मम्मी की असंतुष्टि वाली सेक्स लाइफ

हेलो रीडर्स, ई’म नील. रियली सॉरी फॉर तीस गॅप. मैं वापस आ गया हू आप सब के लिए एक और सेक्स स्टोरी ले कर. आपने मेरी लास्ट स्टोरी को बहुत अछा रेस्पॉन्स दिया है, और मैं आज एक स्टोरी जो की उसी स्टोरी के आयेज की स्टोरी है, वो लेकर आया हू. तो उमीद करता हू की आप इसको भी बहुत पसंद करेंगे, और अपनी फीडबॅक मैल के थ्रू देंगे.

तो अब स्टोरी को स्टार्ट करते है. मेरी फॅमिली में हम 4 लोग है. मैं नील आगे 22, मेरी बेहन नेहा आगे 25, मेरी मों आगे 45 आंड मेरे दाद आगे 47. तो लास्ट पार्ट में देखा की कैसे मैं और मेरी बेहन नेहा सेक्स करने लग जाते है.

हम दोनो का सेक्स आचे से चल रहा था. मैं और नेहा दी बहुत खुश थे, और मस्ती करते थे. अब हम दोनो 2-3 दिन में रोज़ सेक्स करते थे. अब हमे सेक्स करते हुए कुछ महीने हो गये थे.

तभी एक दिन की बात है. मैं दीदी के साथ में सेक्स करके सुबा उठ कर अपने रूम में आ जाता हू. फिर सुबा होने पे मम्मी दीदी को उठाने आती है, और आज दीदी के रूम का गाते खुला होता है. तो मम्मी सीधे अंदर आ जाती है.

अंदर आके मम्मी देखती है की दीदी ब्रा पनटी में ही सो रही थी. और ये देख कर मम्मी गुस्से से दीदी को उठती है, और उसको बोलती है-

मम्मी: नेहा ये क्या है? तुझे मैने पहले भी माना किया था ना की ऐसे ब्रा पनटी में मत सोया कर!

नेहा दी: सॉरी मम्मी, लेकिन क्या करू, रात में ऐसे कंफर्टबल फील होता है. दिन भर तो हम लोग कपड़ों की वजह से फ़ससे ही रहते है. तो रात में ही टाइम मिलता है फ्री होके सोने का.

मम्मी: लेकिन तू ऐसे सोती है तो रूम तो लॉक किया कर. तुझे इतना भी समझ नही आता है क्या?

नेहा दी: मम्मी आप मुझपे गुस्सा क्यूँ कर रहे हो? सिर्फ़ गाते ही तो खुला रहे गया था.

मम्मी: घर में बेटा तेरे भाई और पापा भी रहते है, तुझे बताया था ना.

नेहा दी: यार मम्मी आप भी ना. आपका जब मॅन होता है तो आप तो हर रोज़ ब्रा-पनटी में ही सोते होंगे पापा के साथ में. मुझे भी वैसे बिना कपड़ों के खुला सोने का मॅन होता है. आपको तो खुद पापा भी सपोर्ट करते होंगे ऐसे सूने के लिए, मेरा क्या है.

मम्मी: तेरे पापा तो ना कुछ नही करते…

नेहा दी: कुछ नही करते मतलब?

मम्मी: छ्चोढ़, तुझसे नही बोल सकती, रहने दे. और तुझसे बोलने से मतलब नही है.

फिर मम्मी भी वहाँ से चली जाती है उदास होके. ये बात दीदी के मॅन में आ जाती है, की मम्मी बार-बार ऐसे क्यूँ बोलती थी की पापा तो कुछ नही करते. और फिर बोलते हुए रुख़ जाती थी. फिर दीदी आपने रूम से बाहर आके रेडी होती है. उसके बाद मुझे उठाने मेरे रूम में आती है, और किस करके मुझे उठती है.

मैं: गुड मॉर्निंग मेरी जान.

नेहा दी: गुड मॉर्निंग बच्चा.

फिर मैं दीदी को अपने उपर खींच लेता हू, और उनको किस करने लगता हू. वो कुछ बोलने लगती है, लेकिन मैं नही सुनता. फिर दीदी भी 2 मिनिट का अछा सा किस देती है मुझे.

उसके बाद वो बोलती है: अब हो गया. जल्दी से उठो, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.

फिर मैं उठता हू, और पूछता हू: बोलो क्या हुआ?

फिर दीदी मुझे मम्मी वाली बात बताती है, जो उसकी मम्मी के साथ हुई, और जो उसने नोटीस किया वो सब.

मैं: दी तेरी बात सुन कर लगता है की कुछ तो बात है. तुम ऐसा करो की जब पापा चले जाए ना, उसके थोड़ी देर बाद मैं आज जल्दी निकल जौंगा कॉलेज के लिए. तुम ना मम्मी के साथ बैठ कर जानने की कोशिश करना की क्या बात है.

नेहा दी: हा ये ठीक रहेगा. पहले माफी माँग लूँगी, फिर पूछूंगी.

फिर मैं दीदी को हग करता हू, और हमारा किस शुरू हो जाता है. हम एक-दूसरे को लिपलोक्क करने लग जाते है. फिर मैं दीदी के बूब्स दबाने लगता हू उपर से, और जब अंदर हाथ डालने जाता हू, तो वो बोलती है-

दीदी: अभी नही, तुम्हे आज जल्दी जाना है. तो अंदर नही, बाहर से करके रेडी होने जाओ.

फिर मैं वो किस करके रेडी होने के लिए चला जाता हू. दीदी भी कॉलेज के लिए रेडी होने लगती है. फिर सब लोग रेडी होके ब्रेकफास्ट करते है. उसके बाद पापा चले जाते है, और उनके बाद मैं भी चला जाता हू. अब घर में दीदी और मम्मी ही होती है. तो दीदी मम्मी के पास जाके उनको हग करती है. फिर वो मम्मी से बोलती है-

नेहा दी: मम्मी मुझे माफ़ कर देना. मैने सुबा आपके उपर गुस्सा किया.

मम्मी: हा ठीक है. लेकिन अभी भी मॅन उदास होता है.

नेहा दी: मम्मी मुझे आपसे एक बात पूछनी है. लेकिन मुझे एक प्रॉमिस चाहिए, की आप मुझे दांटोगी नही.

मम्मी: पहले बता बात क्या है, फिर बतौँगी.

नेहा दी: नही मम्मी, पहले आप प्रॉमिस करो उसके बाद बतौँगी.

मम्मी: ठीक है प्रॉमिस, नही दानतुँगी. अब बता क्या पूछना है.

फिर दीदी मम्मी का हाथ सर पे रख कर बोलती है: मम्मी आपको मेरी कसम. अब मैं जो भी पूछूंगी, वो सच-सच बताना.

मम्मी: ये क्यूँ किया नेहा तूने? ये ग़लत है.

नेहा दी: मेरे को नही पता. मुझे बस आपसे एक बात जाननी है.

मम्मी: ठीक है पूछो. मैं सच बोलुगी, क्यूंकी तुमने कसम दी है, तो कुछ कर भी नही सकती. बोलो क्या जानना है?

नेहा दी: अब आप सबसे पहले तो ये बताइए की आप साद क्यूँ हो? और ये भी की आप सुबा बोलते-बोलते रुक क्यूँ गये थे?

मम्मी: मैं क्या बोलते-बोलते रुक गयी थी?

नेहा दी: मम्मी आप सुबा जब मेरे रूम में आए थे ना. तब आप बोल रहे थी की तेरे पापा तो कुछ भी नही करते. बस इतना बोलते हुए ही रुख़ गये थे, और ऐसे पहले भी हो चुका है 4-5 बार.

मम्मी: नही ऐसा कुछ नही है. छ्चोड़ो उस बात को, वो तेरे काम की नही है.

नेहा दी: प्लीज़ मम्मी बताओ ना प्लीज़.

मम्मी: बोल दिया ना तेरे काम का नही है. समझ नही आता क्या?

नेहा दी: देखो मम्मी आपने प्रॉमिस किया है की दांटोगी नही, और कसम खाई है सच बोलने की.

अभी तक के लिए इतना ही. अगले में पार्ट में जानिए की नेहा दी मम्मी से कैसे सब पूछती है, और मम्मी उनको क्या-क्या बताती है. अपना फीडबॅक ज़रूर दे कॉमेंट और मैल के थ्रू. मेरी एमाइल ईद है:

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