भाभी को प्रपोज़ कर के चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम विनोद है. मेरी उम्र 23 साल है और में दिल्ली का रहने वाला हूँ. आज में आप लोगों को जो स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ, वो 1 साल पहले की है. हमारे पड़ोस में हमारे मुँह बोले भैया रहते थे, वो पहले चंडीगढ़ में ही रहते थे, लेकिन शादी होने के बाद वो दिल्ली आ गये थे, क्योंकि उनकी जॉब दिल्ली में ही लग गयी थी. फिर जब वो पहली बार हमारे यहाँ आए तो उनके साथ उनकी वाईफ भी थी.

अब में तो उनकी वाईफ को देखते ही उनकी तरफ आकर्षित होने लगा था. में उनको भाभी बोलता था, उनका नाम मोहिनी था. अब में आपको उनका फिगर बताता हूँ भाभी लगभग मेरी हाईट की ही थी (5 फुट 8 इंच) रंग बहुत ही गोरा था, लिप्स पिंक कलर के थे इसलिए वो लिपस्टिक कम ही यूज़ करती थी, उनके बूब्स का साईज इतना था कि एक हाथ में आते ही नहीं थे, भाभी का भरा हुआ बदन था. में जब भी उनको देख लेता था तो मुठ मारनी जरूरी हो जाती थी. अब में रोज-रोज मुठ मारकर थक चुका था. हम दोनों बहुत ही फ्रेंक थे और बहुत बातें करते थे.

फिर एक दिन भाभी ने मुझसे कहा कि कल रात उसको एक सपना आया. तो तब मैंने पूछा कि क्या? तो वो बोली कि सपने में मैंने भाभी को प्रपोज़ किया. यह सुनकर में सोचने लगा कि लगता है भाभी भी मेरी तरफ आकर्षित हो रही है, तभी तो ऐसी बातें कर रही है.

तब में भी पूछ बैठा तो भाभी आपने क्या बोला? तो तब भाभी बोली कि भैया से पूछकर बताऊंगी. में यह सुनकर ज़ोर-ज़ोर से हँसने लगा. तो तब भाभी ने पूछा कि क्यों हंस रहे हो? तो में बोला कि क्या भाभी? भैया क्या बोलेंगे कि जाकर कर लो? फिर में सीरीयस हो गया और भाभी से बोला कि अगर में सच में आपको प्रपोज करूँ तो आप क्या बोलोगी? तो तब भाभी तपाक से बोली कि में हाँ कर दूँगी, बस अब मेरी तो मुराद पूरी हो गयी थी. फिर मैंने झट से भाभी का हाथ पकड़कर उसे चूम लिया. तब भाभी ने बोला कि नहीं ये सही वक़्त नहीं है, जब भी मौका मिलेगा तो में तुझे बता दूँगी.

अब में उस मौके का बेसब्री से इंतज़ार करने लगा था और फिर एक दिन वो दिन भी आ गया. मेरे घर में कोई नहीं था, मेरी फेमिली वाले सारे एक शादी में गये हुए थे. फिर मैंने भाभी को इशारा किया तो वो बोली कि उसके घर में भी कोई नहीं है. फिर वो चुपके से मेरे घर के अंदर आ गयी.

तब मैंने पूछा कि किसी ने देखा तो नहीं? तो तब भाभी ने इनकार में अपना सिर हिला दिया. फिर मैंने दरवाजा अंदर से लॉक कर दिया और आकर भाभी के सीने से चिपक गया और ताबड़तोड़ किस की बौछार कर डाली. फिर जैसे ही मैंने भाभी की कमीज को उतारना चाहा तो भाभी ने मेरे हाथ को पकड़ लिया और बोली कि केवल किस ही करो, बाकि का काम नहीं करने दूँगी.

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लेकिन अब में तो मोहिनी को चोदना चाहता था. फिर मैंने चूत देने को कहा, तो उसने इनकार कर दिया. अब में नाराज हो गया था और उससे जाने को कहा, लेकिन वो वही बैठ गयी और टी.वी ऑन कर दिया. फिर मैंने अपना अंडरवेयर और टावल उठाया और बाथरूम में चला गया. फिर बाथरूम में जाने के बाद मैंने अपने कपड़े उतारे और अपनी वासना को ठंडा करने के लिए अपना लंड बाहर निकालकर मुठ मारने लगा था.

अब मेरे लंड में तनाव तो पहले से ही था. अब मुठ मारने की जल्दबाज़ी में में कुण्डी लगाना भूल गया था. तभी मोहिनी (अब में भाभी को मोहिनी ही बोलूँगा) ने धीरे से दरवाजा खोला और मुझे देखते हुए बोली कि मुझसे तुम्हारी ये हालत नहीं देखी जा रही है और फिर वो अंदर आ गयी और मेरा लंड पकड़कर सहलाने लगी थी. फिर मैंने भी उसकी कमीज़ को उतार फेंका. अब हम दोनो बाथरूम में ही थे. अब वो मेरे लंड को सहला रही थी और में उसके होंठो को चूस रहा था.

फिर मैंने उसके होंठो को चूसते हुए उसकी ब्रा के हुक कब खोल दिए? उसको पता ही नहीं चला था. फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा. अब उसके बूब्स को चूसने से वो सिसकारियाँ भरने लगी थी. फिर मैंने धीरे-धीरे नीचे आकर उसके पजामें का नाड़ा भी खोल दिया. अब उसका पजामा घुटनों से नीचे आ गया था. अब वो मेरे सामने केवल ब्लेक कलर की पेंटी में ही थी. अब में पूरा नंगा हो चुका था.

मैंने उसका मुँह झुकाकर मेरे लंड के पास ले जाना चाहा. तो मोहिनी ने मेरा लंड चूसने से मना कर दिया और कहने लगी कि में लंड नहीं चूसती. तब मैंने कहा कि ठीक है, जब चूत मिल रही है तो यही सही. फिर मैंने मोहिनी की पेंटी भी उतार दी. अब उसकी लाल चूत देखकर में पागल हो गया था, मेरा लंड 8 इंच लंबा था. अब वो डरने लगी थी कि कैसे में इस लंड को अपनी चूत के अंदर लूँगी? फिर मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

फिर जैसे-जैसे में अपनी जीभ को मोहिनी की चूत के अंदर बाहर करता तो वो आवाज़ें निकालने लगती आहह और में मोहिनी की चूत चाटता रहा. अब उसकी चूत में से सफेद रंग का पानी निकलने लगा था. फिर वो बोली कि विनोद प्लीज अब और मत तरसाओ, प्लीज जल्दी से डालो अपना लंड मेरी चूत के अंदर. अब में भी मदहोश हो रहा था. फिर मैंने मोहिनी को वहीं गीले फर्श पर लेटाया और उसकी एक टाँग को पकड़कर फैला दिया, उसकी चूत का छेद काफ़ी छोटा था. फिर जैसे ही मैंने अपना 8 इंच का लंड उसकी चूत पर रखा तो वो मदहोश हो गयी और अपनी गांड उचका-उचकाकर बोली कि जल्दी डालो.

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मैंने हल्का सा एक धक्का लगाया तो वो चीख पड़ी आह माँ प्लीज बाहर निकालो अपने लंड को. तो मैंने उसकी चीख सुनकर अपना लंड बाहर निकाल लिया. फिर मैंने साबुन लिया और अपने लंड पर लगाया और उसकी चूत पर भी लगाया. अब में दुबारा से तैयार था. फिर अब की बार मैंने धीरे-धीरे अपने लंड को उसकी चूत के अंदर डाला तो एक झटके में मेरा 3 इंच लंड अंदर चला गया. तब मोहिनी फिर से चीखी.

फिर मैंने एक जोरदार झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ उसकी चूत के अंदर घुस गया. अब वो दर्द के मारे तड़पने लगी थी और चिल्लाने लगी थी आह माँ में मर गयी, इसने तो मेरी हाइईईई चूत ही फाड़ दी. फिर मैंने उसके बूब्स दबाने शुरू कर दिए, तो तब जाकर वो शांत हुई. फिर में धक्के मारने लगा. अब हमारा शरीर गीला होने के कारण छप-छप की आवाज़ें आने लगी थी और फिर में धक्के मारता रहा.

अब मोहिनी का भी दर्द कुछ कम हो गया था और अब वो भी अपनी गांड उचका- उचकाकर मेरा साथ देने लगी थी. अब धक्के मारते-मारते में अपने शिखर पर आ चुका था, लेकिन मोहिनी इस बीच 3 बार झड़ चुकी थी. अब मेरा निकलने वाला था तो तब में मोहिनी से बोला कि में झड़ने वाला हूँ. तब मोहिनी बोली कि कोई बात नहीं अंदर ही झाड़ दो. फिर धक्के-धक्के मारते-मारते ही में उसकी चूत के अंदर ही झड़ गया और फिर मेरे झड़ने के बाद ही मोहिनी भी थोड़ी देर उचकने के बाद ही झड़ गयी. फिर हम दोनों झड़ने के बाद भी 15 मिनट तक एक दूसरे से चिपके रहे और फिर इसके बाद हमने 3 बार और चुदाई की और फिर एक साथ ही नहाए. फिर उस दिन के बाद तो ये सब लगातार हो गया और फिर हम दोनों को जब कभी भी कोई मौका मिला तो हमने खूब चुदाई की और खूब मजा किया.

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