वॉट्स्ऐप से बेडरूम तक-9

अब तक आपने पढ़ा की कैसे मेरे और मों के बीच इंटिमेट होने की शुरुआत हो चुकी थी, अब आयेज पढ़िए.

अगर आप नये हैं तो, इस पूरी कहानी का मज़ा लेने के लिए पिछले 8 पार्ट्स को बारी बारी पढ़िए, यक़ीनन मज़ा आएगा.

लेट’स कंटिन्यू तीस पार्ट.

: दे 3 :
(आफ्टरनून सेशन)

शॉपिंग माल से निकालने के बाद…

मे: तो क्या करे ?

मों: मोविए चले ? (मों मुझे आचे से

मे: मोविए तो सब आ जाती हैं मोबाइल ऑट पे,जब टाइम मिले देख लो, थियेटर मे कौन 3 घंटे और पैसे वेस्ट करे ?

मों: तू देख लेता हैं मोबाइल मैं, पर मेरा क्या ? मेरा मान कर रहा हैं कब से, तेरे पापा को भी बोला था, पर वो सुनते ही नही. तो आज अपने इस दूसरे हब्बी के साथ तो अपनी इचा पूरी कर लू.

मे: ठीक हैं, कहा जाना हैं.

मों: देख, बेटा. हम भले ही अभी कपल हैं, पर दुनिया की नज़रो मे तो हम मों बेटा ही हैं, और किसी ने ह्यूम थियेटर मे देख कर तेरे पापा को बता दिया तो गड़बड़ हो सकती हैं, इसलिए ऐसी जगा चलते हैं, जहा लोग कूम हो और अपने पहचान के ना हो.

मे: ह्म..पर ऐसा थियेटर कौनसा हैं?

मों: रुक एक मिनिट.

और मों ने अपनी फ्रेंड को कॉल लगाके थियेटर का नामे अड्रेस्स पता किया (जो रियल मे अनिल बनकर मैने ही मों को सजेस्ट किया था) और हम उस थियेटर मे चले गये.

थियेटर मे मोविए मैने देखी हुई थी, पर मों को बताया की नही देखी हैं. वैसे भी हम मोविए देखने थोड़ी गये थे, हम तो अपने इस नये रिश्ते को नेक्स्ट स्टेज पे ले जाने के लिए गये थे.

अनिल बनकर मैने आज मों को 2 चीज़े करने के लिए कहा था, एक तो अपने बूब्स को मेरे हाथो से डबवाना, और दूसरा लीप किस. मैं इन चीज़ो को लेकर बहुत एग्ज़ाइटेड था.

मैने अपनी तरफ से माल मे किस करके मों को ग्रीन सिग्नल दे दिया था और मैं देखना चाहता था की मों मुझे कैसे किस करती हैं.

थियेटर मे मोविए चालू हो चुकी थी, कुछ ही लोग थे वाहा, कुछ स्टूडेंट्स और कुछ कपल्स, ज़्यादातर सब कॉर्नर मे सेट थे, मैने कॉर्नर लेना चाहा पर सभी बुक थे.

ये देखकर मों भी तोड़ा निराश हुई, हम पीछे बीच की सीट पे बैठ गये, और एक दूसरो के हाथो मे हाथ डालकर मोविए देखने लगे.

मे: अछा हैं, पीछे की सीट मिल गयी.

मों: क्या तेरा सिर अछा हैं. अगर कॉर्नर की कोई सीट खाली होती तो ज़्यादा अछा रहता.

मे: वो क्यू ?

मों: अरे, वाहा रोशनी कूम आती हैं, तो कोई ह्यूम पहचाने नही, और वाहा से पूरा सब आचे से दिखता हैं.

मे: ये तो हैं. पर मोविए तो यहा से भी अची ही दिखती हैं.

मों:(मेरी तरफ तोड़ा घुस्से से देखते हुए) तो तुझे यहा सिर्फ़ मोविए देखनी हैं क्या?

मे: क्या और भी कुछ हैं यहा?

मों: तू तो बचा ही रहेगा. अपने अगाल बगल देख, सब मोस्ट्ली कपल हैं, और अपनी तरह से एंजाय कर रहे हैं, कोई देख रहा हैं मोविए क्या?

तूने ही तो सुबह हब्बी वाइफ वाली फीलिंग की बात क्रि थी, तो तुझे वोही फील करवाने यहा लाई हूँ पागल.(और मों ने मेरा हाथ कस के पकड़ लिया)

मे: श. तांकष मों.

और मैने अपने दूसरे हाथ से उसकी झांग पे रखा, और सहलाने लगा. ये देखकर मों के चेहरे पे हल्की सी स्माइल आ गई. और मों का हाथ मैने अपनी जंग पे रखा.

और ऐसे ही हम एक दूसरे को सहलाने लगे. हम एक दूसरे की आँखो मे झाँक रहे थे, आग जैसे दोनो तरफ लगी थी. अब चीज़ ये थी की इस बार शुरुआत कों करे. जो मैं तो नही करनेवाला था.

मे: मों, क्या तुम अपने कॉलेज मे किसी लड़के के साथ ऐसे आई हो मोविए देखने?

मों: हाँ, पर वो भी तेरी तरहा अनारी था, मुझे एंजाय करने के बजे मोविए एंजाय कर रहा था. (और मों हल्के से हासणे लगी)

मे: बेचारा.

मों: तुझे एक बात शेर करू, जो मैने आजतक ये किसी को नही बताई, तेरे पापा को भी नही.

मे: बोलो ना डार्लिंग .

मों: मेरी कॉलेज टाइम से ही एक विश थी की अपने ब्फ या किसी लड़के के साथ ऐसे थियेटर की कॉर्नर सीट पे बैठकर, अपने ब्फ को किस करू, और एंजाय करू.

मे: तो तुम्हारी विश पूरी हुई..?

मों: 3 बचो की मा हूँ, बाकी तो सब विश पूरी हो गई, पर हा वो थियेटर वाली विश पूरी नही हुई. (अपने हाथ से मेरी झांग को दबाकर मेरी आँखो मे देखकर बोली), अब तक तो नही हुई.

मे मों का इशारा समझ गया. मैने कुछ करना चाहा, तभी इंटर्वल की बेल बाज गयी. मों के चेहरे पर थोड़ी उदासी आ गयी.

मे: मों, मे कुछ लेकर आता हूँ.

मों: ओक. जल्दी आना.

मे बाहर गया, तो वो लड़का था, जो अपनी ब्फ के साथ कॉर्नर मे बेता था. उससे जाके मैने बाअट की,

मे: यार एक हेल्प कर दे.

लड़का: कौन हैं भाई तू और क्या हेल्प चाहिए ?

मे: मे तेरे आयेज वाली सीट पे बेता हूँ अपनी आइटम के साथ. और ह्यूम तुम्हारी कॉर्नर वाली सीट एक्सचेंज कर ले.

लड़का: क्यूँ ?

मे: देख भाई, तू अपनी गफ़ के साथ आया हैं, और मैं पड़ोस की आंटी को पाटकर लाया हूँ. बहुत ट्राइ के बाद वो आज यहा आई हैं. एक काम कर, तुम दोनो की टिकेट के पैसे मे दे देता हूँ, तुम कल फिरसे आ जइयो, पर मेरी हेल्प कर्दे यार. (और मैने कुछ पैसे दिए उसे)

लड़का:(तोड़ा ना नुकुर के बाद) ठीक हैं भाई.

मे: और एक रिक्वेस्ट हैं भाई. तू जब आयेज के सीट पे बेतियो तब अपनी गफ़ के साथ झाम के रोमॅन्स कारिओ. जिससे मेरी वाली आंटी भी थोड़ी गरम हो जाए.

लड़का: ठीक हैं भाई.

इंटर्वल ख़तम होते ही, वो दोनो आयेज की सीट पे आ गये, और मैं मों को लेकर कॉर्नर मे चला गया. आयेज जाके वो लड़की पीछे देखकर ह्यूम स्माइल देने लगी.

मों: तूने क्या कहा उससे, जो उसने कॉर्नेरवाली सीट छोड़ दी?

मे: कुछ नही मों, बस तोड़ा रिक्वेस्ट किया, तो मान गया लड़का.

मों: ह्म.

मोविए शुरू हो गई, और हम दोनो पॉपकॉर्न ड्रिंक ले रहे थे. कुछ देर बाद एक दूसरे को फिरसे सहलाना शुरू किया, पर दोनो मे से पहल कोई नही कर रहा था. और आयेज वाला लड़का भी अपनी गफ़ से खाली बातें कर रहा था, अब सिर्फ़ आधा घंटा बाकी था मोविए एंड होने मे, मैने सोचा अब तो कुछ करना ही होगा.

मे: (आगेवले लड़के को धीरे से) ब्रो, तांकष यार, सीट एक्सचेंज करने के लिए. और हेल्प के लिए.

लड़के ने ओक का इशारा किया, तो मैने उसे उस्कीी गफ़ की तरफ इशारा किया, वो समझ गया, और अब वो दोनो तोड़ा कुछ करने लगे.

मैने अपनी पॉकेट से मों की फॅवुरेट सिल्क चॉक्लेट निकली, जिसमे लास्ट पीस बचा था, वो मैने खाली, और रॅपर वाहा रखा जिसे मों देख पाए.

मों: अरे, मेरी फेवोवरिट चॉक्लेट. मुझे नही दी.

मे: लास्ट पीस था मों.

मों: तो क्या, आधी दे देता.

मे: हा तो देता हू ना, माना कब किया.

मों: कैसे? पूरी की पूरी तूने मच मे दल दी हैं?

मे: हा, पर एक तरीका हैं डार्लिंग ?

मों: कौनसा ?

और मैने मों को आयेज के कपल की और इशारा किया, जो अपनी किस्सिंग स्टार्ट कर चुके थे. ये देखकर मों ने स्माइल दी,और शरमाते हुए अपना फेस नीचे कर लिया. मैने उसका फेस उपर किया, और कहा

मे: डार्लिंग, आज तुम्हारी अधूरी विश मैं पूरी करना चाहता हूँ, अगर तुम साथ देती हो तो.

मों: तो मैने तुझे कब रोका हैं.

और मैने अपने होत मों के होतो पर झाड़ दिए, वाउ क्या मुलायम लिप्स थे. लगा की दाद मों को सिर्फ़ छोड़ते ही होंगे, किस वगेरह नही करते होंगे.

फिर मैने अपनी ज़ुबान को मों के मूह मे डालकर सिल्क चॉक्लेट को मों के मूह मे दल दिया. थोड़ी बहुत चॉक्लेट उसके लिप्स पे लगाकर उसके लिप्स को भी सक करने लगा.

फिर अपने हाथो को उसके बूब्स पे रखकर उसे दबाने लगा. मों ने भी अपने हाथो को मेरे हाथो पे रखकर अपने बूब्स को मसलवाने लगी. जब मैने अपना हाथ मों के टॉप के अंदर डालना चाहता, तो मों ने रोक दिया.

मों: बेटा, अभी सिर्फ़ उपर उपर से ही करले.

मे: ओक डार्लिंग.

मों ने अभी बोला, मतलब की मों का आगे कुछ प्लान होगा, तो मैं ऐसे ही करते रहा. मों का हाथ अपने पेंट पे रखा, तो उसने वाहा से हटा दिया. तो मैने ज़्यादा फोर्स नही किया.

मों और मेरी स्मूछिंग चालू ही थी, जैसे बरसो के प्यासो को पानी मिला हो.

कभी मैं मों की टंग को चूस्ता तो कभी वो मेरे तौंग को. मैं साथ ही मों की बॉडी को भी सहला रहा था. आज तो जैसे स्वर्ग के दरवाजे की चाबी हाथ लग गयी हो.

हम यहा किस्सिंग कर रहे थे, और वाहा आयेज वो लड़की झुकी हुई थी, और उस लड़के का लंड चूस रही थी. मैने मों को उसकी तरफ इशारा किया, मों ने अपनी आँखे झुका दी और सेक्सी वाली स्माइल दे ने लगी.

मों: अरे, लगता हैं की उस लड़की का कुछ नीचे गिर गया हैं, और वो उसे नीचे झुक के ढूँढ रही हैं.

मे: अछा जी. मुझे तो ऐसा नही लगता.

मों: तो क्या लगता हैं तुम्हे…?

मे: मुझे लगता हैं डार्लिंग की, उस लड़की ने आज मॉर्निंग मे ब्रश करना भूल गयी हैं, तो वो लड़का उसे ब्रश करवा रहा हैं.

मों: (मुझे हल्का सा मरते हुए) पागल हैं तू, कुछ भी बोलता रहता हैं.

मे: वैसे मों, तुमने तो आज सुबह ब्रश किया हैं ना..?

मों:(तोड़ा गुस्सा दिखाते हुए) हा, आचे से किया हैं. और अब तू ये सब बकवास छोड़ के मुझ पे ध्यान दे. अभी मोविए ख़तम होने आई लगती हैं.

ये सुनकर मैं वापस मों के लीप सागर मे डूब गया. हुमारी अची ख़ासी किस्सिंग हो रही थी आज, ऐसा लगता था जैसे मों अपने काई सालो की प्यास बुजा रही हो.

कुछ देर बाद, जब बेल बाजी, तो हम दोनो अलग हुए. हम एक दूसरे से नज़ारे चुरा रहे थे.

फिर मैने बिके स्टार्ट की, मों चुपचाप आकर पीछे बेत गयी. और बिके को अपने फ्रेंड के घर लेने को कहा. हम वाहा से मों की फ्रेंड के घर गये, हुँने बहुत सारी बाते की मिलकर, अब मों खुलने लगी मुझसे, जब भी हमारी आँखे मिलती तो वो सेक्सी वाली स्माइल पास करती.

हुँने सेल्फिे लिए, और मों ने अपने व्हातसपप स्टेटस पे पोस्ट किए, जिससे दाद को यकीन हो की हम यहा पे ही हैं.

वाहा पे डिन्नर करते वक़्त मैं मों की बगल मे ही बेता चेर पे. और हल्के से उसकी झंगो को सहलाता, उसके पैरो से अपने पैर क्रॉस करता. मज़ा आ रहा था.

मों भी ये नया एक्सपीरियेन्स एंजाय कर रही थी. मैने 2 से 3 बार मों की झंगो से होते हुए उनकी छूट पे हाथ रखना चाहता, पर मों ने वाहा से हाथ उठाकर वापस अपनी झांग प्र रख देती.

मुझे लगा की मों अभी छूट को लेकर रेडी नही हैं, पर मुझे पता था की उसकी भी बारी जल्द ही आजाएगी.

डिन्नर के बाद वाहा से निकलते वक़्त, मों ने दाद को कॉल किया, की वो अब रिटर्न हो रहे हैं. और मों अपनी फ्रेंड को बाइ बोलकर बिके पे पीछे बैठ गयी. मैं मों से तोड़ा नाराज़ था, मों को भी पता चल गया.

मों: क्या हुआ मेरे डार्लिंग को, ऐसे मूह क्यू लटकाया हुआ हैं ?

मे:कुछ नही. (मैने कुछ जवाब नही दिया)

मों: कुछ तो बात हैं, अब बता ना.

मे: कुछ बे नही हुआ मों.

मों: ठीक हैं, आयेज किसी होटेल पे रोकना गाड़ी, तेरे दाद के लिए खाना पॅक करवा लेते हैं.

और आयेज एक होटेल पे मैने बिके रोकी, और मैं एक कोने मे खड़ा होगआया. मों ऑर्डर देकर मेरे पास आई.

मों: क्या हुआ हैं तुझे, ऐसा चुप क्यू हैं?

मे: कुछ नही.

मों: अरे, बता भी देना. तू बताएगा नही तो मुझे पता कैसे चलेगा.

मे: अब क्या बताया मैं? मुझे तुम्हारा समझ मे ही नही आता. कभी चुने देती हो तो कभी हड़का देती हो, एक पल लगता हैं की तुम पूरी तरहा मेरी हो, फिर अगले पल पराई बन जाती हो. क्या करू मे?

मों: तो मे भी क्या करू ? मेरे लिए भी ये रिश्ता बिल्कुल नया हैं, इसमे कुछ वक़्त तो लगेगा ही ना. और हर चीज़ का एक टाइम होता हैं, और अपने टाइम पे वो चीज़ हो जाता हैं.

मे: ठीक हैं मों.अब आगे क्या?

मों: अब आगे, आइस क्रीम खाते हैं, और घर जाते हैं.

मे: कितनी आइस क्रीम खावगी, बीमार पद गयी तो ?

मों: तो क्या ? तुम हो ना. मेरी सेवा नही क्रोगे क्या?

मे: एस. जैसे थियेटर मे की वैसे ही.

मों: तू नही सुधरेगा. (और हम दोनो हासणे लगे.)

वेटर आइस क्रीम लेकर आया, मों ने उसे खाली, फिर उतने मे पार्सल भी आ गया. सब सामान मुझे पकड़ा कर मों “मे आती हूँ” बोलकर अपना पर्स लेकर वॉशरूम मे चली गई, और कुछ देर बाद निकल के मेरे पास आई.

मों: ये ले मेरा पर्स पकड़, और बिके की चाबी दे.

और मों ने बिके को स्टार्ट काइया, सब समान बिके की साइड मे नीचे लटका दिया. और मैं पीछे बेत गया.

मे: तुम्हे आती तो हैं ना बिके चलानी ?

मों: तू खुद देख लेना, और हा मेरा पर्स अपने हाथ मे ही रखना, नीचे मत लटकाना, उसमे मेरा मोबाइल वगेरह हैं.

मे: ओक मों.

और मों ने बिके स्टार्ट की, वो आचे से चला रही थी. आज पहली बार मुझे पता चला की मों को बिके चलानी आती हैं.

मे: वाउ मों, अछा बिके चला लेती हो. तुमने तो जैसे ये सीक्रेट ही रखा था. और भी कौँसे सीक्रेट रखे हैं तुमने?

मों: टाइम आने पे पता चल जाएगा.

मे: ह्म.

मों: तांकष डार्लिंग, इतना अछा दिन स्पेंड करने के लिए, बहुत दीनो के बाद ऐसे फुल दे एंजाय किया. थॅंक योउ फॉर तीस लव्ली गिफ्ट.

मे:इट’स ओक मों. और मेरा रिटर्न गिफ्ट ?

मों: थियेटर मे दे तो दिया (और मों हासणे लगी)

मे: हा, मों. पर आधा अधूरा दिया था तुमने.

मों: ह्म..एक काम कर, मेरी पर्स की आयेज वाली चैन खोल, उसमे तेरे लिए एक और गिफ्ट हैं.

मैने जल्दी से पर्स ओपन किया और उसमे देखा तो उसमे मों की ब्रा थी, जो उसने आज पहनी हुई थी.

मे: ये क्या हैं मों..?

मों: बेटा, अपनी मों को फील करने के लिए अक्तिवा की नही, चान्स की ज़रूरत होती हैं. जो मे तुझे अभी दे रही हूँ, फिर मत कहना, की मैने तुझे चान्स नही दिया, घर पहुँचने तक का वक़्त हैं तेरे पास.

मैं समझ गया, और अपने आप को मों से लगते हुए अपने दोनो हाथो को उसके
टॉप के उपर लेकर उसे प्रेस करने लगा, तो मों ने मेरा हाथ झटक दिया.

मों: पागल हो गया हैं क्या, ऐसे कोई देख लेगा तो? (ये सुनकर मैने अपने हाथ पीछे कर लिए)

मों: अरे पागल, मेरे कहने का मतलब हैं की टॉप के उपर से मत कर, कोई देख लेगा.

और मों ने खुद अपना हाथ उनके टॉप के अंदर पेट के उपर रख दिया. मैं मों का इशारा, समाज गया, और अपने दोनो हाथो को मों के टॉप मे डालकर उनके नंगे बूब्स से खेलने लगा.

मैं टॉप मे हाथ डालकर उसके बूब्स के उपर रख दिया. पहली बार मेरा मों के बूब्स से स्किन तो स्किन कॉंटॅक्ट हुआ, वाउ. सच मे एक दूं सॉफ्ट थे, निपल भी मस्त मुलायम थे. मैं दोनो हाथो से मसल रहा था.

इस तरहा अंधेरी रात में मों की मर्ज़ी से उनके नंगे ब्रेस्ट को मसालने का मज़ा ही कुछ और था. मान किया की साइड मे कही गाड़ी रुकवा कर मों को अभी चोद डालु.

पर मैने सोचा के प्लान के हिसाब से चलते हैं, सब आराम आराम से करते हैं, मों जितनी ही मुझसे खुलेगी, उतना ही बाद मे उनको छोड़ने का मज़ा आएगा. और इस इमॅजिनेशन मे मैं मों के बूब्स जोरो से दबाने लगा.

मों: धीरे से बेटा,मैं तेरी मों हू, कोई रंडी नही.

मे: हन, पर दबवा तो रंडियो की तरहा ही रही हो ना.( और हम दोनो हासणे लगे)

मों: रंडी तो पैसे भी लेती हैं इन सबके.

मे: बात तो सही हैं मों. पर पैसे के बदले मे, वो अपने बूब्स के अलावा और बहुत कुछ देती भी हैं. (और अपना एक हाथ बूब से हटाकर मैं नीचे की और ले गया)

मों: ह्म, लगता बहुत बड़ा हो गया हैं तू.

मे: आख़िर बेटा किसका हूँ. वैसे मैं और वो हम दोनो ही बड़े हो गये हैं. (और मैने अपने हाथ को मों की चूत के उपर के हिस्से को चुने लगा)

मों:(मेरा हाथ निकलते हुए) प्लीज़ बेटा, ये नही. इस पर अभी तेरे पापा का ही हक़ हैं. उपर उपर का ठीक हैं, पर ये वाला नही.

मे: (मुझे भी अपनी ग़लती का आहेसस हुआ) ओक मों. सॉरी, अगर तुम्हे बुरा लगा हो तो.

मों: इट’स ओक. (और मैं मों के बूब्स दबा रहा था).

मे: अगर ऐसे मौसम मे बारिश हो, तो मज़ा ही आजाए.

मों: सच मे बेटा. मेरी ये भी एक विश थी की बारिश मे अपने ब्फ के साथ रोमॅन्स करू.

मे: बारिश का पता नही, पर रोमॅन्स तो चल ही रहा हैं.

मों: ह्म.

और कुछ देर बाद हम घर पहुच गये, मों ने पापा को खाना दिया, और खा कर वो अपने रूम मे चले गये. मों किचन मे सब काम निपटा रही थी.

मे: (किचन मे एंटर करते हुए) कुछ हेल्प कर दूं..?

मों: नही बस, होनेवाला ही हैं. तू सोया नही अब तक.

मे: एक गुडनाइट किस के लिए रुका था.

मों: तू पागल हो गया हैं, तेरे पापा घर मे ही हैं.

मे: मे देख कर आया, वो सो रहे हैं. प्लीज़ मों, दे दो ना एक किस (और मों से रिक्वेस्ट करने लगा)

मों: ओक बाबा, तू मानेगा नही इसके बिना.

फिर मैने मों को बहो मे भरते हुए उसके होतो पे होत रख दिए, मों भी पूरा साथ दे रही थी, मैने मों के कुल्हो को पकड़ते हुए उनको प्लॅटफॉर्म पे बिता दिया, और एक हाथ टॉप मे डालकर उसे दबाने लगा. मों ने मुझे नही रोका, मों की एक बात अची लगी, जो चीज़ वो मुझे एक बार करने देती हैं, उसे दोबारा करने से रोकती नही.

मों: बस बेटा, अब देर हो चुकी हैं.

और हम अलग होकर अपने कमरे मे चले गये.

मों का मुझे (अनिल को) मेसेज आया: आज का काम हो गया.

मे(अनिल्ट): कैसा रहा आज? किया वो सब कुछ, जो मैने कहा था?

मों: हन. किया.

मे(अनिल): अब क्या लगता हैं, तेरे बेटे से तू चुदाई कर सकती हैं ना?

मों: ह्म. अभी उतनी शुवर नही हूँ, पर हा, कल से आज कॉन्फिडेन्स ज़्यादा हैं.

अमित: बस, यही तो चाहिए. तेरा बेटे का लंड जल्द ही तेरे अंदर होगा.

मों: वो तो आज ही डाल देता, अगर उसे रोका ना होता तो. (फिर मों ने मुझे बिके का पूरा सीन बताया)

मे: तो कही सुंसान रास्ते पे एक बार छुड़वा लेती ना.

मों: मा हू उसकी, कोई रंडी नही. फिर तो उसे ये लगता की उसकी मों एक रंडी हैं जो थियेटर मे किस करती हैं, बिके पे बूब्स डब्वाती हैं, और सुंसान सड़क पे अपनी छूट मरवती हैं.

मे(अनिल): ओक बाबा. तुमने सही किया, वैसे भी हम प्रोसेस से जाएँगे, तो तुम दोनो को आसानी होगी.

मों और अनिल की छत हो ही रही थी, की मैने अपने ओरिजिनल व्हातसपप नो. से मों को ही किया, तो मों ने अमित को वेट करने को कहा, और मुझसे छत करने लगी.

मे: ही, मों. अब तक सोई नही..?

मों: अब सोने ही जा रही हूँ. तुम नही सोए ?

मे: आप ने मेरी नींद जो उड़ा के रखी हैं, थॅंक्स आज के लिए. पापा सो गये क्या?

मों: नो नीड ऑफ थॅंक्स. और हा, सो गये तेरे पापा.

मे: तो मे अओ क्या, तुम्हारे पास?

मों: क्या करेगा आकर? सब कुछ तो आज तूने पूरे दिन कर लिया हैं.

मे: सब कुछ कहा मों?

मों: बेटा, तू फिर से उसी बात को लेकर शुरू हो गया.

मे: रिलॅक्स मों. मे उसकी बात नही कर रहा.

मों: तो फिर?

मे: मे आपके बूब्स देखना चाहता हूँ अभी.

मों: तू पागल हो गया हैं क्या?

मे: देखो मों, में कोई नयी चीज़ तो माँग नही रहा, जो अपने मुझसे ऑलरेडी शेर की हैं, बस उसी को देखना चाहता हूँ.

मों: ये अभी नही हो सकता. कल इसे देखेंगे. अब चल सो जा. गुड नाइट.

मे: ओक मों. गुड नाइट.

मों ने अनिल को मेसेज किया.

मों: अब कल का क्या प्लान हैं.

मे(अनिल): पहले ये बता, क्या बोला तेरे बेटे ने?

मों: कुछ नही, वो ज़िद कर रहा था मेरे नंगे बूब्स दिखाने की.

मे(अनिल): तो दिखा देती ना. वैसे ये परसो का प्लान हैं, पर इसे हम कल मे शिफ्ट कर देंगे.

मों: ठीक हैं, अब कल क्या करना हैं..?

मे(अनिल): तुम्हे कल अपने बेटे का लंड अपने हाथो मे लेना हैं.

मों: क्या, कैसे..?

मे(अनिल): रिलॅक्स. मे बताता हूँ. हमारा 5 डेज़ का ग़मे प्लान था, जिसमे पहले दो दिन तुम्हे अपने बेटे को अपने बॉडी पार्ट्स दिखाने थे, उसे टच करना था, जिससे वो तेरी तरफ अट्रॅक्ट हो.

3र्ड दे पे तूने उससे किस्सिंग करनी, और अपने बूब्स डबवाना था, जिससे तुम दोनो एकदुसरे के साथ कंफर्टबल हो जाओ.

कल 4त दे पे: तुम्हे अपने बेटे के जिस्म से अपने जिस्म को मिलना हैं, और उसके लंड को टटोलना हैं. उसके बाद अपने बेटे के लंड को देखकर तुम्हे पता चल जाएगा, की तुम्हे परसो चुदाई मे मज़ा आएगा की नही.

और 5त लास्ट दे पे, तुम्हे अपनी पूरी नंगी बॉडी उसे दिखाकर, उसका लंड अपनी चूत मे लेना हैं. पर तेरे बेटे की विश हैं तो कल तुम उसे अपनी उपर की बॉडी दिखा देना.(और मैने मों को कल का प्लान समझा दिया)

मों: ये सब करवा कर तुम नरक मे जाओगे.

मे(अनिल): और अपने बेटे से छुड़वा कर तुम भी तो वोही आओगी ना. फिर हम दोनो वाहा एंजाय करेंगे.

मों: चुप हो हरामी, अब सो जा चुपचाप.

तो रीडर्स, कैसा लगा ये पार्ट. कॉमेंट्स मे ज़रूर बताईएएगा.

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