2 लड़कों के प्यार में कन्फ्यूषन की स्टोरी

आक्चुयल में सुबह से ही तेज मुझे घूर रहा था, और उसकी पहली स्टेर को ही मैने नोटीस कर लिया था. हमारा आइ कॉंटॅक्ट हुआ, उसने आँख मारी, और अपने लिप्स से किस का इशारा किया. मैने देख कर भी उनदेखा कर दिया. फिर हल्दी पर वो मेरे डॅन्स पर अपने दोस्तों के साथ हस्स रहा था, और डॅन्स करते-करते मेरे करीब आने की कोशिश कर रहा था.

फिर कुछ देर बाद वो और उसके सारे दोस्तों ने अपना कुर्ता उतरा, और पर्थ जीजू को साथ लेकर पूल में उतार गये. मैं उसको एक टक्क देखता ही रहा. उसकी मस्क्युलर हेरी बॉडी एक-दूं शेप में थी. चौड़ी छाती और ला-जवाब डोले, और बड़ी पुंजबियों वाली मूचे. उपर से पूल के पानी में उसकी मर्दानगी मुझे बहुत अची लग रही थी.

ये सब मेरे अंदर पहली बार महसूस हो रहा था. और उसको पता था की मैं उसको नोटीस कर रहा था. इसलिए वो अपनी बॉडी को फ्लॉंट कर-कर के दिखा रहा था. तभी उनके दोस्तों के बीच मैने किसी को उसको तेज पुकारते हुआ सुना. फिर लंच के बाद जब मैं और योगेश रिज़ॉर्ट घूम रहे थे, तो वो उपर अपने फ्लोर की गॅलरी से मुझे देख रहा था.

योगेश मेरे साथ था तब भी मैं उससे जैसे भी चान्स मिलता देख रहा था. मुझे भी उसकी बायिश चर्म पसंद आई थी. और फिर इधर-उधर करते हुए रिया दी से और डॅन्स रिहर्सल के वक़्त बाकी पार्टिसिपेंट्स से पता चला की उसका पूरा नाम तेजविंदर सिंग था. वो पर्थ जीजू का दोस्त नही उनके दोस्त मानविंदर का भाई था, और उसको पर्थ जीजू भी अपना भाई ही मानते थे.

उसकी उमर 23 थी. पर्थ जीजू, और मानविंदर भाई की 25 थी. इस इन्सिडेंट से मुझे पहली बार ये एहसास हुआ की मुझे लड़की नही लड़कों में इंटेरेस्ट है. पूरी तरह से मेक उप रिमूव हो चुका था. तभी मैने एक शवर ले लिया, क्यूंकी तेज के लिप्स के निशान मेरी चेस्ट और बॅक पर थे. रेडी हो कर मैं लॉन में चला गया, जहा संगीत टुवर्ड्स एंड पर था.

मों आंड दाद से मिला,नौर मों के पास बैठ गया. योगेश ने देखा मुझे, बुत उसने उस वक़्त पता नही क्यूँ इग्नोर ही किया. दूसरे ही पल मेरी नज़र तेज को ढूँढने लगी. मैने देखा वो रिया दी संग खड़ा था, और वो भी उसके साथ मज़े से बातें कर रही थी.

कुछ देर पहले जब वो मेरे साथ था, तब वो नशे में लग रहा था. अभी वो बहुत सोबर हो गया था. मेरे अंदर क्या हो रहा था पता नही. मैं वाहा से योगेश के पास चला गया, और ही का हाथ से इशारा किया. उसने भी हाथ हिलाया और पूछा

योगेश: कहा था तू?

कुश: आस इफ़ योउ डॉन’त नो.

योगेश: ई रियली डॉन’त नो.

कुश: अछा, ऑल थ्रू मी डॅन्स योउ वर वाचिंग मे.

योगेश: योउ डॅनस्ड? वेन?

कुश: अब ये मत कहना तुमने मुझे नोटीस नही किया.

योगेश: अगर किया भी तो तुम्हे क्या दिक्कत है?

(मुझे तोड़ा अजीब लगा. फिर मैने कहा)

कुश: मुझे लगा सुबा हमने दोस्त बनने का डिसाइड किया था.

योगेश: ई थिंक ये डोर की बात है. अभी हमे नेबर्स ही रहना चाहिए.

ये सुन कर मैं बस रोने ही वाला था, की उसने स्माइल की और कहा-

योगेश: नेबर्स कॅन बे मोरे एफेक्टिव तन फ्रेंड्स!

मैने भी स्माइल किया और कहा-

कुश: लेकिन फ्रेंड्स ज़्यादा करीब लगते है सुनने में.

योगेश: कोई बात नही, मैं तुम्हारा पड़ोसी फ्रेंड हू.

उस वक़्त योगेश को कुछ शायद अजीब लग रहा था, पर क्या, मुझे पता नही. फिर कुछ ही देर में हस्सी-मज़ाक करते हुए मुझे सब नॉर्मल लगने लगा. उसने ड्ज पर मेरे साथ खूब डॅन्स किया, और हमारे अपार्टमेंट के सभी लोगों को खूब एंटरटेन किया.

डिन्नर हुआ, और करीब रात 1:30 बजे सब अपने रूम्स में जाने लगे. मैं मेरी मों के साथ था. पीछे से योगेश आया, और उसने मों के सामने ही कहा-

योगेश: हम सब बिल्डिंग के लड़के साथ में रह रहे है. तुम जाय्न करना चाहोगे कुश?

मैं मों को देखने लगा.

मों ने कहा: ये उसके लिए थकान भरा दिन था. मुझे नही लगता वो जाना चाहेगा.

योगेश ने कहा: आंटी, लेकिन हमे दोबारा ये चान्स नही मिलेगा.

मों ने मुझे देखा और समझ गयी की मैं जाना चाहता था, और फिर इशारे से हन कह दिया. रात के 3 बजे तक हमने खूब एंजाय किया. फिर सब अपने रूम्स में जाने लगे. मैं और योगेश साथ ही निकले, और उसने गुड नाइट कहते हुए एक बहुत बड़ी बात कह दी. उसने मुझे कहा-

योगेश: कुश तुम बहुत समझदार हो. बस इतना याद रखना हड़बड़ी में कुछ गड़बड़ मत करना.

और गुड नाइट कहते हुए वो चला गया. मेरे पास रूम की स्पेर कीस थी. मैने अंदर जेया कर चेंज किया, और सोने चला गया. ज़ोर से साँस ली मैने, और आँखें बंद की, और देखा की योगेश मुझे लिप्स पर किस कर रहा था. मैने तुरंत आँखें खोल ली, और मॅन में कहा “नही, वो मेरे ही अपार्टमेंट में रहता है. सिर्फ़ दोस्त है”.

उमर के उस पड़ाव में मुझे कुछ समझ नही आ रहा था. कुछ ही पल पहले मैं तेज की बाहों में पिघल रहा था. और थोड़ी देर बाद ही योगेश को अपने नज़दीक महसूस कर रहा था. उस वक़्त सही ग़लत की समझ नही थी. जो सही था उसे ग़लत मान रहा था, और जो ग़लत था उसे सही.

अगले दिन सुबह मों ने मुझे उठाया, और कहा: उठ जेया कुश, ब्रेकफास्ट का टाइम चला जाएगा.

मैं जैसे-तैसे उठ कर फ्रेश होने चला गया. रेडी हो कर ब्रेकफास्ट करने पहुँचा. पीछे से किसी ने कंधा थपथपाया. मैने देखा योगेश था.

योगेश: गुड मॉर्निंग डियर.

कुश: गुड मॉर्निंग. ब्रेकफास्ट किया?

योगेश: तेरे बिना कैसे करता?

कुश: डॉन’त टेल लाइस. क्या? सच? तुम, मेरी वेट?

योगेश: ह्म, अब दोस्ती की है तो इंतेज़ार तो बनता है.

कुश: थॅंक योउ दोस्त.

कहते हुए हमने ब्रेकफास्ट किया, और तभी हमारे अपार्टमेंट के बाकी सभी लोग हमारे पास आए. उनमे से एक ने कहा की सभी बड़े तो शादी की रिटूयल्स देखने गये है, और यंग्स्टर्स के लिए एंटरटेनिंग गेम्स के लिए बॅंक्वेट हॉल में एक आंकर आया है. सब एग्ज़ाइटेड थे, और सब ने डिसाइड किया की हम भी गेम्स खेलने जाएँगे.

वाहा गेम्स ऑलरेडी चल रहे थे. हम सब अगली ग़मे का वेट कर रहे थे की तभी धमाकेदार म्यूज़िक के साथ याचना दी, और पर्थ जीजू की वाहा एंट्री हुई. एंट्री के बाद याचना दी ने हम सब को पर्थ जीजू से इंट्रोड्यूस करवाया. ये हम सब का और पर्थ जीजू फर्स्ट एनकाउंटर था. जब मुझे मिलवाने की बारी आई, तब याचना दी ने पर्थ जीजू से कहा.

याचना दी: पर्थ मीट हिं. ये हमारा लकी चर्म है. कल ही इसने मुझे पंगे से बचाया है.

पर्थ: इस तट सो? वॉट हॅपंड येस्टरडे?

याचना: उसकी बात हम कभी और करेंगे.

पर्थ: एनीवेस, तुमसे मिल के अछा लगा. और शुक्रिया मेरी लेडी की हेल्प के लिए.

कुश: सेम हियर. इट’स ऑल मी प्लेषर!

पर्थ जीजू के पीछे ही तेज खड़ा था. उसने फिर आँख मारी, और स्माइल करने लगा. गेम्स वाले आंकर ने नया ग़मे इंट्रोड्यूस किया, जिसमे 10 राउंड्स होने थे और हर रौंद में पार्ट्नर्स बदल जाने वाले थे. इससे पार्ट्नर्स में खेलना था. 10 बाय्स आंड 10 गर्ल्स को, बुत विन्नर ज़रूरी नही की एक लड़का और एक लड़की ही बनते.

2 गर्ल्स या 2 बाय्स भी विन्नर हो सकते थे. डिसाइड हुआ की 5 लड़के 5 लड़कियाँ ग्रूम साइड से, और 5 लड़के 5 लड़कियाँ ब्राइड साइड से खेलेंगे. मैं और योगेश दोनो इस ग़मे में थे. रिया दी भी थी, और तेज भी. ग़मे ऐसा था की रौंद के एंड में आपको अपने नेक्स्ट रौंद का पार्ट्नर मिल जाता था.

लाइन वन में 10 (5 बाय्स 5 गर्ल्स), और लाइन 2 में 10(5 बाय्स 5 गर्ल्स) लोगों को खड़ा होना था. मैं जान कर तेज की ऑपोसिट लाइन में खड़ा हुआ, और देखा रिया दी भी मेरी ही लाइन में थी और योगेश तेज वाली लाइन में था. फर्स्ट रौंद 1 लड़का और 1 लड़की ही पार्ट्नर बने, और नेक्स्ट रौंद से पार्ट्नर्स बदलने लगे.

4त रौंद में कोयिन्सिडेंटली मैं और तेज पार्ट्नर बन गये, जहा हम 6 कपल्स कॉंपीट कर रहे थे. इस रौंद में 2 मिनिट अपने पार्ट्नर के साथ रैन डॅन्स करना था, और 2 मिनिट बाद जीतने भी देर म्यूज़िक बजता, आपको ऑपोसिट लाइन के अलग-अलग पार्ट्नर के साथ डॅन्स करना था. म्यूज़िक स्टॉप होने पर जो जिसके साथ खड़ा होता, वो अगले रौंद के पार्ट्नर्स होते.

इस रौंद में म्यूज़िक शुरू हुआ और 2 मिनिट की ड्यूरेशन में गाना बाज रहा था “टिप-टिप बरसा पानी”, और तेज ने हर टेढ़ी-मेधी तरकीब से मुझे इधर-उधर च्छुआ. मुझे सब के सामने बहुत अजीब लग रहा था, और सब लोग हम दोनो को देख कर हस्स रहे थे, और उसके दोस्त हूट कर रहे थे “ले ले पर्थ के सेयेल की”.

मुझे मेरा मज़ाक उड़ते हुए देखने की आदत नही थी. सब, यहा तक की आंकर जो एक स्ट्रेंजर था, वो भी मेरी हालत पर हस्स रहा था. उसने लिटरली मेरी गर्दन पर किस किया, और मेरे बम्स दबाए. फिर हाथ कमर पर रखा, और दबाई. और फिर ज़बरदस्ती मुझे अपनी बाहों में लेने लगा. मैं अनकंफर्टबल फील कर रहा था, और सब हस्स रहे थे.

जो एक पर्सन नही हस्स रहा था, वो योगेश था. मुझे बहुत एंबरससिंग लग रहा था. बुत जैसे-तैसे रौंद ख़तम हुआ, और पार्ट्नर्स चेंज हो गये. रौंद फिनिश होने पर एक कपल आउट हो गया. योगेश मेरे पास आया, और कहा, “डॉन’त फील बाद. खुद पर यकीन रख. तू ही जीतेगा”. एक दिन पहले मैने जो कहा आज वो मुझे कह रहा था.

तेज जहा मेरे साथ बदसलूकी कर रहा था, वही रिया दी को बहुत फुटेज दे रहा था. रिया दी भी अटेन्षन एंजाय कर रही और तभी 7त रौंद में रिया दी को ग़मे में बचाने के लिए तेज अपने उस रौंद के पार्ट्नर के साथ आउट हो गया. 8त रौंद में मैं योगेश और रिया दी तीनो थे, बुत अलग पार्ट्नर्स के साथ. 9त रौंद के एंड में रिया दी और योगेश पार्ट्नर थे और मैं किसी और के साथ.

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