बेटे द्वारा मा की गांद की सील तोड़ने की कामुक कहानी

मा: हा हेलो, बोलिए! ऑफीस पहुँच गये?

पापा: हा कब का. अर्रे मैने बताने के लिया कॉल किया था, की आज शाम को मेरी मा आ रही है( यानी मेरी दादी).

मा पहले उदास हो गयी, और मैं भी.

मा: ठीक है आने दो. मैं कहा डरती हू आपकी मम्मी से. फिर पापा बोले: चलो ठीक है. शाम में मिलते है. ओक बाइ.

मैं: दादी आ रही है? यानी की अब हम कैसे करेंगे? मुझे बिना किए नींद नही आती, और दादी रहती है तो और नही बनेगा करने में. क्यूंकी वो मेरे साथ ही सोती है. यार मम्मी अभी क्यूँ आ रही है?

मा हेस्ट हुए बोली: अब क्या कर सकते है. पर मा जी तो शाम को आ रही है ना. अभी हमारे पास बहुत टाइम है. तो जल्दी जाओ फ्रेश हो लो. फिर एंजाय करेंगे. फिर बाद में मौका मिलते ही लिपट जाएँगे.

मैं अपनी दादी के बारे में बता डू. वो मोटी ताजी भरे शरीर की मालकिन है, लंबी, चौड़ी. वो बड़े-बड़े चूचों, और 40द-38-42 के फिगर की मालकिन है, और उनकी उमर 58-60 होगी ज़्यादा नही.

देखने में बुद्धि नही लगती ज़्यादा. कम आगे में शादी हुई थी, और 2 बेटे हुए दादी के. बड़े पापा और बड़ी मा देल्ही रहते है. उनकी 1 बेटी है बस. दादी उनके पास से यहा आई थी रहने के लिए. कुछ दिन वाहा रहती है, कुछ दिन यहा. तो अब यहा आ रही थी.

वैसे मेरी दादी है काफ़ी फॉर्वर्ड टाइप की, और मज़किया भी है. उनकी सबसे बनती है. मैं इनकी काफ़ी इज़्ज़त करता हू. वो मेरे से बहुत प्यार करती है. मेरे साथ सोती है तो मुझे अपने से सत्ता कर ही सोती है. बहुत प्यारी और सुंदर है. अब कहानी पर आता हू.

मैं नहा कर आया. हम मा बेटा नाश्ता-पानी किए, और बातें करने लगे, की कैसे कब करेंगे.

अब मा बोली: टेन्षन नही लो. कुछ तो सल्यूशन निकलेंगे ही. पर मैं सोच रही हू की मम्मी जी (दादी) के जाने के बाद हनिमून प्लान करने को तेरे साथ.

मैं खुश हो गया: क्या मा! सच में? मा ये तो बहुत मज़ेदार होगा. बस मैं और आप. खूब मज़ा करेंगे. आपको जितना ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाना होगा चिल्ला लेना. कोई नही रोकेगा आपको.

मा बोली: धात बदमाश! पर तब तक के लिया हम बहुत कम करेंगे सेक्स. मौका मिलते ही चौका मारेंगे.

तो मैं बोला: बात तो सही है.

फिर मैने उन्हे उठाया, और टेबल पर लिटाया, और वही छोड़ना शुरू किया खड़े-खड़े. करीब 15-20 मिनिट बाद हम लोग झाडे और शांत हो गये. फिर मैं मा को बोला-

मैं: मा चलो ना रूम में.

मा बोली: चल मैं आती हू बर्तन धो के.

मैं बोला: ठीक है.

मेरे दिमाग़ में अब मा की गांद चुदाई की बात चल रही थी, की मैं आज और अभी ही उनकी गांद भी छोड़ डू. मैने सोचा की ठीक है, अभी ही सही रहेगा. क्यूंकी रात में तो सेक्स हो नही पाएगा हमारा, और उनका दर्द भी कम हो जाएगा. और मा भी नया कुछ एक्सपीरियेन्स करेंगी.

तो मैने सरसो का आयिल और वॅसलीन लेकर रख लिया रूम में टेबल पर. मा भी आ गयी और रूम लॉक कर दिया. फिर वो मेरे पास आ कर बैठी, और बोली-

मा: मेरे पति परमेश्वर, अब बताइए क्या सेवा करू आपकी?

मैं बोला: जानेमन आप इधर आओ.

और उनका हाथ पकड़ के अपने उपर खींच लिया. फिर मैने उनके बालों को खोल दिया, तो मा शर्मा के बोली-

मा: जानेमन वाह, मम्मी से जानेमन. तरक्की कर गये बेटा तुम तो.

मैं बोला: हा, अब क्या करू? सब के सामने मम्मी, अकेले में जानेमन.

तो बोली: भकक बदमाश!

और वो होंठो पर किस करने लगी.

मैं बोला: जानेमन आज कुछ नया करते है.

वो बोली: क्या?

मैं बोला: आज आपकी गांद छोड़ूँगा.

तो बोली: मैं आज तक नही ली हू वाहा. काफ़ी दर्द होगा उसमे. मैं बोला: मैं हू ना मा. प्यार से करूँगा. देखो सब तैयारी करके रखा हू.

मा देखी और बोली: यानी तू आज मेरी गांद की सील तोड़ेगा ही.

मैं बोला: हा.

तो बोली: ठीक है, मैं भी रेडी हू. आजा स्टार्ट करते है. फिर शाम को माता जी भी आ जाएँगी, तो फिर कुछ नही हो पाएगा. चल शुरू करते है.

मैं मा के कपड़े उतारने लगा. सारे कपड़े हमारी बॉडीस से उतार गये. अब हम नंगे हो गये, और मा को बोला-

मैं: मा चलो, आ जाओ आप 69 में.

मा तुरन्त आ गयी. उनको लगा की मैं छूट चाटूंगा. पर ऐसा नही था. मैने तुरंत उनकी गांद में जीभ फेरी. मा को तेज़ सनसनी हुई. वो मूह से लंड निकाल के मेरे तरफ देखी.

मैने पूछा: क्या हुआ?

तो वो बोली: बहुत अछा लगा.

और वो ब्लश कर दी.

मैं बोला: ठीक है. अब से आपकी गांद और छूट दोनो चाटूंगा.

वो बोली: ठीक है.

और मैं चाटने लगा. फिर करीब 5 मिनिट में मा गरम हो गयी और बोली-

मा: अब डाल दे अंदर. मेरी गांद में अजीब सी लेहायर उठी है.

मैं बोला: ठीक है.

मैने मा की गांद में तेल डाला, और एक उंगली डाली तो उसको हल्का दर्द हुआ. फिर मैने 2 उंगली डाली. मा दर्द से कराहने लगी.

मैं बोला: बस मा, ज़रा सा और डाल रहा हू, तुम टाइट नही करो.

मा बोली: ठीक है बेटा.

ये सब के बाद मा के सामने गया, और उनके मूह में लंड दिया, और बोला-

मैं: चूस के गीला कर दो पूरा इसको.

वो बोली: ठीक है.

फिर थूक से गीला करने के बाद मैने उन्हे उठाया, और उनके मूह में अपना लार टपकाया, और वो समझ गयी और स्लॉपी किस करने लगी. आज वाइल्ड सेक्स होने वाला था. उन्हे भी ये पता था, और मुझे भी. क्यूंकी दोनो लोग गरम थे.

फिर मैने मा के हाथ में वॅसलीन दी, और बोला: मेरे लंड पर लगाओ और मालो.

वो ऐसा ही की, और मेरा लंड पूरा चिकना हो गया.

फिर मैं बोला: चलो अब घोड़ी बन जाओ आप.

एयेए झट से घोड़ी बन गयी. मैं उनके पीछे गया और उनकी गांद को फैलाया. फिर लंड का टोपा अंदर फसाया. वो दर्द से चिल्लाई.

मैं बोला: शांति, अभी तो बस उपर का हिस्सा गया है.

वो बोली: बहुत दर्द हो रहा है बेटा. अया आराम से करना.

मैं बोला: ठीक है.

मैने मा के बाल को पकड़ा, और उनके सर को पीछे किया, और होंठो पर किस करने लगा. वो भी साथ दे रही थी. तभी मैने झटका दिया. मेरा आधा लंड गांद में चला गया. मा मेरे मूह में ही चिल्लाने लगी, पर कोई फ़ायदा नही था. मैं ज़रा रुका, और देखा तो मा की आँखों से आँसू निकल गये थे.

मैं बोला: मा ज़्यादा हो रहा है दर्द तो निकाल देता हू. नही करेंगे हम इसमे.

मा बोली: नही बेटा, ये प्यार का दर्द है. तेरे बाप से तो उमीद भी नही थी की वो मेरी कभी गांद मारेगा. पर मेरे बेटे को मॅन है मारने का, तो मैं ये दर्द सहूंगी. क्यूंकी मुझे भी बहुत मॅन था गांद मरवाने का. सभी औरतों को होता है. चल अब पूरा डाल.

मैने ज़ोरदार धक्का लगाया, और पूरा लंड अंदर. मा को ज़ोर से दर्द हुआ, और वो चीख दी-

मा: आहह बेटा, आराम से, आहह.

मैं बोला: बस-बस मा, हो गया.

तोड़ा रुक के मैं आयेज-पीछे करने लगा, और मा का हल्का दर्द कम होने लगा. उनको मज़ा आने लगा, और आवाज़ निकाल-निकाल के छुड़वाने लगी.

मा: आअहह आहह उम्म्म्मम बेटा क्या मस्त मज़ा देता है तू. तू ही मेरा असली पति है. तूने मेरा हर सुख पूरा किया है. मैं तेरी बीवी हू, तुझे जैसे मॅन है वैसे छोड़. आहह बेटा आहह, प्लीज़ और ज़ोर से मार धक्का, और ज़ोर से अयाया.

मैं: मा हा मा, बहुत मज़ा आ रहा है. आपको बहुत खुश रखूँगा मा.

फिर मैं मा के उपर उसी तरह से लेट गया, और उनकी एक टाँग अपनी कमर के पीछे ले गया. फिर करवट ले कर स्पून पोज़िशन में उनकी गांद मारने लगा.

मा बोली: वाह बेटा, ये . पोज़िशन है?

तो मैं बोला: . पोज़िशन है. बहुत मज़ा आ रहा है ना मा?

फिर मैं एक हाथ आयेज करके उनकी छूट को सहलाने लगा, और पीछे से गांद भी मारने लगा. मा 5 मिनिट में झाड़ गयी उंगली छूट में फेरने की वजह से. और मैं भी झाड़ गया, और किस करते हुए हम सो गये.

फिर शाम को हमारी नींद खुली. मा बहुत खुश थी. वो उठ के मेरे सर पर किस की, और कड्ड्ल रोमॅन्स करने लगी. वो मेरे होंठ चूमने लगी और बोली-

मा: थॅंक्स बेटा.

मैं बोला: आपको भी मा.

मा जब बेड से उठी, और कपड़े पहनने के लिया आयेज बढ़ी, तो उनको चलने में दिक्कत हो रही थी.

मैं बोला: मा ज़्यादा दर्द है क्या?

मा पलटी, और ब्लश की, और बोली: बेटा ये हमारे प्यार का असर है. मैं बहुत खुश हू. तू परेशन मत हो. मैं ठीक हो जौंगी आधे घंटे में.

तभी मेरा फोन बजा. पापा का कॉल आया था.

पापा बोले: मम्मी कहा है कॉल नही रिसीव की, 2 बार कॉल किया मैं.

मैं बोला: पापा मा के सर में दर्द था, तो डॉवा खा के सोई थी. मैं उठा देता हू. बोलो कोई मेसेज है तो बोल दूँगा.

तो पापा बोले: मैं जेया रहा हू स्टेशन, दादी को लेने. आधे घंटे में आ जौंगा दादी को लेकर.

मैं बोला: ठीक है.

और मैने और मा ने अपनी बातें जारी रखी. मा ने जब कपड़े पहन लिए, तो मैं भी पहन कर मा के पास गया. मैने उन्हे गोद में उठाया, और पूछा-

मैं: कहा चलॉगी जानेमन?

तो बोली: वॉशरूम जौंगी.

मैं बोला: चलो मैं ले चलता हू.

तो मैं उन्हे वॉशरूम पास ले गया उठा के. वो वॉशरूम करके निकली, और मुझे गले लगा लिया. फिर वो रोते हुए बोली-

मा: बेटा तूने मुझे बहुत प्यार दिया है. तू मेरी जान है.

मैं बोला: हा जान.

वो बोली: मेरे से इतना प्यार तू करता है, मुझे नही पता था.

मैं बोला: अब पता चल गया ना? तो फिर खुश हो जाओ, आँसू पॉंचो, और चुम्मि दो मुझे. और फिर हम दोनो किस किए. मैने शांति से उनको हाथ पकड़ के टेबल पर बिताया, और मैं बोला-

मैं: मा आज छाई मैं बना दूँगा.

और फिर मैने छाई बनाई, और दोनो लोग पिए. मैं मा के हाथ को पकड़ के छाई पी रहा था. हम दोनो कपल की तरह बात करते हुए छाई पिए, और एक किस करने के बाद हम अलग हुए.

फिर मैं बोला: मा आज से तो दादी सोएंगी मेरे साथ. कही मैं उन पर ना चढ़ जौ आपको समझ के.

तो मा हासणे लगी, और बोली: तू मेरा है. चढ़ जाना, पर देखना कही गड़बड़ ना हो जाए.

और मैं बोला: मा ऐसा कुछ नही होने वाला. दादी में क्या मज़ा होगा, कुछ नही.

तो मा बोली: जितनी ज़्यादा उमर होती है, उतनी ज़्यादा ख्वाहिशे बढ़ती है. बेटा देखना कही उनके साथ ना कर लेना.

मैं बोला: तो इससे आपको दिक्कत होगी?

वो बोली: नही दिक्कत नही होगी, क्यूंकी दिन में तो तुझे मेरी लेने का मौका मिल ही जाएगा. और रात में दादी के मज़े ले लेना.

और मा हासणे लगी.

मैं बोला: ठीक है देखते है.

इस कहानी में इतना ही. अगले पार्ट में आपको बताएँगे की कैसे दादी के आने के बाद हम मा बेटे ने चुदाई की. यानी कर पाए या फिर मा का बोला हुआ सच होता है, या नही. क्या दादी चुड्ती है मेरे से या नही.

अगर दादी चुड्ती है तो क्या मैं वो स्टोरी मैं आप लोगों को इसी टाइटल से सुनौउ, या फिर अलग सीरीस निकालु? कॉमेंट करके ज़रूर बताए. मिलते है अगले पार्ट में. तब तक के लिए धन्यवाद. अपना ख़याल रखे, और अपने लंड छूट पर हाथ फेरते रहे. क्यूंकी आने वाली स्टोरी और सीरीस बहुत ही कामुक होने वाली है. लोवे फ्रॉम मी मों. सी योउ गाइस.

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