बरसात की रात

अब मुझे भी बहुत नींद आ रही है मैं भी सोने जा रही हूं अचानक मुझे देख कर वो थोड़ा सम्भलते हुए बोली मम्मी ये साहब कौन है? मम्मी ने कहा बेटा आज मैं कार नहीं ले गयी थी और आज ही पानी को बरसना था तो इसने ही मुझे लिफ़्ट दी है इनका नाम राजेश है और तब वो मुझे नमस्ते कर के अपने रूम में सोने चली गयी और अब रूम में मैं और आंटी ही रह गये तब ही आंटी ने मुझे एक लुंगी देते हुए कहा लो ये पहन लो मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिये और लुंगी बांध ली मैंने गंजी और जोकी नहीं उतारी थी तब आंटी बोली बेटा सारे कपड़े उतार दो अभी थोड़ी ही देर में सूख जायेंगे तब पहन लेना और बनियान भी उतार कर निचोड़ लो बहुत भीगी है
तब मैंने झिझकते हुए बनियान उतार कर निचोड़ कर अलगनी पर टांग दी और वहीं वाशरूम में जाकर अपनी जोकी भी उतार कर सूखने को डाल दी अब मैं सिर्फ़ लुंगी में था और अभी तक आंटी ने अपनी साड़ी नहीं उतारी थी अब मैं रूम में आया तब देखा कि वो अपना साड़ी का पल्लु निचोड़ रही थी और आंचल हटा होने की वजह से पिंक बलाउज़ के अंदर ब्लैक डिजाइनर ब्रा साफ़ नज़र आ रही थी जिसे मैं अपलक निहार रहा था मुझे एक टक इस तरह देखते हुए आंटी ने कहा क्या देख रहे हो बेटे तुमने अपने तो कपड़े उतार लिये अब मैं भी चेनज कर लूं मेरा मन अब तक आंटी को चोदने के बारे में सोचने लगा था पर हिम्मत नहीं हो पा रही थी तब ही थोड़ी देर बाद आंटी एक बहुत ही झीनी सी नाइटी पहन कर आयी और वहीं सोफ़े पर बैठ गयी और कोफ़ी बनाने लगी

वो कोफ़ी बना रही थी और मैं ललचायी नज़रों से उनकी उभरी हुइ चूची देख रहा था और दिल ही दिल में सोच रहा था कि काश ये आंटी मुझसे चुदवा ले तो कितना मज़ा आयेगा यही सब सोच सोच कर मेरा लंड अपनी औकात में आ चुका था और मुझे इस बात का एहसास ही नहीं हुआ कि कब वो मेरी लुंगी को 2 पाट करके बीच से उसकी टोपी बाहर झांक रही थी और आंटी चोर नज़रों से उधर ही देख रही थी मेरा पूरा ध्यान आंटी कि चूची की तरफ़ था और आंटी का ध्यान मेरे औज़ार की तरफ़ तब ही मैंने आंटी की नज़रों की तरफ़ देखा तो उनकी नज़रे अपने औज़ार पर टिकी देख कर अंदर ही अंदर खुश हो गया और धीरे से अपनी टांगे और खोल दी ताकी आंटी और अच्छी तरह से लंड का दीदार कर सके उसके बाद हम दोनो ने कोफ़ी प॥

और उसके बाद मैं अपने कपड़े पहनने लगा और दिल ही दिल में सोच रहा था कि साली अगर आज रोक कर चुदवा ले तो क्या हो जायेगा तड़प तो इसकी भी चूत रही है पर हाय रे इंडियन नारी लाज़ की मारी लंड खायेगी गज़ भर के मगर चुदवाने से पहले शरमायेगी इतना कि पूछो ही मत।

और जब मुझे कपड़े पहनते हुए आंटी ने देखा तब वो करीब आयी और बोली बेटा अभी कपड़े पूरी तरह से सूखे नहीं है तुम ऐसा करो कि आज यहीं रुक जाओ घर पर काल कर दो मम्मी को तब मैंने नाटक करते हुए कहा नहीं आंटी जाना है मुझे तब वो मेरे हाथ से कपड़े छीन कर बोली बेटा मैं तेरी मां जैसी हूं जैसा कह रही हूं वैसा करो कहीं बीमार पड़ गये तो तेरी मम्मी को कौन जवाब देगा।

Pages: 1 2 3 4

Leave a Reply

error: Content is protected !!