पहले बेटे ने चोदा, फिर बाप ने चोदा

गे सेक्स स्टोरी के पिछले पार्ट में आपने पढ़ा कैसे मैने और जिगर ने एक-दूसरे का लंड चूसा. फिर जिगर आयिल लेके आए. अब आयेज-

जिगर के घर के पास वाले घर डोर-डोर है. बीच में सब के पास खेत है, इसलिए च्चत पर क्या हो रहा है किसी को कोई फराक नही पड़ता.

जिगर आते ही मुझे गले पर किस करते हुए, मुझे बिस्तर पर लिटा दिया. फिर दोनो हाथो से मेरे चुचो को दबाते हुए अपनी जीभ से मेरे लाल निपल्स को पागल कुत्ते की तरह चाटने लगा. बीच-बीच में पूरा चुचा मूह में लेता, और पूछ की आवाज़ के साथ बाहर निकाल देता. फिर मूह में लेता और फिर निकाल देता.

जिगर के फोरप्ले ने मुझे पागल कर दिया था. ऐसी चुदाई तो सिर और विहान मामा ने भी नही करी थी. मैं बार-बार सोच रहा था, की जिगर ये इतना बढ़िया कर रहा था, तो गांद कैसी मारेगा. मज़ा ही आने वाला था.

जिगर कभी जीभ से कभी दाँत से काट-काट कर मेरे चुचो को लाल कर रहा था. मेरी छाती पूरी जिगर ने अपनी थूक से गीली कर दी थी. जिगर चूमते-चूमते नीचे आया, और मुझे उल्टा घुमा कर मेरी गांद अपने दोनो हाथो से उपर उठा कर मेरे पैर फैला दिए. अब मेरी गांद का च्छेद जिगर के सामने था.

जिगर ने मेरी गांद के च्छेद पर थूक फेंका. फिर अपना लोड्‍ा मेरी गांद पर मारते हुए बोला-

जिगर: क्या गोल और चिकनी गांद है. उस दिन ही डेडी होती तो आज काली से बगीचा बना चुका होता.

मैं: आज कों रोक रहा है, करो ना.

जिगर: अछा जी, सेयेल आज तेरी रेल बना दूँगा.

फिर जिगर ने मेरी पूरी गांद पर आयिल लगा कर आचे से हाथो से आयिल पूरी गांद पर फैला दिया. उसके बाद च्छेद और फिर लोड पर बहुत सारा आयिल लगा कर लोड्‍ा मेरे च्छेद पर रखा. फिर धीरे-धीरे अंदर करते हुए पूरा अंदर कर दिया.

मुझे दर्द हो रहा था. मैने अपने हाथ से पिल्लो को कस्स के पकड़ लिया, और ह्म ह्म की आवाज़ करने लगा. तभी जिगर ने पूरा लोड्‍ा बाहर किया, और एक झटके में अंदर कर दिया.

मैं: एयाया बाहर निकालो, बहुत दर्द हो रहा है.

लेकिन जिगर अब सुनने के मूड में ही नही था. पहले धीरे, फिर तबाद-तोड़ झटकों के साथ मेरी गांद के च्छेद को गुफा बनाने वाली चुदाई शुरू हो गयी थी. 5 मिनिट तक तेज़-तेज़ झटकों के बाद मेरी गांद सुन्न हो गयी थी. अब दर्द का पता भी नही चल रहा था.

जिगर को नीचे लिटा कर मैं उसके लोड पर हॉर्स राइड करने लगा. जिगर मेरे लाल हो चुके चुचो को हाथो से दबा रहा था. मैं मस्त उसके लोड पर कूद-कूद कर गांद मरवा रहा था.

2 मिनिट बाद जिगर ने दोनो हाथो से मुझे अपने पास खींच लिया. फिर मुझे लीप किस करते हुए हार्ड चुदाई करते हुए मेरी गांद को फाड़ना शुरू कर दिया.

मैं: यार फाड़ ही दोगे क्या?

जिगर: यार आज मत रोक, बस एंजाय कर.

चुदाई अलग-अलग पोज़िशन में करते-करते जिगर मेरी गांद में ही सारा माल निकाल कर साइड में लेट गया.

जिगर: क्या मस्त जिस्म है बे तेरा. मॅन करता है पूरी रात ही छोड़ता राहु.

मैं: आप तो बहुत हार्ड छोड़ते हो. क्या मस्त मज़ा करा दिया. एक रौंद और करते है.

जिगर: अछा जी, अभी तो बड़ा दर्द दर्द कर रहा था. इतना पसंद आया क्या मेरा लोड्‍ा? एक क्या 4-5 रौंद कर लू. लेकिन अभी फॅक्टरी की कुछ मैल देखनी है. लेकिन कोई नही, कल रेडी रहियो, कल तेरी सारी माँग पूरी कर दूँगा.

हम दोनो ने एक लंबा किस किया, और जिगर मुझे नंगा ही छ्चोढ़ कर रात 12:30 बजे अपने रूम में चला गया. मेरी गांद का च्छेद बहुत फैल गया था, और च्चिल भी गया था. बातरूम में फ्रेश हो कर, गांद के च्छेद पर लोशन लगा कर, मैं शॉर्ट्स में ही सो गया.

रात के 4 बजे मुझे फील हुआ की कोई मेरी चड्डी खोल रहा था. मैने तभी चौंकते हुए पीछे देखा.

मैं: श, आप हो क्या सिर? मुझे दर्रा ही दिया था आपने तो.

सिर बिल्कुल नंगे थे. वो बोले: यार 2 दिन से आज टाइम मिला है तेरे साथ मज़े करने का. घर पर सब सो रहे है, और च्चत का गाते भी लॉक है.

जिगर की चुदाई से गांद बहुत दर्द हो रही थी अभी भी. लेकिन सिर को सच भी नही बोल सकता था. सिर ने मुझे तुरंत नंगा कर दिया, और मेरा मूह के पास अपना लोड्‍ा ला कर मेरा मूह छोड़ने लगे. मुझे भी जोश आ गया था. अब तो मैं लोड को चाट-चाट कर चूस रहा था. चूस्टे-चूस्टे मैने सिर की बॉल भी अपने मूह में पूरी घुसा ली.

सिर तो मेरी हरकतों से पागल ही हो गये थे. 5 मिनिट की लंड चुसाई के बाद सिर मिशनरी पोज़िशन में मेरी गांद फैला कर उस पर हाथ फेरने लगे. मेरी गांद पर अभी भी आयिल लगा हुआ था.

सिर: लगता है तुम पहले से मेरा वेट कर रहे थे.

मैने कोई जवाब नही दिया. सिर तोड़ा झुके, और मेरे च्छेद को अपनी जीभ से चाटने लगे.

मैं: आअहह, सिर ये क्या?

सिर ने मुझे चुप होने का इशारा किया, और पूरी मस्ती में मेरे च्छेद को चाटने लगे. सिर की ये हरकत ने मुझे हैरान और मदहोश कर दिया था. तभी सिर मेरा लोड्‍ा च्छेद को चाट-ते हुए हिलने लगे.

मेरी हवस अब सातवे आसमान पर थी. सिर ने अपना लोड्‍ा मेरे च्छेद पर रखा, और एक साथ पूरा अंदर कर दिया. इतने दर्द के बावजूद भी लोड्‍ा कब चला गया, मुझे पता ही नही चला.

सिर पुर मज़े लेते हुए आराम-आराम से झटके दे रहे थे. आज सिर ऐसे सेक्स कर रहे थे, जैसे फिर पता नही कब मिलेंगे.

कभी सिर मेरे चुचे दबाते, कभी मेरी जाँघ सहलाते. मेरे बदन का रोम-रोम इन हरकतों से पागल हो गया था, जो लावा बन कर मेरे लोड से कब बाहर आया, मुझे पता ही नही चला. आज पहली बार बिना हाथ लगाए मैं झाड़ गया था. दोनो बाप बेटे चुदाई में कोई पार्टियोगिता में उतरे हुए थे.

मैं: हार्ड करो ना. बहुत तेज़, फाड़ दो इसे.

सिर ने मेरे लिप्स पर काटा, और अपना एक पैर मेरी एक जाँघ पर रखते हुए झटकों को बहुत तेज़ कर दिया. वो अपने दोनो हाथो से मेरे पेट को दबाते हुए गांद फाड़ चुदाई कर रहे थे. मेरी जान ही निकालने को होने लगी. मेरी कमर का तो पूछो ही मत, दोनो बाप बिटो ने मिल कर तोड़ कर ही रख दी थी.

सिर: आया ना मज़ा मेरी जान?

5 मिनिट तक ऐसे ही छोड़ने के बाद सिर ने मुझे अपनी बाहों में लेते हुए सारा माल मेरी गांद में ही निकाल दिए. हम दोनो किस करते रहे, और ऐसे ही लोड्‍ा मेरी गांद में ही रहा. सिर ने लोड्‍ा बाहर निकाला, और मेरे च्छेद से सिर का माल किसी नदी की तरह बहते हुए बिस्तर पर फैल गया.

मैं: आज तो बहुत रोमॅंटिक हो रहे थे, क्या बात है.

सिर: जिगर की मा अब छूने ही नही देती. लेकिन जब से तुम मिला है, सच में जवानी के दिन याद आ गये.

मैं गले मिलते हुए बोला-

मैं: पापा तो परसो आएँगे. हमारे पास कल का दिन भी तो है.

सिर: यार तुझे बताना बूल गया. वो मुझे 3-4 घंटे में किसी काम से 2 दिन के लिए जाना होगा. इसलिए जब तू जाएगा, तब भी मैं यहा नही होऊँगा.

हमने दोबारा कभी मिलने का वादा किया, और किस करके सिर नीचे रेडी होने चले गये.
मैं भी सिर के साथ हुई चुदाई को सोचते हुए सो गया. मॉर्निंग 9 बजे पापा मुझे लेने आ गये. जिगर मेरे रूम में आया.

वो बोला: तेरे पापा नीचे नास्टा कर रहे है. तब तक हम भी नास्टा कर ले?

जिगर और मैने 30 मिनिट तक तबाद-तोड़ चुदाई किए. फिर रेडी हो कर मैं पापा के साथ घर के लिए निकल गया.

तो दोस्तों ये था मेरी पहली चुदाई का सफ़र. इसके बाद मेरी लाइफ में कों-कों आया, अगर ये स्टोरी चाहिए तो फीडबॅक ज़रूर देना.

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