राइटर और रीडर की चुदाई के लिए मिलने की कहानी

ही, कैसे है दोस्तों?

छूट वाली लड़कियों को गीला करके छोड़ने वाला झटका, और लंड वालो को बिना कॉंडम के आखरी झटको जैसा वॉर्म गुड मॉर्निंग.

ये कहानी सिर्फ़ कहानी नही है, इसमे काफ़ी एमोशन्स भी है. तो चलिए आते है कहानी पे.

उसके पहले आप सभी की मेल्स में जो प्यार मिला, उसके लिए धन्यवाद. और हो सकता है बहुत जल्द मुझे नॉइदा सेक 50 के पास एक भाभी छोड़ने का मौका मिल सकता है. उनसे अभी मेरी बात हो रही है.

जैसा की लास्ट स्टोरीस में पढ़ा आपने, मेरी बेहन की चुदाई और कज़िन के बारे में. तो अब न्यू कहानी पे मैं आता हू. आप सब की मेल्स आती थी, तो ज़्यादातर मेरी बेहन रिप्लाइ करती थी.

मैं लक्ष्मी नगर में रह कर स्स्क की प्रेपरेशन कर रहा हू. मेरी हाइट 6 फीट है आंड मैं वेल मेंटेंड हू. मेरा स्किन कलर भी काफ़ी वाइट है, तो कोई भी मुझे रिजेक्ट नही करेगा.

एक रीडर से मेरी बात होनी स्टार्ट हुई. कल्पना नाम था उनका. पहले मेरी बेहन छत कर रही थी, लेकिन 17 नोव को मैने उससे बात की. तो मेरी कल्पना जी से बात होने लगी.

वो एक मंक में जॉब करती है, और उनके पति भी मंक गज्न में जो करते है. तो नॉर्मल ही-हेलो से हमारी शुरुआत हुई.

मैने कहा: आप यहा क्यूँ है?

तो उन्होने भी मेरे से सेम क्वेस्चन पूछा: तुम प्रेपरेशन कर रहे हो या यहा ये सब कहानियों में डूबे रहते हो?

फिर मैने उनको बोला: मैं भूत कम चलता हू. मेरी बेहन को सेक्स बहुत पसंद है. उसने अब फ्ब आंड इंस्था पर भी ईद बना ली है. तो जल्दी आप लोग उसपे बात करेंगे उससे. और मैं तो कभी-कभी रिलॅक्स होने के लिए यहा आ जाता हू. क्यूंकी मुझे पॉर्न से ज़्यादा मज़ा कहानी पढ़ के मास्टरबेट करने में आता है.

दीवाली से मैने सेक्स भी नही किया था, तो मैं कल्पना जी को बता रहा था की मैं यहा सिर्फ़ लोगो के मॅन की बातों को जानने के लिए था. चाहे लड़का हो या लड़की, सब की फॅंटेसी होती है. और इंडिया में सेक्स को बहुत ज़्यादा दबाया गया है. तो लॉक्कडोवन् से सेक्स के बारे में बहुत कुछ निकल कर आ रहा है.

लोगो ने घरो में रीलेशन बनाए है. ये झूठ नही है, बहुत बड़ी सकचाई है. ये देल्ही, मुंबई, बंगलोरे जैसी सिटीस में लोगो का सेक्स अडिक्षन बहुत है. देल्ही में मैने काफ़ी कपल्स को देखा है, ऑफीस में सेट किए रहते है.

मीन्स देल्ही में एक्सट्रा-मॅरिटल अफेर 70 पर्सेंट प्लस है वर्किंग विमन के. क्यूंकी यहा लोगो में बहुत चुदाई की भूख है. ईज़िली लड़कियाँ मिल जाती है. जिनकी लाइफ में बॅलेन्स नही है, और वो सिगरेट आल्कोहॉल या स्ट्रेस के शिकार है, उनकी पर्फॉर्मेन्स अछा नही है. इसलिए औरते संतुष्ट नही होती.

ये रीज़न है लड़कियाँ आसानी से मिलने का. सेक्स लाइफ काफ़ी डिस्टर्ब होती है वर्किंग को लेके, तो जिसको जहा मौका मिलता है, चूड़ने को तैयार हो जाती है. बस आप ट्रस्टवर्ती हो, और आप चिपकू टाइप के ना हो, मीन्स लड़कियों को बर्बाद ना करो.

तो कल्पना जी कहने लगी: ये सब जो आप कह रहे है, काफ़ी हद तक सही है. लेकिन ट्रस्ट इश्यूस हमेशा रहता है, क्यूंकी पता चले मैं अओ अकेले, और आप 4 दोस्तों को लेके आ जाओ. या क्लिप रेकॉर्ड कर लो, या ज़बरदस्ती करो. ये सब ही दर्र का सब्जेक्ट है गर्ल्स के लिए.

कल्पना: जैसे बाय्स को दर्र लगता है मोलेस्ट का, वैसे हम लड़कियों को भी लगता है. सच बतौ तो काफ़ी लड़कियाँ, औरते या भाभीया भी रॅंडम सेक्स करना चाहती है. बुत हम लोगो को मिल नही पता.

तो मैने उनको बोला: अगर आपको जब भी लगे की चुदाई करनी है, तो आप उस लड़के से बात करो 10 तो 15 डेज़ ओवर मैल. फिर कॉंटॅक्ट डीटेल्स वग़ैरा का देखो. अगर सब सही लगे, तब भी बिलीव मत करो.

मे: बिलीव के लिए सबसे अछा है की आप होटेल बुक करो अपनी ईद से, और उस बंदे को एरिया बताओ. आंड लास्ट मोमेंट पे होटेल का नाम बताओ. तो इससे ये होगा की वो सिर्फ़ चुदाई के लिए आएगा. चुदाई के बाद आप अपने रास्ते वो अपने रास्ते.

मे: जब भी मिलो, फोन उसे मत करो. उन अवर्स में फोन ऑफ रखो, प्लस मैल पे ही उसको बुकिंग वग़ैरा की डीटेल बताओ.

तो मैं सीधा ये काहु की कल्पना जी को आग तो लगी ही थी, बुत वो तोड़ा मेरा ट्रस्ट जीतना चाह रही थी.

फिर मैने कहा: देखिए मेडम, हम लड़के भी आपको रोज़-रोज़ छोड़ना पसंद नही करेंगे. क्यूंकी देल्ही में रोज़ चुदाई वाले लिव-इन में रह रहे है. जिनकी मजबूरी या प्राइयारिटी है, तो वो रॅंडम सेक्स करते है.

मे: और रही बात चुदाई के बाद की, तो आपका मॅन होगा तो फिर कभी बुला लेना. क्यूंकी मैं यहा पढ़ने आया हू, आपकी छूट छोड़ने नही.

तो वो हासणे लगी, और बोली: चुदाई भी करनी है, और स्टडी पे भी फोकस करना है.

तो मैने कहा: इसमे क्या बात है यार? जो सच है तो है.

फिर मैने कहा: सच बतौ तो मेरा इंटेरेस्ट सेक्स में तो है, बुत प्री या पोस्ट फोन पे बात करने में बिल्कुल भी नही है.

तो कल्पना जी को यकीन होने लगा था, की मेरे साथ एक दिन दोपहर में चुदाई जाएँगे. हम लोगो की बातें 1 डेक तक चलती रही.

वो बोली: देल्ही में मक्ड के एलेक्षन्स चल रहे है, तो मेरे पति 2 डेक से 4 डेक तक बिज़ी रहेंगे. तो मैं कुछ बहाना लेके मिलना चाहती हू.

मैने कहा: ठीक है, तो आप महिपालपुर, करोलबघ, या कही भी जहा आपको ठीक लगे ओयो बुक कर लेना. अगर मेरी ईद से बुक करना हो तो मैं लोजीन डीटेल दे दूँगा.

लेकिन उनको लगा की मैं सब कुछ पहले जानना चाहता था, की कहा मिलेंगे, या कहा नही.

तो उन्होने कहा: आप टेन्षन मत लो. बस अपने खाने पीने और थोड़ी बॉडी हाइजीन पे ध्यान देके आना. बाकी सब मैं कर लूँगी.

फिर डटे डिसाइड हुई 2 डेक को चुदाई की. सब कुछ कल्पना जी ने ही बुक किया था, बस हमारी ये बातें हुई थी की मैने कहा पहुँचना था.

मैने उनको बोला: हम लोग अगर 12 से 6 रुके तो आप 6 लाइनाये सेट, प्लस अलग-अलग कपड़े लेके आना.

वो बोली: ऐसा क्यूँ?

तो मैने कहा: आपको अगर चुदाई का असली मज़ा लेना हो, तो आप बस कपड़े ले आना. क्यूंकी मेरा जब एक बार होगा तो मैं फिरसे आपको दूसरे कपड़े पहणौँगा. और हम अलग-अलग पोज़िशन और रॉल्प्ले भी ट्राइ करेंगे.

तो वो कहने लगी: बड़े अद्वेनटोरौस लग रहे हो.

मैने कहा: मेरा एक्सपीरियेन्स ठीक-तक है. बुत आप मुलाकात कभी भूलॉगी नही. छूट फाड़ चुदाई करता हू मैं.

2 डेक के ग्रीन पार्क के पास उन्होने ओयो बुक किया था. और मुझे साउत एक्स आने को बोला था. मूज़े 11 बजे मैल आई उनकी-

मैल: कम तो ग्रीन पार्क मेट्रो.

देन ई रीच्ड तेरे आंड शी अगेन मेल्ड मे थे अड्रेस आंड साइड-

कल्पना: कम तो रूम नंबर 303.

बाल्कनी वाला रूम था वो. तो मैने होटेल में पहले अपने डॉक्युमेंट्स दिए, क्यूंकी सच बतौ तो मैं कोई लीगल लाफद नही चाहता हू. और वाहा उनके भी आधार कार्ड की फोटो कॉपी थी.

मैने बेल बजाई रूम के बशर पहुँच कर. कल्पना जी ने जैसे ही गाते खोला, मैं देख कर पागल हो गया. ऊँची पूरी सरदार्णि की तरह थी वो. मानो मेरा दिल गड़-गड़ हो गया. और नीचे लंड खड़ा होने लगा.

मैं सीधा वॉशरूम गया, हॅंड वॉश किए, और उनके सामने चेर पे बैठ गया. फिर हम लोगो ने पानी पिया. पानी पीते-पीते हम एक-दूसरे की आँखों की हवस को बहुत अची तरह से समझ रहे थे.

मैने कभी नही सोचा था, की इतनी सुंदर लड़की आएगी. उन्होने ब्लॅक सलवार सूट पहन रखा था. पानी पीने के बाद मैं उनकी बगल में पहुँच गया, और चेर के पीछे से उनको हग किया. फिर उनकी गोद में बैठ के उनके फोर्हेड पे किस किया.

क्यूंकी मेरे लिए सिर्फ़ ये चुदाई नही बल्कि एक अछा एक्सपीरियेन्स देना प्लस अची मेमोरीस शेर करना था, तो वो कहने लगी-

कल्पना: आप तो बड़े रोमॅंटिक हो.

मैने कहा: ऐसा नही है. आप बहुत सुंदर हो, इसलिए मेरे एमोशन्स कंट्रोल नही हो रहे है.

अब आप अगले पार्ट में पढ़ना, कैसे मैने उनकी चुदाई अलग-अलग कपड़ो और अलग-अलग पोज़ में की.

मैने एक बार वन पीस में, एक बार सारी में, एक बार सूट में, और एक बार टवल लपेट के उनको छोड़ा.

वो अपने साथ 4 लाइनाये सेट लाई थी, प्लस एक बहुत सेक्सी कामसूठरा वाला ब्लॅक तोंग भी लाई थी. मैने उनके साथ रॉल्प्ले भी किया. सारी में रिश्तेदार बन के छोड़ा. गाओं में कैसे चुदाई होती है सारी उठा के, उनको वो भी एक्सपीरियेन्स दिया.

तो अब अगले पार्ट में बतौँगा, की कैसे उस दिन 5 बार चुदाई हुई, और लास्ट टाइम में मेरे अंदर से तो स्पर्म निकल ही नही रहा था. बुत दोनो लोग बहुत ज़्यादा सॅटिस्फाइड थे. क्यूंकी वो भी अची प्लेयर थी.

शी वाज़ गुड वेन शी गेव ब्लोवजोब. वेन शी वाज़ राइडिंग लीके आ होर ओं मे, आंड वेन शी मोंड. जब उसने देसी वर्ड्स लीके प्लीज़ छोड़ डालो, फाड़ दो मेरी छूट को, वित कामुक वाय्स बोले, इट वाज़ रियली नाइस एक्सपीरियेन्स.

मिलता हू जल्दी. फॉर फीडबॅक प्लीज़ पिंग मे ओं

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