बेटे ने मां की भट्ठी जैसे चूत में लंड डाला

दोस्तो मेरे कॉलेज के एग्जाम भी खत्म हो चुके थे। और सर का भी ट्रांसफर हो चुका था। तो सर का आना भी बंद था। मम्मी को चुदे हुए एक महीना हो चुका था।

मैं और मम्मी बोर होने लगे थे। और मम्मी पहले की तरह उदास सी रहने लगी थी। मैं समझ गया था मम्मी की उदासी की वजह। लेकिन समझ नहीं आ रहा था क्या करूं।

मम्मी अपने बेडरूम में लेटी-लेटी सर के दिए हुए खिलोने (रबड़ के लंड) से अपनी चूत की प्यास बुझाती और मैं अपने बेडरुम में लेटे-लेटे मम्मी को याद करके मुट्ठ मारता। ऐसे ही महीना निकल गया। आज इवनिंग को मेरा रिजल्ट आने वाला था, तो मैं और मम्मी काफी एक्साइटमेंट में थे।

शाम को रिजल्ट आया, जिसे देख कर मैं ओर मम्मी खुशी से झूम उठे, और मैंने मम्मी को गले लगा लिया। क्योंकि मैंने कॉलेज टॉप किया था।

मम्मी: मुबारक हो बेटा।

मैं: थैंक्स मम्मा।

फिर मम्मी चाय बना कर लाती है, और हम चाय पीते हुए बात करते है।

मम्मी: बेटा आज मैं बहुत खुश हूं। बता तुझे क्या गिफ्ट चाहिए?

मैं: नहीं मम्मी रहने दो, मेरे पास सब कुछ तो है।

मम्मी: अरे बता ना क्या चाहिए?

फिर थोड़ी देर सोचने के बाद।

मैं: मम्मी, मैं देख रहा हूं जब से सर गए है आप बहुत उदास हो।

मम्मी: नहीं बेटा, ऐसा कुछ नहीं है। (फिर थोड़ी देर बाद सोचते हुए) तेरा तो कोर्स पूरा हो गया, मेरा अभी अधूरा है, इसलिए (और मम्मी मुस्कराने लगी)।

मैं: मम्मी बुरा ना मानो तो एक बात बोलूं?

मम्मी: हां बोल ना, मैंने आज तक तेरी बात का बुरा माना है?

मैं: क्यों ना मैं आपको टयूशन पढ़ा दूं।

मम्मी: पागल हो गया हैं क्या तू? नहीं ऐसा नहीं हो सकता।

मैं: क्यों नहीं हो सकता? कब तक आप उस खिलोने के साथ अपने आपको खुश रखोगी। मुझे पता है आप डर रही है। प्रोमिस मम्मी,‌ किसी को कुछ पता नहीं चलेगा, और मैं सर की तरह आपको छोड़ कर भी नहीं जाऊंगा।

और इतना बोल कर मैं अपने रूम में चला जाता हूं। रात को,

मम्मी (आवाज लगाते हुए): बेटा खाना खा ले।

मैं: नहीं मम्मी, मुझे भूख नहीं है।

मम्मी (मेरे रूम में आकर मेरे और मेरे सिर को चूमती हुई): प्लीज बेटा, खाना खा ले। तुझे मेरी कसम।

मैं खाना खा लेता हूं। और टीवी देखने लग जाता हूं। एक घंटे बाद (रात को दस बजे)‌ मम्मी मुझे आवाज़ लगाती है।

मम्मी: ध्रुव बेटा, आना।

मैं मम्मी के रूम मैं जाता हूं, तो मम्मी जींस और कुर्ते में लाइट मेकअप करके लेटी हुई होती है।

मैं: क्या हुआ मम्मा?

मम्मी: बेटा मेरा शरीर दुख रहा है, थोड़ा दबा देना। (मेरे मन में अजीब सी खुशी होती‌ है, कि शायद मम्मी मुझसे चुदने को तैयार‌ थी)

मैं: ठीक है मम्मी।

फिर मैं मम्मी का बदन दबाने लगता हूं। 15 मिनट बाद-

मैं: मम्मी आपकी मालिश कर देता हूं, तांकि जल्दी आराम मिल जाए।

मम्मी: ठीक है।

मैं: मम्मी आप कुर्ता और जींस खोल दो, तांकि तेल में गंदे ना हो।

मम्मी: तू उधर मुंह कर, मैं खोल कर चद्दर डाल लेती हूं। तू चद्दर के अंदर कर देना।

मैं: क्या मम्मी, आप भी ना, मैं तो आपको पूरी नंगी देख चुका, और चुदवाते हुए भी, फिर क्या शर्माना।

मम्मी: चल ठीक है बेटा।

फिर मम्मी अपना कुर्ता उतार कर उल्टी लेट जाती है। मम्मी की मखमली पीठ पर मेहरून कलर की ब्रा, जिसे देख कर ही मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर मैं मम्मी के पीठ की मालिश करता हूं।

10 मिनट बाद मैं बोला: मम्मी‌ पीठ की तो हो गई, अब पैरों की।

मम्मी: ठीक है।

मैं: मम्मी, आपकी पेंट उतार दूं क्या?

मम्मी: हां उतार दे।

फिर मैं नीचे हाथ ले जा के मम्मी की जींस का बटन खोलता ( मम्मी भी कुल्हों को ऊपर उठा कर मेरी हेल्प करती है) हूं, और पेंट को खींच कर निकल देता हूं।

वाह! आह! क्या बड़ी-बड़ी, मोटी और गोल मटोल मटके जैसी गोरी गांड, और दूध जैसी चिकनी सुडोल जांघ, मेरे तो मुंह में ही पानी आ गया। ओर दोनों कुल्हों के बीच मैं फसी हुई मम्मी की मेहरून कलर की पेंटी।

मम्मी एक दम पॉर्न स्टार की तरह लग रही थी। फिर मैं मम्मी के बड़े-बड़े मांसल कुल्हों और सुडौल जांघो की मालिश करता हूं।

10 मिनट बाद: कैसा लग रहा हैं मम्मी?

मम्मी: बहुत अच्छा बेटा।

मैं (मम्मी के कान के पास मुंह ले जाकर): आई लव यू मम्मी, प्लीज मम्मा, मुझे आपको (ओर चुप हो जाता हूं)।

मम्मी पलटते हुए मुझे अपनी तरफ खींचती है और गले लगा कर ( धीरे से कान में): आई लव यू बेटा, ठीक है, चोद लो अपनी मम्मा को।

और कब हमारे होंठ चिपक जाते हैं, पता ही नहीं चलता।

मैं मम्मी के ऊपर लेट जाता हूं, और हम एक-दूसरे के होंठो को चूमना शुरू कर देते है। मम्मी थोड़ा सा ऊपर उठने को इशारा करती है। जैसे ही मैं हल्का सा ऊपर उठता हूं, मम्मी मेरी टी-शर्ट और बनियान उतार देती है, और मेरी जीभ को खुद के मुंह में लेकर चूसने लगती है।

मम्मी के ब्रा में से बूब्स मेरे सीने में गढ़ने लगते है। और हमारी किसिंग चालू रहती है। मम्मी मेरी पीठ पर हाथ फिरते हुए कभी होंठो को चूसती है, तो कभी जीभ को।

थोड़ी देर बाद मैं भी मम्मी के गुलाबी होंठों को चूसना शुरू कर देता हूं। वाह! क्या रसीले होंठ थे मम्मी के। कमरे मैं हमारे चूमने ही आवाज गूंजना लगती है उम्मम्म हम्म उच्चचच उम्म्म्म आह्ह्ह्ह उम्मम्म हम्म उच्चचच उम्म्म्म आह्ह्ह्ह।

15 मिनट तक हमारी चुम्मा-चाटी चलती रहती है। फिर मम्मी मुझे अपने ऊपर से उठा कर बेडरुम से किचन में पानी पीने चली जाती है। जाते वक्त मेहरून ब्रा पैंटी में मम्मी का सुडोल बदन और मटकते कुल्हे देख कर मेरे शरीर मैं अजीब सा करंट लगने लगता है। मम्मी रसोई से पानी पीकर आई और मुस्कराते हुए-

मम्मी: कैसा लगा बेटा?

मैं: वाह मम्मी, मजा आ गया।

फिर मम्मी मेरी टी-शर्ट और बनियान खोल कर मेरे ऊपर लेट गई, और दुबारा मेरे होंठो को चूसने लगी, और फिर कमरा उम्मम्म हम्म उच्चचच उम्म्म्म आह्ह्ह्ह उम्मम्म हम्म उच्चचच उम्म्म्म आह्ह्ह्ह की आवाजों से गूंज उठा।

अब मैं मम्मी की पीठ पर हाथ फेर रहा था, और मम्मी की ब्रा के हुक खोलने की कोशिश करने लगा। पर ब्रा इतनी टाइट थी कि मुझसे खुली ही नहीं। फिर मम्मी हल्का सा मुस्कुराती हुई, थोड़ा सा ऊपर होकर, अपने हाथ पीछे ले जाकर ब्रा का हुक खोलती है, ओर ब्रा को हटा कर बेड से नीचे फेंक देती है, और फिर दुबारा मेरी जीभ को मुंह में लेकर चूसने लगती है।

अब मुझे मम्मी के बड़े-बड़े मुलायम बूब्स मेरे सीने पर चुभते हुए महसूस होते हैं। 15 मिनट बाद मम्मी मेरे दोनो निप्पलों को चूसती हुई पूरे शरीर पर चुम्मा-चाटी स्टार्ट कर देती है। और एक हाथ को पजामे के ऊपर ले जाकर मेरे लंड को मसलती हैं।

फिर 5 मिनट बाद मम्मी खड़ी होती है, और मेरे पजामे और चड्डी को उतार देती है। मेरे 6 इंच लम्बे और 3 इंच मोटे लंड को देख कर मम्मी के चहरे पर चमक आ जाती है।

मम्मी: क्या बात है बेटा, तुम्हारा लंड तो काफी मोटा हैं।

मैं: मम्मी अब ये आपका है, इसका जो करना है करो।

मम्मी मुस्कराते हुए मेरे लंड को किस करती है, और गप्प से मुंह में ले लेती है। मम्मी के मुंह की गर्मी से मेरे लंड में चीटिया सी दौड़ने लगते है। मम्मी मेरे लंड को लॉलीपॉप की तरह गपा-गप चूसने लगती, और मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगती है। फिर एक ही झटके में मेरा गाड़ा वीर्य मम्मी के मुंह में निकलने लगता है, जिसे मम्मी पूरा गटक जाती है।

मैं: सॉरी मम्मा, मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ।

मम्मी: कोई बात नहीं बेटा, तेरा पहली बार है ना इसलिए। वैसे तेरा वीर्य बहुत टेस्टी था। कई सालों बाद ऐसा वीर्य मिला हैं।

फिर मम्मी मेरे बगल में लेट जाती है, और हम एक-दूसरे के होंठो को चूमने लग जाते है। मम्मी एक हाथ से मेरे लंड को सहलाती है, और मैं मम्मी के बूब्स को मसलने लगता हूं।

मैं: अम्मी मुझे आपके बूब्स चूसने है।

मम्मी: बेटा इसमें पूछने वाली क्या बात है। तुझे जो करना है कर। चाहे तो तू इनको मसल, दबा या चूस। तेरी जो मर्जी है, कर ले।

फिर मम्मी सीधी लेट जाती हैं। मम्मी के बड़े-बड़े, गोरे-गोरे, गोल-मटोल बूब्स जिन पर डार्क रंग के 1 इंच के उंगलीनुमा उभरे हुए निप्पल थे।

मम्मी: बेटा क्या देख रहा है? कुछ करेगा भी या देखता ही रहेगा?

मैं (मम्मी बूब्स को दबाता हुआ): मम्मी ऊपर से कितने मुलायम और अंदर से कसे हुए लग रहे है आपके बूब्स।

मम्मी: हमम, कितना अच्छा लग रहा है तेरा हाथ।

फिर मैं एक बूब्स को दोनों हाथों से मसलने लग जाता हूं और दूसरे को चूसने। वाह, क्या बूब्स थे, फिर दूसरे को दबाने और पहले वाले को चूसने, तो कभी दोनों को दबाने।

मम्मी भी धीर-धीरे सिसकारियां भरने लग जाती है।

फिर जैसे ही मैं दातों से मम्मी के निप्पल काटता हूं, मम्मी आह आह आह की आवाज के साथ तड़प उठती है। दोस्तों आधे घंटे तक मैं मम्मी के बूब्स चूस-चूस कर लाल कर देता हूं।

मम्मी: अब बस कर बेटा दर्द हो रहा है।

तो मैं मम्मी की चड्डी पर हाथ फेरता हूं। मम्मी की चड्डी पूरी गीली हो जाती।

मैं: मम्मी आपका शुशु निकल गया क्या? आपकी चड्डी तो पूरी गीली हो गई।

मम्मी: अरे पागल ये सुसु नहीं है। जैसे तेरा पानी निकलता है ना, वैसे ही फीमेल का भी पानी निकलता। इसका मतलब है कि अब वो चुदने को तैयार है, और इससे लंड आसानी से चूत मे घुस जाता है।

फिर मैं मम्मी के पेट को चूमता हुआ नीचे की ओर आता हूं, तो सुर्ख लाल चड्डी जो कि त्रिभुज के शेप सी, जिससे सिर्फ मम्मी की चूत की ढकी होती है, और चारों तरफ हल्के-हल्के काले बाल दिखते है, मैं मम्मी की चूत को देखने के लिए काफी एक्साइटमेंट में था।

फिर मैं मम्मी की पैंटी की इलास्टिक को कमर से पकड़ कर नीचे करता हूं, तो मम्मी भी अपने कूल्हे ऊपर उठा कर मेरी हेल्प करती है, और मैं मम्मी की पैंटी की अलग कर देता हूं। वाह क्या चूत थी, ऐसा तो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। हल्की गुलाबी रंग की दरार में दो डार्क रंग की पंखुड़ियां और चारों तरफ से हल्के-हल्के बाल। जैसे चूत नहीं जन्नत का दरवाजा हो।

फिर मैं नीचे झुक कर किस करता हूं, तो नमकीन जैसा कुछ टेस्टी सा लगता है। फिर जीभ निकाल कर ऊपर से चाटना शुरू करता ही हूं। मम्मी आआ आह की आवाज निकालती है, और अपने पैरों को चौड़ा करके मेरे सिर को चूत पर दबाने लगती है।

मैं भी मम्मी की चूत को चाटते-चाटते जीभ को चूत के अंदर घुसा देता हूं, जिससे मम्मी और जोर से सिसकारी भरती है। 15 मिनट चूत चुसाई के बाद।

मम्मी: बस बेटा, अब सहन नहीं होता। जल्दी से अपने मोटे लंड को मेरी चूत में घुसा दे।

मैं: ठीक है मम्मी।

और मम्मी अपने पैरों को पूरा चौड़ा कर लेती है, जिससे चूत का मुंह थोड़ा सा खुल जाता है।

मम्मी: बेटा आराम से करना।

मैं: ठीक है मम्मी।

ये सुन कर मैं अपना लंड मम्मी की चूत पर रगड़ता हूं, और फिर लंड के मुंह को मम्मी की चूत पर रख कर हल्का सा झटका मार कर लंड का सिरा मम्मी की चूत में घुसा देता हूं। जिससे मम्मी की चीख निकल पड़ती है।

मम्मी: आआआह्हह प्लीज बेटा आराम से। इतने मोटे लंड से मैं आज तक नही चुदी।

फिर मैं थोड़ी देर रुकता हूं, ताकि मम्मी को रिलेक्स मिले ।

मम्मी: बेटा घुस गया क्या पूरा?

मैं: हां मम्मी, बस थोड़ा सा है (जबकि आधे से ज्यादा लंड बाहर था)

मम्मी: बेटा आराम से।

मैं: ठीक है, मम्मा।

फिर मैं एक जोर दार धक्का मारता हूं। जिससे पूरा का पूरा लंड एक ही झटके में मम्मी की चूत में समा जाता है। और मम्मी जोर से चीखती है।

मां:‌‌ ऊऊई मां री मर गई आह्हह।

और फिर मैं थोड़ी देर रिलेक्स होता हूं।क्योंकि मुझे भी मम्मी की चूत टाईट लगती है जिससे लंड में दर्द होता है। मम्मी की गर्म चूत से ऐसा लग रहा था, जैसे लंड भट्टी में गया, और फटने वाला हो।

फिर मैं और मम्मी रिलेक्स होते है, तो मैं धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू करता हूं।

मम्मी के दोनों पैर हवा में झूलते होते है, और हाथों से बेडशीट कस कर पकड़ रखी होती है। मम्मी का चेहरा पूरा लाल हो जाता है।

जब मैं और मम्मी रिलेक्स हुए तो मैंने धीरे-धीरे धक्के मारना शुरू कर दिया, और मम्मी भी अब सिसकारियां लेकर मुझे से चुदवा रही थी। फिर थोड़ी देर बाद मम्मी भी नीचे से कूल्हे उठा-उठा कर चुदने लगी।

तो मैंने भी धक्कों की रफ्तार तेज कर दी, और लम्बे लंबे शॉट मरने लगा। और हमारी सिसकारियों की आवाज से कमरा गूंजने लगा।

मम्मी: ऊईईई आह आह चोदो बेटा, और जोर से आह सीईई आहआह आहआह। हममम, शाबाश बेटा, हां ऐसे ही चोदो मेरी चूत को आह आह शश्श, उई मा हाए।

साथ ही मेरे मुंह से भी सिसकारी निकल रही थी आहा आह आह

की। मम्मी का निकलने वाला था तो मम्मी जोर से धक्के देने को बोलने लगी और नीचे से तेज़-तेज़ गांड उठा कर धक्के लगाने लगी। मेरा भी निकलने वाला था, तो मैं भी पूरी ताकत के साथ धक्के लगाने लगा।

मम्मी: हां-हां बेटा, मेरा निकालने वाला है। और जोर से चोद मेरी चूत को। हां-हां प्लीज बेटा, ओर जोर से आह।

मम्मी दोनों पैरो से मुझे जकड़ लेती है, और तेज-तेज से सांस लेती हुई झड़ने लगती‌ है। और साथ ही साथ मेरा भी रस मम्मी की चूत में निकल जाता है। जिससे मम्मी की चूत पूरी भर जाती है। मैं हांफते हुए मम्मी के ऊपर ही लेट जाता हूं। हमारी गरम-गरम सांसे तेज हो जाती है। 15 मिनट की ताबड़-तोड़ चुदाई में मैं और मम्मी पसीने से तर हो जाते हैं।

10 मिनट बाद मम्मी मुझे ऊपर से उठाती हैं और वाशरूम चली जाती है। फिर मम्मी नंगी ही किचन में जाती है पानी लेने, और मैं भी वाशरूम जाके आता हूं। मैं और मम्मी पानी पीते है, और मम्मी बेडशीट चेंज करती है क्योंकी बेडशीट हमारे रस से गीली हो चुकी थी। फिर मैं और मम्मी लेटते हुए।

मम्मी: बेटा तूने तो आज मेरी जान ही निकाल दी। एक तो इतना मोटा लंड, और इतनी तेज झटके, मैं तो मरी होती।

मैं: सॉरी मम्मा, वो मेरी पहली चुदाई थी ना, तो कुछ ज्यादा ही एक्साइटमेंट हो गया था।

मम्मी: अरे, मैं तो खुश हूं कि तूने इतनी अच्छी चुदाई की है मेरी। अब नींद भी अच्छी आएगी। चल सो जा 1 बज गया है।

मैं: मम्मी एक राउंड और हो जाए।

मम्मी: पागल है क्या, एक ही राउंड में तूने मेरी चूत सुजा दी। अब क्या फाड़ने का इरादा है क्या?

और मैं कही जा थोड़े ही रही हूं। जब मन करे चोद लेना मुझे।

मैं: ओक, थैंक यू मम्मी।

मम्मी: ( मेरे होंठों को चूमते हुए): आई लव यू बेटा। गुड नाईट।

मैं: गुड नाईट मम्मा।

फिर मैं और मम्मा नंगे ही एक-दूसरे की बाहों में बाहें डाल कर सो जाते है।

तो यहां खत्म होती मेरी ओर मम्मी की पहली चुदाई। मिलते है अगले पार्ट में।

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