भाभी के साथ चुदाई का मस्त खेल

bhabhi sex chudaiहैल्लो दोस्तों, यह मेरी आज की कहानी एक सच्ची घटना है जो मेरे साथ उस समय घटी जब में अपने पड़ोस में रहने वाली हॉट सेक्सी मोनिका भाभी के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए जाता था और में हमेशा उसकी मस्त जवानी को देखकर ही मन ही मन बहुत खुश होकर उसकी तरफ अपनी ललचाई नजरों से देखा करता था, क्योंकि उसका वो गोरा कामुक गदराया हुआ बदन हमेशा मुझे अपनी तरफ आकर्षित करता और में पागलों की तरह हर बार जब भी उसको देखता तो मदहोश होकर उसकी तरफ खिंचा चला जाता और मैंने उसके पास ट्यूशन पढ़ने का मन भी उसको बिल्कुल पास से देखने की बात को सोचकर बनाया था। दोस्तों मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि और ना ही इस घटना के बाद विश्वास हुआ कि वो खुद ही एक दिन आगे बढ़कर मुझे अपनी चूत की चुदाई का न्योता देकर मुझे अपनी चूत का दीवाना बना देगी। वैसे तो मेरी गंदी नजर उस पर पहले से ही थी, लेकिन उस पहली चुदाई के बाद मुझे अपनी हॉट सेक्सी भाभी के मन की वो सभी बातें पता चली जो मुझे पहले पता नहीं थी और मैंने बहुत खुश होकर उनकी चुदाई के मज़े लिए और भाभी ने भी बहुत प्रसन्न होकर मुझे उस दिन के बाद पूरी तरह से अपना बना लिया और उन्होंने मुझे अपना सब कुछ दे दिया। दोस्तों जब वो जब भी नीचे झुककर मुझे कुछ बताती थी तो उसके वो बड़े आकार के बूब्स और उसकी बड़े गले की कमीज़ से बाहर झांकने लगते थे और उन्हें देखते ही मेरा मासूम सा लंड खड़ा होने पर मज़बूर हो जाता था और जब वो चलती थी तो उसकी मस्त गांड ऐसे हिलती थी कि मानो दोनों जहाँ हिल रहे हो। अब में उसकी वो सुंदरता को देखकर उसको पकड़कर चोदने का विचार हर एक पल मेरे मन में चलता रहता था। में मन ही मन में सोचता था कि इसका पति जब इसकी चुदाई करता होगा तब वो ज़न्नत की सैर करता होगा और उसको इसकी चूत को चोदने में कितना मज़ा आनंद मिलता होगा। यह बात सोचकर ही में बहुत प्रसन्न हो उठता। दोस्तों वैसे भाभी से मेरा बहुत अच्छा बोलचाल था और वो मेरी किसी भी बात का बुरा नहीं मानती थी। मैंने बहुत बार उनको मजाक में छू लिया करता, लेकिन वो मुझसे कुछ भी नहीं कहती और उनका मेरे लिए व्यहवार बहुत अच्छा था और वैसे वो बहुत ही हंसमुख स्वभाव की थी इसलिए मेरी उनसे बहुत अच्छी बनती थी और पढ़ाई के अलावा भी हमारे बीच में बातें हुआ करती थी।

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एक दिन में अपने ठीक समय से कुछ देर पहले मोनिका भाभी के घर गया और तब मैंने देखा कि भाभी और भैया किसी बात पर झगड़ा कर रहे थे। वो किस वजह से यह सब कर रहे थे में उसका कारण नहीं जान पाया और फिर कुछ देर बाद भैया जैसे ही घर से बाहर गये तो वैसे ही में भाभी के पास चला गया और अब मैंने देखा कि भाभी रो रही थी और उनकी आखों से आंसू बहकर बाहर आ रहे थे। दोस्तों मैंने अब वो सब देखकर आगे बढ़कर भाभी को चुप करवाना चाहा, लेकिन उससे पहले ही वो मुझसे लिपटकर रोने लगी। उनके मेरे बदन से चिपकने की वजह से मेरे रोम रोम में एक अजीब सी बिज़ली दौड़ने लगी। अब वो मुझसे क्या बोल रही थी मुझे नहीं पता, लेकिन उनका सर मेरे कंधे पर और उनके बूब्स मेरी छाती को छू रहे थे। अब मैंने थोड़ी सी हिम्मत करके अपना एक हाथ भाभी की नंगी पीठ पर रखते हुए उनसे कहा कि आप बिल्कुल भी चिंता मत करो, भाभी सब कुछ ठीक हो जाएगा और मेरी बातें सुनकर भाभी अब चुप हो गई और फिर वो उठकर गई और अपना मुहं धोकर आने के बाद अब उन्होंने मुझसे किताब खोलकर पढ़ने के लिए कहा, लेकिन में तो कहीं और ही खोया हुआ था और मेरा मन दूसरी बातों में था और जब वो मुझे कुछ समझाने लगी तो में भाभी के गोरे उभरे हुए बूब्स को अपनी चकित नजरो से निहार रहा था और उसी समय भाभी ने भी मुझे अपने बूब्स को घूरकर ताकते हुए देख भी लिया। फिर वो अब मुझसे कहने लगी कि क्यों तुम्हारा ध्यान कहाँ है? में भाभी के मुहं से वो बात सुनकर बिल्कुल चुप था, लेकिन भाभी शायद समझ गयी थी कि में क्या कर रहा हूँ और मेरा ध्यान कहाँ था और मेरे मन में क्या चला रहा था। फिर उस दिन भाभी ने कुछ देर बाद ही मुझसे कहा कि अब तुम घर चले जाओ और अपना पूरा मन लगाकर पढ़ो इधर उधर ज्यादा ध्यान मत दिया करो, लेकिन दोस्तों भाभी का वो पहला स्पर्श पाने के बाद अब मेरा पढ़ाई में मन लगाना बहुत ही मुश्किल था और अब तो मेरा ध्यान हमेशा ही भाभी की बड़ी आकार की गांड, उनके गोलमटोल गोरे गोरे बूब्स पर था। एक दिन जब में अपनी भाभी के घर पर पढ़ने गया तो मैंने देखा कि उस दिन भाभी ने हर दिन से ज्यादा गहरे गले की कमीज़ पहनी हुई थी और ज्यादा बड़ा गला होने की वजह से भाभी के बूब्स मुझे साफ साफ नजर आ रहे थे। में बहुत चकित था और जब वो मुझे समझा रही थी तब मेरा उनके बूब्स को देखकर लंड बार बार खड़ा हो रहा था और में अपने हाथ से उसको हर बार छुपाने की नाकाम कोशिश कर रहा था। तभी भाभी ने मुझसे पूछा कि तुम्हारा दूसरा हाथ कहाँ है? उसको वहां से हटाओ, लेकिन मैंने अपना हाथ उस जगह से नहीं हटाया। दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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