भाभी को गर्लफ्रेंड बना के चुदाई

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम सैम है और मैं आपके लिए अपनी नइ देसी भाभी की कहानी लाया हूं. यह कहानी तब शुरू होती है जब मैं कॉलेज में था, कॉलेज में मैं बहुत ही शांत रहता था दोस्त नहीं बनाता, अकेला रहता था.

मैं अपना टाइम एक्सरसाइज और कंप्यूटर बेस्ड पार्ट टाइम जॉब से काट लेता था.

पर मेरा कोई दोस्त नहीं था इसलिए मुझे बहुत अकेला फील होता था.

एक दिन कॉलेज की कैंटीन में मैं बैठा था तभी मेरे बगल में एक लड़की आकर बैठ गई और वह भी मुझे देख रही थी. मैंने उसे देखकर अपना मुंह दूसरी तरफ कर लिया, तो वह बोली क्या हुआ इतना क्यों शर्माते हो?

फिर मैंने बोला नहीं ऐसी बात नहीं है.

वह – तो फिर मुह उधर क्यों कर लिया?

मैं – बस ऐसे ही.. पर आज आप मेरे साथ क्यों बैठे हो? अपने फ्रेंड के साथ क्यों नहीं?

वह – आप नहीं मुझे श्रुति बोलो और तुम अकेले क्यों बैठे रहते हो? इसीलिए मैं तुम्हारे साथ बैठी.

ऐसे ही हमारी बातें चलती रही.

हम अच्छे दोस्त बन गए.

मेरी अब वह बेस्ट फ्रेंड बन चुकी थी.

उसको मैं हमेशा अपने साथ घुमाने ले जाया करता था, हम कॉलेज के बाद कई जगह घूमने जाते, मूवी देखने जाते.

वह कई बार मेरा हाथ पकड़ कर चलती, पर मैं माइंड नहीं करता, क्योंकि उसका बिहेवियर ही इतना फ्रेंडली था. उसको मेरे साथ देखकर कॉलेज के बहुत लड़के मुझ पर जलते थे क्योंकि वह बहुत ही ज्यादा क्यूट और ब्यूटीफुल थी.

एकदम गोरी और फिट बॉडी.

मैं उसको हमेशा मन ही मन चोदता था, और उसके साथ सुहागरात मनाने का इमेजिन करके मुट्ठ मारता था.

ऐसे ही चलते चलते कॉलेज खत्म हो गया, पर अब भी हम लोग मिला करते थे. मैं उसे प्यार करने लगा था, फिर मैंने अपने बर्थडे पर उसे प्रपोज करने का प्रोग्राम बनाया. मैंने उसके लिए एक डायमंड रिंग खरीदी.

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रात को मैं उसे अपनी कार से पिक अप किया, वह आज बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही थी और मैं भी हैंडसम लग रहा था. हम दोनों एक दूसरे को देखते रहे. फिर मैं उसका हाथ उठा कर किस किया तो उसे होश आया. और मैं उसे एक अच्छे से रेस्टोरेंट में ले गया. वहां हमने मेरा बर्थडे केक काटा और डिनर किया. फिर मैं उसे पार्क में ले गया.

मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि आज मैं अपने प्यार को प्रपोज करूंगा और उसे किस करूंगा.

फिर थोड़ी देर तक पार्क में टहलने के बाद मैं उसे एक कोने में ले गया, वह पूछ रही थी यहां क्यों लाए हो?

मैं अपने घुटनों के बल बैठ गया रिंग निकाली और उसको पहनाने लगा और उसने अपना हाथ हटा दिया. मैंने उसके हाथ को ध्यान से देखा तो उसने पहले से ही रिंग पहनी हुई थी.

मैंने पूछा यह किसकी रिंग है?

तो वह बोली मेरे फियान्स ने मुझे दी है.

मैं बोला मतलब?

मैं खड़ा हो गया और बोला तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया? मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं. आई लव यू श्रुति.. क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करती?

वह बोली देखो ऐसी बात नहीं है, मैं तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानती हूं और मैं तुमसे नहीं अपने फियान्स से प्यार करती हूं, मुझे गुस्सा आ गया. मैंने उसके हाथ को पकड़ लिया और बोलने लगा, श्रुति तुम मेरे साथ ऐसा मत करो. मैं तुमसे प्यार करता हूं, पर वह नहीं मानी और मुझे धक्का देकर खुद को छूड़ा कर चली गई.

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कई दिन बीत गए फिर मेरे एक दोस्त ने बताया उसकी शादी हो गई है, मैं बहुत दुखी हुआ.. ना उसने मुझे अपनी शादी पर इनवाइट किया ना कार्ड भेजा.

२ साल ऐसे ही बीत गए.

मैं दिल्ली में नौकरी करता था.

और वही एक फ्लैट में रहता था, एक दिन में सोया हुआ था तो मेरी नींद किसी आवाज से खुली तो मैंने बाहर देखा तो कुछ लोग मेरे सामने वाले फ्लैट में शिफ्ट हो रहे थे, मैंने बाहर देखा तो कुछ लोग मेरे सामने वाले फ्लैट में शिफ्ट हो रहे थे. हमारी बिल्डिंग में एक फ्लोर पर चार फ्लैट थे, जब मैंने ध्यान से देखा तो वह और कोई नहीं मेरी प्यारी श्रुति ही थी, लेकिन अब वह मेरी गर्लफ्रेंड नहीं भाभी बन चुकी थी. पर मैं फिर भी खुश था.

फिर मुझे याद आया कि आज मैंने मूवी की टिकट बुक कर रखी है, तो मैं मूवी देखने निकल गया, मैं श्रुति से मिल नहीं पाया, पूरी मूवी में मैं बहुत खुश था कि आज मैं श्रुति से मिलूंगा.

मैं कार चला रहा था फुल वॉल्यूम म्यूजिक करके बारिश का मौसम था तेज हवा और बारिश हो रही थी, मुझे मजा आ रहा था रोड बिल्कुल सुनसान थी. मैं गाड़ी फुल स्पीड में चला रहा था इसी बीच में गाने सुनते सुनते आंखें बंद कर लेता, मैंने आंख बंद कर दी थी तो जैसे ही खोली सामने पेड़ गिरा हुआ था, जिस से मेरी गाड़ी टकराई और एक्सीडेंट हो गया.

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