बेटे और मा की बढ़ती नज़दीकियों की कहानी

हे फ्रेंड्स मी नामे इस राहुल. मेरी हाइट 5’8″ है. ई आम आवरेज बिल्ड वित लीन मसल्स, शॉर्ट ब्लॅक हेर, फेर लुकिंग आंड वेल ट्रिम्म्ड बियर्ड. मेरे घर में सिर्फ़ 3 जाने है मैं, मेरी मम्मी अनिता, और पापा, जो मोस्ट्ली आउट ऑफ सिटी रहते है ड्यू तो हिज़ बिज़्नेस.

मी मों इस 38 आंड हास आ रौंद फेस वित डार्क ब्राउन हेर, जो उनके शोल्डर्स के नीचे तक आते है. उनकी हाइट 5’8″ है, और फिगर 36-30-36 का है. शी इस आ हाइ स्कूल टीचर आंड हास आ वेरी पॉज़िटिव आंड चार्मिंग आटिट्यूड टुवर्ड्स एवेरिवन.

उनके फिगर और अंदाज़ के चर्चे मेरी कॉलोनी में हर कोई करता था, जो की मुझे सुनना पसंद नही था बिल्कुल. तीस स्टोरी बिगिन्स आक्च्युयली वेन मी दाद वाज़ तो रिटर्न होमे फॉर 3 डेज़ बिफोर हे वेंट बॅक फॉर हिज़ नेक्स्ट बिज़्नेस ट्रिप.

उस दिन फ्राइडे था, तो मैं कॉलेज गया हुआ था. ब्रेक में मैं अपने दोस्तों से बात कर रहा था, तो मैने उन्हे बताया की आज मेरे पापा आने वाले थे घर.

कार्तिक: अछा तो आज तेरी मम्मी रात भर जागने वाली है.

ये कह के वो हासणे लगा.

मोईन: सो तो ये भी कहा पाएगा आज, आवाज़े जो आएँगी आह ऑश उम्म हाहाहा की.

मुझे गुस्सा आ गया, और मैने ज़ोर से कहा-

मैं: चुप रहो तुम दोनो, शरम नही आती तुम लोगों को?

कार्तिक: अर्रे राहुल, गुस्सा क्यू करता है? मेरे पापा भी बाहर ही रहते है, और जब भी आते है मम्मी के साथ सेक्स करते है. ये तो नॉर्मल है, वो भी तो इंसान है.

मोईन: वही तो, और सोच अगर वो चुदाई ना करते तो क्या हम पैदा होते क्या? ये सुन के हम तीनो ही हासणे लग गये.

जब मैं घर वापस आया, तब तक पापा आ चुके थे, और वो मों के साथ बैठ के बात कर रहे थे. आज मों बहुत आचे मूड में लग रही थी, और पापा की फॅवुरेट सारी भी पहन रखी थी उन्होने. शायद वो पढ़ने भी उसी में गयी थी.

दाद: अर्रे राहुल बेटा, आ गये? हाउ अरे योउ? पढ़ाई कैसी चल रही है?

मैं: ठीक है दाद, आप कैसे है? ट्रिप अची गयी ना?

दाद: ओह एस ओफ़कौरसे, आंड लुक ई हॅव ब्रॉट आन ई-फोन फॉर योउ.

मैं ये सुन के बहुत खुश हो गया, और दाद को हग किया.

मैं: थॅंक योउ सो मच दाद.

मों: चलो आब फ्रेश होके आओ, और मैं खाना लगती हू.

मैं खाना खा के बाहर आपने दोस्तों के पास चला गया, और शाम को आते-आते देर हो गयी थी. इसलिए मैं आते ही खाना खा के सोने चला गया. मेरे पापा मम्मी बाहर काउच पर बैठ के मोविए देख रहे थे.

मेरे पेरेंट्स का रूम जस्ट मेरे बगल में ही था, और मेरे रूम से बाहर का सीन भी आचे से दिखता था. मैं अपना नया मोबाइल चलाने लगा था. तभी मेरी नज़र बाहर गयी और मैने देखा पापा-मम्मी एक-दूसरे को किस कर रहे थे. मुझे मेरे दोस्तों की बात याद आने लगी थी.

मों: विशाल, छोढ़ो मुझे, राहुल देख लेगा.

दाद: अभी वो बच्चा है. उसको कुछ समझ नही आएगा. और समझ भी गया तो क्या हुआ? मेरे पास लाइसेन्स है.

और वो दोनो हासणे लगे.

मों: वो बच्चा नही है, 18 यियर्ज़ का हो चुका है. चलो अंदर चलते है.

दाद: ठीक है मेरी आइस-क्रीम, चलो.

और वो दोनो न्यूली मॅरीड कपल की तरह एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर बेडरूम में चले गये. मैने कभी आज तक किसी को सेक्स करते नही देखा था, और मेरे दिमाग़ में ग़लत ख़याल आने लगे. 10 मिनिट बाद रूम से कुछ आवाज़े आने लगी थी.

मुझसे अब रहा नही जेया रहा था, तो मैने सोचा जाके देखता हू. लकिली, हड़बड़ी में उन लोगों ने दरवाज़ा लॉक नही किया था, और मैं हल्के से तोड़ा पुश कर दिया और उधर से आंदार का पूरा नज़ारा साइड व्यू से दिखने लगा था.

मैने देखा मों बेड पे अपने पैर फैला कर सिर्फ़ ब्रा पहने बैठी थी, और उनके हाथ पीछे सहारा दे रहे थे. वो आँख बंद करके मोन कर रही थी, और पापा का चेहरा मेरी मम्मी के जांघों में घुसा हुआ था. पापा मम्मी की छूट चाट रहे थे.

मों: आ बेबी उम्म्म, लीक इट प्रॉपर्ली, एस!

और मम्मी एक हाथ से पापा के बाल सहलाने लगी. मैं ये देख के एक-दूं शॉक्ड रह गया था. मेरी मम्मी को पहले भी मैने ब्रा में देखा था, पर आज जो देखा वो बिल्कुल अलग था. वो एक-दूं गरम हो चुकी थी, और उपर की तरफ देख के मोन करे जेया रही थी.

अब पापा ने अपना चेहरा हटा के अपनी उंगलियाँ डालने लगे. मैने बहुत कोशिश करी, पर मों की छूट नही देख पाया. पर उनकी झाँते दिख रही थी. अब मों और ज़ोरो से मोन करने लगी थी.

मों: ऑम्ग विशाल, एक और उंगली डालो ना. आंड मेक देम डीप आहह उम्म्म.

मैं ये सब सुन के बहुत अराउज़ हो चुका था, और मेरा हाथ मेरी पंत के उपर से मेरा लंड सहलाने लगा था. कुछ देर बाद पापा उठे, और मों को इशारों से अपनी पंत खोलने को कहा.

फिर मों स्माइल देते हुए पापा की तरफ बढ़ी, और उनका ट्राउज़र नीचे कर दिया. पापा का लंड 6 इंच का था, और एक-दूं कड़क हो चुका था. मों ये देख के बहुत खुश हो गयी, और अपने हाथों से उनके लंड को हिलने लगी और लंड के हेड को लीक करने लगी अपनी जीभ से.

मुझसे अब रहा नही जेया रहा था. मैने अपना भी लंड बाहर निकाल लिया था, और धीरे-धीरे हिलने लगा था.

पापा: चूसो ना डार्लिंग, बहुत दीनो से भूखा है.

ये कह कर पापा ने मम्मी के बाल पीछे ज़ोर से पकड़ लिए.

मों: अछा? क्या मैं पॉर्न आक्ट्रेस दिखती हू तुम्हे, जो तुम्हारा बड़ा लंड चूसेगी, और अपने मूह को छोड़ने देगी?

ये बोलते हुए मों पापा के डिक हेड पर अपनी जीभ भी फेरती, और पापा की तरफ देख कर सेडक्टिव स्माइल भी कर रही थी.

पापा: तू मेरी पर्सनल पॉर्न आक्ट्रेस है, जो सिर्फ़ मेरा लंड चूसेगी.

ये बोल के वो मों के मूह में अपना लंड घुसने लगे. और मों ने भी उनका लंड एक ही बार में पूरा अंदर ले लिया. ये सब देख और अपने पेरेंट्स के मूह से इतनी गंदी बातें सुन के मैं पागल हो चुका था. मैं और ज़ोर-ज़ोर से अपना लंड हिलने लगा गया था.

कुछ देर ऐसे ही चलता रहा, और मेरी मम्मी जो एक-दूं डीसेंट सी दिखने वाली टीचर है, किसी रंडी की तरह मेरे पापा का लंड चूज़ जेया रही थी. फिर पापा थोड़े पीछे हुए, और मों को एक छाँटा मारा.

उन्होने कहा: चल रंडी, अब जल्दी से कुटिया बन जेया, और अपनी गांद को मेरी तरफ कर.

मों ने बिना कोई सवाल जैसा कहा गया वैसा ही किया, और झट से पीछे मूड गयी. अब पापा मों को डॉगी-स्टाइल में छोड़ रहे थे, और फुल स्पीड में उनका लंड अंदर-बाहर हो रहा था.

मम्मी कभी अपने होंठो को काट-ती, तो कभी अपनी जीभ फेरते हुए हाँफने लगी थी. शायद वो चाहती थी की ज़्यादा आवाज़े ना आए, इसलिए एक हाथ से अपना मूह भी बंद कर रही थी. बुत पापा कुछ और ही मूड में थे.

वो ज़ोरदार धक्के लगते हुए मेरी मम्मी की गोरी गांद पर थप्पड़ भी जड़ने लगे एक के बाद एक.

मों: आहह मदारचोड़, आराम से कर ना. रंडी नही हू मैं आहह.

ये बोल के मा ज़ोर से चिल्लाने लगी. मेरे तो होश उडद गये. जो मों मुझे गाली बकने पे थप्पड़ लगा देती थी, आज वो अपने पति को मदारचोड़ बोल रही थी, और चुड रही थी. ये सब सुन के मैं हड़बड़ा गया, और इसी बीच मेरे मम्मी ने दरवाज़े की तरफ देखा और वापस अपनी नज़रे घुमा ली.

मैं समझ नही पाया की मम्मी को पता चला या नही, और मैं दर्र गया. फिर मैं अपने रूम में भाग गया. अपने रूम में जाके मैने हिला के अपना पानी गिरा दिया, और दर्र के मारे सो गया. बाजू वाले रूम से अभी भी आवाज़ आ रही थी, और अब तो कुछ और ज़ोर से आने लगी थी.

मों: आअहह… ऑश राहुल के पापा छोड़ो मुझे, ज़ोर से छोड़ो अहह.

पापा: आ इतने ज़ोर से मत चिल्ला. राहुल उठ जाएगा, और अपनी मा की चुदाई देख लेगा.

मों: उम्म्म्म, तो देखने दो ना. क्या फराक पड़ता है अहह. तुम ही ने तो कहा था सिसकारियाँ लेते हुए.

कुछ देर बाद जब ये सब ख़तम हो गया, तो मुझे नींद आ गयी, और जब मैं उठा तो पापा बाहर घूमने जेया चुके थे. मैं फ्रेश होके ब्रेकफास्ट करने के लिए गया. फिर जब मैने मों को देखा, तो मुझे दर्र फील होने लगा की वो क्या कहेंगी अगर उन्होने मुझे कल रात देख लिया होगा तो.

मैं चुप-छाप से अपना सर झुकाए डाइनिंग टेबल पर जाके बैठ गया, और नाश्ता करने लगा. उतने में मों आई, और मेरे सामने वाली कुर्सी पर आके छाई पीने लगी.

मों: राहुल, कल रात तुम सोए नही थे(कड़ी आवाज़ में कहा मों ने)?

मैने मों को देखा और वो एक-दूं गुस्से से मुझे देख रही थी. इसलिए मैने दर्र के मारे उन्हे सब सच बता दिया, की कैसे मेरे दोस्तों ने ये सब बोला, और मुझे देखने का मॅन किया.

मों: तुम्हे अपने दोस्तों से तोड़ा डोर रहना चाहिए. ये बिल्कुल अची बात नही है. वैसे और क्या कहते है तुम्हारे दोस्त मेरे बारे में?

मेरी मों मेरे दोनो बेस्ट फ्रेंड्स मोईन और कार्तिक को आचे से जानती थी. मुझे बहुत एंबॅरसमेंट फील हो रही थी, इसलिए मैने कुछ भी नही बोला, और नीचे देख के बैठा रहा. मों ने अब थोड़ी लाइट टोने में मुझसे पूछा-

मों: राहुल, तेरी कोई गफ़ है?

मैने ना में अपना सर हिला दिया.

मों: इसीलिए तुम इतने उतावले हो रहे थे?

मेरे हा बोलने पे मों हासणे लगी. मों को हस्ता हुआ देख मैं तोड़ा शांत हुआ और उपर देख कर स्माइल करने लगा.

कल रात के बाद कुछ बदल सा गया था. वैसे तो मैं और मम्मी काफ़ी फ्रॅंक थे पहले से ही. पर अब मुझे थोड़ी शरम कम आने लगी थी, और मैने चीज़ों को हल्के में लेना चालू कर दिया था.

मों: इतना बाद फील मत कर. कोई नही, तेरी उमर में होता है. वैसे भी तेरी गफ़ नही जिसके साथ तू ये सब कर सके.

और मों ने स्माइल करके विंक कर दिया. मैं शर्मा के हासणे लगा और बोला-

मैं: मों आप भी ना.

मों: क्या आप भी ना? आज कल तो सेक्स नॉर्मल हो गया है तुम लोगों की जेनरेशन में. तूने नही किया तो क्या हुआ. तुम्हारे दोस्तों ने और भी कुछ कहा होगा मेरे बएरए में?

मों को इतना नॉर्मल होते देख मैं भी मों के खुल के बात करने लगा.

मैं: वो लोग बोलते है की आप एक-दूं पताका हो, और मोईन तो आपका पूरा दीवाना है. वो तो घर ही आपको देखने के लिए आता है. सिर्फ़ वो दोनो ही नही, पूरी कॉलोनी के लड़के आप पर मरते है. उन्होने तो आपको इस कॉलोनी की सबसे सेक्सी मिलफ भी कहा है.

ये सब सुन के मों शॉक रह गयी, और फिर शर्मा के स्माइल भी करने लगी.

मों: चल हॅट! तुम ये सब बना रहे हो मुझे खुश करने के लिए.

ये बोल के मों उठी, और कित्चें की तरफ गयी. वो जब उठ के जेया रही थी, तो उनकी चाल कुछ अलग सी थी. पर मेरी नज़र उनकी गांद पर थी जो आज ज़्यादा मटक रही थी.

मैं: मों लगता है रात को बहुत मज़ा आया आपको. एक ही रात में चलने की स्टाइल ही बदल गयी(स्माइल करते हुए कहा मैने).

मों पीछे मूडी और अपना एक हाथ अपने मूह पर रख के बोली: बदमाश! चुप-छाप नाश्ता कर. वरना सारी हरकत पापा को बता दूँगी. और फिर देखेंगे किसकी चाल चेंज होती है.

इस बात पे हम दोनो हासणे लगे. अब वो मेरे पीछे आई, और धीरे से मेरे कानो में बोली-

मों: अगर नेक्स्ट टाइम तुम्हे हमे करते हुए देखना हो तो बता देना. मैं वापस अपना दरवाज़ा खुला रख दूँगी.

ये बोल के मों ने मेरे गालो पे किस किया, और सर पे हाथ फेर के चली गयी. अब मैं अपनी मों को गंदी नज़र से देखने लगा था. उनके चेहरे से ज़्यादा मेरा ध्यान उनके बूब्स और सुडोल गोल गांद के उपर रहता था. वो जब भी चलती थी, मैं उनकी गांद की तरफ ही देखने लगता.

एक दो बार तो पापा ने भी मुझे टोक दिया की मैं क्या घूरे जेया रहा था. मुझे वापस मों और दाद की चुदाई देखनी थी, और सिर्फ़ वही सीन दिमाग़ में हमएसा चलता था. इसी सब बीच मों और दाद दोनो बाहर थे, और मैं घर पे अकेले था, क्यूंकी मैं कॉलेज से जल्दी आ गया था.

मैं अपने रूम पे पॉर्न देख रहा था, और अपना लंड हिला रहा था. तभी अचानक मों की आवाज़ आई, और एक झटके से वो मेरे रूम मैं चली आई.

मैं एक-दूं उसी पोज़िशन में बैठा रह गया. मेरा एक हाथ लंड पे और एक अपने निपल्स पर था. मों ने मुझे देखा, और उनकी नज़र जैसे ही मेरे लंड पे पड़ी, उनकी आँखें बड़ी हो गयी और वो एक टक्क कुछ सेकेंड्स वैसे ही दरवाज़े पे खड़े मेरे लंड को देखने लगी.

जो बात और शॉकिंग थी, की वो मेरा लंड देख कर धीरे से आपने होंठो पे अपनी जीभ फेरने लगी. और तभी मुझे होश आया, और उठ कर मैने अपने शॉर्ट्स उपर कर लिए. बुत पॉर्न अभी भी चल रहा था. मों अब मेरे पास आई, और स्क्रीन पे पॉर्न देखने लगी. उन्होने कुछ देर देखा, और फिर बोली-

मों: राहुल, तुम्हे दरवाज़ा बंद करना चाहिए था ना?

और वो स्माइल करने लगी.

मे: सॉरी मों, आयेज से नही होगा.

मों: कोई बात नही, होता है ये सब. वैसे अगर तूने किसी लड़की को ये दिखाया होता, तो एक ही बार में वो तेरी गफ़ बन जाती(मेरे लंड की तरफ इशारा करके सेडक्टिव वे में बोली मम्मी, और चली गयी).

मैं समझ नही पा रहा था की ये हो क्या रहा था. मों इतना चेंज कैसे हो गयी, और वो चाहती क्या थी. दूसरे दिन कुछ ख़ास नही हुआ, क्यूंकी हम तीनो बाहर घूमने गये थे साथ में टाइम स्पेंड करने के लिए.

अब एक लास्ट सनडे था जिसके बाद पापा वापस जाने वाले थे ट्रिप पे. उस दिन सुबा जब मैं उठा, मैं ब्रेकफास्ट करके काउच पर पापा के साथ बैठा था, और न्यूज़ देख रहा था. तभी बातरूम से मों ने आवाज़ लगाई-

मों: विशाल मुझे टवल दो, बाहर बेड पे पड़ा है.

पापा मेरी तरफ देखे और बोले: जाओ, मों को टवल डेडॉ हमेशा भूल जाती है.

मैं उठा, और टवल देने गया. पर जैसे ही बातरूम के अंदर झाँका, तो देखा मों सिर्फ़ पनटी पहने हुए खड़ी थी. उसके बूब्स एक-दूं रौंद और काफ़ी बड़े लग रहे थे, जिनका साइज़ बाहर से पता नही चलता था.

उनके निपल्स ब्राउन कलर के थे, और खड़े थे. उनके गोरे बूब्स देख कर मैं अपनी नज़र हटा नही पा रहा था, और टवल हाथ पे लिए उधर ही खड़ा रहा. और मों ने भी अपने बूब्स नही च्छुपाए.

मों: ऑम्ग, मुझे लगा विशाल आएँगे. चलो टवल मुझे दो, और घूर्णा बंद करो (सेडक्टिव स्माइल करते हुए).

मैं टवल देके चला गया, पर जो मैने देखा वो मेरे लिए कंट्रोल के बाहर था और मैं सीधा अपने रूम में जाके हिलने लगा. दिन भर सब कुछ नॉर्मल रहा, और हमने एक-दूसरे की तरफ ज़्यादा नही देखा.

मुझे बहुत शरम आ रही थी अपनी मा को उस रूप में देखने के बाद. वो एक-दूं सेक्स गॉडेस लग रही थी खुले भीगे बालों में. जो निपल्स के उपर आ रहे थे, पर बूब्स च्छुपाने में बिल्कुल नाकाम थे.

सेक्सी गुलाबी होंठ और शरीर के उपर पानी के छींटे धीरे-धीरे नीचे गिर रहे थे. उनके थाइस को देख कर लग रहा था, की जाके दाँत काट लू. ये सब देख के मेरे मॅन में अपनी मों को छोड़ने के ख़याल आने लग गये. मैं इमॅजिन करने लगा पापा की जगह खुद को.

शाम को पापा मम्मी किसी फंक्षन पे जाने वाले थे, और पापा बाहर गिफ्ट लेने गये थे. मों तैयार हो रही थी. मैं टीवी देख रहा था. तभी मों ने मुझे आवाज़ लगाई, और अपने रूम पे बुलाया. मों उल्टी तरफ खड़ी थी, और सिर्फ़ पेटिकोट पहने हुए थी. उनकी बॅक पूरी नज़र आ रही थी.

मों: राहुल, ये ब्रा का हुक लगा दो. बहुत टाइट है.

मैं हुक लगाने के बहाने मों के बहुत करीब चला गया, और उनकी पीठ छूने लगा. बुत धीरे से, ताकि उन्हे शक ना हो. उनकी बॅक काफ़ी मुलायम थी, और ब्रा बहुत ही टाइट. और मुझे काफ़ी मशक्कत करनी पड़ी वो लगाने के लिए.

इसी बेच मैने नोटीस किया मों तोड़ा पीछे आई, और अपनी गांद मेरे शेरीर में सताने लगी. शायद मुझे आसानी हो हुक लगाने मैं, इसलिए पीछे आई होंगी. बुत मुझे मज़ा बड़ा आ रहा था.

मों: तोड़ा और टाइट से खींच. तेरे पापा ने छ्होटा साइज़ ला दिया और बूब्स दबा-दबा के बढ़ा दिए.

ये बोल के वो अपनी गांद हल्के-हल्के हिलने लगी. उनकी गांद सीधा मेरे क्रॉच पे आ रही थी, और मेरे लंड पे महसूस हो रही था. मेरी साँसे बढ़ने लगी थी जो वो अपनी नेक पे भी महसूस कर सकती थी.

मेरा लंड एक-दूं कड़क हो चुका था, और मेरी मा की गांद के बीच फ़ासस रहा था. ज़्यादा टाइट होने के कारण वो हुक टूट गया. तभी मेरे होश वापस आए.

मों: ओह शीत! हुक को भी अभी टूटना था. मेरी पुरानी ब्रा सब छ्होटी है. लगता है आज बिना ब्रा पहने जाना पड़ेगा.

मों अब एक हाथ से अपने बूब्स च्छूपति हुई मेरी तरफ मूडी, और मेरा ध्यान उनके चेहरे की बजाए उनके बूब्स पे चला गया. अपने हाथो से दबाने के कारण वो और भी साइड से बड़े और उभरे हुए लग रहे थे. और सिर्फ़ निपल्स च्छूपे हुए थे.

मों: अब उपर भी देखेगा या सिर्फ़ अपनी मा के बूब्स को घूरते रहेगा. वैसे भी तू इन्हे पहले भी देख चुका है(स्माइल करते हुए).

मे: मों, आप बहुत सुंदर हो. पापा बहुत लकी है जो आप से उनकी शादी हुई.

अब मों ने अपने हाथ बूब्स से हटाए, और मेरी कमर पे रख दिए.

मों: सिर्फ़ पापा ही नही तुम भी बहुत लकी हो.

ये कह कर उन्होने मेरे गाल पे किस कर दिया, और धीरे से एक हाथ नीचे मेरे खड़े लंड की तरफ लाई, और उपर से सहलाने लगी.

मों: अब जाओ अपने बातरूम में और इस बड़े लंड को शांत कर लो (सेक्सी स्माइल करते हुए बोली).

तीस इस थे एंड ऑफ फर्स्ट पार्ट ऑफ मी स्टोरी. अगर आपको पसंद आई हो, तो मुझे मैल करना ना भूले. और अपनी फीडबॅक ज़रूर दे.

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