चाची का हॉट अफेर पड़ोसी के साथ

सलवार ज़मीन पे गिरी चाची उठाने लगी तो उसपे पैर दे के खड़े हो गये.

अंकल बोले आज कुछ नही सुनना चाहता हू मई.

यह कहते चाचा के शोल्डर से कमीज़ नीचे करने लगे. और गले को चूमने चाटने लगी और कमीज़ भी उतार दी अंदर से. तो और मज़े दार बात थी.

चाची ने रेड कलर की मॅचिंग ब्रा पनटी पहनी हुई थी जो नेट की थी. डूबे तो पागल हो गया. किस करते हुए गांद और बूब्स को मसल रहा था. वो चाची को देख रहा था और घुमा दिया फिर पीछे से किस करने लगे.

चाची का गोरा स्लिम पेट मसल रहे थे पीछे से अपना खड़ा लंड चुबा रहे थे गांद मे. चाची तो मदहोश हो चुकी थी यह सब से. फिर चाची के नाबी मे उंगली करने लगे और किस कर्रे थे.

किस को रोका और कहा ई लोवे उ सोफ़िया मेरी जान. तोड़ा डोर किया और अपनी पंत उतार दिए. चाची बोली लाइट बंद करदो तो अंकल ने वैसे ही किया. और नाइट लॅंप लगा दिया, उसकी रोशनी मे चाची का बदन ऐसे चमकारा था जैसे चाँद हो.

उसपे रेड ब्रा पनटी क़यामत लगरी थी. डूबे जी ने चाची को ऐसे उठाया के चाची के दोनो पैर उनके कमर मे और हाथ दोनो डूबे जी के गले मे उठा के बेड मे पटक दिया.

चाची का मंगलसूत्रा गले मे चामाल रहा था. डूबे उन्हे डेक्ते डेक्ते अंडरवेर उतार दिए और फेका एक कोने मे. चाची डेक्ते ही रह गयी, उन्होने पहली बार इतना मोटा और लंबा लंड देखा था जो लोहे की तरह सकत डीकरा था.

वो चाची को डेक्ते हुए पूछे पसंद आया तुम्हे सोफ़िया? चाची ने दूसरे तरफ देखा शरमाते हुए. डूबे जी का फोर प्ले फिर शुरू हुआ. यह सब मे चाची की ब्रा के हुक खोल दिया और निकल के ज़मीन पे गिरा दिया.

चाची हाथ से छुपा रही थी अपने बूब्स. डूबे जी ने देर ना करते हुए पंत भी निकल दी और चाची के सिर के पास रख दिया. दोनो किस करने लगे एक दूसरे को. चाची गरम हो चुकी थी. दोनो एक आचे कपल लग्रे थे नंगे और बॉडी भी दोनो के अची थी.

चाची का फिगर तो ऐसे लग्रा था मोहन डूबे जैसे शाकस के लिए ही बना हो. दोनो हवस की आग मे जल रहे थे. डूबे तोड़ा नीचे होके गले को चूमते चाटते हुए नीचे आए और बूब्स को मूह मे लेके चूसने लगे.

चाची सिसकिया लेने लगी आ आह उम्म आह.. उन्हे और जोश आया और वैसे ही करते रह. दूसरा बूब्स मसालने लगे दबाने लगे. उनके हाथो के निशान गोरे बूब्स पे बनने लगे और रेड हो गये थे बूब्स. उस सब से एक एक कर के बूब्स चूस रहे थे और दबा रहे थे होते होते नीचे आए. और नाभि चाटने लगे पूरे पेट पे चाटने लगे सहलाए.

और कहा एक दिन यह तुम्हारा स्लिम पेट फूला दूँगा अपने बचे से. चाची हसी और वो फिर अपना काम करने लगे. नीचे होते हुए छूट के पास आके देकने लगे. कहा इसे तुम्हारे पति ने कुछ किया है के नही? छूट को सहलाया और उंगली डालने लगे और चाची के दाने को भी मसालने लगे.

चाची बहोट गरम हो गयी थी और छूट भी गिल्ली हो चुकी थी. डूबे ने छूट पे चूमा और कहा आज से यह मेरी हुई. और दोनो पैरो के बीच मे आके अपना लंड छूट पे मारा. उनका लंड बहोट बड़ा था. और अपने लंड को पकड़ के छूट पे मारा.

अब चाची को मज़ा आ रहा था यह सब से. तोड़ा छूट पे मसले और डेक्ते ही डेक्ते अंदर दल दिया. चाची ने अपने मूह पे हाथ रहक के चीलाई दर्द के मारे.

डूबे को मज़ा आने लगा इतनी टाइट छूट बहोट दीनो बाद मिली थी. धीरे धीरे छोड़ने लगे चाची को. चाची आ आह आ आ एयेए करने लगी. और कहने लगी तोड़ा रुक जाओ दर्द हो रहा है.

अंकल बोले थोड़ी देर सहन करो सोफी डार्लिंग. फिर झुक के प्यार से छोड़ने लगे. चाची सिसकिया लेने लगी. 5 मीं ऐसे ही छोड़ने के बाद डूबे जी उठे थोड़ी स्पीड बड़ा दी. चाची धीरे धीरे छीलाने लगी और बोल रही थी आराम से करो.. और आ आ आ एयेए.. कार्री थी.

डूबे जी ज़ोर से छोड़ने लगे ठप ठप ठप की आवाज़ पूरे रूम मे आरी थी. चाची का गोरा बदन उस लाइट मे चमक रहा था. डूबे जी बूब्स को पकड़ के ज़ोर ज़ोर से छोड़े जारे थे चाची सिकी लेरी थी एयेए एयेए आ मोहन प्ल्ज़ धीरे..

वो वैसी ही छोडरे थे चाची उनको सीढ़ीी लेते हुए बोल रही थी. मोहन प्लीज़ धीरे ई लोवे योउ एयेए आ उम्म उम्म आ आ कार्री थी. डूबे अंकल कहा रुकने वेल थे.

फिर उन्होने एक पैर शोल्डर पे रख के छोड़ने लगे. कुछ देर ऐसे की छोड़ने के बाद फिर मिशनरी पोस्सीओं मे छोड़ने लगे. इश्स बार स्पीड बढ़ा दी थी और मज़े से छोड़ रहे थे. चाची का दो बार ऑर्गॅज़म हो चुका था.

चाची बोली प्लीज़ रुक जाओ. फिर स्पीड से छोड़ते हुए चाची पे लेट के धीरे धीरे छोड़ने लगे. उन्होने अंदर ही अपना वीर्या शूट किया था वैसे ही चाची पे लाते गये. चाची भी रिलॅक्स हुई फिर चाची को झटका लगा और बोली अंदर क्यू छोड़िए अपने? अब कुछ नही होना चाहिए.

अंकल रिलॅक्स हो चुके थे और एक मीं बाद चाची सहते और साइड मे लाते गये. चाची भी तक चुकी थी लेते रहे. दोनो की साँसे तेज़ चालरी थी रिलॅक्स होने के बाद चाची बातरूम जाने लगी. जाते हुए ब्लंकेट लेके जाने लगी और बातरूम के बाहर रख दी. फिर आके देखा डूबे जी लेते थे और आते हुए चाची को देखा और कहा बहोट सेक्सी हो तुम मेरी दूसरी बीवी बन जाओ. तुम्हारे नाम सब कर दूँगा.

चाची बोली अब आप जाए साहिल उठा जाएँगा. अंकल उठे और कहा तुमने कहा था वो सुबह 11 बजे उठता है रोज़. तो आज यही रुकने वाला हू उसके उठने के पहले चले जौंगा टेन्षन मत लो तुम. आओ मेरे पास.

चाची ब्लंकेट लपेट के उनके पास गयी तो डूबे जी ने ब्लंकेट खिच कर साइड मे रख दिया. और बोले ऐसे ही लेते रहो मेरे साथ. दोनो कडलिंग करने लगे बाते कर्रे थे मज़ा आया के नही. पर यह सब कब तक चलेंगा एट्सेटरा.

फिर बातो बातो मे फिर गरम हुए दूसरे रौंद के लिए. चाची को माना रहे थे. दोनो के चेहरे सामने सामने थे. डूबे जी का हाथ चाची के गांद पे था. उन्होने ज़ोर से एक तपद मारा चाची की गांद पर तो चाची स्ष किया. और उन्हे देकने लगी बोली ऐसा ना करे. तो उन्होने फिर से किया तो स्ष श किया.

चाची उनको देखने लगी और बोली आप मेरी नही सुनते हो मोहन जी. अंकल ने खा सुनता हू आयेज भी सब मानूँगा तुम्हारी बात. तुम बस ऐसे ही चिपक के रहो मेरे से. बोलते हुए किस करने लगे दोनो, अंकल गांद को सहलाने लगे और मसालने लगे.

देखते देखते अंकल चाची पे आए और बूब्स चूसने लगे. दूसरा रौंद शुरू करने वेल थे. चाची को करवट लिटा दिया और वो उनके पीछे गये और एक पैर उठा के छूट पे अपना हतियार डालने लगे.

चाची ने सिफ़ही लेते हुए अंदर ले लिए. डूबे जी धीरे धीरे शुरू हुए छोड़ना. एक हाथ से पेट को पकड़ा दूसरे से तंग पकड़ के आचे से छोड़ने लगे. ऐसे ही छोड़ने लगे 10 मीं तक फिर चाची को उल्टा लेता दिया और छोड़ने लगे ज़ोर से. चाची छीलाने लगी आ आ मोहन जी एयेए धीरे लोवे योउ शोना..

आ आ उम्म्म एयेए मोहन धीरे प्ल्ज़ ई लोवे योउ ना.. अंकल उन्हे छोड़ने लगे ऐसे ही कुछ देर छोड़ने के बाद. फिर सिडा लेता दिया और मिशनरी मे छोड़ने लगे. ज़ोर ज़ोर से छोड़ने लगे. चाची की छूट मे अपने लंड की जगा बना दी थी उन्होने.

चाची भी सीधी लेते लेते साथ दे रही थी. आधे घंटे तक ऐसे ही ज़ोर दार चुदाई हुई. रात 2:30 बाजरे थे. अंकल ने इश्स बार भी अंदर शूट किया था अपना पानी चाची के उपर लेते रहे. कुछ देर बाद साइड मे लेते तो चाची के छूट से सब सफेद पानी बाहर आरा था. बिस्तेर खराब होगया था. दोनो बार पानी बेड पे ही गिरा था.

चाची बोली आप ने पूरी बेडशीट खराब कर दी कल धोना पड़ेंगा इसे. फिर एक रौंद हुआ 4 बजे और दोनो कडलिंग करते हुए सो गये नंगे ही एक ब्लंकेट मे.

सुबह मई जल्दी उठ गया था. और वो जल्दी नही उठने वेल थे तो देखा अंदर से रूम बंद नही था. शायद मस्ती मे अंकल भूल गये होंगे. मई बिना आवाज़ किए अंदर देखा तो दोनो एक पतली से ब्लंकेट मे सो रहे है घेरी नींद मे. चाची के कपड़े ब्रा नीचे बेड के पास थे.

अंकल के उस तरफ से ब्लंकेट से चाची का एक पैर पूरा बाहर था जंगो तक. मई समझ गया दोनो नंगे है. अंकल का हाथ चाची के पेट पे था और दोनो एक दूसरे से चिपक के सो रहे थे. मैने देखा सुबह 9 बजे रे है.

फिर मैने डोर को उसी पोज़िशन्स मे छोढ़ दिया जैसे पहले था शक नही आने के लिए. मई अपने रूम मे आके फ्रेश होने लगा.

कुछ देर बाद अंकल के जाने की आवाज़ आई तो देखा वो जेया रहे थे. जल्दी जल्दी मे चाची ने अपनी मॅक्सी पहन के हॉल मे आई और डोर लगा दिया. मई बाहर आया तो दर के पूछा कब उठे तुम साहिल?

मैने कहा अभी जस्ट आप लाते उठती आज? उन्होने का कल काम बहोट था तो आराम से सोई थी. फिर वो अंदर चली गयी नहाने के लिए और बहोट खुश लग रही थी. फिर हुँने नाश्ता किया.

आयेज की स्टोरी अगले पार्ट मे.

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