किचन में मा-बेटे की चुदाई की कहानी

उसका लंड फिर खड़ा हो गया, जिससे मैं देख के बोली: तेरा तो फिर खड़ा हो गया रे. अब इसे फिर शांत करना पड़ेगा? वैसे तो मैं 3 बार ऑलरेडी झाड़ चुकी हू. बुत आज मैं और चूड़ना चाहती हू. बहुत दीनो बाद ऐसा सेक्स करने को मिला है. मुझे निचोढ़ दे पूरा मेरे राजा आज.

उसने फिर अपना लंड मेरी छूट में डाल दिया. वाहा क्या एहसास था, वो जितनी बार भी लो उतनी बार पिछले वाले से ज़्यादा मज़ा आ रहा था. मेरे बदन में फिरसे करेंट दौड़ गया.

मों: आ श छोड़ मुझे. फक मे मी सोन.

वो भी बोलने लगा: एस मी ब्यूटिफुल मों. इतनी सुंदर औरत मैने पहले कभी नही देखी. एमेम. फक, फक, और ज़ोर से.

वो स्पीड बढ़ने लगा.

सोन: मैं भी तेरी छूट का दीवाना हो गया हू. मुझे भी अब ये रोज़ चाहिए.

मों: मैं भी बेटा तुझे एक दिन भी बिना छोड़े नही रह सकती. ई लोवे योउ सो मच मी सोन. फक मे हार्ड.

और उसने स्पीड और बढ़ा दी, और मेरे बूब्स ज़ोर-ज़ोर से निचोढ़ने लगा. मैने भी उसकी कमर में अपने नाखूनओ से निशान बना दिए थे. उसको मैने बहुत ज़ोर से पकड़ रखा था, वो बहुत ज़ोर से जो छोड़ रहा था मुझे. हम दोनो ही वाइल्ड हो गये थे.

बीच में उसने भी मेरी नेक पर लोवे बीते दिया, जो क्लियर दिख रहा था. मेरे प्यार की निशानी. फिर 15-20 मिनिट के बाद हम दोनो फिरसे झड़ने वाले थे. इस बार उसने पोज़िशन चेंज कर ली. 69 की पोज़िशन लेली उसने. वाह क्या बेटा है मेरा.

अब उसका लंड मेरे मूह में, और मेरी छूट उसके मूह में थी. हम दोनो ही बिना रुके एक-दूसरे के लंड और छूट को चूस रहे थे. आ आ करते-करते हम दोनो एक साथ झाडे. इस बार भी उसका रस्स बहुत ज़्यादा था, जिससे मेरा पूरा मूह भर गया, और मैं उसे एक बारी में गतक गयी. उधर मेरा भी रस्स मेरा बेटा सारा चाट गया.

फिर उस रात हम दोनो नंगे ही एक-दूसरे को किस करके और गले लग के सो गये. पता ही नही चला कब नींद आ गयी. शायद बहुत दीनो बाद चरम सुख मिला था. शरीर की पूरी तृप्ति हो गयी थी. उधर मेरा बेटा भी तक गया था. तो हम दोनो नंगे ही सो गये.

नेक्स्ट मॉर्निंग मैं तोड़ा जल्दी उठ गयी, और जैसे ही बेड से उठी, तो मैं खुश तो बहुत थी, लेकिन रात भर चूड़ने के कारण मैं ताकि हुई थी. मेरी चाल भी बदल गयी थी, जैसे नयी नवेली दुल्हन की हो जाती है. फिर मैने ब्रा, पनटी और निघट्य पहनी, और बेटे को एक सोते हुए ही लीप किस करी, और उसे सोता छ्चोढ़ गयी. बिकॉज़ उसने मेरी रात भर चुदाई की थी. और तक गया था वो.

उसे अब तो मुझे रोज़ छोड़ना था. तो उसे रेस्ट की ज़रूरत थी. मैं किचन में गयी, और वो ट्रॅन्स्परेंट निघट्य तो उसने रात में ही फाड़ दी थी. तो ब्रा पनटी के उपर एक ओपन गाउन होता है, जिसमे आयेज डोरी होती है बाँधने वाली. वो मैने पहन लिया अपने रूम में जाके.

मेरा और मेरे बेटे का रूम साथ-साथ में था. और मैं किचन में काम करने लगी. तभी मेरी बेटी भी उठ गयी थी कॉलेज जाने के लिए, और नीचे आई. मुझे लगा कोई था मेरे पीछे. मैं पीछे मूडी और देखा पीछे मेरी बेटी खड़ी थी.

मैने उसको बोला: बेटी तुम हो गयी तैयार. बस बनने ही वाला ही ब्रेकफास्ट.

तो उसने भी बोला: कोई नही मों, कर लो आप.

और उसने भी पीछे से हग करके गुड मोर्नग बोला. लेकिन उसका ये हग कुछ अलग फील हुआ मुझे, जैसे वो मुझसे बहुत कुछ बोलना चाहती हो. उसने मुझे टाइट हग दिया, और आयेज से मेरे बूब्स भी प्रेस कर दिए. इससे मेरे मूह से भी आअहह निकल गयी. और मैने उसे बोला-

मों: क्या कर रही हो रूपाली? जाओ टेबल पर वेट करो.

तो उसने भी बोला: ओक मों. लेकिन आज कल आप बहुत सुंदर लग रही हो. बहुत खुश भी.

फिर मैने कुछ भी बोल के उसकी बात ताल दी, और टॉपिक चेंज करते हुए उसे जल्दी ब्रेकफ़स्ट और उसका तीफ्फें दिया, और उसे कॉलेज भेज दिया. उधर मेरा बेटा भी उठ गया था. मैं नीचे बाकी का किचन का काम ख़तम कर रही थी.

उसे पता था रूपाली चली गयी थी कॉलेज. तो वो नंगा ही बिना क्लोद्स के नीचे आया, और मुझे पीछे से पकड़ लिया बहुत टाइट. मैं दर्र गयी, और चिल्लाई.

तो उसने बोला: क्या मों, मैं हू. अपने बेटे को नही पहचान पाई?

फिर मैं बोली: अर्रे तू है. और ये क्या, कपड़े तो पहन ले.

वो बोला: क्या ज़रूरत है मों? अब सब कुछ तो जान लिया है हम दोनो ने एक-दूसरे के बारे में. मैं तो बोलता हू तुम भी उतार दो अपने सारे कपड़े.

तो मैं बोली: बेटा हमारे अलावा कोई और भी रहता है घर में. अगर रूपाली ने कुछ भी देख लिया, तो गड़बड़ हो जाएगी.

तो वो बोला: हा तो मों उसके सामने हम ढंग से रहेंगे ना.

और ये बात उसने मुझे पीछे से हग करते हुए ही की. उसका लंड खड़ा हुआ था अपनी पूरी पोज़िशन में, और फिर मुझे भी तो अछा फील हो रहा था. मैं भी उसके लंड को दबा रही थी.

फिर वो बोला: यार मों, कल मज़ा आ गया आपके साथ. आप पहले क्यूँ नही मिली मुझे?

मैं बोली: बेटा मुझे भी तेरे साथ बहुत मज़ा आया है सच में. असली सुख मिला है मुझे. जीना क्या होता है, ये मैने कल सीखा. मुझे भी ये अफ़सोस है की तू मुझे पहले क्यूँ नही मिला.

और फिर उसने मुझे पीछे से ही नेक पर किस करना स्टार्ट कर दिया. मैं पूरी हिल गयी, और उसने मुझे पलताया और किचन की स्लॅब पर बिता दिया, और मुझे लीप किस करने लगा. उसने मेरी निघट्य भी उतार दी. इधर मैं भी गरम हो गयी, और उसका पूरा साथ देने लगी.

मुझे भी ये सब बहुत अछा लग रहा था. क्यूंकी इस तरह से कभी मेरे पति ने मुझसे सेक्स नही किया था. अब मेरा बेटा ही मुझसे आचे से सेक्स कर रहा था, और ये किचन वाला तो मेरा भी 1स्ट्रीट टाइम था. तो मैं तो और पागल हो रही थी.

मैने बोला: क्या बात है? आज सुबा-सुबा प्यार आ रहा है.

वो बोला: क्या करू, मेरी गर्लफ्रेंड है ही इतनी सुंदर. मुझसे रहा ही नही जेया रहा, और मैं तुम्हे और प्यार देना चाहता हू.

और फिर उसने मेरा गाउन भी खोल दिया, और मेरी ब्रा भी उतार दी, और फिर एक हाथ से मेरी पनटी के उपर से ही छूट को सहलाने लगा, और मुझे किस कर रहा था. वो दूसरे हाथ से मेरे बूब्स प्रेस कर रहा था.

मों: वाह, क्या सेडक्टिव सेक्स करता है रे तू.

मैं भी उसका पूरा साथ दे रही थी. उसके लंड को मैने अपने हाथो में ले लिया, और ज़ोर से दबाने लगी और हिलने लगी. फिर वो नीचे झुका और मेरी पनटी उतरी और अपनी जीभ मेरी छूट पर लगा दी. मुझे तो सॅकी बहुत मज़ा आ गया था.

मों: यार तू इस तरह मेरे साथ सेक्स करेगा, तो मैं तो तेरे बिना 1 मिनिट भी नही रह पौँगी. तू मुझे दिन पर दिन अपनी और दीवानी बनता जेया रहा है.

वो मेरी छूट चाट-ता रहा, और मैने उसका सिर अपनी छूट में दबा लिया.

मों: आ आ अफ.

अब मैं झड़ने वाली थी, तो मैं बोली: बेटा मैं झड़ने वाली हू. और तेज़, और तेज़, कम ओं मी सोन.

और ये कहते-कहते मैं उसके मूह पर झाड़ गयी. फिर वो उठा, और उसने अपना लंड मेरे मूह में डाल दिया सीधा. मैने भी उसके लंड को कुछ चूसा, और लाल कर दिया.

फिर उसने बोला: अब डाल दे लंड मेरी इस छूट में, और भुजा दे आग इस छूट की.

उसने एक ही झटके में अपना मोटा और लंबा लंड डाल दिया, और मेरे मूह से चीख निकल गयी. वो रुका नही, क्यूंकी वो जानता था की ये एक मीठा दर्द होता है औरत के लिए. और लगा रहा लगातार झटके मारने में. तभी मेरे फोन पे मेरे पति की कॉल आई, और मैं तो चुदाई में खोई हुई थी. मेरे बेटे ने देखा, की फोन साइड में रखा हुआ था.

तो वो बोला: मों, दाद की कॉल आ रही है.

तो मैं रुकी, और जल्दी से कॉल उठा ली. मेरी साँसे तो चुदाई की वजह से तेज़ चल रही थी. तो मैं वैसे ही उनसे बात करने लगी.

मेरे पति बोले: क्या हुआ जान, क्यूँ हाँफ रही हो?

तो मैने बहाना मार दिया: कुछ नही, बस अभी जॉगिंग करके आई हू.

इधर मेरा बेटा रुकने का नाम नही ले रहा रहा. मैने उसको इशारा भी किया, लेकिन वो कहा मानने वाला था. वो लगा रहा चुदाई में. इधर मैं भी पागल हुई जेया रही थी, और कॉल पर बस ह्म ह्म बोल रही थी. बिकॉज़ मैं अगर मूह खोलती, तो मेरी आअहह निकल जाती.

एक दो बार निकल भी गयी थी बीच में. तो मैने बहाना मार दिया कुछ. फिर जल्दी से कॉल रख दी, और फिर मैने अपने बेटे की आँखों में देखा और उसे बोला-

मों: क्यूँ रे, तू तो बहुत नॉटी हो गया है. तेरे बाप का फोन था, तब भी तू नही रुक रहा था.

तो उसने बोला: इस वक़्त तुम मेरी हो बस, और हमारे बीच इतनी अची चुदाई चल रही है. तुम्हे इतना मज़ा आ रहा है. और बीच में मेरा बाप चूतिया आ रहा है. उसका कॉल नही आना चाहिए था, तो मैं क्यूँ रुकु?

फिर मैं बोली: ऐसा नही बोलते बेटा, वो तेरे पापा है, और मेरे पति.

तो वो बोला: नाम का पति है. उसने तुम्हे कभी ऐसा सूखा दिया? ऐसे शॉपिंग, मोविए, घूमना और प्यार से सेक्स किया कभी?

तो मैने बोला: नही.

फिर मेरा बेटा बोला: तो फिर, हुआ ना वो नाम का पति, चूतिया कही का.

और उस वक़्त उसने अपना लंड मेरी छूट में डाला हुआ था. फिर उसने मुझे लीप किस किया ज़ोरदार जिसमे मैने भी उसका पूरा साथ दिया. हमने एक-दूसरे को लोवे बीते भी दी.

फिर वो बोला: आज से तुम मेरी पत्नी बन के भी रहोगी. मैं तुम्हे अपनी गर्लफ्रेंड से अपनी बीवी बनाना चाहता हू. बोलो बनोगी?

तो मैने बोला: ये तो मेरे लिए सौभाग्या की बात है की तुम मेरे पति बनॉगे. लेकिन अभी ऐसे नही. खाली बोल देने से नही. अभी फिलहाल मुझे छोड़ो, और हम शादी करेंगे. तुम मुझे अपने नाम का मंगल सट्रा पहनओगे. और फिर हम पहले सुहग्रात मनाएँगे सच वाले पति-पत्नी बन के, और फिर हनिमून पर भी चलेंगे. पर याद रहे, रूपाली को कुछ पता नही लगना चाहिए.

तो उसने मुझे ज़ोर से हग कर लिया, और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. करीब 15 मिनिट बाद वो झड़ने वाला था, तो इस बार उसने अपना लंड निकाला, और मुझे जल्दी से नीचे बिता दिया, और सारा अपना पानी मेरे मूह पर झाड़ दिया.

मेरा पूरा मूह उसके पानी से सन्न गया. लेकिन मुझे इसमे मज़ा भी आया. मेरा पहली बार था ये. उसके पानी को मैने उंगली से छाता, और फिर उसे वैसे ही लीप किस किया.

मैने उसको बोला: ई लोवे योउ मी जान, मी डार्लिंग.

उसने भी बोला: ई लोवे योउ टू मेरी गर्लफ्रेंड, मी जान.

और टाइट हग दिया. फिर मैने उसे बोला-

मों: चलो अब नहा लो. फिर नाश्ता कर लेना. मैं भी नहा कर रेडी हो जाती हू.

वो बोला: चलो ना मम्मी एक साथ नहाते है. बहुत मज़ा आएगा, और शवर सेक्स भी करेंगे. उसमे बहुत मज़ा है.

फिर मैने उसे बोला: अभी नही बेटा, अब तो मैं तेरी ही हू. लेकिन तूने मुझे रात भर प्यार दिया है, और सभा होते ही फिर मुझसे इतना अछा मॉर्निंग सेक्स किया. तू भी तक जाएगा और मुझे तो तुझसे और चूड़ना है ना. तो उसके लिए तुझे खाना भी पड़ेगा, और मुझे पार्लर भी जाना है.

ये सुन के वो उदास हुआ, और सीधा नहाने चला गया.

इस पार्ट में इतना ही. नेक्स्ट पार्ट मैं आपको पता चलेगा की कैसे उसने मुझे पार्लर जाने से रोका, और मुझे दिन भर छोड़ा घर के हर कोने में. और फिर हम दोनो ने शादी की प्लॅनिंग की.

हमने शादी कैसे करी, और फिर सुहग्रात कैसे मनाई. कैसे मैं फाइनली उसकी बीवी, और वो मेरा पति बन गया. ये सब आयेज के पार्ट्स में.

आशा करती हू ये पार्ट भी आप सब को पसंद आया होगा. इसका फीडबॅक और अगर कोई हाउसवाइफ, कोई औरत, कोई मों, या कोई और लड़की भी चूड़ना चाहती है अपने घर में किसी से, या तो फिर मेरे बेटे से, तो मुझा मेरी मैल ईद पर मैल करे. मेरा बेटा बहुत अछा सेक्स करता है सच में. सब संतुष्ट हो जाओगी.

मेरी मैल ईद पर मैल करे.

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