारे भीड़ से डोर रेत पर बैठ गये. अब हमे डोर-डोर तक कोई नही नही देख रहा था. तो हम दोनो मस्ती से बैठ गये, और बातें होने लगी. बातों-बातों में रोहित मुझे किस कर रहा था. कभी गर्दन पे, कभी गाल पे, कभी पीठ पर, तो कभी होंठो पे भी किस कर रहा था. कुछ देर ऐसे ही चलता रहा.

फिर वो मेरी गोदी में सर रख कर लेट गया. मैं उसके बालों में हाथ फेरने लगा. उसने मेरी त-शर्ट को तोड़ा उपर कर दिया, और वो मेरी नाभि पे किस कर रहा था. मैं पूरी तरह सिहर गया. वो रुक-रुक कर मेरे पेट पे किस करने लगा. मेरी नाभि में उसकी जीभ फिरने लगा, और हाथो से मेरी पीठ को सहलाने लगा.

वो मेरे पेट पे किस कर रहा था, और मैं रोमांचित हो रहा था. इससे रोहित और उत्साहित हो गया, और उपर बढ़ने लगा. अब वो मेरे बूब्स को किस करने लगा. मैं एक-दूं से गरम हो गया. वो मेरे बूब्स के साथ खेलने लगा, तो कभी उसे चूसने लगा.

कुछ देर उसके ऐसा करने के बाद मेरा भी हाथ उसके लंड पर लोवर के उपर से घूमने लगा. मैने उसके लंड पे हाथ डाला मतलब वो समझ गया की अब मुझे चूड़ने का मॅन हो रहा था.

रोहित ने मुझे वही रेती पे लिटा दिया, और वो मेरे निपल्स को मूह से चूसने काटने लगा. अब उसका हाथ मेरी पंत में चला गया. उसने मेरी पंत उतरी, और अब मैं अंडरवेर में था. वो मेरी गांद के च्छेद पे उंगली घूमने लगा. मेरे मूह से मादक सिसकियाँ निकालने लगी. फिर उसने एक उंगली मेरे मूह में डाली. उसे थूक से गीली करने के बाद मेरी गांद में डाल दिया.

मैने रोहित के लंड को बाहर निकाला, और हिलने लगा. कुछ देर ये सब चलता रहा. फिर हम दोनो 69 पोज़िशन में आ गये. मैने उसके लंड को मूह में लिया, और उसने मेरे लंड को मूह में लिया. कभी वो मेरे लंड को चूस्टा, तो कभी मेरी गांद को मूह से चाटने लगता. कुछ देर 69 पोज़िशन होने के बाद वो मेरे छूतदों को सहलाने लगा.

वो मेरे नंगे छूतदों को मसलते हुए दबाने लगा. कुछ देर मज़ा करने के बाद हम दोनो वही झाड़ गये. मेरे लंड का पानी उसने और उसके लंड का पानी मैने पी लिया. फिर एक-दूसरे के लंड को चाट-चाट कर सॉफ कर दिया. बात करते-करते उसने मेरी त-शर्ट पूरी उतार दी. मैं उससे अपनी त-शर्ट माँग रहा था. तो वो मेरी त-शर्ट लेके भागने लगा, और मैं उसके पीछे दौड़ रहा था.

कुछ देर बाद उसने अपनी भी त-शर्ट उतार दी. अब हम दोनो बीच पे उपर से नंगे ही थे. हम दोनो करीब आए, तो रोहित ने मुझे उसके सीने से लगा लिया. वो मेरी पीठ को सहलाते हुए बोला की एक रौंद वही हो जाए.

मे: यहा?

रोहित: हा कोई प्राब्लम है क्या?

अंधेरा तो हो ही गया है. कोई तो इधर आएगा ही नही. बंद कमरे में तो हम लोग बहुत बार मज़े कर चुके है. कभी खुले आसमान में भी करके देखते है कितना मज़ा आता है.

मे: तो हो जाए, रोका किसने है?

इतना सुनते ही उसका चेहरा खिल गया. उसने सीधा आके मेरे होंठो पे किस किया. मैं भी उसका साथ देने लगा. कुछ देर लीप किस करने के बाद हम पूरी तरह से नंगे हो गये, और कपड़ो को एक पत्थर से दबा दिया ताकि हवा से उडद ना जाए. वो लेट गया, और मैं उसके लंड को मूह में लेके चूसने लगा.

कुछ देर उसका लंड चूसने के बाद रोहित मेरी गांद पे टूट पड़ा. वो मेरी गांद को चाटने लगा. वो मेरी गांद पे अपना लंड रगड़ने लगा. उसने मुझे वही रेती पे लिटा दिया, और मेरी टांगे उपर करके उसका लंड मेरी गांद के च्छेद पे रख दिया. फिर एक ज़ोर का झटका दिया. उसका पूरा लंड मेरी गांद में घुसता चला गया.

मेरे मूह से आहह की आवाज़े निकालने लगी. वो मुझे ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. कुछ देर ऐसा करने के बाद उसने मुझे घोड़ी बनने को बोला, तो मैं बन गया. वो पीछे से मेरी गांद में लंड डाल के घपा-घाप धक्के मारने लगा.

मैं भी मज़े से मादक सिसकारियों के साथ गांद चुदाई का आनंद लेने लगा. मैं आअहह उहह की आवाज़े करने लगा. कुछ देर बाद वो नीचे लेट गया, और मैं उसके लंड पे बैठ गया. फिर मैं उसके लंड पे कूद के अपनी गांद मरवाने लगा, और वो भी नीचे से झटके मारने लगा. हमारी चुदाई की आवाज़े पुर वातावरण में गूँज रही थी.

उधर समुंदर का पानी आता और हमे भिगो के चला जाता. समुंदर का ठंडा पानी और हम दोनो के बदन गरम, बहुत मज़ा आ रहा था. हम दोनो ने 4-5 आसनो में चुदाई की. फिर हम दोनो झाड़ गये. कुछ देर वही लेते रहे. फिर कुछ देर बाद अपने शरीर से रेत हटा कर हम दोनो ने अपने-अपने कपड़े पहन लिए.

अब तक रात के 9 बाज चुके थे. हम दोनो होटेल के कमरे में गये. फ्रेश हो कर रोहित ने खाने का ऑर्डर दिया. हम खाना खा के बिस्तेर पे आ गये. हम दोनो बिस्तर पे आके एक-दूसरे की बाहों में आ गये, और वैसे ही सो गये. रात में फिर एक बार रोहित ने मुझे छोड़ा.

आयेज क्या-क्या हुआ, ये जानने के लिए पढ़ते रहिए ये सीरीस. तब तक आप लोग अपना ख़याल रखना. ई लोवे योउ ऑल.

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