बीमार बेटी की चूत की आग की स्टोरी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम टिया है. मैं 22 साल की हू, और कॉलेज में पढ़ती हू. मेरी हाइट 5’6″ है, और रंग मेरा गोरा है. शरीर मेरा भरा हुआ है, और फिगर साइज़ 34-29-36 है.

मेरे बूब्स काससे हुए है, और लेग्स भी सेक्सी है. मैं जिम जाके काफ़ी एक्सर्साइज़ करती हू, ताकि मेरी बॉडी टाइट रहे. मुझ पर कॉलेज में काफ़ी लड़के ट्राइ करते है. लेकिन अभी तक मैने बाय्फ्रेंड नही बनाया है. हलकी मैं काफ़ी पॉर्न वीडियोस देखती हू, और फिंगरिंग भी करती हू.

मेरी फॅमिली में मैं, मेरा भाई, और मेरे पापा है. मेरा भाई मुझसे छ्होटा है, और वो हॉस्टिल में है. वो हफ्ते या पंद्रा दिन में एक बार ही घर आता है. मेरी मम्मी की कुछ साल पहले कॅन्सर की वजह से डेत हो गयी थी. तब से पापा ने हम दोनो को संभाला है.

ये कहानी 3 महीने पहले की है, जब मुझे बहुत ज़्यादा बुखार हो गया था. तब पापा ने मेरा ख़याल रखा था. लेकिन इसी बीच कुछ ऐसा हुआ, की मैं अपने ही बाप से चुड गयी. तो चलिए बताती हू की सब कैसे हुआ.

उस दिन थोड़ी बहुत बारिश हुई थी, और मैं कॉलेज से आते वक़्त थोड़ी भीग गयी थी. मैं दोपहर को कॉलेज से घर वापस आ जाती हू. पापा की जॉब है, तो वो शाम को आते है.

तो मैं भीग कर घर आई, और घर आते ही फन के नीचे बैठ गयी. मेरी लापरवाही मुझे महँगी पड़ी, और मुझे पापा के आने तक फीवर हो गया. मेरा चेहरा फीवर से उतार चुका था. जब पापा आए तो मैने दरवाज़ा खोला.

जैसे ही पापा ने मुझे देखा, तो उन्होने पूछा: क्या बात है, आज ढीली-ढीली लग रही हो. तबीयत तो ठीक है?

मैं: पापा आते हुए बारिश में भीग गयी थी. फिर फन के नीचे बैठ गयी, तो शायद फीवर हो गया.

फिर पापा अपने रूम से थर्मॉमीटर लेके आए, और मेरा फीवर चेक करने लगे. फीवर चेक करके उन्होने बोला-

पापा: अर्रे ये तो 103 दिखा रहा है. हमे डॉक्टर के पास जाना चाहिए.

फिर वो मुझे डॉक्टर के पास ले गये. डॉक्टर ने मेरा चेक-उप किया, और मुझे मेडिसिन दे दी. घर आके पापा ने मुझे खाना खिलाया, और मुझे मेरे रूम में सुला दिया. बुखार ज़्यादा था, तो उन्होने ठंडे पानी से पट्टी भी की.

वैसे तो हम तीनो के सेपरेट रूम है. लेकिन उस दिन तबीयत ठीक ना होने की वजह से पापा मेरे रूम में ही दूसरे बेड पर सो गये. मैं भी सो गयी थी. मैने लेगैंग्स और त-शर्ट पहनी हुई थी.

एक बार तो मुझे नींद आ गयी. लेकिन 2 घंटे बाद अचानक से मेरी आँखें खुल गयी. मुझे बहुत ज़ोर की सस्यू लगी थी. मैने बेड से उठने की कोशिश की, लेकिन मुझसे उठा नही जेया रहा था. मैने सोचा पापा को डिस्टर्ब नही करती, और खुद ही उठने की कोशिश करने लगी.

इसी चक्कर में मैं बेड से नीचे गिर गयी. मेरे गिरने पर पापा जाग गये. उन्होने पूछा तो मैने कहा मुझे जाना था. फिर उन्होने मुझे खड़ा किया, और बातरूम लेके जाने लगे. लेकिन बहुत देर हो चुकी थी, और मैने वही पर सस्यू कर दिया. मुझे बहुत शरम आई.

फिर पापा ने मुझे अपनी बाहों में उठाया, और बातरूम में लेके गये. क्यूंकी मैं खड़ी भी नही हो पा रही थी, तो उन्होने मेरी लेगैंग्स और पनटी उतार दी. अब मैं पापा के सामने सिर्फ़ त-शर्ट में खड़ी थी, और नीचे से बिल्कुल नंगी थी.

मेरी छूट क्लीन-शेव्ड थी, और पापा की आँखों के बिल्कुल सामने थी. फिर पापा ने बकेट से पानी लिया, और मेरी लेग्स पर डालने लगे. मैं दीवार पर हाथ रख के खड़ी थी.

उन्होने मेरी छूट पर पानी डाला, और हाथ से उसको सॉफ करने लगे. जैसे ही उनका हाथ मेरी छूट पर लगा, मेरी बॉडी में करेंट सा दौड़ गया. तभी अचानक मेरे मूह से आ की सिसकी निकल गयी. उनके मेरी छूट को चूसने से मैं हॉर्नी फील करने लगी थी.

फिर पापा पीछे गये, और मेरी गांद पर पानी डाल कर सॉफ करने लगे. इससे मुझे और सेक्स चढ़ने लगा. मेरी छूट ने तोड़ा-तोड़ा पानी छ्चोढना शुरू कर दिया था. फिर पापा ने टवल लिया, और मेरी लेग्स को पोंछने लगे.

लेग्स पोंछते हुए उनका हाथ फिरसे मेरी छूट पर लगा. जब टवल छूट से रग़ाद खाया, तो मैं पागल हो गयी. मॅन तो कर रहा था, की अभी पापा का मूह अपनी छूट में दबा डू, और उनसे अपनी छूट चत्वौ. लेकिन रिश्ते का लिहाज़ था.

फिर पापा मेरे रूम में गये, और मेरी आल्मिराह से पनटी और शॉर्ट्स लेके आए. जैसे ही पापा बातरूम में वापस आए मेरी नज़र सीधी उनके पाजामे पर पड़ी. उन्होने पाजामा त-शर्ट पहनी थी, और उनका लंड खड़ा था.

उनका खड़ा लंड देख कर मैं समझ गयी, की पापा को भी वही फीलिंग आ रही थी, जो मुझे आ रही थी. तभी मुझे उस पॉर्न वीडियो का ख़याल आया, जिसमे बाप अपनी बेटी को छोड़ता है.

फिर पापा ने मेरी पनटी पहनाई. मैं जान-बूझ कर गिरने का नाटक करने लगी, ताकि उनका हाथ मेरी छूट को फिरसे टच कर जाए. और ऐसा ही हुआ. पापा का हाथ मेरी छूट को टच हुआ, और मेरी गीली छूट का लिक्विड उनके हाथ पर लग गया.

ग़लती मेरी थी, और सॉरी पापा ने मुझे बोला. फिर उन्होने मुझे मेरी शॉर्ट्स पहना दी. उसके बाद उन्होने मेरी एक बाजू को अपने कंधे पर रखा, और मुझे मेरे रूम में ले गये.

रूम में जाके पापा ने मुझे बेड पर लिटा दिया. अब मैं काफ़ी ठीक फील कर रही थी. अब ये दवाई का असर था, या सेक्स की गर्मी का, भगवान ही जाने. पापा फिर जाके अपने बेड पर लेट गये. तभी मैने पापा के लंड की तरफ देखा, जो अभी भी खड़ा था.

उस लंड को देख कर मेरी छूट की आग भड़क उठी. मैं उस लंड को अपनी छूट में लेना चाहती थी. लेकिन मैं ये कैसे करती वो मुझे नही पता था. फिर मैं बेड पर लेती हुई सोचने लगी की क्या किया जाए.

कुछ देर सोचने के बाद मुझे एक आइडिया आया, जिससे मैं पापा को अपने पास सुला सकती थी, और उनके लंड का मज़ा ले सकती थी. अब वो आइडिया क्या था, और मैने कैसे उसका इस्तेमाल किया, वो सब जानने के लिए कहानी के अगले पार्ट की वेट करे.

दोस्तों यहा तक की कहानी आपको कैसी लगी मुझे कॉमेंट करके ज़रूर बताए. और स्टोरी पसंद ना आई हो, तो भी बताए.

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