भोंडू बने बेटे, और हवस भारी मा की कहानी

हेलो रीडर्स, मेरा नाम ध्रुव है, और मेरी आगे 20 यियर्ज़ है, और मैं कॉलेज में हू. आज मैं आपको अपनी मम्मी की स्टोरी बताने जेया रहा हू, की कैसे मेरी मम्मी को चुदाई का बहुत शौंक था, और इस वजह से वो किसी से भी चूड़ने के लिए रेडी हो जाती थी.

पहले मैं आपको अपने घर के बारे में बता डू.

मेरी मम्मी का नाम मधु है. उनकी आगे अभी 43 है, लेकिन लगती 35 तक की ही है, और फिगर का बतौ तो बहुत सेक्सी फिगर है. 36″ के बूब्स है उनके, 30″ की कमर है, और 36″ की गांद है.

मम्मी के बूब्स और गांद दोनो बिल्कुल टाइट है. मम्मी एक दूं फिट है. मैने हज़ारो बार देखा है की मम्मी को देख के बहुत लोगों की नीयत खराब हो जाती है.

पापा का नाम विजय है. उनकी आगे 51 है. पापा का ग्रोसरी स्टोर है, जो हमारे घर से सिर्फ़ 5 मिनिट की दूरी पे ही है. पापा मम्मी से 8 साल बड़े है.

ये स्टोरी तब की है, जब मैं 19 यियर्ज़ का था. मैं तब नया-नया कॉलेज में आया था. मुझे पढ़ने का बिल्कुल भी इंटेरेस्ट नही था, और घर में पैसे आचे थे तो मैं जान-बूझ कर भोंडू सा बन के रहता था. ताकि मम्मी पापा मुझे पढ़ाई या और किसी काम के लिए ना बोले. लेकिन मुझे समझ सारी थी

मुझे मम्मी बहुत अची लगती थी. मेरा बार-बार मम्मी को टच करने का मॅन करता था.

मैने ध्यान देना शुरू किया था, की मम्मी कभी भी ब्रा और पनटी नही पहनती थी, क्यूंकी मम्मी के निपल्स बिल्कुल सॉफ नज़र आते थे, और मम्मी जब गाउन पहनती थी तो गाउन कभी-कभी मम्मी की गांद में फ़ससा होता था. और मैने कभी मम्मी की पनटी लाइन भी नही देखी थी.

मैं मम्मी के जिस्म के बारे में सोच कर बहुत मूठ मारता था. हम लोग देल्ही में रहते है. एक दिन जब मैं 3 बजे कॉलेज से अपने घर पहुँचा, तो मैने अपना बाग सोफे पे रखा, और किचन में पानी पीने चला गया.

वैसे तो जब भी मैं घर आता हू, तो मम्मी मेरे पास आ जाती है. लेकिन आज मम्मी नही आई थी. तो मैने मम्मी को ढूँढना शुरू किया, और पापा भी दुकान से कभी-कभी खाना खाने आ जाते है.

हमारा घर 3 भक है, और 3 स्टोरी का है. मैं मम्मी को उनके बेडरूम में चेक करने गया. जब मैने वाहा का सीन देख के मज़ा ही आ गया था. मम्मी और पापा दोनो नंगे थे, और पापा मम्मी को बेड पे लिटा के छोड़ रहे थे. चूड़ते हुए मम्मी के बूब्स उछाल रहे थे.ये देख कर ही मेरा लंड खड़ा हो गया था.

मैं भी मम्मी और पापा की चुदाई एंजाय कर रहा था. फिर मैने सोचा क्यूँ ना दोनो को डिस्टर्ब किया जाए, तो मैं फिर बाहर सोफे के पास गया, और मम्मी को आवाज़ देने लगा.

मैने 2-3 बार मम्मी को आवाज़ दी, और मम्मी जल्दी से बाहर आई. मम्मी ने पिंक कलर का गाउन पहन रखा था, जो उनके घुटनो से तोड़ा उपर था. मम्मी के तनने हुए निपल्स मुझे सॉफ नज़र आ रहे थे, और उपर से मम्मी अंदर से आते हुए अपने बाल बाँध रही थी. इस वजह से मम्मी के बूब्स और मस्त लग रहे थे.

मे: मम्मी क्या कर रहे थे आप? मैं कितनी देर से आपको बुला रहा था.

मम्मी: बेटा मैं वॉशरूम में थी.

मे: अछा. बहुत भूख लगी है. जल्दी से कुछ खाने को दे दो.

मम्मी: जेया तू जाके जल्दी से चेंज करके आ.

मैं अपने रूम में जाके चेंज करके आया, और फिर मैने, मम्मी, और पापा ने खाना खाया. और फिर पापा दुकान पर चले गये. फिर मम्मी अपने रूम में चली गयी, और मैं टीवी देखने लगा.

जब से मम्मी को चूड़ते हुए देख था, मेरा तो कही और मॅन ही नही लग रहा था.

मैने सोचा क्यूँ ना मम्मी को देख के अओ. तो मैं मम्मी के रूम की तरफ गया, और बाहर विंडो से देखा तो मम्मी अपना गाउन उतार कर अपनी टांगे खोल के छूट में उंगली कर रही थी.

मम्मी की छूट मैने पहली बार देखी थी. बिल्कुल पिंक छूट थी क्लीन शेव्ड. मेरे तो मूह में पानी आ गया था. मैने सोचा क्यूँ ना मम्मी को फिरसे डिस्टर्ब करू. तो मैं थोड़ी आवाज़ करते हुए अंदर जाने लगा.

गाते लॉक नही था तो मैने गाते खोला, और अंदर गया तो देखा मम्मी ने वाइट चादर ओढ़ रखी थी. मम्मी एक-दूं से हिली थी की मैने पूच लिया-

मे: क्या हुआ मम्मी, एक-दूं हिल क्यूँ गयी?

मम्मी: कुछ नही. क्या हुआ, टीवी नही देख रहा तू आज?

मे: नही मम्मी, मुझे नींद आ रही है.

मम्मी का गाउन नीचे ज़मीन पे गिरा हुआ था. लेकिन मैने कुछ नही कहा. फिर मैं भी बेड पे लेट गया, और सोने का नाटक करने लगा. मम्मी को बिल्कुल भी दर्र या फिकर नही थी, क्यूंकी मम्मी के लिए मैं बिल्कुल भोला और नादान था.

मम्मी को यकीन था की अगर मैं उनको नंगा भी देख लेता, तो मम्मी बात को कवर कर लेती मुझे चूतिया बना के. मेरा लंड फुल टाइट हो गया था, क्यूंकी मम्मी मेरे साथ बिल्कुल नंगी लेती हुई थी. थोड़ी देर मैं वैसे ही मूड के लेता रहा, और फिर मैने मम्मी की हल्की-हल्की आ आ एयेए की आवाज़ सुनी.

इससे आप देख ही सकते हो की मेरी मम्मी कितनी हॉर्नी है, की बेटा साथ में सोया है, और मम्मी नंगी अपनी छूट मसल रही थी. मम्मी वैसे ही 10-12 मिनिट लगी रही, और फिर मम्मी की आहह आआ की आवाज़े आनी बंद हो गयी थी. मैं समझ गया था, की मम्मी झाड़ गयी थी.

फिर मम्मी उठी, और बातरूम में चली गयी और बाहर आके मम्मी ने अपना गाउन पहना और मेरे साथ आ कर लेट गयी. फिर मैं और मम्मी दोनो सो गये थे. शाम को मैं 5 बजे उठा. मैने देखा मम्मी रूम में नही थी.

मैं बाहर गया तो मम्मी टीवी देख रही थी. मैं भी मम्मी के साथ जेया कर बैठ गया, और टीवी देखने लगा. मम्मी सोफे पे पीछे होके टेक लगा के बैठी हुई थी, जिससे मम्मी का गाउन अप्पर थाइस (जाँघ) तक हो रखा था. क्या सेक्सी और गोरी थाइस थी मम्मी की, मज़ा आ गया था.

मम्मी ने नेत्फलिक्ष पे कोई रोमॅंटिक सी मोविए लगा रखी थी. जब उसमे एक सेक्सी सीन आया, तो मैने गन्दू दिखने के लिए अपनी आँखों पे हाथ रख लिया. ये देख कर मम्मी बहुत हस्सी और मम्मी बोली-

मम्मी: अर्रे मेरा क्यूट बेटा.

और मुझे गले लगा लिया.

मुझे मम्मी के बूब्स फील हो रहे थे. फिर मम्मी ने मुझे अपनी गोदी में लिटा लिया, और मेरे सर पे हाथ फेरती हुई सीरीस देखने लगी. मेरे गाल और साइड से होंठ मम्मी की नंगी जांघों पे थे. मेरा लंड फुल कड़क हो गया था. मैं बहुत देर वैसे लेता रहा, और एंजाय करता रहा. फिर मम्मी को उतना था, तो मम्मी ने मुझे उठाया.

मम्मी: हट्तो बेटा, मैं डिन्नर बना लू.

फिर मम्मी उठ कर किचन में चली गयी, और 9:30 पीयेम पापा भी आ गये थे. हमने डिन्नर किया और फिर सोने के लिए जाने लगे. मैं भी मम्मी पापा के साथ ही चला गया, और दोनो के बीच में लेट गया.

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