बरसात की रात

फ़िर मैंने घर पर काल कर दी कि आज पानी बहुत बरस रहा है मैं आज यहीं दोस्त के घर रुक जाउंगा और फ़िर थोड़ा बहुत खाना खाने के बाद आंटी ने मुझसे कहा बेटा तुम यहां बेड पर सो जाना मैं सोफ़े पर लेट जाउंगी वरना अगर चाहो तो गेस्ट रूम में भी सो सकते हो तब मैंने कहा आंटी मैं वहां अकेला बोर हो जाउंगा आप ऐसा कीजिये आप बेड पर सो जाइयेगा मैं सोफ़े पर सो जाता हूं।

ये कह कर मैं वहीं सोफ़े पर लेट गया और आंटी बेड पर लेट गयी मेरे अरमान अब धीरे धीरे ठंडे हो रहे थे और मैं आंटी की उभरी हुई चूची और फ़ूले हुए चूतड़ आंखों में बसाये कब नींद की गोद में गया मुझे पता नहीं चला।

रात को अचानक मुझे अपनी जांघ पर कुछ सरकता हुआ महसूस हुआ तो मेरी नींद खुल गयी फ़िर मुझे आभास हुआ कि ये किसी का हाथ है और घर में 2 ही जन थे आंटी या फ़िर उसकी नाबालिग लड़की

थोड़ी देर मैं उसी पोज़ में लेटा रहा तब तक हाथ सरसराता हुआ मेरी लुंगी को सरकाता हुआ ऊपर मेरी जांघों की जड़ तक पहुंच चुका था मैं भी अब उस हाथ की सहलाहट का आनंद लेना चाहता था चाहे कोइ हो भले ही उस वक्त उसकी नाबालिग लड़की भी होती तब भी मैंने तय कर लिया था कि उसकी कुंवारि चूत चोद ही डालुंगा मगर अब तक मैं जान गया था कि ये हाथ आंटी का है और अब मैं पूरी तरह से उसकी सहलाहट का मज़ा लेना चाहता था और मैं सोफ़े पर सीधा होकर लेट गया और वो मुझे करवट लेते हुए देख कर कुछ खड़बड़ा गयी मगर फ़िर नोर्मल हो गयी और मुझे नींद में देख कर उसने मेरी लुंगी के अंदर हाथ डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया जो अभी तक शांत अवस्था में था उसे प्यार से सहलाने लगी

अब मेरे लंड में धीरे धीरे तनाव आने लगा और मैं भी उत्तेजित होने लगा था मेरा मन कर रहा था कि अभी साली को बाहों में भर कर इतनी जोर से चांपू की इसकी हड्डी तक पिस जाये पर मैं ऐसा कर नहीं सकता था मैं बस चुपचाप पड़ा रहा और आंटी की कार्यवाही देखता रहा।

और फ़िर आंटी का हाथ थोड़ा कड़ा हो गया था वो मुझे सोया जान कर पूरी तरह निश्चिंत हो गयी थी मेरे लंड को जोर जोर से सहलाने के बाद जब वो पूरी तरह से खड़ा हो गया तब अपने होंठ से मेरी जांघों को चूमने लगी मेरे मुंह से सिसकी निकलने को हुइ मगर मैंने दांत भींच कर सिसकी नहीं निकलने दी मगर अब बरदास्त करना बहुत मुश्किल हो रहा था।

तभी मैंने अपने लंड पर कुछ लिबलिबा सा महसूस किया कयोंकि रूम में नाइट लैम्प जल रहा था तो कुछ साफ़ नज़र नहीं आ रहा था और मैं अपनी आंख भी बंद किये था पर इतना तो अंदाज़ा हो ही गया था कि ये साली इसकी जबान होगी जो मेरे लंड पर फ़िरा रही है और जबान फ़िराते फ़िराते उसने गप्प से मेरा लंड मुंह में ले लिया अब तो मैं बरदास्त नहीं कर पाया और झटके के साथ उठ कर बैठ गया और बोला कौन है
तभी आंटी ने मेरे मुंह पर हाथ रखा और धीरे से बोलि बेटा मैं हूं उन्होंने फ़ट से लाइट जला दी मैं देख कर हैरान रह गया वो पूरि तरह से नंगी थी मैंने उनको नंगा देख कर चौकने का ड्रामा करते हुए कहा हाय आंटी आप तो नंगी है

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