बस में मिली तमिलियन आंटी के साथ सेक्स

बस में मिली तमिलियन आंटी के साथ सेक्स ही फ्रेंड्स मेरा नाम विवेक(ऑब्वियस्ली चेंज्ड) है. और मैं मुंबई में रहता हु. ये स्टोरी मेरी अपनी लाइफ की है. स्टोरी बड़ी है तो पार्ट्स में टाइप करूँगा. मेरी उम्र २९ साल है.

इसका नाम मैंने “आप बीती क्यों रखा है ये आपको कुछ पार्ट्स के बाद पता चलेगा. बात ७ साल पहले की है. मैं तब एक साल से चेन्नई में रह रहा था और एक ब्रेक उप से गुज़र रहा था. तब वर्जिन भी था मैं क्युकी रिलेशन लॉन्ग डिस्टेंस था तो बस हिलता ही रह गया.

मुझे मेरे दोस्त बार बार बोलते थे के रंडी चोदने  चलते हैं आसानी होगी मूव ों करने में. पर मेरा दिल नै करता था किसी ऐसी को चोदने  का जो खुद मेरे से नै छोड़ना चाहती है. तो पैसे के लिए किसी को चोदने  का सवाल ही नै बनता था. पर मैं मेरा भी करना लगा था अब किसी को चोदने  का.

अब मैं आते जाते ऑलमोस्ट हर लड़की और औरत को चोदने  की निगाह से देखने लगा था. और रैंडम औरतों को फॅन्टसीज़े कर के हिलने भी लगा था.

एक दिन मैं किसी काम से ब्रॉडवे से थरमनी जा रहा था बस में जिसमे कुछ डेढ़ घंटा लग जाता है ट्रैवेलिंग में. बस में काफी भीड़ थी और गर्मी और उमस भी बोहोत थी. मैं पिछले वाले गेट पर खड़ा था और बस के चलने का वेट कर रहा था. तभी बस में आगे वाले गेट से एक तमिलियन आंटी चढ़ी. मुझे आज तक याद है जब मैंने उसे पहली बार देखा था.

उसकी स्किन बोहोत डार्क थी और फिगर तो ऐसा के मेरा देखते ही खड़ा हो गया. मेरा मैं उसे चोदने  का करने लगा. बस चलनी शुरू हुई और ठंडी हवा मु पे लगते ही मैं उसे फॅन्टसीज़े करने लगा.

मेरा लुंड अब तड़प रहा था उसे छू लेने को. मैं जैसे तैसे कर के अब आगे की तरफ जाने लगा उस भीड़ भरी बस में. १० मं की म्हणत के बाद मैं उसके पास पोहोच गया और खड़ा हो गया चुप चाप. और फिर मैंने उसे ठीक से देखा तब.

क्या कमाल लग रही थी वो. काळा घने बाल मोगरे का गजरा उसके बालों से लिपट के साडी बस को महका रहा था काली बड़ी आंखें जिनेम काजल लगा हुआ था रसीले लबालब होंठ. और बस के अंदर गर्मी की वजह से पसीना बह कर उअके होठों के बीच में फास गया था. जिस वजह से उसके होठ और भी ज़ादा रसीले लग रहे थे.

देखते ही दिला हुआ पे पकड़ के चूस लू उसके होठ और सारा रास पि जाऊ. उसके पसीने से टर्र गले को तो चाटने का इतना मैं कर रहा था मेरा के क्या बताऊ. फिर नज़र निहचे गयी तो बूब्स को देखता ही रह गया. कितने बड़े थे उसके ब्लाउज को फाड़ जाने में लगे थे. बस उसकी टाइट ब्रा ने रोका हुआ था. ब्लाउज में दोनों बगल के नीचे से पसीना बह रहा था और कमर तक धार बंधी हुई थी.

कमर भी पूरी तरह से पसीने से भीगी हुई थी. एक एक बूँद चाट के पि जाने को दिल कर रहा था. और लुंड तो उसे देखने के बाद से बस सलामी दिए ही जा रहा है.

थोड़ी देर में बस कंडक्टर के आने से हस्काल हुई और मैं फैट से मौका देख के उअके ठीक पीछे खड़ा हो गया. पीछे से भी उसकी कमर पूरी भीगी हुई थी और पसीना अब श्री में जा रहा था. उसकी गाण्डी की शेप और साइज देख कर तो मनो मेरे होश ही उड़ गए. अब तो मेरे सर पर उसको चोदने  का जूनून सा सवार हो गया था.

मैं भीड़ का फ़ायदा उठा के पहले ही उसके बोहोत करीब खड़ा था और अब झटकों का फ़ायदा उठा कर उस से बार बार टकरा भी रहा था. थोड़ी देर में बस में भीड़ और बढ़ गयी. और मौके का फिडा उठा के मैं उस से सात के खड़ा हो गया था.

पर मुझे उसे से कास के भरना था अपनी बाँहों में और ऊपर से नीचे तक चेतना था. मैं बीच बीच में साइड से उसे कमर के निचे पकड़ भी रहा था अब हल्का हल्का झटके लगने पर.

पीछे से उसका ब्लाउज बोहोत डीप था पास्सेने से भीग चूका था पूरी तरह से. और उसकी पीठ से पसीना बह रहा अभी भी लगातार. मैं मारा जा रहा था उसे चाट लेने को.

तभी अचानक से एक ज़ोर का झटका आया और मैंने पूरी तरह से उसके ऊपर गिरने लगा. मैंने मौका देखा कर उसकी गीली कमर को कास के पकड़ कर उस से लिपट गया. और प्रोसेस में मैंने उसकी पीठ को पूरी जीभ निकाल के ब्लाउज के कर से लेके गले तक फरक से छत गया.

क्या स्वाद था उसके जिस्म का. मेरा लुंड और तेज़ तन गया और मैंने उसे उसके गांड के क्रैक में कास कर ठोस दिया. और मेरे हाथ उसकी गीली कमर पर ऐसे फिसले के मेरा राइट हैंड सीधा उसकी नवल में गया.

कितना बड़ा था उसका नवल और पसीने भरा हुआ था. मेरा हाथ लगते ही पसीना उसकी नवल से छाप से उदा और मेरा पूरा हाथ भीग गया उसके नवल जूस से. एक सब इतना फ़ास्ट हुआ के समजह ही नै किसी को कुछ.

पर मैंने ठरक में उसकी नवल के ऊपर अपने राइट हैंड को ३-४ बार रब किया और फाटक से मिडिल कास फिंगर अंदर दाल कर हिला दिया और फिर तुरंत सीधा काढ़े होक उसे सॉरी बोलने लगा.

उसने मेरी तरफ देख कर बस एक स्माइल दी. मैं फिर अपने राइट हैंड को स्मेल करने लगा क्या मस्त सुगंध थी. अपने आप मैं अपना हाथ चाटने लगा. और फिर मैं अपनी मिडिल फिंगर चूसने लगा क्या शवद था उसके रास का. वो शायद कुछ बोलने के लिए पलटी और मुझे अपनी ऊँगली से उसके नवल कास रास चूसते हुए देख लिया और तुरंत वापस पलट गयी.

मैंने डर के हाथ निचे कर लिया. और आस पास देखने लगा के कोई देख तो नै रहा है पर सब बिजी थे ड्राइवर पे चिल्लाने में. फिर मैं थोड़ा शांत हुआ और फिर से उस से चिपक के खड़े होने के लिए सलौली सलौली हिलने लगा. उसने फिर से पलट के देखा तो इस बार अच्छी सी स्माइल दी.

फिर वो हुआ जिसका अरमान मेरे दिल में जाने कब से था. उसके गांड पीछे कर के मेरे लुंड से खुद सत्ता दी. मैंने भी आगे की तरफ undefined किया हल्का सा थोड़ी देर में और उसने भी धक्के से आगे जाने की जगह गांड पीछे धकेल दी.

ये देख कर मेरे ठरकी दिमाग का ठिकाना नै रहा. मैंने और कास के लुंड उसकी गांड के क्रैक पे सदी के ऊपर से ही ठूस दिया. उसने भी गांड ज़ोर से मेरे लुंड पे चढ़ा दी.

मैंने फिर कमर पर उसके हाथ रखा और रगड़ कर पूरी कमर का पसीना हाथ पे ले के पि गया झट से. वो पलट गयी और अपने बड़े बड़े बूब्स मेरी छाती से चिपका के कड़ी हूँ गयी. फिर मेरे कान के पास अपने होठ ला कर बोली “नेक्स्ट स्टॉप पे उतर जा”.

ये कह कर वो गेट की तरफ जाने लगी. मैं भी उसके पीछे चल दिया. और फुल कॉन्फिडेंस में चल रहा था जैसे वो कोई अनजान औरत नै बल्कि मेरी रिश्तेदार है.

नेक्स्ट स्टॉप पे उतर कर वो एक पतली गली की तरफ जाने लगी मैं भी लग लिया उसके पीछे. फिर सूना स्पॉट देख कर कोने में रुक गयी. मैं उसके सामने जेक खड़ा हो गया. हम दोनों पसीने से भीगे हुए थे. दोपहर के डेढ़ बजे होंगे शायद. उसने मेरी तरफ देखा और स्माइल करते हुए बोलना शुरू किया.

इसके आगे की कहानी नेक्स्ट पार्ट में. वैसे तो ये मेरी लाइफ की रियल स्टोरी है तो रिव्यु से फरक नहीं पड़ता है पर फिर भी किसी को इंटरेस्ट हो अगर बात करने में तो मेरी मेल ईद है [email protected] कब तक अकेले पछताओगे जाओ किसी से जेक प्यास बुझाओ खूब सेक्स करो नहीं तो जवानी निकल गयी फिर क्या.

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