बेटी ने दिया बाप को सुख

तो जैसा की पिछले पार्ट मे आपने पढ़ा की मैने पापा को बोला की वो मुझे नंगी देख सकते है जब चाहे और अपने हाथो से छू सकते है. और मई बस अपने हाथो से उन्हे प्यार दे सकती जब वो चाहे. फिर अपना एक हाथ पापा की चेस्ट से हटा कर धीरे धीरे नीचे पापा के लोवर के उपर ले जाने लगी.

अब आयेज…

जब मैं पापा की चेस्ट से अपना एक हाथ उठा कर पापा के लोवर तक ले जा रही थी तब मेरे हाथ काफ़ी कांप रहा थे. और मैने अपनी आँखे बंद कर ली और पापा के शोल्डर के उपर अपना सर रख के लेते लेते ही अपना एक हाथ पापा के लोवर के उपर रख दिया.

(मैं यूयेसेस टाइम फील कर सकती थी की पापा की भी हालत बहुत खराब सी हुई पड़ी है ऐसी सिचुयेशन में. इसलिए पापा भी चुप छाप बिना कुछ बोले लेते रहे और पापा और मैं काफ़ी अनकंफर्टबल सा फील भी कर रहे थे और मुझे बहुत जयदा शरम आ रही थी)

मैने पापा के लोवर के उपर अपना हाथ रख दिया और हल्का हल्का अपना हाथ सहलाने लगी. मुझे हल्का सा पापा का लंड सोया हुआ फील होने लगा.

हल्का हल्का लोवर के उपर से सहलाने और हाथ फेरने के बाद मैने हिम्मत कर के पापा के लोवर और उंदर्वारे के अंदर अपना हाथ डाला.

मेरी और पापा की हेअरताबेअत यूयेसेस टाइम बहुत जयदा तेज हो गयी. ये सब करते हुए मैं तो अपनी आँखे तक भी नही खोल पा रही थी.

मैने जैसे ही अंदर हाथ डाला और मेरा हाथ सीधा पापा के सोए हुए लंड पर पड़ा. पहले मेरी हाथो की उंगलियाँ पापा के लंड पर टच हुई. फिर मैने आराम से अपना पूरा हाथ लंड पर रख दिया.

और जैसे ही मैने पापा के सोए हुए लंड को अपने हाथो में पूरा पकड़ने की कोशिश की. तो मैं एक दूं से दर गयी. और मेरा मूह एक दूं से खुला का खुला रह गया.

पापा का सोया हुआ लंड भी इतना मोटा और लंबा था की मैने जब लंड को पकड़ा तो मेरे हाथ में भी पूरा नही आ रहा था. लंड पकड़ने पर मेरे अंगउते और उंगलियो में काफ़ी जेप था. पापा के लंड को पकड़े थी मुझे उसकी मोटाई महसोस हुई.

मैं तो एक दूं से शोकेड हो गयी और मैं सोचने लगी की अभी तो सोया हुआ लंड इतना मोटा है जब खड़ा होगा तब क्या होगा.

फिर मैने पापा के लंड को अपने हाथो से आराम से सहलाना शुरू कर दिया. और आराम आराम से आयेज पीछे करने लगी. पापा के लंड का टोपा पहले से ही पूरा का पूरा खुला था.

मैं आचे से लंड को सहलाने लगी. अब पापा का लंड धीरे धीरे खड़ा होने लगा और पापा का उंदर्वारे बिल्कुल टीएट होने लगा. जिससे मैं अब लंड को आचे से आयेज पीछे नही कर पा रही थी.

फिर मैने पापा के लोवर और उंदर्वारे को अपने हाथ से नीचे करके लंड को बाहर निकालने की कोशिश करी तो पापा साँझ गये.

और पापा ने फिर अपने हाथो से अपना लोवर और उंदर्वारे नीचे कर दिया और पापा का नंगा लंड अब कपड़ो से आज़ाद हो गया.

अब मैने पापा के शोल्डर से अपना सर उठा कर पापा के उपर से उठ कर बेड पर बेत गयी. मैने अपनी आँखे तब भी बंद ही की हुई थी.

मेरा फेस पापा के फेस की तरफ था मतलब् मैं अपने पापा की और अपना फेस कर के बेती थी और अपना हाथ पीछे की और ले जा कर पापा के लंड को पकड़ा हुआ था.

मुझे बहुत ही अजीब फील हो रहा था. और मुझ में हिम्मत नही हो रही थी पापा की तरफ देखने या पापा के लंड को देखने की. इसलिए मैने अपनी आँखे बंद की हुई थी और छा कर भी मैं अपनी आँखे नही खोल पा रही थी.

पापा – तुमने अपनी आँखे क्यू बंद की हुई है नीलम बेटा.?

मैं – कुछ नही पापा.. बस मुझे शरम आ रही है.

फिर पापा कुछ नही बोले. मैं बस अपना हाथ पीछे कर के लंड को पकड़े हुई थी. अब पापा का लंड अपने उंदर्वारे से बाहर था. मैने पापा के लंड को आराम आराम से आयेज पीछे कर के हिलना शुरू किया.

मैं आचे से लंड को पूरा आयेज पीछे कर रही थी की फिर पापा का लंड अब एक दूं टीएट खड़ा हो गया. पूरा लंड खड़ा होने के बाद मुझे पापा का लंड काफ़ी मोटा और लंबा महसोस हो रहा था. मानो जैसे मैं किसी घोड़े के लंड को अपने हाथ में पकड़ के हिला रही हू.

एक बार तो मेरा भी मान करने लगा की इतने मोटे और लंबे लंड को देखु. लेकिन मुझे काफ़ी शरम सी आ रही थी.

फिर मैने पापा के लंड को तेज तेज हिलना शुरू कर दिया. जैसे ही मैने लंड को हिलने की स्पीड बड़ाई. पापा की हल्की हल्की सिसकियाँ निकालने लगी…

सस्स्स्सिईईईईईईईईई उुउऊहह आआहह

फिर पापा ने एक दूं से अपना हाथ मेरी कमर पर रख दिया. और फिर मेरे पायट और नाभि पर अपना हाथ फेरने लगे. और हल्की हल्की सिसकियाँ भरने लगे.

पापा आचे से मेरी गहरी नाभि के साथ अपने हाथो की उंगलियों के साथ खेल रहे थे. मैं भी आचे से पापा का लंड हिला कर मूठ मार रही थी.

फिर पापा ने एक दूं से अपना हाथ मेरी टॉप के उपर से मेरे बूब्स पर रख दिया. मैं बिल्कुल ही घबरा गयी और एक दूं से मैने अपनी आँखे खोली. पापा की तरफ देखा. पापा मुझे ही देख रहे थे. मैने फिर एक दूं से अपनी नज़ारे झुका ली.

पापा मेरे बूब्स पर टॉप के उपर से हाथ फेरने लगे और हल्का हल्का मेरे बूब्स को दबाने लगे. और मेरे नंगे पायट और गहरी नाभि पर अपना हाथ फेरने लगे. और मैं लंड को एक हाथ से हिला रही थी.

पापा – दोनो हाथो से पकडो प्लीज़ बेटा..

पापा ने मुझे लंड को दोनो हाथो से पकड़ कर हिलने को कहा. क्यूकी शायद इतने बड़े मोटे लंड को मेरा एक हाथ कम पढ़ रहा था.

लेकिन मैं अपना मूह आयेज की तरफ कर के बेती थी. और एक हाथ पीछे कर के बिना देखे लंड को हिला रही थी. दोनो हाथ से लंड पकड़ने के लिए मुझे लंड की तरफ मूह करना था.

मैने बड़ी हिमात करके शरमाते हुए आराम से अपनी नज़ारे पापा के लंड की तरफ घुमाई. मैने जैसे ही पापा का खड़ा लंड देखा तो मैं एक दूं से दर गयी और एक झट से मैने पापा के लंड से अपना हाथ हटाया और एक दूं से मैं बेड से खड़ी हो गयी. और पीछे की तरफ मूड गयी.

एक दूं से मेरे मूह से आवाज़ निकली….

मैं (एक दूं से डरते हुए हेरनी में) – ऑश पपाााआ…. ये क्या है.?

पापा का लंड सच में घोड़े के जैसा मोटा और लंबा लंड था. जैसे पॉर्न मोविए में किसी काले लंबे हबशियो का होता है.

मेरे पापा एक दूं तकड़े पहलवान की तरह काफ़ी लंबे छोड़े शरीर के हैं. लेकिन मुझे उमीद नही थी उनका लंड भी एक दूं बिल्कुल हबशियो जैसा होगा.

पापा का लंड एक दूं काले रंग का मोटा तकड़ा लंबा लंड था. ऐसा लंड मैने कभी सपने में भी नही सोचा था. मैं काफ़ी हेरान हो गयी.

पापा – घबराव मत बेटा इट्स ओके….

फिर पापा उठ कर बेड पर बेते और मुझे मेरी कमर से पकड़ कर अपनी तरफ खिछा और अपनी तरफ घुमाया. मेरी आँखे फिर से बंद हो गयी.

पापा – (मुझे रेलेक्ष करते हुए) इट्स ओके इट्स ओके बेटा. डॉन’त वरी…

फिर पापा ने मेरा हाथ पकड़ा और मेरा हाथ अपने लंड पर ले जा कर मुझे पकड़ा दिया. और अपने हाथो से मेरा हाथ पकड़ कर अपने लंड को आयेज पीछे करवाने लगे.

पापा – इट्स ओके घबरयो मत बेटा. डॉन’त वरी. अपनी आँखे खोलो.. कुछ भी नही है. इट्स ओके, जस्ट रेलेक्ष.

फिर मैने धीरे से अपनी आँखे खोली. और पापा का लंड अब मेरे हाथ में मेरी आँखों के सामने था.

मैं – पप्प्पााा पाप्प्प्प्प्प्पााअ

पापा – कुछ नही है कुछ नही है रेलेक्ष इट्स ओके. कुछ भी तो नही है सब नॉर्मल है.

पापा मुझे कनफोर्मब करने लगे. और सिचुयेशन को रेलेक्ष करने लगे.

मैं – (हल्का घबराते हुए) हमम्म पापा…

फिर मैं कभी अपनी आँखे झुका लेती तो कभी एक दूं त्रिची नज़र से पापा के लंड को देखती. और धीरे धीरे फिर मैं पापा के लंड को देखने लगी. और लंड को पकड़ के हिलने लगी.

फिर पापा दीवार से टेक लगा कर बेड पर बेते और अपनी दोनो टाँगे खोल दी. अब पापा का लंड पूरा का पूरा मेरी आँखो के आयेज था. और पापा के लंड की बॉल्स काफ़ी मोटी मोटी लटक रही थी. पापा का लंड बिना हेर्स के पूरा शेव्ड क्लीन था.

मैने अब धीरे धीरे दूसरे हाथ से भी लंड को पकड़ लिया. अब मैं बेड के सामने खड़ी हो कर अपने दोनो हाथो को लंड पर घुआँने लगी और आयेज पीछे करने लगी.

मैं अपने दोनो हाथो को लंड पर घूमते हुए आयेज पीछे करके लंड की मूठ मरने लगी. जैसे की लंड की मालिश कर रही हू.

पापा को काफ़ी जयदा मज़ा आने लगा. पापा की आँखे बंद हो गयी. और पापा सिसकियाँ भरने लगे…

आआअहह सस्स्स्सिईईईईई नीलम बेटा.. उउउफफफफफफफफफफ्फ़

मैने लंड को एक दूं टीएट पकड़ लिया और अब ज़ोर ज़ोर से तेज तेज लंड को कस कर आयेज पीछे करने लगी. मैने अपनी स्पीड बड़ा दी. पापा के लंड की मोटी चमड़ी पापा के लंड के टोपे के उपर नीचे होने लगी.

पापा भी पागल हुए जा रहे थे. उन्होने अपने श्रीर को पूरा ढीला छोढ़ दिया था. और अपनी दोनो टाँगे पूरी खोल दी और अपनी कमर को उठा कर लंड को और उपर कर दिया. पापा बिल्कुल मज़े में तेज तेज सिक्सकिय्ाआंन्न लेने लगे.

ओह आआआआआआ करूऊ नईएलाअम बेतत्टाआआ आआआहह

और मैं पापा की सिसकियाँ सुन के जोश में आ गयी. मैं तो बस मूठ मरते हुए लंड को ही देखी जा रही रही. मेरा मूह खुला का खुला रहा और आँखे पूरी खुली बस पापा के काले लंड को ही घुरे जा रही थी. मेरे भी बूब्स के निपल्स टीएट हो गये.

छा कर भी मेरी नज़ारे लंड से नही हट रही थी. मैं तो मानो लंड के साइज़ और मोटेपान को निहारने और देखने में ही खो गयी थी.

मैं ज़ोर ज़ोर से लंड को हिलने आयेज पीछे करने लगी. पापा के लंड से हल्का हल्का सा पानी निकालने लगा. और लंड पूरा गीला हो गया और गीला होने पर मेरे हाथो से फिसल फिसल कर तेज़ी से आयेज पीछे हो रहा था.

पूरा गीला लंड और जयदा टीएट हो गया और पापा की सिसकियाँ भी और तेज हो गयी. मैं साँझ गयी की पापा का लंड अब बस झड़ने वाला है.

मैं खड़ी हो कर आचे से पूरा का पूरा लंड को ज़ोर ज़ोर से आयेज पीछे करने लगी. और एक दूं से पापा का लंड झाड़ गया और ज़ोर ज़ोर से लंड के काफ़ी वाइट और गाड़े माल की धरे बाहर निकालने लगी.

पापा का माल निकलते हुए उन्हे इतना जयदा मज़ा आने लगा. जैसे पापा की जान ही निकल जाएगी

पापा – ओह आआहह बएटााअ नईएल्ल्लाआमम्म्म उुउऊहह

पापा के लंड को झाड़ते देख और इतने गाड़े और इतने सारे माल की मोटी धरे तेज़ी से निकलते देख….

मैं – ऊऊऊ पाअप्प्प्पााअ

मैं लंड को ज़ोर ज़ोर से हिलती गयी और पापा के लंड के माल की मोटी दार ज़ोर ज़ोर से उपर की और निकालने लगी और और पापा का लंड माल निकालते हुए अंदर से ज़ोर ज़ोर से झटके मरने लगा. और मेरे हाथ पापा के माल से भर गये.

मेरा पायट पापा के लंड के बिल्कुल पास था. पापा के लंड का माल इतना गाड़ा और इतना सारा निकाला. की उसकी मोटी पिचकारी 1-2 बार उछाल कर मेरे पायट और नाभि पर भी जा गिरी. और पापा का लंड पूरा झाड़ गया.

और ऐसे ही मैने पापा के लंड को दोनो हाथो से ज़ोर ज़ोर से मूठ मार कर पापा का लंड आचे से झाड़ दिया.

पापा – (मज़े में रहट की सांस लेते हुए) आआहह थॅंकआइयू सो मच बेटा… ई लोवे योउ.

मैं – ( हल्की स्माइल करते हुए) लोवे योउ टू पापा..

जब पापा का लंड झाड़ कर शांत हो गया. तब भी पापा का लंड काले मोटे साँप की तरह बिल्कुल लंबा लटका हुआ था. फिर मैने वॉशरूम में जा कर अपने हाथ और अपनी नाभि और पायट से माल को सॉफ किया और अपनी टॉप नीचे कर दी. और पापा ने भी अपना बेड से माल सॉफ कर के अपना उंदर्वारे लोवर पहना.

मैने फिर रूम की कुण्डी को खोल दिया और डोर को ऐसे बस हल्का सा खोल दिया.

फिर पापा ने मुझे अपने पास बुलाया. और पापा और मैने एक टीएट हग किया. फिर मैने पापा का एक हाथ अपने हाथ पर रखा.

मैं – अब तो आप खुश हो पापा. अब आप जल्दी से ठीक हो जाओ मैं आपकी बहुत जयदा केर करूँगी अब हमेशा. और ऐसे ही आपको प्यार करूँगी और आपको खुश रखूँगी.

पापा – हॅम नीलम बेटा…

पापा बहुत खुश थे उनके चेहरे और आँखो में मैं वो खुशी सॉफ देख सकती थी. और मैं भी पापा को खुश देख कर बहुत जया खुश हुई.

फिर पापा और मैने थोड़ी देर बाते करी और फिर से नॉर्मली हसी मज़ाक मस्ती करने लगे. मैं पापा को और पापा मुझे बाते कर कर के हसने लगे.

पापा को मैने कुछ फ्रूट खिलाया और दवाई दी और पापा को थोड़ी देर सोने को कहा. फिर पापा भी लेट गये और रेस्ट करने लगे और मैं भी अब टेन्षन फ्री हो कर काफ़ी खुश थी. मैं भी आराम से फिर थोड़ी देर लेट गयी.

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