चाची के साथ दीदी भी चुद गयी-1

मेरी आगे अभी 22 साल है और मे एक सिंपल और डॅशिंग बॉय हू. जिम जाने के कारण मेरी बॉडी बहुत मेनटेन है और मेरे लंड का साइज़ अब 6.5 इंच लंबा और 3.5 इंच मोटा है. क्यूकी जिम के कारण मेरा लंड बहुत ज़्यादा बड़ा हो गया है.

सीमा चाची की आगे 35 साल है और उनके बूब्स बहुत बड़े बड़े और रसीले है. बिल्कुल पर्फेक्ट शेप मे और उनकी गांद पीछे निकली हुई है. उनका फिगर 36-28-34 है. वो कुछ ज़्यादा ही गोरी है और एक दूं लाल है.

सोनू दीदी की आगे 26 साल है और वो बहुत ही खूबसूरत है.क्यू बिल्कुल पोर्नस्तर जैसी और उनका फिगर भी बहुत अछा है. उनके बूब्स 34 की साइज़ के है. उनका फिगर 34-24-34 का है. उनकी हाइट मुझसे कम है और उनके फिगर का सबसे अक्चा पार्ट उनकी गांद है. जिसका मैं बहुत पहले से ही दीवाना हू.

अब कहानी स्टार्ट करते है.

चाची दूसरे सहर मे रहती है और अभी तक उनके कोई बाकचा नही है. इसका मैं रीज़न मुझे बाद मे चाची ने बताया. की चाचा के कुछ प्राब्लम है और उनकी दवाई चल रही है. इस वजह से चाची मा नही बन पा रही थी. पर वो मुझे और दीदी को बहुत प्यार करती है.

ये कहानी शुरू हुई आज से 2 साल पहले. जब मेने 1स्ट्रीट एअर के एग्ज़ॅम दिए ही थे और अपनी चुट्टिया एंजाय कर रहा था. तो चाची ने मों को फोन किया और मुझे और दीदी को कुछ दिन उनके पास रहने के लिए भेज देने के लिए बोला.

क्योंकि चाचा को 2 महीने आउट ऑफ स्टेशन जाना पद रहा था ऑफीस के काम से. और चाची घर पर अकेली थी. तो मों मान गयी और उन्होने मुझे और दीदी को चाची के पास जाने के लिए बोल दिया. तो हुँने भी हन करदी.

फिर मैं और दीदी चाची के घर चले गये. वाहा जाते ही चाची बहुत खुश हुई और उन्होने ह्यूम गले लगा लिया. मैं तो चाची को देखता ही रह गया.

वो कुछ ज़्यादा ही सेक्सी हो गयी थी और उनके जिस्म का उभर बाहर दिख रहा था. अब हम सब बैठ के बाते करने लगे और हसी मज़ाक करने लगे. ऐसे ही 3-4 दिन निकल गये. एक दिन हम तीनो बैठ कर बाते कर रहे थे तभी चाची बोली-

चाची: राज हम कही घूम के आए क्या?

मे: अरे चाची कहा चलोगे अभी चाचा जी भी तो नही है.

चाची: कोई बात नही हम तीनो चलते है ना क्यो सोनू तू क्या बोलती है?

दीदी: हा चलो चलते है बहुत मज़ा आएगा बुत चले कहा?

चाची: “सोनू की तरफ आँख मरके” गोआ चलते है.

सोनू: ओहक चाची जैसा आपको ठीक लगे.

मे: ओहक फिर गोआ डन.

चाची: हन डन.

मे: तो चाचा जी से तो बात कर लो.

चाची: वो सब मैं देख लूँगी.

अब चाची ने चाचा जी से बात की तो चाचा जी ने हन करदी. और उन्होने हमारी फ्लाइट की टिकेट बुक कर दी. अब हम रात को खाना ख़ाके सो गये.

यहा तक सब नॉर्मल चल रहा था.

अब अगले दिन हम सब शॉपिंग करने चले गये. वाहा से चाची और दीदी ने शॉपिंग की और उन्होने अपने लिए बिकिनी भी ले ली और बहुत कुछ लिया.

ह्यूम अगले दिन सूभ निकलना था तो हम रत को जल्दी सो गये. और सूभ करीब 7 बजे उठा तो सब रेडी हो गये थे. तो मई जल्दी से उठा और जल्दी जल्दी रेडी होने लगा.

चाची घर पर सारी ही पहनती थी और आज भी उन्होने सारी पहन रखी थी. अब हम एरपोर्ट पहॉंछे, फिर कुछ देर बाद हम गोआ के लिए रवाना हो गये.

चाचा जी ने पहले ही हमारे लिए एक गेस्ट हाउस बुक कर दिया था. जैसे ही हम एरपोर्ट पहॉंछे तो ड्राइवर ह्यूम लेने आ गया था. फिर हम गेस्ट हाउस पहॉंछे. वो गेस्ट हाउस बीच पर ही था.

फिर हमारे ड्राइवर ने बताया की यहा अंदर ही ज़रूरत की सभी चीज़े है. और ये ही कुछ और छाईए होगा तो उसकी शॉप कम हाउस पास ही है. तो मुझे कॉल कर देना, मई आके समान दे जौंगा. और रोज सुबा शाम सफाई वाली आएगी और वो आपके सभी काम कर देगी. इतना बोल कर वो चला गया.

वो इलाक़ा तोड़ा सुनसान था क्योंकि वो एक खाली बीच पर था. तो उससे ह्यूम कोई प्राब्लम नही थी. क्योंकि बाहर एक चोकीदार भी था. अब हम दिन भर वही गार्डेन मे मज़े करते रहे.

फिर रात को हुँने खाना खाया और सोने चले गये.

अगली सूभ जब मैं उठा तो मुझे चाची कही नही दिखी और दीदी अपने रूम मे सू रही थी. दीदी रोज करीब 10 बजे ही उठती है. अब मैं चाची को ढूँडने के लिए दूसरे रूम मे गया.

तो चाची वाहा पर आल्मिराह खोल कर अपने साइज़ का कॉस्ट्यूम देख रही थी. तभी उन्होने पीछे मूड कर मुझे देखा और बोली चल बेटा तू भी चेंज करले, हम स्विम्मिंग करते है.

अब मैं अपना कॉस्ट्यूम ले कर अपने रूम मे चला गया. और जब मई स्विम्मिंग पूल की तरफ गया तो देखा की चाची ने पहले ही ब्रेकफास्ट का सारा समान पूलसाइड पर ही रखवा कर कंवली को चलता कर दिया था.

अब जैसे ही चाची पूल वेल वॉशरूम से बाहर निकली. मेरे तो होश ही उडद गये. उन्होने उस टाइम जो कॉस्ट्यूम पहना था वो शायद उनके फिगर से एक साइज़ कम था. इसलिए उनका जिस्म वो कॉस्ट्यूम फाड़ कर बाहर आने के लिए मचल रहा था.

यह देख कर मेरी तो आँखे फटी की फटी रह गयी और मैं चाची को घूर्ने लगा. मेरा लंड खड़ा हो गया, मेरे कॉस्ट्यूम मे मेरा खड़ा लंड सॉफ नज़र आ रहा था.

इसलिए मुझे शरम आ रही थी, जिसे चाची ताड़ गयी और कहने लगी – क्या बेटा तू तो लड़कियो से भी बुरा है, इतना क्या शर्मा रहा है…

तो मैने शरमाते हुए अपने पैर पानी मे डाले और बेत गया. क्योंकि मुझे स्विम्मिंग कम आती थी. ये बात चाची को भी पता थी.

अब चाची ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे पानी मे उतार लिया. और पानी हमारे चेस्ट तक आ गया था. चाची को मैने पहली बार इतने बिंदास अंदाज़ मे देखा था. उनमे शरम नाम की कोई चीज़ नही बची थी. और वो अपने जवान बेटे के साथ मस्ती कर रही थी.

उनकी कॉस्ट्यूम जो पहले से ही टाइट थी, पानी मे भीगने के बाद और ज़्यादा उनके जिस्म से चिपक गयी. और उनके निपल भी थोड़े थोड़े दिखने लगे. मैं उनके निपल्स का उभर सॉफ देख सकता था.

यह देख कर मेरा लंड कॉस्ट्यूम फाड़ कर बाहर आने को बेताब हो रहा था. जिसे बहुत मुश्किल से मैने दबाए रखा.

अब करीब 1 अवर मस्ती करने के बाद ह्यूम भूक लगने लगी थी. तो मैं और चाची पूल से बाहर आए.

चाची ने मेरे सामने ही ज़रा से टवल की आड़ करके अपनी बिकिनी चेंज करके एक बड़े गले वाली ट्रॅन्स्परेंट निघट्य पहें ली. जो उनके घुटने से भी छोटी थी और उन्होने अंदर ब्रा और पनटी नही पहनी थी. जिसकी वजह से उनकी निघट्य उनकी मोटी और गोल गोल गांद के अंदर घुस रही थी. और उनके निपल्स भी दिख रहे थे.

मूज़े लगा शाएेद उन्होने ये जानबूझ कर लिया. ताकि वो अपने मॅन मे दबी कुछ इकचाए पूरी करना चाहती थी. इसके बाद हम हॉल मे आ गये और टीवी देखने लगे.

दीदी अभी उठ गयी थी और नहा रही थी. अब हम टीवी देखने लगे पर वाहा चलने वाला कोई लोकल चॅनेल था. जिसमे यहा पर आने वेल फॉरिनर टूरिस्ट्स की नंग धड़ंग बीचस पर मज़े मरते है उनकी शूटिंग दिखा रहे थे.

ऐसे ही 2 सीन दिखाए जिन्हे देख कर मुझे शरम आ रही थी. पर चाची ने चॅनेल चेंज करना ज़रूरी नही समझा. अब कुछ देर हुँने टीवी देखा तब तक दीदी बाहर आ गयी.

तो चाची ने चॅनेल चेंज कर दिया. मैं समझ गया की चाची जान बूझकर मुझे ये सब दिखा रही है. अब शाम को जब चाची उपेर टेरेस पर खड़ी थी तो मे चुपचाप उनके पीछे जाकर खड़ा हो गया.

मेरी नज़र जब बीच पर पड़ी तो वाहा एक फॉरिनर कपल लगभग संभोग कर रहे थे. वो एक दूसरे को किस कर रहे थे और सूरज की किरण चाची की निघट्य के आर पर हो रही थी. जिसके कारण चाची का जिस्म दिख रहा था.

अब मई चाची के तोड़ा और पास गया. तो मैने देखा की उनका हाथ उनकी निघट्य के अंदर है और वो अपनी छूट को रग़ाद रही थी. और धीरे धीरे ह्म्‍म्म्मम ह्म्‍म्म्मम सस्स्स्स्स्सस्स ह्म्‍म्म्मममम.. कर रही थी.

उनकी मस्ती भारी आवाज़ सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरे लोवर मे तंबू बनाने लगा. तभी उन्होने पीछे मूड कर मुझे देखा तो बेशरम की तरह हास कर बोली-

चाची: राज देख ये कैसे मज़े मार रहे है और एक तू है की अंदर ही शर्मा रहा है. मैने तेरे साथ आ कर ग़लती कर दी. तू मुझे पूरा फ्रीलॅन्स नही दे पाएगा.

मे: नही चाची ये बात नही है. मैं तो शुरू मे तोड़ा अनकंफर्टबल फील कर रहा था बुत अगर आप साथ हो तो कैसी शरम.

चाची: देख बेटा किसी को भी बार बार ऐसा मोका नही मिलता जब हम खुल कर मज़े मार सके. ऐसे मज़े के लिए अगर तुम लखो रुपये भी खर्च करेंगे तो भी ह्यूम इतनी आज़ादी और प्राइवसी नही मिलेगी. इसलिए शरमाना छोड़ो और यह भूल जाओ की मई तुम्हारी चाची हू. और इस टाइम के मज़े लो बस जितना हो सके, फिर ऐसा टाइम नही आएगा.

मे: ओहक चाची कोई बात नही अब आप जैसा बोल रही हो वैसा ही होगा. पर दीदी भी तो है ना साथ मे?

चाची: अरे कोई बात नही दीदी को तो हुंसे कोई मतलब नही है. और अब नीचे चलते है बहुत देर हो गयी है.

मे: ओहक चाची.

अब हम नीचे आ गये और खाना खा कर सो गये.

अगले दिन सूभ करीब 7 बजे जब मई उठा तो बहुत जबरदस्त बारिश हो रही थी.

फिर मई नीचे गया तभी यहा के कीपर का फोन आया. और उसने बोला की आज सफाई वाली नही आएगी और हम भी बाहर नही निकले. क्योंकि बीच पर पानी बढ़ सकता है इसलिए हम अपने गेस्ट हाउस मे ही रहे. कुछ भी कहिए हो तो उसे फोन कर दे तो वो अरेंज कर देगा.

तो मैने ये बात चाची को बताई.

चाची ने कहा को ठीक है हम बाहर नही जाएँगे. अब चाची बोली की आज हम दिन भर टीवी देखेंगे, स्टीम बात लेंगे. जो गेस्ट हाउस के बेसमेंट मे था. जिसका मुझे अभी तक पता नही था.

फिर हुँने जल्दी से ब्रेकफास्ट किया फिर हम दोनो नीचे बेसमेंट मे चले गये. वाहा जाकर चाची ने सोना बात का एलेक्ट्रिक स्विच ओं किया. जिससे की सेमी ट्रॅन्स्परेंट ग्लास के कॅबिन मे हॉट स्टीम बन ने लगी.

अब चाची बोली चलो तुम्हारी बॉडी पर भी मेरे साथ स्टीम बात के पहले लगाने वाला स्किन क्रीम लगलो. और इसी के साथ चाची ने अपनी निघट्य खोल दी. अब चाची मेरे सामने सिर्फ़ एक ब्लॅक कलर को ब्रा और पनटी मे थी. जो उनकी गोरे जिस्म पर बहुत मस्त लग रही थी.

जब चाची ने अपनी गोरी गोरी और मोटी मोटी टॅंगो को छोड़ा किया. तो मैने देखा की उनकी छूट पर थोड़े बड़े बड़े बाल थे. जिन्हे देख कर चाची ने एक स्माइल दी और बोली-

चाची : बेटा देख तो ज़रा यहा ड्रॉयर मे कोई हेर रिमूवर रखा है क्या.

मैने देखा तो वाहा पर एक हेर रिमूवर क्रीम थी जिसे मैने चाची को दे दिया. तो चाची बोली तू अंदर जाकर टेंपरेचर देख ले. फिर मैं भी आती हू.

अब मे अंदर जाने लगा तभी मैने धीरे से मूड कर देखा. तो चाची अपनी पनटी थोड़ी नीचे करती दिखी. अब मेरा दिमाग़ खराब हो रहा था.

मुझे यह समझ नही आ रहा था की चाची मुझ पर इतनी मेहरबान क्यो है. और उनका मज़े मरने वाला वर्ड मुझे अंदर तक कन्फ्यूज़ कर रहा था.

अब मैने अंदर से बाहर देखने की कोशिश की. पर स्टीम की वजह से मुझे कुछ नही दिखा. तभी चाची अंदर आ गयी और बोली – ऐसे मत बैठो अपनी बॉडी पर हाथ फिरा फिरा कर पसीना और वापोर की मालिश करो. स्टीम बात से अपनी खराब स्किन सॉफ होकर न्यू स्किन बनती है.

इतना बोल कर चाची ने मेरी तरफ अपनी पीठ कर दी और बोली – चल मेरी ब्रा का हुक निकल दे और अपने हाथो से मेरी पीठ की मालिश कर दे.

तो मई भी अब बेशरम हो कर चाची की ब्रा का हुक निकाला और उनकी मालिश करने लगा. पर मैं अभी तक चाची के निपल्स और बड़ी बड़ी चुचिया देख नही पाया था. क्योंकि चाची ने अपने बूब्स पर अपना हाथ रख रखा था.

लगभग आधा घंटा स्टीम लेने के बाद चाची ने अपनी ब्रा पहनी और हम दोनो बाहर आ गये. फिर हम टीवी देखने लगे और रात को चाची और दीदी ने हल्का फूलका डिन्नर बनाया. जिसे हम खा कर टीवी देखने लगे और दीदी अपने रूम मे चली गयी.

तभी चाची बोली – बेटा ज़रा मेरी पीठ पर हल्की मालिश कर दो. शाएेद बेड चेंज होने की वजह से कुछ दर्द महसूस हो रहा है.

चाची ने सूभ से ही टशहिर्त औट शॉर्ट्स पहें रखे थे. अब चाची सोफे पर उल्टी लेट गयी और अपनी टशहिर्त को उपेर कर दिया. उन्होने अभी ब्लू कलर की ब्रा पहें रखी थी.

फिर मैने उनकी ब्रा का हुक निकाला और उनकी पीठ पर आयिल डाल कर मालिश करने लगा. कुछ देर मालिश करने के बाद चाची बोली की मैं अपने शॉर्ट्स तोड़ा नीचे कर देती हू. तू मेरे हिप्स की भी थोड़ी मालिश कर दे.

अब मई टीवी पर सेक्सी वीडियो देखते हुए चाची की मालिश कर रहा था. चाची ने अपने शॉर्ट्स नीचे कर दिए. मैने उनकी पनटी को तोड़ा नीचे किया और मालिश करने लगा.

कुछ देर के बाद मुझे लगा की चाची सो गयी है और उनकी हिप्स भी खुले ही थे. अब मई बड़े गोर से उनकी गोरी गोरी और गोल गोल गांद को देखने लगा.

मैं उनके पास वाले सोफे पर ही लेट गया और चची को देखने लगा. मुझे पता नहीं कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला. रात को करीब १ बजे जब चची ने करवट ली तो मेरी आँख खुल गयी.चची अभी भी मस्त सो रही थी और वो गहरी नींद में थी. अब मैं उठा और चची के पास चला गया और उनकी टीशर्ट को थोड़ा ऊपर कर दिया. फिर मैंने उनकी ब्रा को भी उनके बूब्स से ऊपर कर दिया और चची के बूब्स देखने लगा.

वाउ.. दोस्तो क्या बूब्स थे उनके एक दूं टाइट और रस भरे. मॅन कर रहा था अभी अपने हाथ मे लेकर इनका दूध निचोड़ लू. उनके गोल गोल बूब्स और उन पर वो ब्राउन कलर के निपल देख कर मे पागल सा हो गया.

अब मुझसे रहा नही गया. मैने चाची की बड़ी बड़ी चुचियो को अपने हाथ मे ले लिया और धीरे धीरे दबाने लगा. उनके बूब्स बहुत टाइट थे.

मैने एक चुचि को अपने मूह मे लिया और चूसने लगा. मैने बिना देर किए अपना हाथ उनकी पनटी मे डाल दिया. और जब मेरा हाथ उनकी छूट के पास गया तो उनकी छूट एक भट्टी की तरह ताप रही थी.

कुछ देर बाद मुझे महसून हुआ की चाची के निपल अब कुछ खड़े हो गये है. और उनके बूब्स भी कुछ बड़े लग रहे थे.

पर मई रुका नही और चाची की चुचियो का रस्स पीने लगा. करीब 1 घंटे बाद मैने अपना हाथ चाची की पनटी से निकाला और ब्रा और टशहिर्त को वापस ठीक करके सो गया.

अगले दिन जब सूभ उठा तो चाची स्विम्मिंग पूल मे थी. तो मैं भी पीछे की तरफ चला गया फिर मैने और चाची ने खूब मस्ती की.

अब दीदी भी उठ चुकी थी फिर हम तीनो बीच पर घूमने गये. चाची और दीदी आज कुछ ज़्यादा ही ओपन थी. वो एक दूसरे की बिकिनी खिच कर एक दूसरे को रेत पर घसीट रहे थे और मई उन्हे देख रहा था.

तभी चाची ने मेरा कॉस्ट्यूम पकड़ा और मुझे भी घसीटने लगी. अब वो दोनो ऐसा कर रही थी तो मैने भी अब उन दोनो की बिकिनी पकड़ी और उन दोनो को घसीटने लगा.

जब भी मई उनकी बिकिनी खिचता तो उन दोनो की चुचिया बाहर निकालने को हो जाती. कुछ 2 अवर्स बाद हम वापस आ गये. वाहा जाते ही चाची ने अपनी रेत से भारी बिकिनी पूलसाइड पे उतार फेकि और पानी मे कूद गयी.

यह सब देख कर मैं वाहा से अंदर आ गया. तभी दीदी भी अपनी गांद हिलती हिलती आ गयी और कहने लगी – तू पागल है क्या जो इतना शरमाता है? मज़े लूट ऐसी खुले विचारो वाली चाची तुझे कभी नही मिलेगी. जो तुझे इतनी आज़ादी दे रही है. अगर तेरी जगह मैं होती तो कपड़े खोल कर कूद जाती.

फिर मई रूम मे चला गया और कुछ देर बाहर रूम की खिड़की से पीछे की तरफ देखा. तो चाची और दीदी पूल मे मस्ती कर रही थी और दोनो एक दूसरे से चिपकी हुई थी.

अब मुझे पूरा समझ आ गया था की ये इन दोनो का प्लान है और ये दोनो शामिल है. तभी दीदी पूरे टाइम रूम मे ही रहती थी. अब शाम होने वाली थी, मैं टीवी देख रहा था.

तो दोस्तो कैसी लगी मेरी कहानी मुझे कॉमेंट करके ज़रूर बताए या मुझे मैं कर सकते है. और इस कहानी का अगला पार्ट चाहिए तो कॉमेंट करके ज़रूर बताए. अगर कोई लड़की या भाभी या औरत मुझसे चूड़ना चाहती है तो मुझे मैल कर सकती है.

थॅंक्स फ्रेंड्स. ओर भी जवान भाभी लड़किया ओर आंटी को हॉट बाते करना ही तो आप मैल करे [email protected] आप की सारी डीटेल्स एक दम सीक्रेट रहेंगी उससे आप लोग बेफ़िक्र रहे.

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