बुआ के जिस्म का दीवाना लड़का

आप सभी लंड और छूटो को मेरा प्यार भरा नमस्कार. लड़के अपने हाथ को अपने लंड पर और लड़कियाँ अपने हाथ को अपनी छूट पर रख लीजिए. क्यूंकी आज आपको कामदेव की ये कहानी पढ़ कर चरमसुख का अनोखा ज्ञान होने वाला है.

मेरा नाम कामदेव है, और मैं 24 साल का हू. मेरे घर पर मम्मी, पापा और मैं हम तीनो ही रहते है. मेरी एक बेहन है, जो पढ़ाई के लिए लंडन गयी हुई है. मेरी एक प्यारी सी बुआ है, जो मुझसे बहुत प्यार करती है. तो अब समय को बर्बाद ना करते हुए कहानी पढ़ते है.

ये बात उन दीनो की है, जब मैं अपनी बेहन को ऐर्पोट ड्रॉप करके घर वापस आ रहा था. तभी अचानक से रास्ते में मुझे मम्मी का कॉल आता है. मैं कॉल पिक करता हू.

मैं: हा मम्मी बोलिए.

मम्मी: सुन, घर पर आने से पहले एक बार बुआ के घर होते आओ. उनको कुछ काम है. उनका कॉल आया था.

मैं: ठीक है मम्मी.

अब मैं वाहा से सीधा बुआ के घर की तरफ चल पड़ा, और 10-15 मिनिट में पहुँच गया. मैने जाते ही डोरबेल बजाई, और बुआ ने गाते खोला. बुआ मुझसे देख कर बहुत खुश हो गयी, और बोली.

बुआ: आओ-आओ कामदेव, अंदर आओ बेटा!

अब मैं अंदर चला गया, और जेया कर सोफे पर बैठ गया.

मैं: बुआ! मम्मी का फोन आया था. वो कह रहे थे आपको कुछ काम है.

बुआ: हा मुझे एक फंक्षन में जाना है. तो तू मेरे को ड्रॉप कर डियो.

मैं: हा ठीक है बुआ.

अब बुआ नहाने चली गयी, और मैं सोफे पर बैठा फोन चला रहा था. फोन चलते-चलते मुझे पता नही क्या हुआ, मेरी आँख लग गयी. कुछ देर बाद मुझे अपने फेस पर पानी की बूंदे फील हुई.

मैने जैसे ही आँख खोली, मैं एक-दूं शॉक हो गया. क्यूंकी मैने देखा बुआ टवल से अपने बाल पोंछ रही थी, और पीछे से एक-दूं नंगी थी. उन्हे पता नही लगा मैं उठ चुका था, और मैने उन्हे ऐसे देख लिया था, क्यूंकी उनका चेहरा दूसरी तरफ था.

फिर वो एक-दूं से मुड़ने लगी. तभी मैने सोने की आक्टिंग करी. फिर बुआ अपने रूम में चली गयी, और 2 मिनिट बाद बुआ की आवाज़ आई-

बुआ: कामदेव एक बार इधर आना बेटा.

मैं: आया बुआ.

अब मैं उनके रूम में चला गया, और देखा बुआ ने सूट डाला हुआ था. उनके बाल खुले हुए थे, और उन्होने पैरों में टवल बाँधा हुआ था. उनकी टांगे बहुत ही गोरी थी, बिल्कुल एक-दूं चिकनी.

बुआ: कामदेव एक बार वाहा से मेरी लेगिंग उतार देना बेटा. मेरा हाथ नही जेया रहा.

मैं: हंजी.

अब मैने जैसे ही लेगिंग उतरी, उसके साथ एक पनटी भी आ गयी. वो पनटी बुआ की थी. अब मेरे हाथ में पनटी थी, और लेगैंग्स भी. बुआ मेरे हाथ में अपनी पनटी देख शर्मा गयी. मैने बुआ को लेगिंग दी, और पनटी वापस से उपर रखने लगा.

लेकिन वो पनटी पता नही कैसे मेरे हाथ से छ्छूट गयी, और मेरे उपर पर आ कर गिरी. जैसे ही वो मेरे उपर गिरी, मुझे उसमे से बहुत अची खुश्बू आने लगी. मैने धीरे से उस पर अपनी जीभ लगाई. इतने में बुआ बोली-

बुआ: देख कर कामदेव!

मैं: सॉरी बुआ, पता नि कैसे वो गिर गयी.

बुआ: अर्रे वो तो बस एक पनटी है. तुम अभी गिर जाते तो?

बुआ के मूह से पनटी सुन कर तोड़ा अजीब सा लगा. लेकिन मैने ज़्यादा ध्यान नही दिया, और रूम से बाहर आ गया. क्यूंकी रूम में बुआ को रेडी होना था. मैं बाहर आ गया लेकिन मुझे वो बुआ की गांद और पनटी का टेस्ट बार-बार आ रहा था.

मैने सोचा एक बार कीहोल से बुआ को देख लेता हू, किसी को क्या ही पता लगेगा. मैने रूम में देखा तो मैं एक-दूं शॉक रह गया. बुआ नीचे से बिल्कुल नंगी थी, और उनका हाथ छूट पर था.

बुआ: आ आह आह ऑश! निकल जेया ना जल्दी से. उईईईई ह.

बुआ बहुत ज़ोर-ज़ोर से अपनी छूट को सहला रही थी. मैं ये देख कर पागल सा हो गया, और अपना लंड निकाल कर मूठ मारने लगा. फिर मूठ मार कर मैने अपना माल वही गाते के पास ही छ्चोढ़ दिया, और बाहर सोफे पर आ कर बैठ गया.

10 मिनिट बाद बुआ रेडी हो कर आई. बुआ क्या पीस लग रही थी, एक-दूं माल. वो मेरे पास आ कर बोली-

बुआ: चले कामदेव?

मैं: हा बुआ.

अब मैं बाहर आया, और बिके ओं करी, और बुआ भी घर का टाला लगा कर मेरी बिके पर बैठ गयी. मैने बिके चलाई, और बुआ को ड्रॉप करके अपने घर पर आ गया. घर पर आते ही सबसे पहले अपने रूम में आया, और रूम का गाते लॉक किया.

मैं (अपने आप से ): बुआ! क्या छूट थी आपकी और आपकी. अब तक मेरे कानो में गूँज रही है. जी करता है आपकी टांगे चाट जौ.

अब मैने अपने फोन पर देसी कहानी वेबसाइट ओपन करी, और स्टोरीस पढ़ने लगा. जैसे ही मेरा लंड तंन कर खड़ा हो गया, मैं मूठ मारने लगा. मूठ मारते हुए मैं बीच में बुआ को भी याद कर रहा था. मूठ मारने के बाद मैने अपने हाथ धोए, और रूम से बाहर आया. बाहर आने के बाद-

मम्मी: हो आया बुआ के घर?

मैं: हा.

मम्मी: ठीक है. वैसे क्या काम था बुआ को?

मैं: कुछ ख़ास नही, उनको फंक्षन में जाना था, तो ड्रॉप करने के लिए बुलाया था मेरे को

मम्मी: ठीक है, खाना डाल डू तेरा?

मैं: हा डाल दो.

अब मैने और मम्मी ने खाना खाया, और मैं खाना खा कर घर से बाहर गया सिगरेट पीने के लिए. क्यूंकी खाना खाने के बाद सिगरेट पीने का अलग ही मज़ा आता है. घर आते हुए पापा का कॉल आया.

5 मिनिट पापा से बात करी. क्यूंकी पापा आउट ऑफ थे सिटी गये हुए थे कुछ पर्सनल काम से. बात करने के बाद मैं घर पर आ गया. घर पर आते ही मम्मी मुझसे बोली-

मम्मी: तेरी बुआ का कॉल आया है. उन्हे एक बार घर ड्रॉप करना है.

मैं मॅन ही मॅन खुश हो गया की बुआ जैसी माल को फिरसे मिलने को मिलेगा.

मैं: ठीक है.

अब मैं जैसे ही जाने लगा, मम्मी मुझसे बोली-

मम्मी: अगर तेरी बुआ रात को रुकने के लिए बोले ना, तो.

अब अगले पार्ट में पता चलेगा की मैं बुआ के घर रुकता हू या नही. क्यूंकी यहा मम्मी भी अकेली थी, और अगर बुआ के घर रुकता हू, तो क्या-क्या देखने को मिलेगा वाहा.

मैने आज 1स्ट्रीट टाइम ये कहानी लिखी है. तो प्लीज़ मुझे फीडबॅक दे. और ग़लती हो तो मुझे रिप्लाइ करके बताए.

थॅंक्स

कामदेव

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