चाची को पटा के चोदा – 2

कहानी कैसी लगी ज़रूर बताए..

अब देर ना करते हुए सीधे कहानी पर आता हू…

अब मई चाची का पेट, चाची, चुतताड को मसालने लगा था. जब भी मौका मिलता मई उनके सरीर को मसल देता. वो कुछ नही बोलती क्योकि उन्हे भी मज़ा आने लगा था.

अब कहानी आयेज नही बढ़ रही थी जैसे ब्रेक लग गया हो. एक दिन मुझसे रहा नही गया और मई चाची को पकड़ कर अपनी बहो मे खिच लिया और कहा, क्या आगे भी कुछ मिलेगा?? या सिर्फ़ इतना ही करने को मिलेगा.

तो उन्होने कहा की तोरा सबर करो सब मिलेगा. दूध भी मिलेगा और मलाई भी मिलेगी लेकिन इसके लिए इंतेजर करना होगा. लेकिन मैने उनके होत, गाल और गर्दन को चूमा. उनके माना करने पर ही चूमना बंद किया.

मई अब खुश था की अब तो पक्का छूट मिलेगी. अब बिना किसी के दर के चाची की चुचि, चुटर को मसल देता था. मौका देख कर मई सारी उठा कर उनके चुतताड और छूट देखता. उनकी छूट थोरी सावली थी, लेकिन उनके चुतताड बहुत ही गोरे थे.

कुछ दीनो बाद वो टाइम आ गया जिस का मुझे इंतजार था. सभी लोग अपने कमरे मे सोए थे. चाची और उनका बेटा च्चत पर सोए. मई भी च्चत पर सोने के लिए बिस्तर लाया. मैने देखा की चाची आज अपने बेटे को सुलने के चक्कर मे मुझसे बात नही कर रही थी.

मई भी उनके ब्ग्ल मे बैठ कर उनकी चुचि, चुटर, पेट को श्लने लगा. मई अपना लॅंड उनके चुटर की डरर मे फ्सा दिया और कन के निचले हिस्से को चूसने लगा.

अब चाची गर्म होने लगी थी. उनकी आकेन मस्ती के कारण बांड होने लगी. अब तक उनका बेटा सो चुका था. अब चाची मेरे बिस्तर पर लेट गयी मई भी उनके ब्ग्ल मे जा कर लेट गया. चाची तुरंत खिच कर अपने उप्र लेता लिया और चूमने लगी. मई चाची का ऐसा रूप देख कर हैरान था.

चाची मुझे चूमे जा रही थी लिकिन कुछ बोल नही रही थी. मई उनसे कहा तो उन्होने कहा की बोलने का टाइम नही है, करने का टाइम है.

अब मई भी उनका साथ देने लगा. चाची रात को बिना ब्लाउस के ही सोती थी. उनकी चुचि पहले से ही आज़ाद थी, तो मई उन पर टूट प्डा. उनको चूस्ता, चट्टा. उनकी आज भी नाम मात्र की जुकाओ लिए हुए थी. मई उनकी चुचि को अब ज़ोर से ंसलने, लगा था. जिससे उनकी चीख निकलने लगी थी. और वो अपनी चीख को दबाने की पूरी कोसिस करती. इससे मुझे और जोश आने लगा.

धीरे धीरे मई उनकी सारी को निकल दिया.. अब उनके सरीर पर पेटीकोआट ही बचा था. अब मई चुचि को चाटते हू पेट पर आ गया और पेट को क्बा रहा था. जिससे उनकी सिसकिया तेज़ हो गयी.

हााईयईईईईई उूुुुउउ कतो और कतो सीईईईईईई हााईयईईईईई.. मई उनकी नाभि को जीभ से अंदर तक छोड़ता जिससे वो मस्त हो कर मेरे सिर पकड़ कर दबाती. हााईयइ उूुुुउउ..

चाची को इस तरह से त्द्पता देख मुझे और जोश आ जाता. मई उन्हे और तड़पता..

अब मई उनका पेटीकोआट भी उतार दिया. अब वो पूरी नंगी रात के अंधेरे बिस्तर पर लेती थी. मई भी जल्दीी से अपनी चड्डी, बनियान उतार कर उनके उप्र लेट गया.

उनकी छूट को हाथ से श्लने लगा. उनकी छूट पानी छोड़ रही थी.. छूट को खूब ंसलता, नोचता वो सिर्फ़ चीख कर र जाती. हााईयईईईईई उूुुुउउ उूुुुउउ… अब वो मेरे लॅंड को म्स्ल रही थी वो मेरे लॅंड को और मई उनकी छूट को तैयार कर रहा था…

मई उनकी छूट को चाटना सुरू किया. वो मस्त हो गयी. और मजे से सिसकारिया ले रही थी. हाआअससस्स ईईईई चतो, और ज़ोर से हीीहिहिहिहीही कतो इसे हाास इसे बहुत प्यास लगी है आज पीला दो अपने लॅंड का पानी. जिससे ये तृप्त हो .…

उन्होने मुझे 69 की तरह लेटने को कहा जिससे वो मेरा लॅंड भी चाट सके. इस तरह वो मेरा लॅंड और मई उनकी छूट को चाट रहा था… इस बीच चाची ने अपना पानी छोड़ दिया. मुझे उनका पानी अक्चा लगा और पी कर पूरी छूट चटा.. वैसे मुझे ल्दकियो के छूट का पानी अक्चा ल्गता है..

अब मेरा लॅंड पूरा न कर खड़ा था. ऐसे लग रहा था जैसे न्स फॅट जाएगी. मई तुरंत चाची की टॅंगो को फैलाया और बीच मे जा कर बैठ गया.

मई अपना लॅंड उनकी छूट पर र्गड़ने लगा.. उसके बाद लॅंड को छूट मे डालने लगा. चाची की छूट कसी लग रही थी.. जिससे उनकी चीख निकल गया. हाआअससस्स ईईईई ईईईई उूुुुउउ… आआआसस्स…

उसके बाद चाची की जोरदार चुदाई स्टार्ट कर दी. मुझे चुदाई के टाइम गाली देना पसंद है.. तो मई उन्हे गाली भी दे रहा था. लेकिन चाची कुछ नही बोल रही थी. वो सिर्फ़ चुदाई का मज़ा ले रही थी.

साली रंडी छूट छुड़वाने मे मज़ा आ रहा है की नही. तुझे चाचा नही छोड़ते क्या??? तेरी छूट इस उम्र मे भी टाइट है. बोल बुरछोड़ी चुदाई मे मज़ा आ रहा है या नही.. बोलती क्यू नही…

आड़े घंटे की चुदाई मे चाची अपनी गांद उड़ा उड़ा कर मेरा साथ दे रही थी.. फिर हम दोनो एक साथ झड़ गये.. मैने अपना पानी छूट मे निकल दिया.

उसके बाद मानी और चाची क्स कर चिपक कर लेते रहे.. थोरी देर बाद चाची ने मेरे होतो को चूमा और ई लोवे उ कहा और कहा बहुत मज़ा आया. ऐसे मजे के लिए मई त्र्स गयी थी

मई चाची से कहा की चुड़वते टाइम संत क्यू थी?? और मैने गली दी बुरा तो नही लगा यदि लगा हो तो माफ़ कर देना.

इस पर चाची हासणे लगी और कही मई चुदाई का मज़ा ले रही थी. क्या तुम्हे इतनी ही गलिया आती है? मैने कहा क्यू?? तुम्हारी गलियो से चुदाई मे मज़ा आ गया.

चाहे कितनी भी सारीफ़ लड़की या औरत क्यू ना हो बिस्तर पर वो बेस्रम हो कर चुड्ती है, तभी सेक्स का मज़ा है.

इस बीच चाची ने लॅंड को छूट मे लेने के लिए फिर से तैयार कर दिया. मई चाची के उपेर च्ड गया. इस लॅंड आसानी से चला गया. पूरी ताक़त लगा कर छोड़ने लगा.

लंबी चुदाई के बाद चाची का पानी निकल गया. मई भी ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा थोड़ी देर बाद छूट को पानी से भर दिया. मई हफ़्ता हुआ उनके उपर गिर गया.

जब हम नॉर्मल हुए तो बात करना स्टार्ट किया और मई उन्हे लाइफ के बारे मे पूछने लगा.

आयेज की कहानी को जानने के लिए मुझे कॉमेंट्स और मेसेज ज़रूर करे.

यह कहानी भी पड़े  होटल की रिसेप्शनिस्ट जवान रंडी को चोदा

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published.


error: Content is protected !!