बड़े लंड की दीवानी भाभी

हेलो दोस्तो, मैं कमल हरयाणा से आज एक अपनी बिल्कुल नयी कहानी ले कर आया हूँ क्योकि ये न्यूड देसी भाभी घटना पिछले हफ्ते ही मेरे साथ हुई है. तो मैने सोचा क्यो ना ये घटना अपने सब प्यारे दोस्तो के साथ शेयर करूँ जिससे वो भी मेरे साथ हुए इस हादसे का थोड़ा सा मज़ा ले सके.

दोस्तो कहानी शुरू करने से पहले मैं सब नये दोस्तो को अपने बारे मे बता दू क्योकि जो मेरे पुराने दोस्त मेरी कहानी पढ़ते है वो तो अब मुझे अच्छे से जानते है. खैर मेरा नाम कमल है और मैं हरयाणा से बिलॉंग करता हूँ. मेरी उमर अब 22 साल हो गयी है.मैं बी.ए कर रहा हूँ.

मैं डेली जिम जाता हूँ इस लिए मेरी बॉडी काफ़ी अच्छी है और लड़किया और भाभीया मेरे उप्पर मरती है. और रही मेरे लंड की बात तो मेरा लंड भगवान की करिपा से काफ़ी दमदार है इसका साइज़ 7’6 इंच है और करीब 3 इंच मोटा है.

मुझे अपने लंड पर इतना विश्वास है की अगर एक बार ये किसी की चूत मे चला जाए तो ये उसकी पूरी चूत फाड़ देता है और वो चूत मेरे लंड की दीवानी हो जाती है बार बार मेरे लंड को लेती है. तो दोस्तो अब मैं आप सब का ज़्यादा समय नही लूँगा अब मैं सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ.

ये बात पिछले हफ्ते की ही है. मेरे पड़ोस मे एक नया कपल रहने के लिए आया वैसे तो उन्हे आए हुए करीब 6 महीने हो चूक्के है पर जो कुछ मेरे साथ हुआ वो सब पिछले हफ्ते ही हुआ है. उनके घर मेरे तीन मेंबर रहेते थे एक तो राजेश भाईया जिनसे अब मेरी अच्छी बनने लगी थी और दूसरी उनकी वाइफ यानी मेरी भाभी उनका नाम सोनिया था और भाभी की छोटी बेहेन अंकिता.

दोस्तो अब मैं इन दोनो बेहेनो के बारे मे बताना चाहूँगा. सब से पहले सोनिया भाभी की बात कर लेते है, सोनिया भाभी उप्पर से लेकर नीचे पूरी गोरी चिटी है उसके चेहरे पर उसके गुलाबी होंठ बड़ी बड़ी काली आँखें गोरे गोरे गाल और लंबे और रश्मि बाल जो की उसकी गांड तक आते थे. थोड़ा नीचे चले जाए तो उसके पहाड़ जैसे दो बूब्स जो की हमेशा खड़ा ही रहते थे और नीचे मटकती कमर और उसके नीचे मोटे मोटे चुत्तड़ो के साथ उसके मोटे मोटे पट्ट मुझे अपना दीवाना बनाते थे.

मुझे भाभी के चुत्तड़ बहोत ही अच्छे लगते थे मैं उनके चुत्तड़ो का दीवाना हो चुका था. अब उनकी छोटी बहेन अंकिता की बात करूँ तो वो भी बिल्कुल ऐसी थी पर वो कम उमर की थी पर पूरी पटाका थी. पर मेरा सारा ध्यान हमेशा से भाभी पर ही था क्योकि मुझे वो बहोत अच्छी लगती थी. मैं भाभी को सोच कर रोज मूठ मारता था. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

राजेश भाईया की न्यू जॉब लगी थी जिसकी वजह से अब वो घर से 15 से 20 दीनो के लिए बाहर रेहेने लगे थे. अब मैं डेली भाभी के घर जाने लग गया और रोज उनके घर बैठ भाभी के जिस्म को देखता और जब मेरा मूड कुछ ज़्यादा ही खराब हो जाता तो मैं जल्दी से अपने घर आता और अपने कमरे मे अपनी पेंट उतार भाभी को सोच सोच कर मूठ मारता.

एक दिन की बात है मैं अपने घर मे बैठ बोर हो रहा था सोचा क्यो ना भाभी के घर चला जाए इस लिए मैं उनके घर चला गया और वाहा जा कर देखा की उनका दरवाजा खुला था इस लिए मैं ऐसे ही अंदर चला गया और अंदर जा कर सोफे पर बैठ गया कुछ देर मैं इधर उधर देखता रहा और किसी के आने का वेट करने लग गया. पर वाहा कोई नही आया मैने सोचा भाभी आख़िर कहा चली गई है. मैं उठा और उनके बेडरूम की और चला गया वाहा से मुझे बाथरूम से पानी की आवाज़ आ रही थी.

मैं समझ गया की भाभी अभी नहा रही है इस लिए मैं चुपके से बेडरूम मे गया मैने देखा की उनके बेड पर प्लास्टिक के दो मोटे मोटे लंड पड़े है उन्हे देख मेरा लंड भी एक दम खड़ा हो गया. मैने अब बाथरूम मे देखना था की आख़िर बाथरूम मे हो क्या रहा है. मैने चुपके से बाथरूम के दरवाजे मे से भाभी को देखा वो अंदर पूरी नंगी थी और उनका गोरा जिस्म पूरा भीगा हुआ था. उन्हे इस रूप मे देख कर मेरा मूड बहोत खराब हो गया मैं जल्दी से भाग कर अपने घर गया अपने कमरे मे जा कर मैं पहले पूरा नंगा हुआ और भाभी के नाम की एक मूठ मारी तब जा कर मेरा लंड शांत हुआ.

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अब मुझे पता चल गया था की भाभी को एक दमदार लंड चाहिए था जो की मेरे पास था बस अब मुझे एक अच्छे से मोके की तलाश थी. और भगवान ने मेरी जल्दी ही सुन ली मेरे घर वालो को एक दूर की शादी मे जाना था वो मुझे अपने साथ ले जा रहे थे पर मुझे घर पर रहना और भाभी को चोदना था इस लिए मैने अपनी स्टडी का बहाना लगा दिया और घर मे अकेला रह गया.

मम्मी ने जाते हुए भाभी से कह दिया था की कमल घर पर अकेला है इस लिए तुम इसका थोड़ा ध्यान रख़ना और खाना टाइम पर देती रहेना. भाभी ने भी हाँ कर दी मुझे पता था की भाईया भी अभी 15 दिन के लिए बाहर गये हुए है इस लिए मेरे पास बहोत अच्छा मोका है भाभी को चोदने का.

पहली रात जब मैं भाभी के घर डिनर किया तो मैं ये ही सोच रहा था की भाभी को कैसे चोदु. पर फिलहाल मेरे पास आइडिया नही आरहा था मैने जाते हुए भाभी को अपने घर की की दे दी और कह दिया भाभी अगर मैं ना उठु तो प्लीज़ आप मेरा घर ओपन करके अंदर आ जाना और मुझे उठा देना.

ये कह कर मैं अपने घर वापिस चला गया और रात को सोने से पहले मैने भाभी के नाम की मूठ मारी और सो गया. रात को मुझे बहोत अच्छी नींद आई इसलिए मेरी आँख सुबह ही खुल गयी मैने सुबह उठ कर देखा तो मेरा लंड पूरा खड़ा था और दिमाग़ मे मेरे भाभी के बूब्स और मोटे मोटे चुत्तड़ घूम रहे थे इसलिए मैने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अपना लंड ज़ोर ज़ोर से हिला हिला कर भाभी के नाम की मूठ मारने लग गया.

मैं मूठ मारने मे पूरा खोया हुआ था मैने अपनी दोनो आँखें बंद कर रखी थी और अपने लंड को ज़ोर ज़ोर से उप्पर नीचे कर रहा था. मुझे किसी चीज़ का होश नही था और भाभी कब मेरे घर मे आई और कब मेरे बेडरूम मे आ कर मेरे सामने खड़ी हो गई मुझे पता ही नही चला.

जब मेरी आँख खुली तो मैने देखा की भाभी मेरे सामने खड़ी है. मैं एक दम डर गया और जल्दी से उनके सामने ही अपने कपड़े डालने लग गया.

भाभी बोली – रूको एक मिनिट.

मैं अपनी आँखें नीचे करते हुए कुछ नही बोला और रुक गया. भाभी फिर से बोली – ये तुम क्या कर रहे थे.

मैं अब कुछ नही बोला और डर के मारे मेरा लंड बिल्कुल बैठ चूका था. भाभी मेरे पास आई और बोली – कमल तुमने कभी बताया नही तुम्हारा इतना बड़ा है और इसे अब क्या हो गया अभी तो ये इतना बड़ा था.

भाभी की बातें सुन कर मुझे लगा की अब काम बन गया है इस लिए मैं बोला – आप को देख कर डर गया है और कुछ नही.

भाभी ने लंड को हाथ मे लिया और उसे प्यार करती हुई बोली – मेरे राजा मुझसे डरने की ज़रूरत नही है अब मैं तुम्हे बहोत प्यार करूँगी.

ये कहते ही भाभी ने मेरा लंड अपने मूह ले डाल लिया और मूह के अंदर जाते ही लंड एक सेकेंड मे 7’6 इंच का हो गया और इसे देख कर भाभी भी हैरान रह गयी. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

वो मेरे लंड को मूह से निकाल कर बोली – देखा कमल मेरे प्यार की ताक़त ये फिर से जाग गया है.

और भाभी फिर से मेरे लंड को ज़ोर ज़ोर से अपने मूह मे उप्पर नीचे करने लग गई करीब 2 मिनिट मे ही मेरा लंड जवाब दे दिया और अपना सारा पानी भाभी के मूह मे ही निकाल दिया. भाभी ने मेरे लंड का सारा पानी पी लिया और बोली – अब तुम तैयार हो जाओ मैं इसे और भी प्यार करूँगी.. अंकिता 10 बजे तक चली जाएगी तब तुम घर आ जाना ओके.

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और ये कह कर भाभी अपने घर चली गई मेरी खुशी का कोई ठिकाना नही था मैं खुशी से पागल हो रहा था. मैं जल्दी से तैयार हुआ और 10:15 मिनिट पर भाभी के घर आ गया मैं सोफे पर बैठा भाभी का वेट कर रहा था. कुछ देर बाद भाभी पिंक कलर की ब्रा और पेंटी मे मेरे पास आ कर बैठ गई मैं आज पहली बार इस रूप मे देख रहा था. मेरा लंड उन्हे देखते ही खड़ा हो गया मैने उन्हे अपनी बाहों मे ले लिया और उनके होंठो को चूसने लग गया.

साथ ही मैने उनकी कमर पर हाथ फेरते हुए उनकी ब्रा को भी खोल दिया अब भाभी के दोनो बूब्स मेरे सामने नंगे थे मैने पहले अच्छे से उनके दोनो बूब्स को चूसा और फिर उनकी पेंटी उतार दी और अपनी उंगलिया भाभी की चूत मे डाल कर उप्पर नीचे करने लग गया. भाभी को बहोत मज़ा आ रहा था अब भाभी मेरे लंड को अपने मूह मे डाल कर चूसने लग गयी.

ये सब करीब 35 मिनिट तक चला और फिर भाभी बोली – कमल अब मुझसे और नही रुका जाता प्लीज़ अब लंड डालो अपना.

ये सुनते ही मैने भाभी को सोफे पर सीधा लेटा दिया और उनके दोनो टाँगो को उप्पर उठा कर अपना लंड उनकी चूत पर रख कर एक जोरदार धक्का मारा अपना आधा लंड उनकी चूत मे डाल दिया भाभी चिल्ला उठी और बोली – आराम से डालो प्लीज़ दर्द होता है एक तो तुम्हारा है भी बहोत बड़ा.

मैं धीरे धीरे उनकी चूत मरने लग गया और कुछ ही देर मे मेरा पूरा लंड उनकी चूत मे घुस गया अब मैने चुदाई शुरू कर दी थी और भाभी मेरा साथ देने लग गयी. वो नीचे से अपने दोनो चुत्तड़ो को हिल्ला हिल्ला कर मेरा लंड अंदर ले रही थी. इसी बीच उनकी चूत ने करीब 3 बार अपना पानी निकाल दिया था. और आख़िर अब मेरे लंड ने भी जवाब दे दिया और मैने इस बार अपना सारा पानी उनकी चूत मे डाल दिया.

उसके बाद मैं उनके उप्पर ऐसे ही गिर गया और हम दोनो ने थोड़ी देर आराम किया और बातें करी. उसके बाद मैं बोला – भाभी आइ लव यू मुझे आप की गांड बहोत ही पसंद है अब मुझे वो मारनी है.

भाभी ने मुझे सॉफ ही माना कर दिया क्योकि अभी तक उन्होने अपनी गांड मे उंगली तक नही डाली थी तो इतना मोटा और बड़ा लंड कैसे डाल लेती. पर मैं भी बहोत जिद्दी था मैं अपनी ज़िद पर अड्डा रहा और आख़िर भाभी मान गई और कहा प्लीज़ बहोत ही धीरे धीरे मारना.

मुझे अपना फीडबैक देने के लिए कृपया कहानी को ‘लाइक’ ज़रूर करे, ताकि कहानियों का ये दोर देसिकहानी पर आपके लिए यूँ ही चलता रहे.

मैं मान गया भाभी अंदर से आयिल ले आई और पहेले उन्होने मेरे लंड को पूरा आयिल से भर दिया और फिर अपनी गांड को अच्छे से आयिल लगा दिया. अब मैने भाभी को सोफे पर ही घोड़ी बना दिया और उनकी गांड पर लंड सेट कर के धीरे धीरे लंड अंदर डालने लग गया अभी मेरा लंड करीब 2 इंच ही अंदर गया भाभी की जान निकल गयी.

वो बहोत ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लग गई मुझे उनके चिल्लाने से घुस्सा आ रहा था वो चुप नही हो रही थी इसलिए मैने अपनी पूरी ताक़त से अपना लंड एक ही बार मे उनकी गांड मे उतार दिया. इस बार भाभी की जान निकल गयी और उनकी आवाज़ घर से बाहर तक गई और तभी बाहर से भागती हुई उनकी छोटी बहेन अंदर आई उसने देखा की उसकी बेहेन सोफे पर पूरी नंगी घोड़ी बनी हुई है और पीछे मेरा लंड उनकी गांड मे घुसा हुआ है.

अब आगे क्या हुआ ये सब मेरी अगली न्यूड देसी भाभी कहानी मे आप सब मुझे अब ये बताओ आज की कहानी आप को कैसी लगी, नीचे कॉमेंट ज़रूर लिखना.

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