हेलो दोस्तों, मैं समीर (सारा), आप सभी का अपनी नयी सीरीस में स्वागत करता हू.
अभिषेक अपनी हाइयर स्टडीस के लिए मुझे बिना बताए यूयेसे चला गया. मैं अपनी फॅमिली के साथ अपने नाना-नानी (ग्रॅंडपेरेंट्स) के गाओं गया था, तो हमारी आखरी मुलाक़ात भी नही हो सकी.
मैं काफ़ी साद था. अपने बेडरूम में अकेले में बहुत रोता था. मैने अभिषेक को कॉल करने की काफ़ी कोशिश की, लेकिन उसका कोई कॉंटॅक्ट नही हो सका. लगभग एक महीने बाद मुझे अभिषेक का यूयेसे से कॉल आया.
अभिषेक: हेलो समीर, मैं अभिषेक बोल रहा हू.
उसकी आवाज़ सुन कर मुझे रोना ही आ गया.
अभिषेक: समीर. तुम प्लीज़ रोना बंद करो. मुझे तकलीफ़ होती है.
मैं/समीर: तुम कैसे हो अभिषेक? (अपना रोना कंट्रोल करते हुए) मैने तुम्हे कितनी बार कॉल की, पर तुम्हारा कोई कॉंटॅक्ट नही हुआ.
अभिषेक: मैं ठीक हू. मुझे तुमसे एक बात करनी है.
अभिषेक की बात को बीच में काट-ते हुए.
मैं: अभिषेक. तुम यहाँ वापस आ जाओ. मैं तुम्हारे दाद को कन्विन्स करके तुम्हे यहीं इंडिया में रोक लूँगा. हम दोनो यहाँ देल्ही में ही एक साथ हाइयर स्टडीस के लिए अड्मिशन ले लेंगे. तुम वापस आ जाओ प्लीज़.
अभिषेक: समीर. तुम पहले मेरी पूरी बात सुन लो. मैं देल्ही वापस नही आने वाला. अट लीस्ट 3 साल तो बिल्कुल ही नही. और शायद उसके बाद यहीं यूयेसे में सेट्ल भी हो जौंगा. अभी कुछ कन्फर्म नही है. तुम अपने आप को संभलो.
मैं: पर हम तो एक-दूसरे से प्यार करते है ना? ई कॅन’त लिव विदाउट योउ.
अभिषेक: समीर पागल मत बनो. वो एक नादानी थी. तुम मेरे बहुत आचे दोस्त हो. वो सब भूल जाओ. और अपनी ज़िंदगी में आयेज बढ़ो.
मैं: अभिषेक. तुम ये क्या बोल रहे हो? तुम्हारा वो प्रॉमिस. वो सारे गिफ्ट्स. उनका अब मैं क्या करू? मैं वो तुम्हारे दाद को वापस कर देता हू.
अभिषेक: नही समीर. ऐसा मत करना. वो गिफ्ट्स तुम अपने पास ही रखना. मेरे दाद को मत देना. प्लीज़.
मैं: अभिषेक. क्या तुमने कभी मुझसे सक्चा प्यार किया था?
अभिषेक: ओक. बाइ समीर.
उसने मेरे सवाल का जवाब नही दिया, और कॉल कट कर दिया. बहुत दिन गुज़र गये. मैने देल्ही यूनिवर्सिटी में मास्टर’स डिग्री के लिए अड्मिशन ले लिया. मेरा कॉलेज हफ्ते में 4 दिन ही होते थे. वो भी 2-3 घंटे के लिए. तो पूरा दिन मैं अकेले घर पर रहता था.
मेरे दाद ने मुझे अपनी कंपनी में पार्ट टाइम/ इंटेर्नशिप करने की सलाह दी. मैने जॉब पर जाना स्टार्ट कर दिया. मेरे मों दाद उसी कंपनी में जॉब करते थे, तो बॉस ने मुझे कॉलेज ख़तम होने के बाद ऑफीस आने की पर्मिशन दे दी.
मेरा ऑफीस देल्ही यूनिवर्सिटी के पास ही था. मैं अपनी स्कूटी पर ऑफीस जाता था. मेरा डिपार्टमेंट/सेक्षन अलग था. मों-दाद का सेक्षन अलग था. मुझे ऑफीस में जॉब करते हुए 6-7 मंत्स हो गये थे. कंपनी के बॉस भी मेरे काम से काफ़ी खुश थे, और मेरे मों-दाद को मेरी तारीफ करते थे.
एक दिन बॉस ने मुझे कंपनी के नये प्रॉजेक्ट के लिए प्रेज़ेंटेशन बनाने का इंपॉर्टेंट काम दिया.
बॉस: समीर. अगर तुमने अछा प्रेज़ेंटेशन बनाया, और कंपनी को ये प्रॉजेक्ट मिल गया. तो में तुम्हारी सॅलरी बढ़ा दूँगा. और तुम्हे होटेल में ट्रीट भी दूँगा.
मैं: मैं अपनी और से पूरी कोशिश करूँगा सिर.
2-3 दिन बाद मैं अपने बॉस के साथ बिज़्नेस मीटिंग के लिए बाइ कार चंडीगार्ह चला गया. शाम 4 बजे हमारी होटेल रॉयल हेरिटेज में बिज़्नेस क्लाइंट के साथ मीटिंग हुई. मैने सभी को अपना पवर पॉइंट प्रेज़ेंटेशन दिखाया.
बिज़्नेस क्लाइंट: प्रेज़ेंटेशन तो काफ़ी बढ़िया था. हम कल शाम को अपना डिसिशन बता देंगे. नाइस तो मीट योउ.
मीटिंग ख़तम होने के बाद बॉस और मैं चंडीगार्ह से वापस देल्ही जाने के लिए निकले. लेकिन बहुत तेज़ बारिश के कारण हम दोनो आधे रास्ते से वापस होटेल आ गये.
बॉस: मॅनेजर मुझे एक रूम चाहिए अपने एंप्लायी के लिए.
होटेल मॅनेजर: सॉरी सिर. होटेल फुल है. लेकिन आपका रूम रेडी है.
मैं: बॉस. कोई बात नही. मैं कार में सो जौंगा.
बॉस: नही समीर. आज तुम मेरे साथ मेरे रूम में रहना.
श सॉरी. मैं आप सभी को मेरे बॉस के बारे में बताना ही भूल गया. मेरे बॉस का नाम आदित्या ओबेरोई है. वो देल्ही के टॉप बिज़्नेसमॅन है. उनके बहुत सारे बिज़्नेस है. जैसे की इट कंपनीज़, रियल एस्टेट, होटेल्स, लग्षुरी कार शॉप्स.
मेरे बॉस की आगे 58-59. हाइट 6″2 फीट. वेट 100 क्ग. बॉस का रंग गोरा था. उसकी फिज़ीक अची थी. ब्रॉड शोल्डर्स आंड चेस्ट. ग्रे हेरी चेस्ट. उनके सिर के और मूच दाढ़ी (बियर्ड) के हेर भी ब्लॅक आंड ग्रे मिक्स थे. बॉस का तोड़ा सा पेट बाहर निकला हुआ था.
बॉस एक हॅंडसम बिज़्नेसमॅन थे. ऑफीस में बॉस और उनकी सेक्रेटरी के सीक्रेट अफेर की बातें दबी आवाज़ में चलती थी. हम दोनो ने एक साथ डिन्नर किया. फिर हम बॉस के रूम में गये. रूम काफ़ी बड़ा था. वहाँ बड़ा किंग साइज़ बेड था. एक सोफा भी था.
बॉस को रात को सोते वक़्त 2 पेग शराब पीने की आदत थी. तो वेटर शराब लेकर रूम में आया, और टेबल पर सारी सेट्टिंग कर दी. और वो चला गया. बॉस ने अपने कपड़े चेंज किए और अपना ब्लॅक लोंग स्लीव्स नाइट रोब/सूट पहन लिया. मैं सोफे पर बैठा था. मेरे सामने शराब का टेबल था.
बॉस: समीर क्या तुम्हे नींद आई है?
मैं: नही बॉस.
बॉस ने अपने लिए एक पेग बनाया और वो पीने लगे. मैं बॉस को अपने लॅपटॉप पर प्रेज़ेंटेशन की डीटेल्स बताने लगा.
बॉस: प्रेज़ेंटेशन रहने दो. उसे कल देख लेंगे. समीर तुम मुझे ये बताओ कभी तुमने शराब पी है?
मैं: नही. पर कॉलेज टाइम में दोस्तों के साथ बियर पी है. पर मेरे दाद को इसके बारे में कुछ पता नही है.
बॉस: चलो आज मेरे साथ पी लो.
मैं: नही बॉस. प्लीज़ नही.
पर बॉस ने मेरे लिए एक पेग बनाया और ग्लास मेरे मूह से लगा दिया. मैं वो पी गया. फिर बॉस ने और 2 पेग बनाए. हम दोनो ने काफ़ी शराब पी ली. अब हम दोनो को नशा हो गया था.
बॉस: समीर तुम्हारे बदन से तो लड़कियों की खुश्बू आ रही है. तुम्हारे गाल, तुम्हारे होंठ. कितने सॉफ्ट है. एक-दूं किसी लड़की जैसे.
सुबा मीटिंग को आते हुए मैने अपने मों का लॅडीस पर्फ्यूम लगाया था. क्यूंकी मेरा बॉडी स्प्रे ख़तम हो गया था. बॉस मेरे होंठो पर से अपना अंगूठा फेरते हुए बोले-
बॉस: समीर. तुम्हारे होंठ इतने सॉफ्ट है की मुझे इन्हे चूमने की इक्चा हो रही है.
मैने बॉस की तरफ देखा, वो नशे में थे. मुझे भी अपने आप पर कंट्रोल नही था. मुझे भी आखरी बार चुदाई हुए 8 मंत्स हो गये थे. मैने भी अपने चेहरे को आयेज किया. फिर मैने अपने होंठो को बॉस के होंठो पर रख दिया. हम दोनो के बीच 20 मिनिट्स तक पॅशनेट्ली लीप किस हुआ. लीप किस करते हुए हम दोनो उठ कर खड़े हो गये और बॉस ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया. थोड़ी देर बाद बॉस ने किस तोड़ी.
बॉस ने मेरे शर्ट के बटन खोल दिए, और मेरा शर्ट उतार कर दूर फेंक दिया. उन्होने मेरी गर्दन और सीने पर किस कर रहे थे.
बॉस: समीर. तुम्हारा बदन तो किसी लड़की जैसा है. इतना सॉफ्ट. तुम्हारी चेस्ट. तुम्हारे निपल्स.
बॉस मेरे सीने को दबाने लगे. और मेरे निपल्स को ज़ोर ज़ोर से चूसने लगे.
मैं: आ आ.
मैं ये सब बहुत एंजाय कर रहा था. बॉस ने मेरी जीन्स पंत को बटन खोल दिया. मेरी पंत नीचे ज़मीन पर गिर गयी. फिर मैने अपनी पंत अपने पैरों से डोर हटा दी.
फिर मैने बॉस को रोक दिया. उन्हे धक्का देकर सोफे पर बिताया. सोफे पर बॉस के बगल में जेया कर बैठ गया, और उनके होंठो पर किस करने लगा. किस्सिंग करते हुए मैने उनका नाइट रोब उतार दिया. उस वक़्त पहली बार मुझे बॉस के ब्रॉड और हेरी चेस्ट के दर्शन हुए. उनके ब्रॉड शोल्डर्स. बड़े मसकुलर बाइसेप्स. बड़े फॉरार्म्स. वाइड वेस्ट.
मैं पागलों की तरह बॉस की पूरी बॉडी पर किस करने लगा. मैं अपने घुटनो के बाल नीचे ज़मीन पर बैठा. मैने उनकी अंडरवेर को नीचे किया. तब मुझे बॉस का पूरी तरह से तन्ना हुआ 10 इंच का मोटा लंड दिखाई दिया. मैने उसे हाथ लगाया. वो काफ़ी बड़ा था. मैं उसे ज़ोर-ज़ोर से हिलने लगा.
बॉस: आ आ.
मैने उपर बॉस की तरफ देखा. वो मुझे ही देख रहे थे. उनका शराब का नशा अब पूरी तरह से उतार चुका था.
बॉस: क्या सोच रहे हो समीर? इसे अपने मूह में नही लोगे? तुम्हे दर्र लग रहा है क्या?
बॉस की ये बातें सुन कर मैने जल्दी से उनका मोटा लंड अपने मूह में ले लिया. बॉस मेरा सिर पकड़ कर उससे आयेज-पीछे हिलने लगे. 10-15 मिनिट तक बॉस का लंड चूसने के बाद मेरा मूह दर्द कर्नड़ लगा, और सूज कर लाल पद गया. मैने अपने मूह से बॉस का लंड बाहर निकाला. थोड़ी देर साँस ली. तो बॉस ने फिर से अपना लंड मेरे मूह में घुसा दिया.
बॉस: चूसो इसे समीर. और तेज़ चूसो आ आ.
आख़िरकार दूसरी बार 15 मिनिट्स बाद बॉस मेरे मूह में ही झाड़ गये. मैने उनका बहुत सारा वीर्या पी लिया. तोड़ा सा वीर्या मेरे चेहरे और मेरी बॉडी पर गिरा हुआ था. बॉस ने मुझे अपने हाथ से पकड़ कर खड़ा किया.
बॉस: जाओ समीर, बातरूम में जेया कर शवर ले लो.
मैने चुप-छाप जेया कर शवर लिया. फिर तक कर बेड पर जाके लेट गया. मेरे बाद बॉस भी फ्रेश हुए. वो सोफे पर सोने जेया रहे थे. मैने उन्हे रोक दिया.
मैं: बॉस आप वहाँ सोफे पर सोने क्यूँ जेया रहे हो? यहाँ बेड पर बहुत जगह है. यहीं बेड पर ही सो जाइए.
बॉस मेरे बगल में आ कर सो गये. बहुत महीनो बाद मैं किसी को बाहों में लिपट कर सो रहा था. गुड नाइट.
नोट: ये एक न्यू सीरीस है. स्टोरी टाइटल्स डिफरेंट हो सकते है.