बेटे और मां के करीब आने की हॉट कहानी

हाय दोस्तों, यह मेरे जीवन की अवस्मरणीय घटना है। मेरा नाम ध्रुव कपूर है। मेरी उम्र 19 वर्ष है और मैं इस साल कॉलेज फर्स्ट ईयर में हूं। मेरे परिवार में, मैं और मेरी मम्मी अर्चना कपूर रहते हैं। पापा का 1 साल पहले दुघर्टना में देहान्त हो चुका है। मेरी मम्मी की उम्र 42 वर्ष है।

अगर मम्मी के फिगर की बात करूं तो ब्रेस्ट 38″, कमर 34″, हाईट 5’6″ है, और हां हिप की बात करू तो 40″ के गोल मटोल है। हम एक अच्छी फैमिली से है और मम्मी मॉडर्न विचारों की है।

शहर में दो मकान है, बड़े मकान में 3 कमरे है जो किराए पर दे रखे है, और छोटे मकान में 2 बेडरूम,1 गेस्ट रूम, किचन, लेट बाथ है, जिसमें हम रहते है। पापा सरकारी अफसर थे, तो पेंशन और किराया मिलाकर 50 हजार रुपए आ जाता हैं, और सेविंग्स भी काफी है। तो मम्मी को जॉब की जरूरत नहीं है। परंतु पापा के बाद मम्मी थोड़ी उदास रहने लगी थी।

इस साल मेरे भी एग्जाम है तो मुझे भी डबल टेंशन थी, परंतु मेरे एग्जाम की वजह से मम्मी मुझ पर ध्यान देने लगी, और मैं भी मम्मी को खुश रखने की कोशिश करने लगा।

धीरे-धीरे वक्त बीतता गया। सितंबर में बरसात की समाप्ति और उमस का मौसम था, तो मैंने मम्मी को वाटर पार्क के लिए बोला तो मम्मी ने हां बोल दिया।

छुट्टी के दिन हम मॉर्निंग में 10 बजे वाटर पार्क के लिए निकल पड़े। वहा थोड़ी भीड़ थी आदमी, औरतें, बच्चे सभी थे।

मैं और मम्मी चेंजिंग रूम मैं चेंज करने के लिए गए। मैने हाफ पैंट पहन ली, और मम्मी ने पीली टीशर्ट और सफ़ेद कैप्री।

अब मैं और मम्मी पूल में उतर गए। ये पूल थोड़ा कम गहरा था और भीड ज्यादा थी। मां ने पानी में डुबकी लगाई, और जैसे ही ऊपर हुई तो मैं देखते ही रह गया। उनकी गीली टीशर्ट उनके बदन से चिपक गई, और पीली टीशर्ट में से मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स लाल ब्रा में कैद साफ दिख रहे थे। अचानक मम्मी ने मुझसे कहा-

मम्मी: क्या हुआ बेटा! ( शायद मम्मी ने मुझे उन्हें घूरते हुए देख लिया था).

मैं: कुछ नहीं मम्मी, वो पानी थोडा ठंडा लग रहा है।

मम्मी: अरे, एक बार डुबकी लगाएगा तो थोड़ा ठंडा लगेगा। बाद में नहीं लगेगा।

मैने पानी में डुबकी लगाई और मैं और मम्मी एन्जॉय करने लगे। मैंने आस-पास देखा कुछ औरतें और लड़कियां भी थी, और उनकी ब्रा भी दिख रही थी, परन्तु मम्मी के बूब्स शायद सबसे बड़े थे, इसलिए कुछ लोगों की नजरे हमारे ऊपर ही थी। लेकिन मैं और मम्मी बिना किसी परवाह के एन्जॉय कर रहे थे। 1 घंटे मजे करने के बाद मैंने मम्मी को वाटर स्लाइडिंग के लिए बोला, तो मम्मी ने भी हां बोल दिया, और हम पूल से बाहर आ गए।

पहले, जैसे ही मम्मी निकली, तो मेरी तो आंखे ही फटी रह गई। मम्मी की कैप्री जांघो से चिपक गई और बड़े-बड़े कुल्हों के ऊपर काली पैंटी जिस पर पीले धब्बे बने हुए साफ दिख रहे थी।

मैं चुप-चाप निकल‌ कर मम्मी के पीछे चल रहा था। मम्मी के कपड़े गीले होने के कारण उनके शरीर से चिपके हुए थे, और लाल ब्रा व येलो धब्बे वाली ब्लैक पैंटी में उनका बदन साफ दिख रहा था।

चलते वक्त मम्मी के दोनों कुल्हे मटक रहे थे। कुछ लोग मम्मी को घूर रहे थे, परंतु मम्मी बेफिकर होकर चल रही थी। अब मैं और मम्मी वाटर स्लाइडिंग का मजे ले रहे थे, और हमने और भी कई स्लाइडिंग का मजा लिया। पता ही नहीं चला कब 1 घंटा निकल गया।

फिर मम्मी ने मुझे बड़े और गहरे वाले स्विमिंग पूल मे चलने को बोला, तो मैंने कहा कि मुझे तैरना नहीं आता।‌

तो मम्मी बोली: टेंशन मत कर, मैं हूं ना। मुझे तैरना आता है।

फिर मैं और मम्मी बड़े स्विमिंग पूल में गए। वह थोड़ा बड़ा था। परंतु गहरा होने की वजह से भीड़ कम थी। लोग भी कम ही थे, 1–2 कपल थे। पानी साफ था और पानी के अंदर भी मम्मी की ब्रा पैंटी साफ दिख रही थी। लोग मम्मी को घूर रहे थे, जो स्वाभाविक था। क्योंकि मम्मी का सुडोल बदन साफ दिख रहा था। मम्मी मुझे तैरना सिखा रही थी, जिससे कभी-कभी मम्मी के बूब्स टीशर्ट में से ही मेरे टच कर रहे थे।

मुझे बड़ा अजीब लगा। धीरे-धीरे हम गहरे पानी में गए। थोड़ी दूर पर मेरा पैर फिसल गया, और मैं डूबने लगा। मम्मी ने डुबकी लगा कर मुझे पकड़ा, और मैंने मम्मी को गले में हाथ डाल कर पकड़ लिया, जिससे मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स मेरे सीने पर दबाव डालने लगे। इस घटना से मेरे लंड‌ में अजीब सी हलचल हुई। मम्मी मुझे पकड़ कर कम पानी मैं लाई, और अब मुझे वहीं तैरना सिखाने लगी।

1 घंटे बाद हम लोग दुबारा राइडिंग के लिए गए और खूब राइडिंग की। इतनी एक्टिविटी के बाद मैं थक गया, तो मैं मम्मी से बोला-

मैं: मम्मी अब चलते है, और मुझे भूख भी लगी है।

तो मम्मी ने बोला: 15 मिनट और।

मैंने बोला: ठीक है, आप करो, मैं यही बैठता हूं।

मैं मम्मी को राइडिंग करते हुए देख रहा था। मम्मी का ये रूप मैंने पहली बार देखा था। इतनी हॉट और सेक्सी लेडी मैंने सिर्फ मूवी में ही देखी थी। थोड़ी देर बाद मैंने देखा राइडिंग की वजह से नीचे से मम्मी की कैप्री थोड़ी फट गई, और मम्मी की येलो धब्बे वाली काली पैंटी दिखाई दी। मुझे बड़ा अजीब लगा कि अब क्या करूं, कोई देख लेगा तो अच्छा नहीं लगेगा। इसलिए मैं चुप-चाप मम्मी के पास गया और धीरे से बोला-

मैं: मम्मी आपकी कैप्री शायद फट गई है। मम्मी एक-दम से चौंक गई। उन्होंने नीचे देखा, और चुपचाप से पानी से निकल कर चेंजिंग रूम में चली गई। मैं भी चेंजिंग रूम में जाकर चेंज करके आ गया, और मम्मी भी शॉर्ट कुर्ता और लेगिंग पहन के बाहर आ गई ( इस ड्रेस मैं भी मम्मी हॉट लग रही थी )

फिर वो बोली: साॅरी बेटा।

मैं: कोई बात नहीं मम्मी, वो तो शुक्र है किसी ने देखा नहीं। लेकिन साॅरी मम्मी मैंने आपको इस अवस्था में देख लिया।

और मैंने सिर नीचे कर लिया।

मां: कोई बात नहीं बेटा, इसमें तेरी कोई गलती नहीं है। गलती मेरी ही है। मैंने पूरा ध्यान सिर्फ एंजॉय करने में लगा दिया। चलो भूख लगी है, कुछ खाते है।

फिर मैंने और मम्मी ने रेस्टोरेंट में खाना खाया, और घर आ गए।

आकर मैंने और मम्मी ने कपड़े चेंज किए। मम्मी ने मैक्सी पहन ली, और हम सो गए।

शाम को मैं और मम्मी 6 बजे जगे। मम्मी चाय बना कर लाई और हम दोनों चाय पीते हुए बातें करने लगे।

मम्मी: बेटा मजा आया आज।

मैं: हा मम्मी, बहुत मजा आया और थक भी बहुत गए। मम्मी, बुरा ना मानो तो एक बात बोलूं?

मम्मी: हां बोल।

मैं: मम्मी, आज आप बहुत सुंदर लग रही थी। सब आप ही को देख रहे थे, और गीले कपड़ों में आपके अंडरगार्मेंट्स भी दिख रहे थे।

मम्मी (चहरे पर हल्की इस्माइल लाते हुए): अच्छा तो तूने मुझे बताया नहीं।

मैं: बताने से भी क्या फायदा, आप और दूसरे कपड़े लेकर भी तो नहीं गई थी ना।

मम्मी: हम्म्म, और तू भी…( कह कर मम्मी चुप हो गई)

शाम को खाना खाकर हम सो गएl अगले दिन सुबह मैं कॉलेज चला गया। कॉलेज से वापस आया तो मम्मी ने और मैंने खाना खाया। मम्मी ने उस वक्त साड़ी पहन रखी थी।

मैं: मम्मी इतनी गर्मी मैं आप साड़ी क्यों पहनती हो? इसमें तो और गर्मी लगती होगी ना।

मम्मी: क्या करू बेटा, मेरे पास एक कैप्री थी वो फट गई, और वैसे भी तेरे पापा को साड़ी ज्यादा पसंद थी, तो मैंने ज्यादा कुछ खरीदा नहीं।

मैं: तो मम्मी अब तो पापा भी नहीं है। अब तो आप कुछ भी पहन सकती हो।

मम्मी: हम्म, चलो अगली बार बाजार चलेंगे, तब हम दोनो शॉपिंग करेंगे।

कुछ दिन बाद संडे आया तो मैंने बोला: चलो मम्मी आज शोपिंग करने चलते है।

मम्मी ने भी हां बोल दी, और हम शाम को मॉल में शॉपिंग करने चले गए। पहले तो मैंने लोअर-टीशर्ट ली। फिर मैं और मम्मी लेडिस गारमेंट्स शॉप पर गए। मम्मी ने अपने लिए एक ट्रिपल एक्स एल साइज का लोअर और एक कैप्री ली, और मम्मी ट्रायल रूम मैं चेक करने गई, और लोअर पहन कर मुझसे पूछ कैसा लग रहा है बेटा।

वैसे तो फिट था, फिर भी मैंने बोला: मम्मी ये थोड़ा बड़ा लग रहा है।

फिर मैंने मम्मी के लिए लाइट कलर की एक नंबर छोटा एक पायजामा और कैप्री पसंद की।

मम्मी ने अपने लिए 2 टीशर्ट ली, फिर मैंने देखा कि वहा लेडीज़ हाफ पेंट भी थी।

मैंने मम्मी से बोला’ मम्मी ये हाफ पैंट आप पर बहुत अच्छा लगेगा।

मम्मी: बेटा, मैंने कभी पहना नहीं, और कोई देखेगा तो अच्छा नहीं लगेगा।

मैं: मम्मी कोई और से क्या मतलब? घर पर मैं और आप ही तो है। आप घर के अंदर पहन लेना।

मेरी जिद पर मम्मी हाफ पेंट लेकर ट्रायल रूम मैं गई, और चेंज करके आई तो देखा वो पेंट मम्मी के घुटनों के ऊपर थी, जिसमें मम्मी की आधी गोरी-गोरी जांघें साफ दिखाई दे रही थी।

मम्मी को मैंने ओके कहा, और मम्मी वापिस चेंज करने लिए गई। तो मैंने तुरंत उसी साइज की, लेकिन हाइट में थोड़ी छोटी एक लाइट कलर की हाफ पेंट ले ली। मम्मी आई तो मम्मी ने उसे पैक करने को बोला, तो मैंने दूसरा वाला भी दे दिया।

मम्मी: बेटा एक ही रहने दे।

मैं: मम्मी ये एक मेरी पसंद का।

मम्मी मान गई ओर फिर हम जींस लेने के लिए दूसरी शॉप पर गए। वहा से मैंने और मम्मी ने एक-एक जींस ली।

फिर मम्मी मुझे एक लेडिस अंडरगार्मेंट्स की शॉप पर ले गई, तो मैं शॉप के बाहर ही रुक गया।

मम्मी: क्या हुआ ध्रुव? अंदर आ जाओ।

मैं अंदर गया, और मम्मी ने शॉपकीपर से ब्रा पैंटी दिखने के लिए बोला।

शॉपकीपर: मैम साइज क्या दिखानी है?

मम्मी: ब्रा 36 D और पैंटी डबल एक्सल।

मम्मी ने वहां से एक 36D की कप वाली प्रिंटेड ब्रा और फ्लोरल प्रिंटेड पैंटी ली।

फिर हमने वहां से हमने रेस्टोरेंट मैं खाना खाया, और घर आए और सो गए।

अगले दिन सुबह मैं स्कूल गया और मम्मी घर के कामों में लग गई।

दोपहर बाद मैं कॉलेज से आया तो देखा मम्मी ने कैप्री और टीशर्ट पहन रखी थी।

मम्मी: कैसी लग रही हूं बेटा?

मैं: मम्मी बहुत सुंदर, बिल्कुल स्विमिंग पूल के जैसी।

मम्मी हल्का सा मुस्कराई और बोली: चल शैतान, जा हाथ मुंह धो ले, मैं खाना लगाती हूं।

मम्मी खाना लगाने किचन में गई तो पीछे से हल्की-हल्की ब्रा और पैंटी की लाइनिंग दिख रही थी, और कुल्हे तो कैप्री मैं से गोल मटोल, मोटे-मोटे कयामत ढा रहे थे।

हमने खाना खाया और सो गए। अचानक एक घंटे बाद बरसात शुरू हो गई, और हमारी नींद खुल गई।

मम्मी ऊपर छत से कपड़े उतारने गई, और नीचे आई तो पूरी भीग गई।

मैं: मम्मी आप तो पूरी भीग गई, चलो बरसात में नहाते हैं।

मम्मी: चल ठीक है।

मैं और मम्मी ऊपर छत पर नहाने जाते है। तेज बरसात से मैं और मम्मी पूरे भीग जाते है, और हमारे कपड़े गीले होने के कारण शरीर से चिपक जाते है। मम्मी को मैंने देखा कि उनकी केप्री और टी-शर्ट शरीर से चिपक गई और ब्रा पेंटी साफ दिखने लगी।

मम्मी का ये रूप देख कर मेरा लंड‌ भी खड़ा हो गया, और उसका उभर दिखने लगा।

मैंने मम्मी को बोला: मम्मी आपके अंडरगार्मेंट्स दिख रहे हैं, हमे नीचे चलना चाहिए।

मम्मी मुस्कराई और मेरे हाफ पेंट की ओर देखती हुई बोली: हम्म, तू सही कहा रहा है, चल।

मैं और मम्मी नीचे आकर नहाने लगे। लेकिन मेरा ध्यान बार-बार मम्मी के बूब्स और गांड पर जा रहा था।

मम्मी: बेटा क्या देख रहा‌है मुझे ऐसे घूर-घूर के?

मैं: मम्मी, आप दुनिया की सबसे अच्छी मम्मी हो।

मम्मी मुस्कराई और बोली: हां-हां शैतान, वो तो मुझे सब पता है।

और ये बोल कर मम्मी अंदर गई और बोली: तू नहां, मैं पकोड़े और चाय बनाती हूं।

आधे घंटे बाद मम्मी ने बोला: बेटा अंदर आ कर चेंज कर ले,‌ चाय और पकोड़े रेडी है।

मैं बाथरूम मैं गया तो मम्मी के कपड़े और ब्रा पेंटी अंदर पड़े हुए थे। जिन्हें देख कर मेरे मन में अजीब खयालात आने लगे।

लेकिन मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया और नहा धो कर ड्राइंग रूम में आकर बैठ गया और टीवी देखने लगा। इतनी देर में मम्मी चाय और पकोड़े लेकर आ गई और हम चाय और पकोड़े खाने लगे।

तो दोस्तों इस तरह मैं और मम्मी अब खुशी खुशी रहने लगे, और मम्मी भी के चहरे पर भी मुस्कराहट रहती थी।‌ मम्मी अब घर में हाल्फपैंट, टी-शर्ट, कैप्री तो कभी मैक्सी में रहती थीं। धीरे-धीरे समय बीतता गया, और मेरे हाफ ईयरली एग्जाम आ गए।

हाफ ईयरली एग्जाम अच्छे हुए थे लेकिन मैथ्स कमजोर होने से उसमें मेरे मार्क्स कम थे।

कॉलेज की पैरेंट्स मीटिंग में क्लास टीचर ने बोला: ध्रुव के मैथ्स को छोड़ कर सभी सब्जेक्ट्स मे मार्क्स अच्छे है। 3 महीने बाद फाइनल एग्जाम है तो इसे मैथ्स की कोचिंग करा दे।

इस मैटर पर मम्मी ने मैथ्स के सर से बात की तो बोले वो ऑलरेडी कोचिंग पड़ा रहे थे, और आधा कोर्स कंप्लीट भी हो चुका था।

मम्मी ने सर से रिक्वेस्ट की तो सर 1 घंटा, कोचिंग के बाद मेरे घर पर पढ़ाने के लिए एग्री हो गए बट फीस ज्यादा बताई।‌ हमारे घर पर पैसे की कोई कमी नहीं थी, तो मम्मी मान गई। अब सर मुझे मेरे घर आकर 7 से 8 एक घंटा मैथ्स पढ़ाने लगे। 5 से 6:30 मैं दोस्तों के साथ खेलता और बाद में सर से मैथ्स पड़ता, ऐसे ही एक महीना गुजर गया।

अगला पार्ट हल्दी ही लेकर आऊंगा, जिसमें सर ने मम्मी को चोदा….

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