बैंक केशियर को माँ बनाया

हाई दोस्तों सेक्स की कहानी पढने वाले सभी दोस्तों को मेरा प्यार और सलाम! मेरा नाम amit है और मैं Kolkata से हूँ. दोस्तों आज की मेरी ये कहानी 90% सच्ची बात है और उसके ऊपर 10% मसाला एड किया हुआ है.
मेरा एसबीआई बेंक में अकाउंट है तो इसी सिलसिले में मेरा काफी बार बैंक में आनाजाना होता है. काफी बार आने जाने की वजह से बैंक का स्टाफ मुझे पहचानता है और अच्छी बनती है मेरी. उसी बेंक में एक लेडी केशियर है जिसका नाम स्वाति है. वो करीब 30-32 साल की है. और उसका बदन ऐसा है की जो भी उसे देखे तो देखता ही रह जाए!

स्वाति का फिगर 34 30 36 के करीब होगा और वो दिखने में बॉलीवुड के हसीन माल माधुरी दिक्षीत के जैसी ही लगती है. मैं जब भी स्वाति के पास जाता तो उसको देख के मेरा तो लंड ही खड़ा हो जाता था. दिल करता था को उसको बेंक के अंदर ही नंगा नाच करवा के सब के सामने उसकी चूत चाट के चोद लूँ!

मेरे साथ वो हाई हल्लो करती थी जब भी मैं उसके पास जाता तो. और मैं उसकी तारीफ़ करने का एक भी मौका अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहता था. वो भी मुझसे स्माइल दे के बात करती थी.

ये चुदाई होने से पहले मैं स्वाति के पास गया. और उस दिन भी मैंने उसकी तारीफ़ की. इस बार वो कुछ ज्यादा ही अच्छे मूड में थी. वो भी अच्छी तरह से मेरे बातों का जवाब दे रही थी. उसने बातो बातो में ही बोल दिया की विशाल आप सिर्फ तारीफ तारीफ़ ही करोगे या!

बस इतना ही बोल के वो चुप हो गई. मैं भी स्मार्ट लौंडा हूँ और उसका मतलब मैंने झट से पकड लिया. मैंने उसे फटाक से कहा अरे मेडम जी कभी हमें मौका दे के तो देखो, जो करेंगे वो तारीफ़ से लाख गुना बहतर होगा. वो हंस पड़ी. मैंने कहा मुझे तो कब से आप की सेवा करनी है वैसे.

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उसने मेरा मोबाइल नम्बर माँगा और उसने भी अपना मोबाइल नम्बर मेरे को दे दिया. बेंक का काम निपटा के स्वाति को बाय कह के मैं चला गया. उसके चहरे से टी लगता था की वो भी अट्रेकट थी और शायद लंड लेने की जुगाड़ में थी.

उस दिन उसका कॉल नहीं आया तो मैंने रात को पोर्न मूवी देखी एक बिग बूब्स वाली लेडी की और स्वाति के नाम का ही जर्क ऑफ कर लिया. फिर 2 दिन के बाद शनिवार था. किसी अनजान नम्बर से कॉल आया. मैंने उठाया तो लेडी की आवाज थी. मैंने कहा हाँ कौन चाहिए?

वो बोली अरे विशाल जी मैं स्वाति एसबीआई बेंक से? मैंने कहा सोरी आप का नम्बर एड नहीं ये वाला इसलिए. वो बोली क्या आज शाम को आप फ्री हो? क्या आप मेरे घर पर आ सकते हो एक पालिसी के बारे में आप से बात करनी थी कुछ? मैंने भी झट से हाँ बोल दिया और उसका एड्रेस ले लिया. स्वाति ने मुझे अपना एड्रेस टेक्स्ट किया था और उसने मुझे शाम को 7 बजे के बाद उसके घर पर आने के लिए कहा था.

मैं समझ चूका था की आज मेडम का पक्का मूड बना हुआ था मेरा लंड लेने का इसलिए ही बुलाया है मुझे. शाम को उसके बताये हुए टाइम पर मैं उसके घर जा पहुंचा और वो भी मेरी ही वेट कर रही थी.

मैंने घर के सामने से उसे कॉल किया और बताया की मैं बहार खड़ा हूँ. तो वो बहार आई और मेरे को अन्दर बुलाया. वो वहां पर किराए के मकान में रहती थी. उसका हसबंड भी सरकारी जॉब करता था और वो किसी दुसरे जिल्ले में पोस्टेड था. वो हर शनिवार को स्वाति के पास आता था. लेकिन इस बार किसी सरकारी काम में उलझे होने की वजह से वो नहीं आनेवाला था.

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उनका कोई बच्चा नहीं था और उनकी शादी को 7 साल हो गए थे. मैं वही सोफे पर बैठ गया. स्वाति कोफ़ी लेकर आ गई और उसने अपनी पालिसी के बारे में बात करना चालू कर दिया. बातो बातो में वो अपने बारे में भी सब कुछ शेयर कर रही थी. और उसने मुझे बोला की उसका हसबंड उसे बच्चा नहीं दे सकता है और ये कह के वो रोने लगी. मेरे को भी अच्छा नहीं लगा मैं अपनी जगह से उठा और उसके सोफे पर जा के उसके एकदम करीब बैठ गया. और उसके कंधे पर हाथ रख के स्वाति के आंसू पोंछ दिया मैंने.

स्वाति ने अब अपना सर मेरी गोदी में रख दिया. मेरा भी होश्ला बढ़ चूका था. और उसके सर पर हाथ फेरते फेरते मैने उसका कंधे के ऊपर किस कर दिया. वो कुछ नहीं बोली और मेरी हिम्मत को और गति मिल गई. अब मैं उसके बालों को ठीक करते हुए उसे किस करने लगा. वो भी रिस्पोंस देने लगी थी. मैंने उसको उठा कर अपनी गोदी में बिठा लिया और उसकी चूची को स्यूट के ऊपर से ही दबाने लगा.

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