टुटीओन वाली हवसी मेडम की चुदाई की कहानी

हेलो, मेरा नाम जस्स है. और मैं देल्ही में रहता हू. मैं 1स्ट्रीट एअर में हू, और मेरा रंग हल्का गोरा है. मेरे लंड का साइज़ 8 इंच है, जो किसी भी लड़की या भाभी को सॅटिस्फाइ कर सकता है. ये मेरी पहली कहानी है, तो कोई ग़लती हो तो माफ़ करना. चलिए फिर स्टार्ट करते है मेरी और सोनी माँ की कहानी.

ये कहानी तब की है, जब मैने तिलक नगर से विकास पूरी अपना हाउस शिफ्ट किया था. मेरा टुटीओन तिलक नगर में था, और वो अब डोर पड़ने लगा था. इसलिए मेरी मम्मी ने मुझे हमारे घर की 2 गली छ्चोढ़ के सोनिया माँ की टुटीओन में डाल दिया. देखने में तो सोनिया माँ किसी जवान लड़की से कम नही थी, पर उसकी आगे लगभग 39-40 होगी, और उनके मेरे जीतने दो लड़के थे. जो की दोनो ही बिगड़े हुए थे, और काई-काई दिन घर नही आते थे.

सोनिया माँ के बूब्स मीडियम साइज़ के थे, और उनकी गांद बहुत मोटी थी. देख के थप्पड़ मारने का मॅन कर जाए ऐसी थी. मैने जब से सोनिया माँ को देखा था, मेरा लंड रोज़ माँ के नाम की सलामी लगता, और मैने सोच लिया था की माँ से सेक्स करके रहूँगा. पर मुझे बिल्कुल समझ नही आ रहा था, की मैं कैसे करूँगा.

फिर एक दिन मैं टुटीओन लाते पहुँचा तो सोनिया माँ ने मुझे अपने सामने बिता लिया, क्यूंकी जगह नही थी. उन्होने उस दिन निघट्य पहनी हुई थी, और उन्होने जान-बूझ के अपनी टांगे हल्की खोल दी, ताकि मुझे उनकी पनटी दिखे. मैने जैसे ही उनकी ब्लॅक पनटी को देखा, मेरा लंड एक-दूं खड़ा हो गया. सोनिया माँ को ये पता चल गया था, की मैं उनकी पनटी देख रहा था.

वो मुझे नॉटी स्माइल दे रही थी. फिर अगले दिन जब-जब सोनिया माँ मेरी तरफ देखती, मैं उन्हे देख कर अपना लंड रग़ाद देता, और वो देख के स्माइल देती, और अपने लिप्स काटने लगती. काई दिन तक ये चलता रहा. फिर एक दिन सोनिया माँ ने सभी बच्चो की छुट्टी कर दी, और मुझे बोली की मेरी लाते छुट्टी होगी, क्यूंकी अभी मेरा काम बाकी था.

उन्होने मेरे घर पे फोन भी कर दिया, की आज मैं लाते अवँगा. फिर मैं अपना काम कर रहा था. तभी सोनिया माँ आई, और बोली-

सोनिया माँ: तुम काम करो, मैं ज़रा नहा के आती हू.

मैने बोला: ठीक है.

और उस दिन शायद भगवान ने मेरी सुन ली थी. सोनिया माँ का घर ज़्यादा बड़ा नही था. तभी बातरूम से मुझे आवाज़ आई-

सोनिया माँ: ज़रा मुझे टवल पकड़ना.

मैने जल्दी से उठ के टवल उठा के सोनिया माँ के हाथ में दिया. तभी सोनिया माँ ने मुझे अंदर बातरूम में खींच लिया, और डोर लॉक कर दिया. मैं घबराने की आक्टिंग करने लगा.

मैं: माँ आप ये क्या कर रही हो. अंकल आ जाएँगे. प्लीज़ मुझे जाने दो.

और मैने अपनी आँखें बंद कर ली

सोनिया माँ (मेरे बदन पर अपने गरम हाथ फेरते हुए): तुम्हारे अंकल आज और कल घर नही आएँगे. अब आँखें खोलो, वैसे तो बड़े मज़े लेते हो मेरे से. अब भी लो ना.

फिर मैने भी अपनी आँखें खोल के माँ को देखा. वो पूरी नंगी थी, ना ब्रा ना पनटी, और मेडम ने मुझे अपनी और खींचा. फिर अपनी बाहों में ले लिया, और 2 मिनिट तक हम दोनो एक-दूसरे की आँखों में देखते रहे.

मेडम की हवस भारी आँखें मुझे बोल रही थी, की आज मेरी सारी गर्मी निकाल दे, और मेरी हवस भारी नज़र मेडम को बोल रही थी, की आज माँ को छ्चोढना नही है. फिर मैं माँ को अपनी बाहों में लेके माँ को किस करने लगा एक-दूं प्यार से.

किस करते-करते माँ ने मेरी त-शर्ट उतार दी, और माँ अपने गरम हाथो से मेरे बदन पर अपने हाथ फेरने लगी. मैं माँ का गरम और कड़क बदन अपने हाथो से महसूस कर रहा था. फिर एक-दूं से किस करते हुए मैने माँ के लिप्स कट कर दिए जिससे माँ को बहुत मज़ा आया, और वो बोली-

सोनिया माँ: लगता है किस करके ही मेरा पानी निकालेगा. आज तक किसी ने मुझे इतनी अची किस नही की.

मैने फिरसे किस शुरू कर दी, और इस बार थोड़ी वाइल्ड किस की. किस करते-करते माँ की गांद पे थप्पड़ मारे. उसके बाद माँ ने मेरा अंडरवेर निकाल दिया, और मेरा 8 इंच का काला लंड माँ के मूह पे आ गया. माँ की आँखों में एक दर्र आ गया, और वो चौंक गयी.

सोनिया माँ: इतना बड़ा मैने बस पॉर्न में देखा है, और आज रियल में मज़े लूँगी.

माँ अपने नरम और गरम हाथो से मेरे काले लंड को सहला रही थी, और लंड के टोपे को किस कर रही थी. फिर माँ मेरा लंड मूह में लेके लॉलिपोप की तरह चूसने लगी. करीब 20 मिनिट लंड चूसने के बाद माँ बोली-

माँ: अब शुरू करो बेबी, रहा नही जाता.

फिर मैं माँ के बूब्स से दूध पीने लगा, और निपल काटने लगा. मैं माँ के मुममे पे काटने लगा औ अपनी लोवे बाइट्स छ्चोढ़ दी. अब धीरे धीरे नीचे माँ के बदन को किस करते-करते माँ की प्यारी छूट पे आ गया. माँ की छूट एक-दूं क्लीन शेव और पिंक थी, और थोड़ी टाइट थी. अब मैं माँ की टांगे खोल के जाँघ से किस करते-करते माँ की पिंक छूट चाटने लगा.

माँ मेरा मूह अंदर दबाने लगी, और वो सातवे आसमान पे पहुँच गयी. 5 मिनिट बाद माँ ने अपना पानी छ्चोढ़ दिया, और ढीली पद गयी. उसके बाद माँ बोली-

सोनिया माँ: अफ आज तो सच में मज़ा आ गया. आज सा मैं तेरी बीवी बनना चाहती हू. तूने आज मुझे बहुत खुशी दी है. पहली बार बिना छोड़े मेरा किसी ने पानी निकाला है.

मैने बोला: क्यूँ अंकल आपकी प्यारी छूट नही चाट-ते? अगर मुझे मिल जाए तो मैं इसको छोड़-छोड़ के पूरी खोल देता. अंकल नही छोड़ते आपको?

सोनिया माँ: अंकल को चाटना पसंद नही है, और वो तो आज ही मुझे लग रहा है की एक बार में खुल जाएगी. तेरी बीवी भी खुश नसीब होगी. अंकल मुश्किल से महीने में एक बार छोड़ते है मेरे को.

मैने बोला: चलो आज मैं आपको डेली छोड़ूँगा.

इतना बोलते ही मैं माँ के लिप्स को चूसने लगा, और अपनी जीभ माँ के मूह में डाल के माँ की जीभ चूसने लगा. बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैं माँ के बूब्स चूसने लगा. इतने में माँ फिर गरम हो गयी, और मेरा लंड सहलाने लगी. मैं माँ को बातरूम से बेडरूम में ले गया, और माँ की टांगे उठा के अपने कंधे पर रख ली, और अपना काला लंड माँ की प्यारी छूट पे मसालने लगा.

मैं लंड छूट पे रगड़ने लगा. माँ तो मानो जैसे पागल सी हो गयी हो, और वो मुझे बोलने लगी-

माँ: जल्दी डालो, तड़पाव मत.

मैने फिर एक झटके में अपना आधा लंड माँ की छूट में डाल दिया. माँ तो चीखने लगी. फिर मैं माँ को किस करने लगा, और वो मेरी पीठ पर अपने हाथो से निशान बनाने लगी. मेरे कान पे वो काटने लगी. फिर मैने धीरे-धीरे माँ को छोड़ना शुरू किया. 10 मिनिट बाद माँ को भी मज़ा आने लगा, और माँ उठा-उठा के छूट में लंड डलवा रही थी.

माँ तो मानो जन्नत में पहुँच गयी हो. करीब 50 मिनिट चुदाई के दौरान माँ 3 बार अपना पानी छोढ़ चुकी थी, और हम बहुत सारी पोज़िशन्स में सेक्स कर चुके थे. अब मेरा होने वाला था.

माँ ने बोला: छूट के अंदर निकाल, मुझको प्रेग्नेंट होना है.

फिर 15 धक्को के बाद मैने अंदर ही अपना पानी छोढ़ दिया. अब मैं साइड में लेट गया माँ के साथ. माँ हाँफने लगी और बोली-

सोनिया माँ: वाउ, कसम से ये लंड है की मशीन. तकता नही है बिल्कुल भी.

मैने बोला: अभी आपने इसका जलवा देखा कहा है ( और हासणे लगा).

सोनिया माँ: कसम से आज तो चलने में भी दिक्कत होगी. अब से रोज़ तू मुझे छोड़ेगा. और देख क्या हाल कर दिया है तूने मेरी छूट का.

मैने बोला: ये भी कोई कहने की बात है. आपको तो मैं सारा दिन छोड़ता राहु, और कपड़े भी ना पहनने डू.

इतने में मेरा लंड फिरसे खड़ा हो गया, और मैने माँ को देखा.

सोनिया माँ: यार अब नही, बिल्कुल झेल नही पौँगी मैं इसको. कल मैं गोली खा लूँगी पहले ही.

मैने बोला: ऐसी हालत में नही जौंगा मैं. चलो एक ब्लोवजोब डेडॉ जल्दी से.

फिर माँ ब्लोवजोब देने के लिए मान गयी, और मुझे ब्लोवजोब देने लगी. 20 मिनिट के बाद मैने बिना बताए अपना माल माँ के मूह के अंदर निकाल दिया, और माँ उसे खुशी से पी गयी. फिर मैने जल्दी से अपने कपड़े पहने और जाने लगा.

माँ अभी नंगी थी बेड पर. जाते वक़्त माँ ने मुझे किस की और गुड बाइ बोला. ये तो अभी स्टार्टिंग थी. मुझे क्या पता था की अभी एक बड़ी मुसीबत आने वाली थी, और मेरी और माँ की वीडियो बना ली थी किसी ने.

यह कहानी भी पड़े  मम्मी चुदी मकान मलिक से


error: Content is protected !!