अंतर्वसना सेक्स मेरा अमर प्यार – 2

गतान्क से आगे……… अंतर्वसना सेक्स मेरा अमर प्यार
नशे-2 मे उन्होने मेरी एक चूची के निपल को ज़ोर से भींच दिया ऑर मुझसे सहन नहीं हुआ ऑर चिहुक कर बैठ गयी.

दीपक भैया हड़बड़ा गये ओर खड़े हो गये. मैने उनकी तरफ देखा तो वो उठ कर जाने लगे पर मैं ऐसा नहीं चाहती थी. मैने तुरंत भैया को आवाज़ लगाई
भैया जब वो पलते तो फॉरन उनकी चौड़ी छाती मे अपना सर छुपा कर उनसे चिपक गयी..
मुझे प्यार नहीं करोगे भैया. मैं कल रात से तड़प रही हूँ..

दीपक भैया ने अपने सीने से लगा लिया ओर मेरे बालों मे हाथ फेरने लगे. क्या गुड़िया तुम सच मे चाहती हो कि मैं तुम्हे इस तरह से प्यार करूँ.
हैं भैया

भैया मुझसे हाइट मे काफ़ी बड़े है ऑर बहोत स्ट्रॉंग बॉडी वाले ऑर हंड्सम स्पोर्ट्स मॅन है.
मैं तो उनके सामने बिल्कुल बच्ची लगती थी. ऑर थी भी बच्ची ही. भैया बोले गुड़िया एक बार सोच लो..
मैं बेड पे खड़ी भैया के सीने से लगी उनकी पीठ पर हाथ फेर रही थी.
सोच लिया भैया.
भैया बोले तो ठीक है मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं आज से तू ही मेरी गर्लफ्रेंड…
मैं खुशी से बोली वोव्व..
वो बोले तेरा कॉलेज मे कोई बाय्फ्रेंड है.
मैने बोला नही..
तो भैया बोले अब मत बनाना
अब मैं तेरा बाय्फ्रेंड हूँ..ओर मैं भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाउन्गा….
मैने हां कर दी…
भैया ने मुझे अलग होने के लिए बोला ऑर बाहर गये. एक ऑर बेअर की बॉटल लेकर अंदर आए.
मैं बोली भैया आपने तो पहले ही पी रखी है..आपके मुँह से स्मेल आ रही है…
भैया थोड़ी-2 पिएँगे…
क्या मैं भी…
हां गुड़िया तू भी.. फिर बहोत मज़ा आएगा

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भैया ने दो गिलास बेअर डाली ऑर एक गिलास मुझे दे दिया…ऑर बोले गुड़िया कुछ नहीं होगा
ओर गिलास टकरा कर बोली चेअर्स..

मैं गिलास से एक सीप ली तो उल्टी आने को हुई… मैने कहा भैया कड़वी है…
भैया बोले आँख बंद करके ओर साँस रोक कर एक घूँट मे पी जाओ ऑर फिर देखना मज़े बेअर के ऑर हमारे प्यार के…
मैने साँस रोकी ओर एक घूँट मे ही गिलास खाली कर दिया

तभी भैया ने मेरा एक हाथ पकड़ कर खिचा ओर मुझे अपनी गोद मे गिरा बिठा लिया. मैं आँखे झुका कर शरमाते हुए भैया की गोद मे बैठ गयी. भैया ने बेअर का गिलास एक तरफ रख दिया ऑर मुझे माथे पर किस किया. उनके हाथ मेरे बदन पर इधर-उधर घूम रहे थे. भैया का मेरा बदन सहलाने के कारण मेर पूरे बदन मे एक मीठी-2 सिहरन हो रही थी.

पहली बार किसी मर्द से प्यार से पैदा हुई शरम ओर कुच्छ बेअर के नशे के कारण मेरे आँखे बंद थी भैया मुझे किस पे किस किए जा रहे थे..भैया के होंठ मेरे होठों पर थे..मेरे लिप्स ओर भैया के लिप्स आपस मे बुरी तरह लॉक हो चुके थे. मुझे साँस लेने मे परेशानी हुई तब भैया ने मेरे लिप्स को छ्चोड़ा. मेरे गालों किस करते -2 अचानक अपने दाँत गढ़ा दिए… मेरे मुँह एक ज़ोर की आवाज़ निकली ….
ऊऔउछ्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह..

दर्द होता है भैया…
गुड़िया तुम बहोत सेक्सी हो कसम से सुबह जब मैने तुम्हे नहाते हुए देखा तो मेरी जान ही निकल गयी. कसम से
क्या भैया आपने मुझे नहाते हुए देखा..

मेरे पेट पर हाथ फिरा कर मेरी नाभि मे अपनी उंगली डालकर भैया बोले हां गुड़िया ऑर तभी से मैं तो तुम्हारी नाभि का दीवाना हो गया हूँ..
भैया के हाथ मेरे पेट पर पीठ पर बल्कि मेरे सारे बदन पर घूम रहे थे ओर धीरे -2 मैं मेरे होश खो रही थी.
फिर भैया ने मेरा टॉप उपर खींचते हुए मेरे बदन से अलग कर दिया.

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मैने अभी ब्रा पेहननि शुरू नहीं की तो मेरा उपर वाला हिस्सा नंगा हो गया.. ऑर भैया ने अपनी शर्ट ऑर बनियान भी निकाल दी…ऑर अपने सीने से लगा लिया.
जब मेरी नंगी छाती ऑर मेरी सेब जितनी बड़ी चुचि ऑर निपल्स उनके नंगे बदन से चिपके तो मेरे पूरे बदन मे करंट सा लगा.
गुड़िया तेरे अंदर बहोत गर्मी है. तेरा पूरा बदन तो जल रहा है…
मैं बोली भैया फीवर हैं ..

नहीं गुड़िया ये प्यार की गर्मी है. देख थोड़ी ही देर मैं तेरी गर्मी निकाल दूँगा. देख लेना शाम तक तुझे बुखार रह भी जाए तो..
बातें करते-2 वो मुझे छेड़े जा रहे थे. भैया ने मुझे गोद मे उठाया ऑर बेड पर लिटा दिया..ऑर मेरे उपर आकर मुझे किस करने लगे. मेरे माथे पर ,गाल पर,मेरे गले पर मेरी छाती पे . फिर मेरी एक चुचि को मुँह मे लेकर चूसने लगे. मेरे पूरे बदन मे सिहरन दौड़ पड़ी…
ऊओह भैया गुदगुदी हो रही है… ऊऊओह…म

मैं बोलती रही सिसकारियाँ लेती रही पर भैया नहीं माने ओर मुँह चूस्ते रहे. थोड़ी देर मे मेरी चूची छ्चोड़ कर बोले कि गुड़िया तेरा बदन है ही शीशे जैसा अगर तुम पानी भी पियो तो वो भी अंदर जाता हुआ दिख जाए.

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