बेटे ने मा को बातों में उलझा कर चोदा

दोस्तो मेरा नाम राजेश है, पर आप सब मुझे गुड्डू कह सकते है, जैसे मेरी मा बुलाती है. मेरे घर में मेरे पापा दीपेश, उमर 55 साल, पीशे से बिज़्नेसमॅन है. मेरी मा कलावती 37 साल की होंगी. वो हाउसवाइफ है. और मैं हू 19 साल का कॉलेज स्टूडेंट.

पापा खानदानी अमीर थे. जब तक दादा जी ज़िंदा थे, तब तक उनकी ऐश थी. सारी अययाशी और मज़े कर लिए थे पापा ने. दादा जी के जाने के बाद पापा को बिज़्नेस संभालने नही आया, तो हम रोड पर आ गये.

तब मैं पैदा भी नही हुआ था. फिर पापा शेर मार्केट में पैसा लगाने लगे. धीरे-धीरे करके वो सब वापस कमाने लगे थे. वही ऑफीस की एक लड़की यानी के मेरी मा इंटरव्यू देने गयी थी. पापा को वो पसंद आ गयी, और तभी पापा ने उन्हे पता लिया, और शादी करके घर ले आए.

तब पापा 36 के होंगे, और मेरी मा 18 साल की थी कॉलेज पस्सौट. मा के घर वाले ग़रीब थे, सो उनको कोई ऐतराज़ नही था. हम चाव्ल में ही रहते थे, और धीरे धीरे बिल्डिंग्स में गये. उसके बाद रो हाउस में आ गये.

आज हमारा अपना बंगलो है. घर में नौकर-चाकर है, धन-दौलत आ गयी है. पापा ज़्यादातर बाहर ही रहते है. पापा मा से झगड़ते थे की अब वो चाव्ल में नही रहती, हाइ क्लास औरत थी, तो वो सीख ले कैसे जीना है. हमारे आजू-बाजू वाले मा का मज़ाक उड़ाते थे.

मा को बदलना था, सो वो मेरे पीछे पद गयी. मैने उन्हे कपड़े पहनना सीखा दिया, की उनके बदन की कैसे नुमाइश करनी है, पार्लर, ढंग, चलना-फिरना. एक दिन मैं अपने रूम में टीवी पर पॉर्न लगा कर देख रहा था, तभी मा वन पीस डाल कर मुझे दिखाने आई.

मा मुझे ऐसे देख हक्की-बक्की रह गयी, और मुझे डाँटने लगी. मैने ना ही टीवी बंद किया, और ना ही लंड अंदर डाला. फिर मैने उनको बोला-

मैं: मा ये सब करते है. आप ऐसे मॅट बोलो. मैं जवान हो गया हू, गर्मी कहा निकालु? बाहर जाके रंडी छोड़ू क्या? आपको कुछ पता नही क्या चलता है समझ में. आप रहने दो, जाओ यहा से.

मा जैसे रूठ गयी. फिर वो मुझे बोली-

मा: अछा? ज़रा मुझे देखने दे क्या देखते है ये हाइ क्लास वाले.

मा मेरे बाजू में बैठी थी. मैं जो वीडियो देख रहा था, वो एक मिलफ यानी भरे बदन की औरत थी. मैं उसकी, और एक काले सांड़ की चुदाई देख रहा था ब्बव-फक्ड-बाइ-ब्लॅक करके.

उसमे औरत मा की उमर की ही थी, और एक काला लड़का था. उसका लंड मेरे से भी काफ़ी बड़ा था. मेरा लंड 8 इंच का ही था. उसका लंड घोड़े जैसे था. और वो औरत मज़े से अंदर ले रही थी.

मा (शॉक्ड लुक देके): अर्रे ये क्या देखता है तू? इतना बड़ा किसी का होता है क्या?

मैं: होता है मा, बाहर देश में सबके ऐसे ही होते है. मेरा देख लो.

मा: श, इतना बड़ा कैसे हो सकता है. तेरे पापा का भी इतना नही है, इससे तोड़ा कम ही है. तुझे तकलीफ़ नही होती क्या पंत में. आज से ढीले कपड़े पहना कर.

अब वो औरत उस काले सांड़ का लंड चूस रही थी. वो पूरा लंड गले में डाल रहा था, और औरत बीच-बीच में खांस रही थी.

मा: अर्रे कुछ भी दिखाते है गुड्डू. ऐसा कुछ नही होता. ये सब बकवास है. इतना अंदर जाता है क्या किसी के? ये कितना खांस रही है.

चुदाई देखते वक़्त मा बार-बार अपनी छूट पर हाथ फेर रही थी. मैं अपने हाथ से लंड हिला कर वापस मूड में लेके आया था. वीडियो में जब छूट चाट रहा था, तब मा के पैर खुल गये और चड्डी के उपर से उंगली घूमना चालू हुआ.

मे: और ये मा? ये होता है क्या? ऐसे छूट चाटने पर आपको मज़ा आ रहा है. लगता है आपने भी पापा से चटवाई है.

मा: नालयक! कुछ भी बोलता है. ऐसे नही किया तेरे पापा ने कभी. देख वो आँखें बंद कर कितना मज़ा ले रही है. इतना मज़ा आता भी होगा?

फिर मैने नेट पर इंडियन मा-बेटे का वीडियो लगाया हिन्दी वाला. उसमे एक मस्त वीडियो थी वो लगाई. जिसमे उसी औरत के बेटे ने उसको छोड़ा था, और वो भी मज़े से छुड़वा रही थी दपहर के वक़्त. बाहर के रूम में बाप सोया हुआ था, और मा-बेटा किचन में चुड रहे थे.

मा बाहर ध्यान रख रही थी. और बेटे ने निघट्य उठा के गांद और छूट छाती. फिर बेटा उल्टा खड़ा होके पहरा दे रहा था. मा ने पंत की चैन खोल लंड बाहर निकाल कर चूसना चालू किया. इधर मा पूरी वीडियो में डूब गयी.

मैने मा के हाथ को पकड़ अपने लंड पर रखा, और मा के पैर फैला कर चड्डी में हाथ डाल कर छूट सहलाने लगा. मा मेरा लंड उपर-नीचे कर रही थी.

फिर वीडियो में मा नीचे लेट-ती है, और उसका बेटा निघट्य उठा के उसको छोड़ने लगता है. उसको मा की झांतो से भारी छूट दिख रही होती है. तभी मा को होश आता है. अपना हाथ मेरे लंड पर देख, और मेरा हाथ उनकी छूट को सहलाता देख वो अलग होती है.

मा: बाबा रे बाबा, क्या हो रहा है आज-कल देश में? सच में मुझे विश्वास नही हो रहा. अपने यहा भी ऐसे हो सकता है? बाहर का तो ठीक है, लेकिन ये?

मई मा के चड्डी पर हाथ घुमाते-घुमाते मा के पैरों के बीच आया, और चड्डी को चाटने लगा.

मा: ची! गुड्डू ये क्या कर रहा है बेटा? हॅट जेया, ये सब गंदी चीज़े मत कर.

मे: नही मा, आपको भी पता चलना चाहिए, की क्या चल रहा है समाज में. आपको इसका मज़ा लेना चाहिए.

और मैने चड्डी सरका के जीभ घुमणि चालू की.

मा: नही-नही गुड्डू बेटा, हॅट जेया.

मा ची-ची करने लगी, लेकिन थोड़ी देर में ची-ची आहह-आहह में बदल गया. धीरे से गांद को हिला कर मा छूट मेरे मूह पर रग़ाद रही थी. मा अब आँख बंद करके मज़े ले रही थी. मैं ऐसे ही चिढ़ने को रुक गया, और बोला-

मे: अब बोलो क्या करू? रुक जौ? कैसा लगा आपको?

मा ने मेरे सर को पकड़ कर वापस छूट पर लगाया, और बोली: चुप-छाप कर जो कर रहा है.

अब मैने मा को बोला: मेरा लंड चूसो.

मा मान नही रही थी. फिर मैने इंडियन औरतों के मूह में लेने वाली वीडियोस लगाई. उसमे एक से एक औरत लंड चूस रही थी. वीडियो में भी औरतें पहले माना कर रही थी. लेकिन एक बार चूसना चालू करके पानी पिए बिना छ्चोढ़ नही रही थी.

एक वीडियो में तो औरत ने पानी को मूह खोल कर दिखाया भी, और पूरा पीक खाली मूह वापस खोल के दिखाया.

मा देख रही थी मेरा लंड मा के मूह के सामने था. मा ने मूह में लिया, और उसको आयेज-पीछे करने लगी. कुछ फील ही नही हो रहा था मुझे.

फिर मैने बोला: वीडियो में देखो कैसे चूस रही है औरतें, वैसे चूसो ना मा.

मा: तू अपनी मनवा के ही छ्चोड़ेगा ना गुड्डू?

मा मेरा लंड जीभ से चाटने लगी, जैसे स्ट्रॉ से कोल्डद्रिंक पीते है वैसे चूसने लगी. मैने अपना सारा माल मा के मूह में डाल दिया. मा थूकना चाह रही थी, पर मैने उन्हे गतक जाने को बोला. मैं उनके मूह में लंड पेलने लगा, तो गले तक जाने लगा. फिर वो भी खाँसने लगी. फिर मैं बोला-

मे: देखा कैसे खाँसी निकलती है? आपको झूठ लगता था ना.

फिर मैं मा के छूट में उंगली डालने लगा. अब मा को वीडियो में दिखाते है वैसे घोड़ी बनाया, और पीछे से खड़े होके लंड डाल कर छोड़ने लगा. मा भी मज़े से लंड ले रही थी.

मा: आआआ, सस्स्शह, आहहहाहा, ओह, फफफफुऊूउक्कककककक, मार गुड्डू, और तेज़ कर. रुक मत.

मैं मा को मस्त छोड़ रहा था. अब मैं नीचे लेट गया, और मा को घोड़ी जैसे उपर उछालने लगा. मा के माममे हवा में उछाल रहे थे.

मा: ऊहह, सस्स्सस्स, आअहह, कितने दीनो बाद चुड रही हू गुड्डू. रुक मत आज, छोड़ दे मुझे. मिटा दे मेरी प्यास.

हम दोनो नंगे होके बेतहाशा एक-दूसरे को चाट के छोड़ रहे थे. किसी का भी दर्र नही था. मैं मा के अंदर ही झाड़ गया. मा हाँफ रही थी. आज काफ़ी संतुष्ट दिख रही थी वो.

मे: कैसा लगा मा? मज़ा आया या नही?

मा: उफ़फ्फ़, आआहह, ओह गुड्डू, काफ़ी मज़ा आया. तूने तो मुझे जवानी याद दिला दी मेरी.

मे: आप अभी भी जवान ही हो मा. ये कसा हुआ बदन, इतनी टाइट छूट, आप तो मेरी मा नही मेरी बड़ी बेहन लगती हो.

मा: हॅट नालयक, मा से मज़ाक करता है. देख गुड्डू ये बात किसी को नही पता चलनी चाहिए. अगर तुझे आयेज भी करना है, तो हमे सावधानी बरतनी होगी आयेज से. आज तो हो गया, बाल-बाल बचे.

मे: टेन्षन मत लो मों, आयेज आप बस देखती जाओ आपको कैसे जन्नत की सैर करता हू.

मैने ऑनलाइन हथकड़ी, नकली वाइब्रट करने वाला लंड, वाइब्रट करने वाली चड्डी, एक छ्होटी एलची केले जैसे चीज़ जो गांद में डालते है ताकि गांद का होल बड़ा हो, मोरपिसे की छ्होटी लकड़ी जिससे मारते है, आँखों की पट्टी, जलियो (नेट) का पूरा ड्रेस मंगवा ली.

मैं मा को बाँध कर उनके साथ बेरेहमी वाला सेक्स करना चाहता था, जैसे ब्दसम वो अँग्रेज़ी पिक्चर में दिखाया था. और मा को इसका कुछ आइडिया नही था.

बाकी की कहानी, अगले पार्ट में.

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