पड़ोस के भाभी के साथ सुहागरात

Pados ke Bhabhi ke Sath Suhagraat : सभी लंड धारियों को मेरा लंडवत नमस्कार और चूत की मल्लिकाओं की चूत में उंगली करते हुए नमस्कार। नॉनवेज स्टोरी  के माध्यम से आप सभी को अपनी स्टोरी सुना रहा हूँ। मुझे यकीन है की मेरी सेक्सी और कामुक स्टोरी पढकर सभी लड़को के लंड खड़े हो जाएगे और सभी चूतवालियों की गुलाबी चूत अपना रस जरुर छोड़ देगी।

हाय दोस्तो, मेरा नाम अविनाश है मैं जयपुर मे रहता हूँ. दोस्तो ये हिन्दी सेक्सी पहली चुदाई कहानी मैं आप को इस लिए बताने जा रा हूँ ताकि अगर आप को भी किसी अपने दुश्मन से बदला लेना हो तो कुछ ऐसा ही बदला लेना चाहिए जिससे उसे मरते दम तक याद रहे की उसने किस से पंगा लिया था.

तो चलिए मैं आप को पूरी कहानी बताता हूँ की मैने अपने दुश्मन से कैसे बदला लिया. ये बात तब की है जब मेरी उमर 21 साल थी. मैं बचपन से अपनी गोकुलधाम सोसाइटी मे रहता हूँ.

मेरा घर 3र्ड फ्लोर पर है और मेरे घर मे मैं और मेरी मम्मी दादी रहते है. 2न्ड फ्लोर पर सौरभ नाम का एक लड़का रहता था वो मुझसे उमर मे 6 साल बड़ा था. उसके घर मे उसके मम्मी- दादी, दादा-दादी, बुआ दो बहने और उसकी वाइफ मंजू रहती थी. बहोत ही बड़ा और लड़ाई करने वाली फॅमिली थी.

ये बात तब की है जब सौरभ जिसे सब प्यार से सोनू भी कहते थे. सोनू की शादी 2014 मे हुई थी. जिस दिन वो शादी करके अपनी वाइफ मंजू को अपने घर ले कर आया उस टाइम रात हो चुक्की थी. और जैसे ही वो घर आया तभी उसकी बहन नॅन्सी को दिल का दौरा पड़ गया और उसे अपनी बहन के साथ जयपुर से बाहर एक बड़े हॉस्पिटल मे जाना पड़ गया. मैं उनके घर शादी मे नही गया था पर मुझे फिर सब कुछ पता चल रा था की उसके घर मे क्या हो रहा है.

दर-असल जब मैं छोटा था तब से वो साला मुझसे पंगे लेता था काफ़ी बार मेरी उससे बहोत जबरदस्त लड़ाई हुई. वैसे तो उसकी और उसके घरवालो की पूरी सोसाइटी मे सब से लड़ाई हो रखी थी. सब के सब उसके घर को पागल खाना कहते थे. और साले सच मे सब के सब पागल ही थे.

मैने बचपन मे ही अपने दिल मे ठान ली थी की इस साले से तो ऐसा बदला लूँगा ना की सारी जिंदगी याद रखेगा. बस मुझे एक अछेसे मौके की तलाश थी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

और उस दिन मुझे मौका मिल गया था. क्योकि मुझे पता चल गया था की सोनू हॉस्पिटल चला गया है और वो वाहा से आज रात तक तो नही आ सकता. और उसके पागल घरवालो ने उसकी वाइफ को ये बताया ही नही की कुछ ऐसी बात भी हो गई है घर मे. उसके सारे रिश्ते दार धीरे धीरे डिन्नर करके चले गये. घर मे इंपॉर्टेंट-इम्पोर्टेंट लोग ही रह गये थे.

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मुझे सब पता चल गया था मैं सब कुछ देख रा था. रात के करीब 11 बाज गये थे उसकी वाइफ मंजू साइड वाले कमरे मे अकेली बैठी हुई थी उसके कमरे मे सिर्फ़ एक छोटासा बल्ब ही ऑन किया हुआ था. मैने सोचा की आज मौका अछा है क्योकि साला सोनू तो सुबह तक आएगा नही, क्यो ना जा कर मैं इसकी वाइफ को चोद डालूं.

मैने एक घंटा और वेट किया और 12 बजे चुपके से विंडो के रास्ते से रूम मे घुस गया और मैने सब से पहले डोर को लॉक किया ताकि कोई मुझे डिस्टर्ब ना कर सके. मंजू बेड पर आराम से लेटी हुई थी मैने बल्ब ऑफ कर दिया और अंधेरे का फ़ायदा उठाते हुए चुप चाप बेड पर उसके साथ लेट गया.

मैने उसके पेट पर हाथ रखा तो वो बोली – आ गये आप.

मैं – हान आ गया सॉरी मुझे थोड़ा काम प़ड़ गया था.

वो शरमाती हुई धीमी आवाज़ मे बोली – कोई बात नही.

मैं बोला – चलो फिर रात पहले भी काफ़ी हो गई है सुहाग्रात मनाते है.

और ये कहते ही मैने उसके होंठो पर अपने होंठ चिपका दिए और उसके होंठो को चूसने लग गया. अब वो भी मेरा साथ देने लग गई उसके होंठो को चूस्ते चूस्ते मैं उसके कपड़े उतारने लग गया. उसका जिस्म बहोत ही चिकना था मेरे हाथ उसके नंगे जिस्म पर फिसल रहे थे और उसको देख कर तो मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.

मैने अब धीरे धीरे उसके होंठो को चूसना शुरू किया और क्या मस्त गुलाबी होंठ, रसीले होंठ थे मज़ा ही आ गया और फिर ऐसे ही होंठो को चूस्ते हुए मैं अब उसके बूब्स दबाने लग गया जिससे वो मदहोश होती चली गई और होती ही चली गई.

अब मैने साथ ही साथ अपने कपड़े भी उतार लिए और पूरा नंगा हो गया और मस्त तरीके से उसके निपल को मसलने लग गया और फिर अब मैने होंठो को छोड़ कर उसकी गर्देन पर आ गया और जैसे ही गर्देन को चूमने लगा तो वो आहह आअहह करने लग गई जिससे मैं अब उसके गोरे- गोरे बूब्स को मूह मे भर लिया और चूसने लग गया.

वो पूरी तरह से मदहोश हो चुकी थी इसलिए मैं अब अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया और जैसे ही चूत को महसूस किया तो पता चला की चूत पर छोटे-छोटे बाल है और वो एक दम टाइट थी तो मैने एक उंगली उसकी चूत मे डाल दी और फिर उसकी चूत को अपनी उंगली से ही चोदने लग गया जिससे उसे दर्द के साथ-साथ मज़ा भी आया और फिर 5 मिनिट बाद झड़ गई.
अब मैने उसकी चूत मे से उंगली निकाल दी और फिर उसके मूह पर लंड रख दिया जिसको वो पूरा तो नही ले पाई पर जितना भी लिया उसमे मज़ा आ गया और अब मैने बिना कोई देर करते हुए उसके उपर आ के उसकी चूत को चाटा जो की बहोत ही कमाल की लग रही थी और फिर चाटते-चाटते ही मंजू एक बार और झड़ गई तब मुझे उसके पानी को पीने का मौका मिला और फिर मैं उसके बूब्स दबाने लग गया.

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अब मैने अपने लंड पर थूक लगाई और फिर मैने चूत पर हल्के से लंड का धक्का दिया तो वो चिल्लाई पर मैने उसे चीखने नही दिया और फिर बूब्स दबाने लग गया और जब दूसरा हमला किया तो वो रोने लग गई पर अपना दर्द अपने तक ही रखा और इसी के चलते मैं अपना पूरा लंड उसकी चूत मे उतार दिया और उपर नीचे धक्के लगाने लग गया..

और फिर वो इस बीच 3 बार झड़ गई और मेरे साथ मज़े लेने लग गई पर मैं खुद को रोका नही बस चोदता ही गया और करीब एक घंटे तक चोदने के बाद मैने अपना लंड का पानी उसकी चूत मे ही उतार दिया और फिर मैने उसके साथ बाथरूम मे भी सेक्स किया और उस रात उसे करीब 5 बार चोदा और फिर उसकी चूत को पूरा फाड़ कर पूरा फूला दिया और सुबह के 5 बजते ही उसे सुला कर अपने घर आ गया.

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फिर जब सुबह हुई तो उसे पता चला की उसका पति तो रात भर उसके साथ नही था तो वो सोचने लग गई की उसे रात को उसकी सुहाग्रात पर कोन चोद कर चला गया पर उसे इसमे मज़ा आया इसलिए मंजू ने ये बात अपने पति से नही कही और फिर एक साल गुजरने के बाद उन दोनो के बीच मे झगड़े होने शुरू हो गये और उसकी भाभी आई तो मंजू ने सुहाग्रात वाली सारी बात बताई और कहा की मैं उस बंदे को ढूंड रही हूँ ताकि वो मेरी चूत की प्यास बुझा सके.

पहले तो ये सुन कर भाभी हेरान हो गई पर बाद मे मंजू का साथ देते हुए उस लड़के को ढूंडनेके बारे मे कहा और ये सब बाते मैं सुन रहा था तो अब मैं फिर से मंजू और भाभी को चोदने का प्लॅन बनाने लग गया.

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