आंटी को नंगी देखने की पनिशमेंट

आप सभी का कामदेव की कहानी में स्वागत है. आपने मेरी हर कहानी को इतना प्यार दिया, उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. आशा करता हू की आपको इस कहानी में भी उतना ही मज़ा आएगा. ये कहानी मेरी और कामो आंटी की है. कैसे हम दोनो के बीच वो सब हुआ. तो आइए टाइम वेस्ट ना करते हुए, और मूठ का आनंद लेते हुए कहानी को पढ़ते है.

मेरा नाम कामदेव है, और मैं 24 साल का हू. मैं बचपन से ही सब का प्यारा रहा हू. सब लोग मुझे अपने बेटे की तरह ही प्यार करते है. मेरे घर में मेरे अलावा मेरे पापा, मम्मी और एक बेहन है. मेरे को लड़कियों से ज़्यादा मज़ा आंटी और भाभियों में आता है. उनकी गांद देख कर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता है. मेरा मॅन करता है उनकी गांद में जीभ घुसा कर गांद को आचे से चाट जौ.

एक दिन सुबा-सुबा कामो आंटी हमारे घर पर आई. उनको मम्मी से कुछ काम था. कामो आंटी अभी कुछ टाइम पहले ही हमारे घर के साथ वाले घर में शिफ्ट हुई थी. मैने आंटी को बस 1-2 बार देखा था, लेकिन कभी उनसे बात नही हुई.

मैं आपको आंटी के बारे में तोड़ा बता डू. आंटी बहुत ही खूबसूरत है. उनकी अब तक शादी नही हुई त्ीी. उनके बूब्स 34″ के है, और गांद का उभर बाहर की और है. उनका रंग बिल्कुल गोरा है, और उनकी स्माइल उफफफ्फ़ कातिलाना. आंटी ने मम्मी से कहा की उनको उनकी सारी चाहिए. तो मम्मी ने अपनी एक सारी आंटी को दे दी, और आंटी वो सारी लेकर चली गयी. थोड़ी देर बाद मम्मी ने मुझे आवाज़ दी.

मम्मी: बेटा!

मैं: हा मम्मी?

मम्मी: सुन ये समान कामो आंटी को दे आ एक बार.

ये सुन मैं खुश हो गया की आज 1स्ट्रीट टाइम मुझे आंटी से बात करने को मिलेगी. मैने वो समान मम्मी से लिया, और डाइरेक्ट कामो आंटी के घर चला गया. मैने उनके घर की डोरबेल बजाई, और आंटी ने गाते ओपन किया.

मैं: नमस्ते आंटी

आंटी: नमस्ते बेटा.

मैं: आंटी ये मम्मी ने भेजा है आपको देने के लिए.

आंटी: थॅंक्स बेटा, आओ अंदर आओ ना.

अब मैं उनके साथ उनके घर में आ गया और चेर पर बैठ गया. आंटी ने मुझे जूस दिया. मैने वो जूस पिया, थोड़ी देर आंटी से बात की, और बाहर आ गया. बाहर आने के बाद मैने देखा मेरा फोन अंदर ही रह गया. मैं जैसे ही अंदर आया, तो देखा आंटी हॉल में नही थी. मैने अपना फोन उठाया, और बाहर आने लगा. तभी मुझे आंटी के थूकने की आवाज़ आई. लेकिन ये आवाज़ उनके रूम से आ रही थी.

मैं उनके रूम की तरफ बढ़ा, और धीरे से आवाज़ दी आंटी को. लेकिन आंटी ने कोई जवाब नही दिया. तो मैने कीहोल से अंदर देखने की कोशिश करी, और अंदर देखते ही मेरे होश उडद गये.

आंटी अपने बेड पर नंगी लेती हुई थी, और अपनी छूट में अपनी उंगलियाँ अंदर-बाहर कर रही थी. बीच-बीच में वो अपनी छूट में थूक भी रही थी. उनको देख कर मुझे यकीन नही हुआ, लेकिन मैने ज़्यादा देर ना करते हुए लंड को पंत से बाहर निकाला, और मूठ मारनी शुरी करी.

आंटी को देख कर मूठ मारने का अलग ही मज़ा आ रहा था. मेरा मॅन कर रा था अंदर जेया कर आंटी कू थूक से भारी हुई छूट में लंड डाल डू. लेकिन मैं ये नही कर सकता था. इसलिए मैने मूठ मारना नही रोका. मैं पागलों की तरह मूठ मार रहा था. अब मेरा माल निकालने ही वाला था, की मेरा फोन बाज पड़ा.

मैं बुरी तरह से दर्र गया, और अपने लंड को अंदर करने लगा. इस चक्कर में मेरा माल कुछ नीचे ज़मीन पर गिर गया, और कुछ मेरी पंत पर लग गया. अब आंटी भी बाहर आ चुकी थी, और वो थोड़ी दररी हुई लग रही थी.

आंटी: बेटा तू यहा, क्या हुआ? तू वापस कब आया?

मैं: नेरा फोन यही रह गया था, तो यही लेने आया था मैं.

आंटी: अछा ले लिया फोन?

मैं: हा आंटी.

ये बोल कर में जैसे ही वाहा से जाने लगा, आंटी ने ज़मीन पर गिरा हुआ मेरा माल देख लिया. फिर उन्होने मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोली-

आंटी: रूको! मुझे तुझसे ये उमीद नही थी बेटा. तू इतना गंदा है, ची!

मैं: क्या हुआ आंटी?

आंटी: अब तो ड्रामे बंद कर.

ये बोल कर आंटी एक-दूं गुस्से में आ गयी.

आंटी: फोन कर अपनी मम्मी को और बुला यहा. मैं उनको दिखौँगी की आपका बेटा यहा ये कर रहा था.

अब मेरी गांद फटत गयी और मेरे को लगा अब मैं गया.

मैं: सॉरी आंटी! सॉरी! आयेज से मैं कभी आपके घर नही अवँगा.

आंटी: अपनी मम्मी को फोन लगा चुप-छाप!

आंटी बहुत गुस्से में थी.

मैं: सॉरी आंटी! मम्मी मेरे को घर से निकाल देंगी. प्लीज़ उनको मत बताओ.

आंटी: लगता है तू ऐसे नही मानेगा. मुझे अब पोलीस को बुलाना ही पड़ेगा. वही एक लास्ट ऑप्षन बचा है.

पोलीस का नाम आते ही मेरी गांद फॅट के 4 हो गयी थी, और मेरे मूह से एक-दूं निकला.

मैं: आंटी पोलीस को मत बुलाओ. आप कहोगे तो मैं ये अपनी जीभ से चाट कर सॉफ कर दूँगा.

ये सुनते ही आंटी शांत हो गयी, और उनको शायद पता लग गया था की मैं कितना हवसी था.

आंटी: चल ठीक है, मैं ना पोलीस बूलौंगी, और ना तेरी मम्मी को कहूँगी. लेकिन ये सारा तुझे चाट कर ही सॉफ करना पड़ेगा.

मैं: ह्म, ठीक है.

आंटी: लेकिन तुझे ये सारा सॉफ नंगा हो कर करना पड़ेगा. ऐसे कपड़े पहने हुए नही.

मैं: क्या?

आंटी: हा, अगर तूने नंगा हो कर किया, तो मैं नही कहूँगी किसी को कुछ. वरना!

मेरे पास आंटी की बात मानने के अलावा कोई और ऑप्षन नही था.

मैं: ठीक है, लेकिन आप प्लीज़ किसी को कुछ मत कहना.

आंटी: हा तू चिंता मत कर, तू बस कपड़े उतार और नंगा हो.

अब मैने अपने शूस उतारे, पंत, शर्ट, इन्नर और अंडरवेर भी. अब मैं आंटी के सामने बिल्कुल नंगा था.

आंटी: गुड बॉय! चल अब अपना ये माल सॉफ कर.

मैं नीचे झुक कर माल सॉफ करने लगा, और जैसे ही जीभ पर माल लगा. मुझे उल्टी सी आने लगी. लेकिन मैने उल्टी को रोका, और माल सॉफ करने लगा. 2 मिनिट बाद आंटी मेरे पास आई, और मेरे बालों में हाथ फेरा.

आंटी: तूने तो आचे से माल सॉफ कर दिया. शाबाश!

मैं: अब तो आप किसी को कुछ नही कहोगे ना?

आंटी: नही-नही किसी को नही कहूँगी. बस एक काम और कर.

इतना बोलते ही आंटी ने ज़मीन पर थूक दिया, और अपनी टाँगो पर भी, और पीछे चेर पर जेया कर बैठ गयी.

आंटी: चल इसे भी आचे से सॉफ कर.

मैं: लेकिन.

आंटी: करता है सॉफ या पोलीस को बूलौऊ?

मुझे बड़ा गुस्सा आ रहा था. लेकिन पोलीस का सोच कर दर्र भी लग रहा था. मैने वो थूक सॉफ की.

आंटी: चल अब इधर आ, और मेरे पैरों को चाट कर ये थूक सॉफ कर.

मैं जैसे ही उठ कर आंटी की तरफ आने लगा.

आंटी ( चिल्लाते हुए): कुत्ते की तरह आ. ऐसे इंसानो की तरह नही.

अब मैं आंटी पास कुत्ते की तरह आया, जैसे एक कुत्ता चलता है घुटनो के बाल, और उनके पैर चाटने लगा. उनकी टांगे बिल्कुल गोरी थी. 5 मिनिट तक उनके पैर चाटने के बाद आंटी बोली-

आंटी: चल अब मूड, और उस तरफ मूह कर.

मैं: लेकिन क्यूँ आंटी?

आंटी: मुझे एक चीज़ करनी है.

अब मैं मूड गया मेरी गांद आंटी के आयेज थी, और फेस देवार की और. आंटी ने अपने हाथ पर थूका और उस हाथ को मेरी गांद के च्छेद पर लगाने लगयइ. मैं एक-दूं शॉक हो गया, और पीछे देखने लगा. लेकिन आंटी ने पीछे देखने ही नगी दिया, और उंगलियों को मेरी गांद के च्छेद में घुसने लगी.

आंटी: तेरी गांद को बिल्कुल टाइट है. मारा बचपन से सपना था की था किसी लड़के की गांद में उंगली डू. आज तूने वो सपना सच कर दिया.

आंटी की इश्स हरकत से लंड में चुलबुली उठी, और लंड खड़ा होने लगा. और आंटी ने वो देख लिया.

आंटी: श! लगता है कुत्ते को मज़ा आ रहा है. इसको तोड़ा और मज़ा देती हू.

आंटी ने ये बोलते ही मेरी गांद में थूका, और अपनी जीभ मेरी गांद के च्छेद पर लगाने लगी. उन्होने बिल्कुल कुटिया की तरह गांद को छाता. उनकी इस हरकत से मेरा लंड एक-दूं तंन कर खड़ा हो गया. वो देखते ही आंटी

बोली-

आंटी: ब्स्दक! आंटी को देख कर लंड खड़ा करेगा.

इसके बाद आंटी ने मेरे साथ कुछ किया, या मेरे को घर जाने दिया. ये सब जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट ज़रूर पढ़े. आपको ये कहानी कैसी लगी, मेरे को मैल करके ज़रूर बताए – [email protected]

अगर मुझसे कुछ ग़लती हो गयी हो, तो मैं आप सभी से माफी चाहूँगा. थॅंक्स

कामदेवबबा

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