दोस्त, बीवी और बेहन की मस्त ऐशो अरम की कहानी-3

इंदु दीदी :- जानता है राकेश तेरे जीजू कमरे मे लगभग 10 बजे के आस पास आए. मैं बिस्तर पर बैठ कर इंतजार कर रही थी. मेरी ननद मेरे साथ बैठ कर बात चिट कर रही थी. उतने मे तेरे जीजू रूम मे आए तो मेरी ननद बोली चलो भाभी अब शुरू हो जाओ भैया के साथ, मैं चलती हू. और इतना बोल कर मेरी ननंद चली गयी.

तेरे जीजू ने दरवाजा को बंद किए और मेरे पास आ कर बोले. इंदु तुमने पहले कभी सेक्स किया है तो बताओ? मैं बोली मुझे कोई एक्सपीरियेन्स नही है, आपको है क्या? तो जीजू बोले मुझे भी सेक्स का एक्सपीरियेन्स नही है. पर वीडियो मे देखा हू. मैं बोली की मैं तो वो भी नही देखी हू.

तेरे जीजू मेरे पास आए और मेरे सारी के पल्लू को गिरा कर मेरे उपर लेट गये. और ना जाने कब मेरी सारी और उनकी शर्ट खुल गयी पता भी नही चला और तेरे जीजू मेरी छूट पर अपना लंड सता कर एक ज़ोर दर ढाका मारते हुए बोले. साली आज टुजे बहुत छोड़ूँगा.

मैं भी बोली मैं कहा भागी जेया रही हू, आराम से करो ना. पर तेरे जीजू के लंड मे चुदाई की भूक लगी थी. नीचे से मैं पूरी नंगी हो गयी थी और तेरे जीजू भी. तेरे जीजू बोले सच मे तू एक दूं कमसिन है, मस्त मज़ा आ रहा है चुदाई करने मे, तुम मेरा साथ दो.

मैं भी बोली छोड़ो ना मुझे मैं कहा भागी जा रही हू, पर आराम से छोड़ो मुझे. और तेरे जीजू ने लंड को फिर से छूट पर टीकाया और लगभग 10 मीं तक मेरी छूट मे फूच फूच की आवाज़ के साथ छोड़ते रहे.

फिर शांत हुए और बोले मज़ा आ गया जानू और फिर वो सो गये. मैं भी ताकि थी मैं भी उसी तरह नंगी हालत मे सो गयी. मैं सोची थी की वो मेरी छूट देखेगा और मेरी छूट को देख कर कुछ बोलेगा पर उसे तो सिर्फ़ चुदाई कर के सोना था बस. तेरे जीजू छोड़ती बहुत अछा है बस.

राकेश बोला:- दीदी तो आप जीजू का लंड को देख कर सोए या यू ही सो गयी थी?

इंदु दीदी.:- भाई उस दिन तो इतनी तक गये थी की यू ही सो गयी. चल अब तोड़ा आराम कर ले मुझे भी घर का और काम करना है उठ कर.

राकेश बोला :- ओक दीदी.

नेक्स्ट दे आस यूषुयल घर का कम कर रही थी और राकेश कंप्यूटर क्लास के बाद घर आ गया.

राकेश:- मुझे दीदी से उल्टी सीधी बाते करना सेक्सी बात करना अछा लगने लगा था.

इंदु दी:- मुझे भी राकेश के साथ अछा लगता था वो अपना तो था ही और साथ मे भरोसे वाला भी था. इसलिए राकेश से खुल कर बात चिट करती थी.

राकेश:- मैं जब घर आया तो दीदी ने मेरे को बोला की चल बातरूम मे कुछ कपड़े पड़े है और चादर पड़ी है मेरा हाथ बता दे कपड़े ढोने मे.

इंदु दी:- चादर की वजह से मैं तक जाती हू इसलिए सोची की तेरे साथ मिल कर ही जल्दी से चादर धो दूँगी.

राकेश:- कोई बात नही दीदी ठीक ही तो सोचा तुम अकेले इतना भारी भारी चादर कैसे धोगी.

इंदु दी राकेश को बोली :- तू बातरूम मे जा कर टब से चादर निकल कर चादर और कपड़े को सर्फ के साथ पिटो, मैं आती हू.

राकेश:- कपड़े ढोने लगा कपड़ो पर कूद रहा था.

इंदु दी भी राकेश के साथ कपड़ो के उपर कूदने लगी और दोनो मिल कर कपड़े पर कूद कूद कर कपड़ो की सफाई करने लगे.

राकेश:- मैं शॉर्ट्स और बानयन मे था और दीदी फ्रॉक मे थी. दीदी के कूदने की वज से दीदी की जाँघ कई बार दिख जाती थी.

इंदु दी:- राकेश अगर तू चाहता है तो अपना पंत और बनायन भी धो डाल नही तो दुबारा धोना पड़ेगा नःने के बाद.

मैं दीदी को देख कर मुस्करा दिया.

इंदु दी:- समझ गया तू है ना?

राकेश:- दीदी आपका ही भाई हू ना.

इंदु दी:-राकेश को नंगा देख कर बोली तेरा लंड मस्त टाइट हो जाता है कपड़ा ढोने मे.

राकेश:- दीदी आप जो सेक्सी सिस्टर जो साथ होती हो इसलिए लंड टाइट हो जाता है ना.

इंदु दी:- राकेश तू लंड की बाल को सॉफ क्यू नही करता है?

राकेश:- दीदी मेरे को पता नही और मैं कभी किया भी नही हू लंड के बाल की सफाई.

इंदु दी:- राकेश अगर तू बुरा ना माने तो मैं तेरे लंड की बाल सॉफ कर देती हू.

राकेश:- हन दीदी आप कर दो मैं भी देखी लंड सॉफ होने पर कितना सॉफ सॉफ दिखता है.

इंदु दी रूम मे जेया कर अपनी छूट सॉफ करने वाली क्रीम ले कर आई.

राकेश:- मेरे लंड पर दीदी ने क्रीम लगा कर 5 मीं चोर दिया और फिर से लंड के उपर पानी दल कर लंड को धोया तो लंड पूरा चिकना और सॉफ सॉफ दिखाए देने लगा.

इंदु दी:- देख भाई अब मस्त चिकना लग रहा है ना लंड.

राकेश :- हन दीदी मैं तो ऐसा सपने मे भी नही सोचा था की इतनी क्लीन हो जाता है लंड बिना बाल के.

इंदु दी:- अरे मेरे भोला भाई 20 साल का हो गया है और तेरे को लंड की सफाई का नही पता था.

राकेश:- हन दीदी मुझे तो नही पता था. तुम ही बताओ तुम क्या शादी से पहले कभी छूट के बाल की सफाई की थी क्या?

इंदु दी:- ना भाई मैं भी नही की थी.

राकेश:- तो दीदी तुम अपनी छूट के बाल फर्स्ट टाइम कब सॉफ की थी?

इंदु दी:- शादी के फर्स्ट नाइट के बाद.

राकेश:- तब तो दीदी मस्त चिकनी और मखमली हो गयी होगी?

इंदु दी:- अरे भाई मैं तो सोची की छूट सॉफ करूँगी तो तेरे जीजू छूट को देख कर प्यार करंगे पर वो तो रूम मे आते है रूम बंद करते है और चुदाई चालू कर देते है.

राकेश:- तो इसका मतलब दीदी जीजू ने छूट नही देखा है क्या?

इंदु दी:- नही रे ऐसा नही है उन्होने देखा है जब तू क्लास चला जाता और दिन मे चुदाई करते है तब मेरी छूट देखते है छोड़ने के लिए नही की प्यार करने के लिए.

राकेश:- अछा ऐसा बात है दीदी. तब आप अभी फ्रॉक पहनी हुई हो तो नीचे पूरी छूट सॉफ ही होगी ना पनटी के अंदर?

इंदु दी:- ना भाई तेरे जीजू जब देखते ही नही है तो मैं भला क्यू सॉफ करू. मैं भी सॉफ नही करती हू.

राकेश:- तो क्या दीदी छूट पर आपकी झारी है क्या?

इंदु दी:- झारी तो नही पर हन छूट पर बाल है अभी.

राकेश:- दीदी आप बुरा नही मानो तो मुझे अपनी छूट दिखावगी, मैं आज तक छूट नही देखा हू रियल मे.

आयेज की स्टोरी पढ़ने के लिए अगले पार्ट मे देखे.

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