बहन की बालों वाली चूत को भाई ने चोदा

हेलो गाइस, तो जैसा आपने पहले पार्ट में देखा सुहानी को अपनी छूट की फोटो भेजने में शरम आ रही थी. तो मैं डाइरेक्ट उसके कमरे में गया. अब आयेज-

जब मैने गाते खोला तो देखा सुहानी केवल अपनी पर्पल ब्रा में और ब्लॅक शॉर्ट्स में थी. जैसे ही मैने उसके जिस्म पर नज़र डाली, मैं तो समझो पागल हो गया. मैने गाते को धक्का दे कर उसको अपनी आगोश में ले लिया.

मैं उसके होंठो को चूमते-चूमते बिस्तर पर गिर गया. अब हम दोनो किसी भूखे शेर की तरह एक-दूसरे के मूह के पानी को चूस रहे थे. मैं उसकी जीभ को अपने मूह के अंदर लेकर चूस रहा था. मेरा हाथ उसके शॉर्ट्स के उपर उसकी गांद को दबा रहा था.

मैं उसके शॉर्ट्स के उपर से ही उसकी गांद के च्छेद में उंगली कर रहा था, जिसके चलते वो आहें भर रही थी. मैं भी एक-दूं मस्ती से उसके होंठो को चूस रहा था.

फिर मैने उसकी ब्रा को खोला, और उसके गोल-गोल बूब्स बाहर आ गये. बूब्स पर उसके सावले टाइट निपल्स उसके बूब्स की खूबसूरती को और बढ़ा रहे थे. मैने उसका एक बूब सीधा अपने मूह में भर लिया, और दूसरे वाले को मैं अपने कठोर हाथो से दबा रहा था. वो आहें भर रही थी.

सुहानी: आ म्‍मह म्‍मह भैईय म्‍मह.

फिर मैने सुहानी के शॉर्ट्स और पनटी में हाथ डालने की कोशिश की, तो उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली-

सुहानी: नही-नही, वाहा नही प्लीज़ भैया.

मे: क्यूँ, क्या प्राब्लम है?

तो वो धीरे से बोलती है-

सुहानी: वाहा बाल है, मुझे शरम आएगी.

पर मैं कहा मानने वाला था. मैने एक झटके में ही शॉर्ट्स और पनटी को निकाल दिया. उसकी पिंक कलर की पनटी पर उसके छूट के पानी के निशान बने हुए थे. मैने उसकी छूट पर नज़र मारी तो मैं उसकी छूट को देखता ही रह गया.

खैर कहानी में आयेज बढ़ने से पहले मैं आपको बता डू. मेरी बेहन सुहानी का एक ब्फ रह चुका है, और उसने सुहानी के साथ केवल दो बार ही सेक्स किया था. वो भी इस घटना से 2 साल पहले. तब से ना आज तक सुहानी ने कभी सेक्स किया था. ना ही उसने अपनी छूट का एक भी बाल काटा था. इसलिए उसकी चूत पर काफ़ी घने बाल थे.

वो ज़्यादा सॉफ-सफाई से रहना पसंद नही करती है. वो सॉफ रहती है, पर ज़्यादा नहाती नही है. 2 दिन में 1 बार. और उस न्यू एअर के दिन वो हल्की बीमार थी, तो उसने करीब 3 दिन से नही नाहया था. जिस वजह से उसकी छूट से बहुत मादक और गंदी, पर मदहोश कर देने वाली खुश्बू आ रही थी. ये बात उसने हमारे सेक्स के एक दो दिन बाद बताई थी. अब कहानी पर आते है.

मैने उसकी छूट देखी और उसके पैर फैला दिए. मैने उसकी छूट के पास मूह किया, और उसके बालों के बीच में उसकी रसीली छूट को छाता. उसकी छूट इतनी रसीली थी, की कोई भी छाते तो चाट-ता ही रह जाए. उस पर से उसकी छूट की वो मदहोश कर देने वाली खुश्बू सूंघ कर मज़ा आ रहा था.

फिर मैने अपनी एक उंगली उसकी छूट में डाली, और फिर ऐसे ही करते-करते दूसरी उंगली भी उसकी छूट में डाल दी. मैं इसको ज़ोर-ज़ोर से फिंगरिंग करने लगा.

सुहानी: आहह भैया आराम से आह.

मे: इष्ह सुहानी, ई लोवे योउ.

सुहानी: आहह म्‍मह ह्म ह्म.

मैने उंगली निकाल कर सुहानी को पलटा दिया, और उसे कुटिया बना दिया (डॉगी स्टाइल). उसकी गांद बहुत बड़ी थी. मैने उसके दोनो चूतड़ को पकड़ कर फैलाया, और उसका एक छ्होटा सा सावले रंग का होल सामने आया.

फिर मैने देर ना करते हुए उसके च्छेद को भी चाट लिया, और पीछे से अपनी चड्डी उतारी. अब मैं मेरा लंबा साँप जैसा लंड निकाल कर उसकी छूट पर रगड़ने लगा. उसने पीछे मूड कर मेरे लंड को देखा, और स्माइल दी.

मैने उसकी छूट पर थूका, और अपना लंड अंदर डालने की कोशिश में लग गयी. उसकी छूट 2 साल से चूड़ी नही थी. इसलिए मेरा लंड बार-बार फिसल जेया रहा रहा, और मेरा लंड भी काफ़ी बड़ा था.

पर मैने लंड को जैसे-तैसे सेट किया, और हल्का सा झटका दे कर उसकी छूट में डाला. वो पागल हो गयी, और एक-दूं से चिल्लाई. मैने उसका मूह दबाया, और कहा-

मे: चुप! मम्मी पापा ने देखा तो हमारी गांद मार लेंगे.

सुहानी: बहुत दर्द हो रहा है भैया.

मे: तोड़ा तो होगा ही, से लो.

उसने सर हिला कर हामी भारी. फिर मैने हल्के-हल्के धक्को के साथ एक ज़ोर का धक्का दिया. ऐसे करके मेरा आधे से ज़्यादा लंड उसकी छूट के अंदर चला गया. सुहानी रोने और चिल्लाने लगी, पर चिल्ला नही पा रही थी. मेरा हाथ उसके मूह पर था.

अब मैं रुक नही सकता था. तो मैने झटके मारना जारी रखा. उसकी छूट के अंदर से लावा जैसी गरम थी, और टाइट और चिकनी भी थी. बहुत आराम मिल रहा था मुझे काफ़ी समय बाद. करीब 5 मिनिट बाद सुहानी का भी दर्द कम हुआ, और वो आहें भरने लगी और बोली-

सुहानी: आअहह भैया आअहह इस्शह, और अंदर, और अंदर डालो. आराम से आअहह इशह, और तेज़, और तेज़.

मे: अयाया हा, छोड़ रहा हू मेरी जान.

हम दोनो सेक्स में इतना खोए हुए थे, की हम भूल गये की दरवाज़ा लॉक नही था. और हम दोनो चुदाई में मगन थे. सुहानी तो 10 मिनिट बाद झाड़ गयी थी. पर मैं तब भी उसको लिटा कर झटके दे रहा था, और किस कर रहा था.

तभी मेरे कान में पायल की आवाज़ सुनाई दी. मैने दरवाज़े की तरफ देखा तो दरवाज़ा आधा खुला था. मुझे शक हुआ की कोई हमे देख रहा था. मैं दर्र गया, पर 1-2 और झटको के बाद मैने अपना पूरा माल सुहानी के पेट पर निकाल दिया.

सुहानी की ही पनटी से मैने उसका पेट सॉफ किया, और उसे अंदाज़ा नही था की कोई हमे देख चुका था. बुत मैने उसे बताया भी नही, और सॉफ करके मैने उसके कान में कहा-

मे: जेया रहा हू मैं. कल मिलते है, गुड नाइट.

उसने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे एक लीप लॉक दिया, जिसको लेने के बाद मैं सीधा कमरे में जेया कर लेट गया. मैं सोचने लगा की पायल की आवाज़ थी, तो पक्का मम्मी ने देख लिया. और उस समय मेरी गांद दर्र से फाटती हुई थी, और मैं सोच में था की मम्मी को कैसे फेस करूँगा. पर मैं तका था, और रात के करीब 2:45 बाज रहे थे. तो मैं तक कर सो गया.

तो गाइस ये रहा पार्ट-2. पार्ट-3 काफ़ी ख़तरनाक और मज़ेदार है. अगर पार्ट 3 जल्दी चाहिए, तो मुझे 300 एमाइल्स जैसे ही आएँगी, मैं पार्ट 3 भी उपलोआड कर दूँगा.

अगर किसी भी आंटी, लड़की को, या लड़के को कुछ पूछना है, या फिर लड़कों को लड़कियाँ चाहिए, तो मुझे एमाइल करे. मेरे पास बहुत सी लड़कियाँ है, जो किसी के भी लंड की प्यास बुझा सकती है. थॅंक योउ.

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