Chud Gai Papa Ki Pari Ki Kamsin Choot- Part 1

अविनाश समझ गया कि मुझे डर लगने लगा है- डरती क्यों है मेरी मेघा बेबी!
बड़े प्यार से अविनाश ने मुझे गोदी में ले लिया और मेरी आँखों में देखने लगा, हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे उसकी और साँसें गर्म और तेज हो चुकी थी।

‘क्लास में कोई आ गया तो बहुत मुश्किल हो जाएगी। शायद हम दोनों को स्कूल से निकाल दिया जाये?’
‘ऐसा कुछ नहीं होगा, तुम बस हाथ सीट से नीचे करके पकड़ कर इसको सहलाओ, अच्छा लगेगा।’ उसने मुझे बेंच पर बैठाया और मेरे हाथो में अपने लंड को पकड़ा दिया और बोला- जैसे ब्लू फिल्म में देखा है, बिल्कुल वैसे ही चूसो।

मैंने अविनाश का लंड अपने हाथों में ले लिया और उसको मस्ती में सहलाने लगी।
अविनाश का लंड तुरंत खड़ा हो गया- मेघा! मुँह में ले न यार…
‘पागल हो क्या? क्लास में ऐसे… मुझे डर लगता है अविनाश!’
मैंने मना कर दिया- मुझको ऐसा कुछ नहीं करना है..

लेकिन अविनाश ने मेरा हाथ पकड़ लिया- आई लव यू मेघा! मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ।
मेरे होंठों को चूसने लगा.. तो मैंने कहा- नहीं अविनाश… ये सब ग़लत है… तुम मेरे फ्रेंड हो..

अविनाश ने मेरे कंधे हाथ रख दिया और कहने लगा- देखो मेघा, मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूँ… और जैसे जैसे तुम जवान हो रही हो… मैं तुम्हें और भी प्यार करना चाहता हूँ।

उसने मेरे गाल पर एक चुम्बन कर दिया… मैं शर्मा गई और मैंने कहा- अविनाश प्यार तो मैं भी तुमसे करती हूँ… पर अगर किसी को पता चल गया… तो बहुत बुरा होगा।
अविनाश बोला- अरे किसी को कुछ पता नहीं चलेगा..

मेरे होंठों के बीच में यार ने लंड दे दिया
मैं तो वैसे ही पोर्न मूवी में उस भारतीय लड़की की चुदाई देख कर गर्म हो चुकी थी… मैंने ज्यादा नाटक नहीं किया।
‘कुछ नहीं होगा धीरे से चूम कर देख!’ कहते हुए अविनाश ने अपना लंड मेरे होंठों पर रख दिया।

और फिर मैंने यहाँ वहां देख कर डरते हुए अविनाश के गोरे लंड का सुपारा अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो अविनाश ने मेरे बालों को पकड़कर मेरे मुँह को पीछे खींचा और अपने दूसरे हाथ से मेरा मुँह खोलकर अपने लंड को पूरा मेरे मुँह में घुसा दिया।

अविनाश का लंड इतना बड़ा और मोटा था, कि वो मेरे गले तक उतर गया और फिर अविनाश ने मेरे मुँह को पकड़ लिया और अपनी गांड को हिलाकर मेरे मुँह को चोदने लगा।
मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे और मेरे मुँह से घुँ घूँ खों खो! करके आवाज़।

मुझे बड़ा दर्द हो रहा था, उसका लम्बा मोटा लंड जड़ तक मेरे मुँह में था, वह अपने दोनों हाथों से मेरी चोटियों को पकड़कर मेरे सिर को दबाये हुए था।
ऐसा लगा मुझे कि कुछ ही देर में मैं मरने वाली हूँ लेकिन अविनाश को जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था, वो बस कसम खा के आया था कि स्कूल की इस नन्ही सी मासूम गुलाबी लड़की को आज चुदना सिखाकर ही मानेगा।

मैं समझ चुकी थी कि आज यहाँ क्लासरूम में मेरी सील टूटने वाली है।
अब मुझसे से और ज्यादा सहन नहीं हो रहा था और मेरी गुलाबी चूत बिल्कुल गीली हो चुकी थी।

मेरी कमसिन चूचियां मसल दी
फिर उसने धीरे से अपने हाथ मेरे मम्मों पर रख दिया और कहा- मेघा मैं इनका रस पीना चाहता हूँ!
उसने मेरे शर्ट को ऊपर कर दिया, उसके बाद अविनाश ने मेरी कमर में अपना हाथ डाल दिया, अब मैं भी गर्म हो गई थी, अविनाश मेरे मम्मों को ब्रा के ऊपर दबाने लगा… वो बेरहमी से मम्मों को मसल रहा था।

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