अपनो का धोखा

हेलो दोस्तों, मेरा नाम दीपक है और में ये साची कहानी लेके आया हू. जो मेरे एक बहुत पुराने दोस्त विक्रांत आ.क.आ विकी की है जिसने मुझसे मेरी बीवी को चुरलिया. मेरी बीवी शिवानी की उमर 28 साल है और हमारी शादी को अभी 2 साल ही हुए थे जब पूरे देश में लॉक्कडोवन् लग गया.

मेरा दोस्त विक्रांत, देल्ही एरपोर्ट से अपने घर शिमला जाने वाला था पर देल्ही में ही फ़ासस गया. मेरे उससे खुशी-कुशी अपने घर में बुला लिया. ताकि जब तक ये सिचुयेशन सॉल्व नही होती वो मेरे साथ ही रहले.

मुझे तो डॉक्टर होने की वजह से हॉस्पिटल जाना पड़ता था. पर शाम को हम दोनो दोस्त अक्सर ड्रिंक्स लेते और अपने पुराने दिन याद करते.

शिवानी भी अक्सर हुमारे साथ आकर बेत जाती थी. और विकी से मेरे कॉलेज और गर्लफ्रेंड्स के बारे में पूछती. विकी अक्सर मज़ाक में मेरी बहुत बुराई करता. पहले मुझे लगा वो मज़ाक करता है.

पर शिवानी और मेरी अरेंज मॅरेज हुई थी. इसलिए उसको मेरे बारे में कुछ ज़्यादा नही पता था. और उसको विकी की बातों से लगा में कॉलेज के वक़्त लड़कीबाज़ और फ्लर्ट टाइप था.

जिस वजह से एक रात हमारा काफ़ी झगड़ा हुआ. झगड़ा काफ़ी बढ़ गया जब उसने मेरी तुलना विकी से कर दी, तारीफ में अक्सर करता था उसके आने से पहले.

हम दोनो की जगदा हुया और मेरे शिवानी से बात करना बंद कर दिया. मे अक्सर हॉस्पिटल में 12-14 घंटे काम करता था. इस वजह से शिवानी नॅचुरली विकी के साथ काफ़ी बात करती और काफ़ी घुल मिल गयी.

अक्सर मे विकी को शिवानी की फिगर को घूरते हुए देखता था. मुझे बुरा भी लगता और मे मज़ाक मे टोक भी देता. पर मुझे कही थोड़ी खुशी भी होती थी क्यूकी शिवानी की फिगर बहुत अची और क़ास्सी हुई थी.

वो लंबी 5’7″ थी और 34-28-36 की फिगर के साथ वो अक्सर हर ड्रेस मे सुंदर ही लगती थी. जब हम दोनो ही थे वो घर में निघट्य या पिजामा पहनती थी. पर किसी मेहमान के आने पर वो सारी ही पहनती थी.

विकी के सामने भी वो हमेशा क़ास्सी हुई सारी और बँधे बलों में ही आती थी. लेकिन उसकी ग़ज़ब की फिगर पूरे धक्के होने के बावजूद बहुत हॉट लगती थी. शिवानी का चेरहा सुनेहरा और ब्राउन बाल है, और कोई भी उसे देखेगा तो अनिता हस्सनंदानी की बहें ही बोलेगा. उसके चेहरे का तिल उसकी ब्यूटी को और उभरता है.

मे चाहता तो जलन की वजह से विकी को लात मार कर अपने घर से निकल देता. पर मेरा और शिवानी का रिश्ता भी नया था और में अपनी चववी एक नॅरो-माइंडेड पति की नही बनाना चाहता था.

पर जब भी वो दोनो बातें करते उनकी आँखो की चमक मुझे सोचने पे मजबूर कर देती. विकी कॅष्यूयली फ्लर्ट करता और शिवानी मंद-मंद मुस्काती जब मे कुछ दूरी पे होता.

मुझसे रहा नही गया और अपने वहेँ को दूर करने के लिए मैने ऑनलाइन रिसर्च करके कुछ स्पाइ कॅमरा मँगवाए अपने हॉस्पिटल अड्रेस्स पर और उनको चेक किया.

अगली ही रत मैने 4 कॅमरा अपने घर मे लगा दिए. पर चारो कॅमरा मे सिर्फ़ अपने ड्रॉयिंग रूम मे और बेडरूम में ही लगा पाया. गेस्ट रूम मे जहा विकी रुका था वाहा नही लगा पाया. अगले दिन मे बार-बार उन कॅमरास को चेक कर रहा था. मॅन में ख़याल आ रहे थे की कही शिवानी विकी के कमरे मे तो नही है? क्यूकी मे उसे बेडरूम के कॅमरा मे नही देख पाया.

मैने शिवानी को कॉल किया.

मे: हेलो शिवानी… क्या हो रहा है?

शिवानी: उम्म कुछ नही बस ऐसे ही.

मे: अर्रे ऐसे ही क्या? कुछ तो कर रहे होगे?

शिवानी: एम्म टीवी देख रही हू अपने रूम में, और क्या. तुमने आज कैसे कॉल कर लिया?

मे: बस ऐसे ही तोड़ा वर्कलोड कम था तो सोचा करलू, चलो शाम को मिलते है.

मेरी साँसे अटक गयी, शिवानी मुझे झूठ क्यू बोलेगी? यह सोचते सोचते मैने फिर कॅमरा पे नज़र घुमाई. तो देख वो किचन से निकल के ड्रॉयिंग रूम में बेत गयी. मेरी जान में जान आई.

तभी मैने देखा की विकी भी पीछे-पीछे आया और उसके पास आकर बेत गया. दोनो सोफे पर बेत कर कुछ बातें कर रहे थे. मे ऑनलाइन, उनको देख पा रहा था पर सुनाई क्लियर नही दे रहा था क्यू की टीवी की आवाज़ आ रही थी.

बातें करते-करते विकी ने हाथ बदाया और शिवानी के हेर कलुतचेर को खोल दिया. शिवानी के बाल खुल गये और उसके रेशमी बलों ने उसके कढों और बॅक को छुपा लिया.

में दोनो की बातें नही सुन पा रहा था. पर उनकी बॉडी-लॅंग्वेज से मालूम चल रहा था की विकी शिवानी से खूब फ्लर्ट कर रहा है और वो बहुत शर्मा रही थी.

विकी शायद उसके बलों की तारीफ करहा था और बार-बार उसके बलों को छू रहा था. कभी आयेज करता तो कभी पीछे. में मॅन ही मॅन जल-भुन गया, मुझे कुछ ठीक है लगा तो मेरे रेकॉर्डिंग ओं कर दी.

इस कॅमरा पोज़िशन से में विकी को नही देख पा रहा था पर शिवानी क्लियर नज़र आ रही थी. विकी का हाथ जो उसके साथ खेल रहा था वो भी. विकी ने बड़े ही सहज तरीके से शिवानी के बालो को सहलाते हुए उसके गाल पे हाथ रख दिया और उसको मसालने लगा.

शिवानी की गभहरहट और उत्सुकता मुझे उसके चेहरे पे सॉफ नज़र आ रही थी. उसने आँखे बंद करली और उसके सपर्श को अपने गॅलो पे महसूस करने लगी. शिवानी खुल्ले बालो में, पॅस्टेल ब्लू कलर के ब्लाउस के साथ ब्लॅक सारी में सच में बहुत हॉट लग रही थी. ज़ाहिर सी बात है की कोई भी मर्द फिसल जाता.

बंद आँखो के साथ उसने विकी की कलाई को पकड़ लिया. पर बजाए उसके हाथ को जाताकने के उसने उसकी उंगली को अपने होतो पे रख कर चूमने लगी. मुझे समझते देर नही लगी की ये दोनो पिछले 1 महीने में बहुत जयदा करीब आ चुके थे.

शिवानी के गुलाबी होतो पे विकी अपनी उंगली फेर रहा था. उसने तोड़ा सा शिवानी की हिचकिचाहट के बावजूद, अपनी 2 उंगलिया उसके मूह मे डाल दी और उससे अपनी उंगलिया चूस वेन लगा.

में हैरान था की मुझे 100 नखरे दिखाने वाली बीवी कैसे उसके एक-एक इशारे पे नाच रही थी. वो अपने सर को हिल्ला-हिल्ला कर उसकी उंगलियो को चूस कर विकी को गरम करही थी. जाने कितनी बार विकी ने उससे ऐसे ही अपना लंड चुसवाने का सपना देखा होगा. मेरे देखते-देखते विकी ने शिवानी का हाथ खीचा और शिवानी अपने सोफा से ओझल हो गयी.

मे बेचैन हो कर कॅमरा स्वतिच करने लगा. कॅमरा व्यू बदलने पर मैने पाया की शिवानी अब विकी की गोद में बेती थी. वो उसके गालो को सहलाते हुए उसके गले को चूम रहा था.

उसके बड़े बड़े हाथो मे मेरी प्यारी सी बीवी का बदल खिलोने जैसा लग रहा था. उसका हाथ शिवानी के ब्लाउस के उपर से उसके बूब्स को दबाने मे मशगूल था और दूसरे से उसने शिवानी की कमर को पकड़ा था.

शिवानी की आँखे कस्स के बंद थी, मानो वो अपना सब कुछ इश्स भूखे भेड़िए को लूटा देना चाहती थी. इसी बीच विकी ने उसके ब्लाउस को आयेज से फाड़ दिया और उसके काससे हुए बूब्स काली ब्रा में विकी के सामने उछाल आए. उसने कस्स के शिवानी के दोनो बूब्स को पकड़ के दबाया.

अहह शिवानी की चीख निकली, टीवी की आवाज़ के बावजूद मुझे कॅमरा से सुनाई पड़ी. शिवानी ने विकी के हाथ पे कस्स के छाँटा जमा दिया. लेकिन अप्सरा जैसी लड़की गोद मे बहती हो तो विकी कैसे रुक सकता था.

उसने शियावनी के बाल पकड़े और कस्स के उसके होतो को चूमने लगा. शिवानी भी उसका पूरा साथ दे रही थी. मे सॉफ देख पा रहा था की विकी अपनी पूरी जीभ मेरी बीवी के मूह मे डाल के घुमा रहा था. अपने हाथो से उसके बूब्स को खीच रहा था.

मैने अपनी बीवी को कभी ज़रा सी तकलीफ़ भी नही दी, और ये शिवानी के जिस्म के मज़े बेदर्दी से लूट रहा था. वो भी मेरी आँखो के सामने. मेरी आँखो से 1 आँसू चालक आया जब मेरे देखा की शिवानी ने हाथ पीछ कर अपनी ब्रा की हुक खोल दी. और अपने छोटे-छोटे हाथो से उठा कर अपने बूब्स विकी के मूह की और बड़ा दिए.

विकी उसने निपल पकड़ के रगड़ने लगा और उसपे चुटकी भी काट रहा था. विकी को औरतों की बगल बहुत पसंद है. इसलिए जैसे ही शिवानी ने अपनी हाथ उपर करके जुड़ा बाँधने की कोशिश की, विकी उसकी बगल को सूंघने और चाटने लगा. शिवानी की यह कमज़ोरी है और उसको बहुत उत्तेजित करता है.

तो बे कंटिन्यूड…

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