बेटे ने मा को बिस्तर पर गरम करके चोदा

हेलो दोस्तों, आप लोगों ने पढ़ा की कैसे मैं मम्मी को छोड़ने के लिए तड़पने लगा. पिछले कुछ दीनो में मेरे साथ जो कुछ भी हुआ था, उसकी वजह से अब इस पार्ट में पढ़िए दूसरे दिन जब रात को मैं मम्मी के पास सोने के लिए गया, तो मैने तान लिया था की आज तो चाहे जैसे भी मैं चुदाई करके रहूँगा. अब आयेज.

डिन्नर करके छ्होटे भैया अपने रूम में चले गये, और मैं और मम्मी रात को मम्मी के रूम में सोने गये. तो वो रोज़ की तरह अपनी सेक्सी सी रेड निघट्य और खुले बालों में ही थी. फिर हम साथ में सो गये. मैं बस उनके सोने का इंतेज़ार कर रहा था. लगभग 30-40 मिनिट बाद जब मुझे लगा की वो सो गयी.

तब मैने अपना 7 इंच का मोटा लंड धीरे से बाहर निकाला, और उनकी निघट्य के उपर से ही उनकी गांद पे रगड़ने लगा. वो हल्की सी हिली, तब मैं तोड़ा रुक गया, और उनसे डोर हो गया. फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने दोनो हाथो से उनको पकड़ के चिपक गया, और अपना नंगा लंड उनकी कमर पे ही रगड़ने लगा.

अब मैं एक-दूं जोश में था. मुझे चुदाई के अलावा कुछ समझ नही आ रहा था. मम्मी भी गहरी नींद में थी. मैं भी जोश में धीरे-धीरे उनकी निघट्य को सरकाते-सरकाते उनकी नाभि तक लेते आया.

फिर मैं मम्मी की छूट को सहलाने लगा और छूट के बालों पे हाथ फेरने लगा बिल्कुल नीदरर होके. तभी वो अचानक से नींद में ही अपनी दोनो टांगे फैला के सिसकने लगी. मानो जैसे वो छोड़ने को कह रही हो. पर वो अभी भी नींद में थी. तभी मैने उनके छूट पे से हाथ हटा लिया.

और फिर जब वो नॉर्मल हुई 2 मिनिट बाद, तब मैने भी जोश में चादर हटा दी दोनो के उपर से. फिर अपने गीले लंड पे भी मैने हल्का सा थूक लगाया, और मम्मी के उपर आ गया. उनकी फैली टाँगो के बीच बैठ कर अपना लंड उनकी छूट की च्छेद पर रख कर आराम-आराम से अपना पूरा लंड उनके अंदर डाल दिया.

लंड पे थूक लगाने, और मम्मी की चौड़ी छूट की वजह से मेरा लंड फिसल के पूरा छूट के अंदर चला गया. मुझे बहोट अछा फील हुआ, जैसे कुछ गरम सा एहसास हुआ. तभी लंड छूट में जाने की वजह से मम्मी की नींद खुल गयी, और वो अचानक से चौंक गयी.

वो मुझे धक्का देने लगी. मैने उनके दोनो हाथो को पकड़ लिया, और ज़ोर-ज़ोर से धक्के देने लगा उनकी छूट में.

मैं बोला: मम्मी प्लीज़ करने दो ना. आप मुझे बहुत अची लगती हो. और ये बात किसी को भी नही पता चलेगी. पर आप शोर करेंगी तो भैया आ जाएँगे उठ के. और फिर आपकी भी बदनामी होगी.

मम्मी ने तब भी मुझे धकेल के लंड को छूट से बाहर निकाल दिया और कहने लगी-

मम्मी: तुम पागल हो गये हो क्या डीप? तुम्हारा दिमाग़ खराब हो गया है.

तब भी मैं इतने जोश में था, की उनको चिपक के उनके लिप्स पे किस करने लगा और बोला-

मैं: मम्मी मुझे पता है मॅन तो आपका भी है, क्यूंकी पापा भी नही है, और आप दर्र भी रही हो. देखिए ये बात सिर्फ़ हम दोनो के बीच ही रहेगी.

फिर मैं मम्मी को पकड़ के लिटने लगा. वो तब भी रेज़िस्ट कर रही थी. लेकिन मेरे लंड को उनकी छूट में डालने की वजह से वो भी गरम हो गयी थी. बस दिखावे के लिए रेज़िस्ट कर रही थी. माही तो वो अगर चाहती तो मुझे रूम से बाहर निकाल देती या भैया को बुला लेती. लेकिन उन्होने ऐसा कुछ नही किया, और बस मुझे रोक रही थी.

तभी मैने उनको लिटा दिया, और वो कुछ ना बोली. वो रेज़िस्ट ना करे, इसलिए मैने अपने लिप्स से उनके पतले लिप्स पे किस करने लगा दोनो हाथो से पकड़ कर. फिर अपना लंड उनकी छूट में डाल दिया एक ही झटके में, और तेज़-तेज़ झटके देके पेलने लगा मम्मी को.

और ऐसे ही 2 मिनिट बाद वो कुछ नही कह रही थी, बस मेरे मोटे लंड का मज़ा ले रही थी. तभी मम्मी ने मुझसे कहा सिसकिया लेते हुए-

मम्मी: आहह आअहह, डीप ये सब किसी को भी नही पता चलना चाहिए. सिर्फ़ हम दोनो के बीच ही ये बात रहनी चाहिए. और अगर तुम्हारे पापा को ये ग़लती से भी पता चल गया, तो वो हम दोनो को मार ही डालेंगे.

मैं बोला: ठीक है मम्मी. क्या मैं आपकी चूचियों को दबा लू?

तो वो बोली: जब इतना सब कुछ बिना पूछे कर लिया, तो वो क्या पूच रहे हो.

फिर मैं मम्मी की पूरी निघट्य उतार कर उनकी चूचियाँ दबा-दबा कर पीने लगा, और बोला-

मैं: मम्मी बचपन के बाद सीधा अब पी रहा हू आपकी चूचियों को.

तो वो बोली: हा बेटा, तब तो तू उसी च्छेद से आया था, जिस च्छेद में आज तू अपना इतना बड़ा लंड डाल रहा है.

मम्मी के मूह से ये सुनते ही मैं और जोश में आ गया. फिर मैं भी अपने पुर कपड़े उतार के नंगा हो गया, और मम्मी से पूछा-

मैं: मम्मी क्या आपको मज़ा नही आ रहा है?

तो वो शरमाती लेकिन टाइट आवाज़ में बोली: आ रहा अब जो भी है, तू जल्दी कर.

तब मैं उनसे बोला: मम्मी उस दिन रात को आप जैसे पापा के उपर बैठ के कर रही थी वैसे करो ना प्लीज़.

वो हैरान हो कर बोली: मतलब तुम जाग रहे थे उस दिन?

मैं बोला: हा, और आपकी सिसकियाँ सुन के मेरा पानी निकल आया था.

मम्मी इतना सुनते ही जोश में आ गयी और बोली: अछा.

फिर वो मुझे नीचे लिटा के मेरा लंड पकड़ते हुए बोली: ये तो सच में बहुत बड़ा है, और मोटा भी.

फिर वो मेरे उपर अपनी छूट पे लंड सेट करके बैठ गयी, और जब मेरा लंड उनकी छूट में पूरा चला गया, तो वो उस दिन की तरह मेरे उपर भी उछालने लगी.

वो बोली: बोल बेटा डीप, क्या अब तुझे मज़ा आ रहा है.

उनके इतना बोलते ही मैं भी उनकी गांद को पकड़ के उपर-नीचे धक्के देने लगा.

मैं भी बोलने लगा: आहह मम्मी ह. सच में बहुत मज़ा आ रहा है. यकीन नही हो रहा है की मैं आपको छोड़ रहा हू आहह.

मम्मी की भारी-भारी गोल-मटोल गोरी चूचियाँ तेज़ी से उछाले मार रही थी. तभी मैने मम्मी को स्पीड बड़ाने को कहा और बोला-

मैं: आहह ह मम्मी, मैं झड़ने वाला हू.

मम्मी भी जोश में चिल्लाते हुए बोली: ह उम्मह, मैं भी.

और उन्होने शॉट्स तेज़ कर दिए. फिर करीब 2 मिनिट में हम झाड़ गये. मेरा पूरा माल मम्मी की छूट में ही निकल गया. वो मेरे उपर ही सो गयी. फिर हमने एक लीप तो लीप किस किया, और थकने के बाद एक-दूसरे की बाहों में नंगे ही सो गये.

बाकी आयेज की स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में पढ़िएगा की कैसे हम दोनो के बीच एक नया सिलसिला शुरू हुआ और फिर कैसे मम्मी ने मुझे मामी जी की भी छूट दिलाई थी.

किसी को भी मुझसे हेल्प या कोई टिप चाहिए अपनी मम्मी के मज़े लेने की. या अपने बेटे साथ मज़े लेने की, तो मुझे एमाइल करे. कुछ लोगों ने तो की भी. वो कह रहे थे थी हमे दर्र लगता है. तो आप दर्रे नही, सब होगा, लेकिन आराम से. मी एमाइल ईद: [email protected]

थॅंक योउ.

यह कहानी भी पड़े  भाई के साथ मनाई सुहागरात


error: Content is protected !!