माँ को एक्साईट कर के चोदा

दोस्तो सबसे पहले मैं आपको बताता हूं इस कहानी में नाम बदले हुए हे. भाईतो आइये मैं आपको अपनी मॉम के बारे में बताता हूं वह बहुत ही खूबसूरत है. और मॉम का फिगर भी बहुत ही मस्त है, जब वह घर से मार्केट जाती है तो गली के सारे मर्द देखते हैं.

उसमें वह एकदम लाइट वाली ड्रेस पहनती है तब तो उसकी गांड और भी पीछे के साइड निकली हुई दिखती है और चुचे तो बाहर आने का होते रहते हैं, एक बार की बात है हम सभी को आगरा जाना था.

लेकिन पापा को ऑफिस के काम से मुंबई जाना था तो पापा को मैं सुबह में ही एयरपोर्ट पर छोड़ आया और उसके बाद घर पर ही था, पैकिंग वगैरा चल रहा था. तभी मैंने देखा कि माँ परेशान होकर कुछ ढूंढ रही है.

मैंने पूछा माँ क्या हुआ? क्या ढूंढ रहे हो? तो उन्होंने कहा कुछ नहीं बेटा लेकिन वह परेशान थी. मैंने बोला की शाम को ट्रेन है कुछ देर में निकलना होगा, तो सभी सामान पैक हो गया ना?

तो माँ ने कहा कि बेटा में सभी समान पेक कर ही रही हूं लेकिन कुछ सामान भी मार्केट से लाना है, सो चल वहां से हो आते हैं, फिर मैंने बोला मोम जो सामान लाना है बता दो मैं ले आता हूं, आप पैकिंग कर लो कुछ छूट न जाए.

तो वह कुछ हिचकाते हुए बोली की विस्पर का पैकेट लेकर आजा, मुझे घर में मिल नहीं रहा है. मैं थोड़ा सा अनजान बनते हुए कहा कि कहां से मिलेगा? और कैसा होगा. तो वह थोड़ा सा अजीब सा मुझे देखने लगी फिर बोली मेडिकल स्टोर पर बोलना तो वह दे देगा. मैं स्कूटी की चाबी लिया और निकल गया मार्केट जाते मैं सोच रहा था कि मम्मी की पीरियड आई हुई है वह ट्रेन में कैसे कंफर्टेबल होगी?

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तभी मुझे कुछ आईडिया आया कि पीरियड में लेडीज और ज्यादा सेक्स ढूंढती है क्यों ना मैं फायदा उठा लू इस मौके का? पापा भी नहीं हे, सो मैंने यह सोच के मेडिकल शॉप से विस्पर पैकेट मांगा तो उस ने पूछ लिया कौन सा साइज मुझे मालूम नहीं था तो मैंने बाहर आकर मॉम को कॉल लगाया और पूछा कि मोम साइज़ कौन सा लेना है?

तो वह बोली कि मीडियम ले लो. मैंने शॉप वाले से पूछा सबसे स्माल साइज के दे दो, उसने दे दिया और साथ में मैंने एक पैकेट कंडोम का भी ले लिया वहां से घर आते आते शाम हो गई.

मैंने बोला कि मैं अब निकलना है हमें. तो वह भी पैक कर ही चुकी थी, विस्पर वाला पैकेट लेकर अंदर चली गई, मैं समझ गया चूत से खून आ रहा होगा लगाने गयी है. जबी वह आइ तो कुछ सोच रही थी और मेने देखा की वह बार बार अपनी लेगी पर देख रही हे. मैंने पूछा क्या हुआ मोम?

मोम ने कहा कि बेटा यह तूने स्माल ले आया है, तो मैंने बोल दिया मोम मेने मीडियम ही मांगा था, तो उन्होंने कहा कि छोड़ बस साइड से लिक ना हो जाए, मैंने बोला कैसे लिक होगा मां दिखाओ जरा? तो वह मुझे गुस्से से बोली छोड़ चल निकलना है..

हम सब निकले, मैंने केब बुक कर के मंगवाया रेलवे स्टेशन के लिए निकल गए. जब हम पहुंचे रेलवे स्टेशन पर तो वहां ब्रिज क्रॉस करके हमें प्लेटफार्म पर जाना था, सब कुछ करके हम अपने ट्रेन में जाकर सीट ले लिए और सामान सेट कर दिया और बैठ गए मॉम खड़ी थी.

मैंने बोला बैठ जाओ, तो उन्होंने मुझे इशारा किया नीचे के साइड.. मैंने देखा निचे लेगी के साइड में हल्का सा लाल हो गया था, वह शरमा रही थी दुपट्टा नीचे करके कुछ निकालने लगी, उन्होंने एक लेगी निकाला और एक पेड और बाथरूम की और चली गई.

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वहां से फ्रेश होकर आई और मुझे गुस्से से घुरने लगी.

अब तक हम थोड़े से पीरियड को लेकर कोमन हो चुके थे, उन्होंने कहा कि मुझे सोना है मुझे पेन हो रहा है. तो मैंने कहा ठीक है आप सो जाओ, मोम सो गई कुछ देर के बाद मेंने देखा मोम को पीरियड वाला पेन तो नहीं? वह सो नहीं पा रही थी, दोनों पैरों को सही से रख भी नहीं पा रही थी.

तो मैंने कहा कि मैं कोई हेल्प करूं मा? तो वह बोली कि हां थोड़ा सा पैर को दबा दे और मैं अपनी सीट से उनकी सीट पर जाकर उनके पैर को दबाने लगा. केबिन में कोई नहीं था, फिर भी मैंने माँ को कंबल ओढा दिया, उसके बाद मैं पैर दबाते दबाते उनके जांघ तक पहुंचा, वह थोड़ी बहुत गर्मी में थी, कभी दोनों पैर को आपस में रगड़ रही थी.

मैं पैर दबा ही रहा था कि मुझे कुछ गीला फील हुआ, लेकिन माँ कुछ नहीं बोली. मैं थोड़ा सा मजे लेने के लिए वहां टच करने लगा दोनों पैर के बीच में गिला काफी हो गया था, तभी मोम ने दोनों पैर को जोर से दबाया और उसी में मेरा हाथ उनके दोनों पैर के बीच में कस के टच हो गया और मुझे लगा कीपैड के साइड से लिक हो रहा है.

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