बेटा और मा दोनो ने लिए अलग-अलग लंड

आप लोगों ने मेरी पुरानी स्टोरीस तो पढ़ी होंगी. बहुत लोगों का रेस्पॉन्स आया था मेरे इंस्था और एमाइल में. लोगों ने मूठ मार-मार कर स्पर्म की नदी बहा दी है. काश सारे लोग जो मेरे नाम की मूठ मार रहे है, आपका लंड चूस पाता.

बहुत लोगों ने मुझे इंस्था पे भी बात की, और वीडियो कॉल सेक्स भी किया. उनमे से 2 लकी लड़के भी मिले, जिनको अपना लंड मेरी गांद और मूह में डाल कर छोड़ने का मौका मिला. डॉन’त वरी, किसी की आइडेंटिटी रिवील नही करता. पर हवस के भरे हुए लोग क्या छोड़ते है. गांद फाड़ चुदाई की दोनो ने मेरी.

अब मैं एक कहानी सुनौँगा कैसे एक पोलीस वाले आदमी ने मुझे और मेरी मा दोनो को छोड़ा. तो अपना लंड पकड़ के रेडी हो जाए, और मेरी और मेरी चुड़क्कड़ मा की कहानी पढ़ कर मूठ मारे.

मैं अपनी मा के बारे में बता डू. बहुत लोग मेरी मा के बारे में पूच रहे थे. वो 43 साल की मिलफ है. एक-दूं विद्या बालन जैसी मोटी चुड़क्कड़ गांद और मोटे-मोटे चुचे. जिसको देख कर आपका मूठ निकल जाएगा. मेरी मा का नाम श्रीष्टि है, पर सब लोग उसे रज्जो बुलाते है. तो मेरी मा रज्जो और मेरी चुदाई के बारे में सोच कर हिलना शुरू कर दीजिए.

ये बात कुछ महीनो पहले की है. मैं कॉलेज से घर आया था अपने शहर में. तो मेरा बाप ऑफीस में था, और मा घर पर थी. मैं एक्शिटेड था की मैं अपने एक पुराने दोस्त से मिलने जौंगा और शायद वो मुझे छोड़ने लगे. स्कूल ख़तम होने के बाद हम पहली बार मिलने वाले थे, तो इतने दिन बाद मिलने की खुशी थी.

तो मैं घर आया, मा से मिला, और दिन में ही अपने दोस्त से मिलने चला गया. फिर अपने पुराने दोस्त से मिला. हमारे बीच कुछ नही बदला. वो आज भी मेरी गांद का दीवाना था. वो पब्लिक में ही मेरी गांद दबाना शुरू कर दिया. हम फिर साथ लंच किए, और उसके घर चले गये.

मेरा दोस्त: यार राज, कॉलेज में भी क्या लंड लेता है क्या? तेरी गांद पहले से बड़ी लग रही है.

मैं: हा यार, बहुत चुदाई करवाता हू.

मेरा दोस्त: अर्रे वाह मेरी रंडी.

फिर हम घूमते-घूमते एक हाइवे के पास जंगल जैसी जगह पर गये. वाहा डोर-डोर तक तो कोई नज़र नही आ रहा था. तो मेरे दोस्त ने सीधा मेरी गांद पे हमला बोल दिया. वो मेरी पंत खोल कर गांद चाटने लगा. फिर उसने मेरी गांद में लंड घुसा के जो चुदाई की, उफफफ्फ़, एक दिन में सारी हवस निकाल रहा था.

मेरा दोस्त: आहह क्या गांद है तेरी. ऐसी गांद मिले तो रोज़ छोड़ू.

वो मेरी गांद छोड़ ही रहा था की एक जवान लड़का हमे देख लिया. वो हमारे सामने आ कर खड़ा हो गया. मैं और मेरा दोस्त दर्र गये, और पंत उपर करने लगे. देखा तो वो हाइवे की साइड में अपनी बुलेट बिके रोक के हमारे पास आया था. वो एक पोलीस वाला था, और उसने हमे चुदाई करते वक़्त पकड़ लिया. हम बहुत ज़्यादा दर्र गये थे.

पोलीस वाला: यहा क्या हो रहा है बे? तू क्या गांद मरवाता है भोंसड़ी के.

मैं (दर्र के मारे): नही ऐसा कुछ नही है.

पोलीस वाला: क्या मतलब बे?

उसने हम दोनो को घूर-घूर के देखा एस्पेशली मेरी गांद को.

पोलीस वाला: सही मोटी गांद लग रही है तेरी तो.

मैं: साहब जाने दो ना. अगली बार से नही होगा.

मेरा दोस्त: हा साहब जाने दो, माफ़ करो.

पोलीस वाला: ऐसे तो नही चलेगा. थाने चलना पड़ेगा. रास्ते पे गे सेक्स कर रहे हो.

मेरा दोस्त: सॉरी सिर, सॉरी सिर.

पोलीस वाले को हम बहुत माना रहे थे. पर वो हरामी मानने को तैयार नही था. फिर उसने भी कुछ शर्त रखी.

पोलीस वाला: ठीक है नही ले जौंगा. पर मेरे सामने गांद मर्वानी पड़ेगी.

पोलीस वाला गुस्से से बोला. मैने फिरसे पंत खोली, और मेरा दोस्त मेरी गांद में लंड डाल के छोड़ने लगा. वो पोलीस वाला ने अपना लंड बाहर निकाल कर हमे देख कर हिलने लगा. मैं और मेरा दोस्त मदहोश हो रहे थे. मेरा दोस्त मेरी गांद छोड़ रहा था. सडन्ली वो पोलीस वाला आया और मुझे लंड चूसने का इशारा किया.

मैं फुल रंडियों की तरह पोलीस वाले का लंड चूस रहा था, और मेरा दोस्त मेरी गांद मार रहा था. ऐसे ही 10-15 मिनिट की चुदाई के बाद मेरा दोस्त मेरी गांद में झाड़ गया. उसका माल मेरी गांद के च्छेद से तपाक रहा था.

वो पोलीस वाला मेरा मूह पकड़ कर मेरा मूह छोड़ रहा था और मैं फुल रंडियों की तरह उसका लंड चूस रहा था. थोड़ी देर में उसका भी माल निकल गया और उसने मेरे मूह में निकाल दिया.

चुदाई के वक़्त मेरा भी माल निकल गया था. हम तीनो तक गये थे. फिर वो पोलीस वाला उठा, अपनी पंत पहनी, और बिके में बैठ कर चला गया.

मेरा दोस्त: बच गये यार. तेरी मोटी गांद और तेरी चुदाई ने आज जान बचा दी. वरना वो साला हमे थाने में बंद कर देता .

मैं: हा यार, अब घर चलते है. वरना फिर कोई आ जाएगा.

हम वाहा से निकल गये. मेरा दोस्त अपने घर चला गया, और मैं भी अपने घर के लिए निकल गया. उस पोलीस वाले का मोटा लंड चूस कर मज़ा आया था. काश वो मेरी गांद भी मारता.

यही सोच-सोच कर घर जेया रहा था. जैसे ही घर के दरवाज़े के पास आया तो मा की आवाज़ आने लगी आहह आहह की. मैं चौंक गया. फिर मैं धीरे-धीरे अंदर गया तो देखा हमारे घर के नीचे वाले फ्लोर के अंकल मेरी मा को रग़ाद के छोड़ रहे थे. फुल डॉगी स्टाइल में छूट में लंड घुसा के घपा-घाप छोड़ रहे थे.

मा: आ आ छोड़ो मुझे आ.

अंकल: आआहह रंडी आअहह.

दोनो की चुदाई देख के मैं शॉक्ड हो गया. मा की गांद पूरी मेरी तरह थी. मोटी, गोल, और रसीली गांद. मोटे चुचे बाहर निकल के हिल रहे थे, और वो अंकल ज़ोर-ज़ोर से चुदाई कर रहा था. मा की मोटी चुड़क्कड़ गांद देख मेरा भी लंड खड़ा होने लगा. पर मैं शॉक्ड भी था, की पापा के बिना मा ऐसे रंडी वाली हरकतें भी करती थी.

अंकल: आअहह आहह जल्दी मूह खोल.

मेरी मा तब तक झाड़ चुकी थी क्यूंकी बेड और ज़मीन पूरा गीला था. मा जल्दी से उसका लंड मूह में ली और चूसने लगी. मैं भी हॉर्नी हो रहा था, और थोड़ी देर में अंकल झाड़ गये. पूरा माल मा के मूह में निकाल दिया उन्होने. फिर मा ने उसका लंड चूस के सॉफ किया.

अंकल: उफफफफ्फ़ मेरी रज्जो. एक नंबर रंडी है रे तू. तेरी मोटी गांद का तो मैं दीवाना हू.

मा: होगे कैसे नही. हू ना मैं चुड़क्कड़?

अंकल: हा एक-दूं. पर अब तेरा बेटा आ गया है तूने बोला. तो कब छोड़ने डोगी फिर?

मा: अभी पता नही, पर तू निकल जल्दी. वो अपने दोस्त से मिल कर आ रहा होगा.

फिर अंकल ने मा को किस किया, और मा ने उसके लंड को एक लास्ट टाइम चूस के किस किया और फिर अंकल निकालने लगे. मैं बाल्कनी में च्छूप कर खड़ा था. फिर मा टाय्लेट में अपनी छूट और गांद सॉफ कर रही थी, और मैं चुप-छाप घर के बाहर आ गया.

मुझे मा की ऐसी चुदाई देख के हॉर्नी और बुरा दोनो फील हो रहा था. पता नही एक-दूं मिक्स्ड फीलिंग थी. फिर थोड़ी देर बाद मैं वापस घर आ गया, और अपने रूम में जेया कर सो गया. मैं अपने रूम में मा की वो मोटी गांद के बारे सोच के हिलने लग गया.

वो मोटी गांद क्या हिल रही थी. एक-दूं चर्बी-दार चुड़क्कड़ गांद थी. यही सोचते-सोचते मेरा भी माल निकल गया, और मैं सो गया.

अब अगली स्टोरी में पढ़िए कैसे वो पोलीस वाले ने मेरी और मेरी मा दोनो की गांद मारी. मुझे मेसेज करने के लिए मुझे मैल करे (इंटेस्टाइनल.टूट86@गमाल.कॉम) तो अपना लंड निकाल कर हिलाते रहिए, और मिलते है अगली कहानी में.

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