वर्जिन बेहेन की चुदाई भाई ने की

दोस्तो मैं डॉली अपनी कहानी लेकर हाजिर हूँ दोस्तो मैं अब 19 साल की हूँ और मैंने अभी (इस घटना से पहले) अपनी चूत चुदवाई नहीं की है, कभी असली में लंड भी नहीं देखा।
मेरे मम्मे ज्यादा बड़े नहीं हैं.. और रंग भी इतना गोरा नहीं है.. पर नैन-नक्श सुन्दर हैं, लड़के मुझे भाव नहीं देते थे क्योंकि मेरी सहेलियाँ ज्यादा सुन्दर हैं और मेरे घर वाले भी मुझ पर ज्यादा नज़र टिकाए रखते हैं।
मुझे कुछ लड़कों के ऑफर भी आए.. पर वो शकल-सूरत और डील-डौल से कुछ भी नहीं थे। इसलिए मैंने ‘ना’ कह दी।

मुझे मालूम है कि चुदाई में दमदार लड़के के साथ ही मजा आता है। मेरी सारी सहेलियाँ अपने बॉयफ्रेंड से कई बार सेक्स कर चुकी है.. पर मैं अभी तक कुंवारी वर्जिन हूँ। मुझे भी उनकी बातें सुन-सुन कर चुदने का मन करता था। पर मुझे इज्ज़त का और सील टूटने के दर्द से डर लगता था।

एक दिन किस्मत ने साथ दिया और घर वालों को शादी पर जाना था, शादी में मम्मी-पापा जा रहे थे, मैं और दादी घर रहने वाले थे। दादी की तबियत अब ठीक नहीं रहती और वो बिस्तर में और अपने कमरे में ही रहती हैं।

दिसम्बर के दिन थे और धुंध भी बहुत पड़ती है.. ठण्ड भी बहुत होती है। घर और हमारी देखभाल के लिए पापा ने मेरे बड़े पापा के बेटे को फोन कर दिया कि जब तक हम नहीं आ जाते.. तब तक तुम इधर ही रहना।

चेतन भैया जॉब करते हैं। मैं उनसे बहुत दिन बाद मिल रही थी। जैसे ही चेतन घर आया, मैं रसोई में थी।
मैं हॉल में आई.. वो दादी से मिल कर हॉल में आकर खड़ा था।
मैं उसे देखते ही खुश हो गई.. मैं उसके गले जा लगी और उसके साथ चिपक गई, मैंने अपने मम्मों को उसके साथ दबा दिए और मैं अपने पेट पर उसका ‘सामान’ महसूस कर रही थी।

यह कहानी भी पड़े  जवान लड़की के साथ सेक्स

मुझे किसी लड़के के साथ लग कर बहुत मजा आया।
मैंने कहा- भैया आप मुझे भूल गए.. मेरी याद भी नहीं आती.. कभी मुझसे मिलने भी नहीं आते?
चेतन- अब मैं आया तो हूँ तुझसे मिलने.. मैं 5-6 दिन अब कहीं नहीं जाऊँगा। मैंने ऑफिस से भी 4 दिन की छुट्टियाँ भी ले ली हैं।

उसके बाद मैंने चेतन के लिए कॉफी बनाई और हम बातें करने लगे। बातें करते-करते रात हो गई और हमने रात का खाना बनाया और खाया। मैंने चेतन से कह दिया कि आप मेरे कमरे में ही सोयेंगे।

मैं और चेतन पहले तो चेतन के फोन पर फिल्म देखते रहे.. फिर सोने के लिए बेड पर आ गए। मैंने शाम को ही बेड पर बड़ी रजाई रख दी थी। चेतन कमरे में जा कर रजाई में घुस कर लेट गया और फोन चलाने लगा।

मैं बाथरूम चली गई और मन ही मन सोच रही थी कि आज रात चूत का काम बन जाए। मैं सोचने लगी कि चेतन को कैसे बताऊँ कि मैं उससे चुदना चाहती हूँ।

मैं फिर कमरे में चली गई और कमरे को कुण्डी लगाई। मैंने अपनी स्वेट शर्ट और जींस उतार कर कीली पर लटका दी। मैंने नीचे मैंने सफ़ेद रंग का बॉडी वार्मर इनर डाला हुआ था और स्लेटी रंग की स्लेक्स डाल रखी थी। ये दोनों कपड़े मेरे बदन से चिपके हुए थे।

चेतन मुझे देखता रह गया.. अब मेरी पीठ चेतन की तरफ थी। मैं उसे अपने गोल-गोल चूतड़ों को दिखा कर मोहित करना चाहती थी। आखिर वो भी जवान लड़का है और मुझे इस हाल में देख कर उसका मन भी बदल गया।

यह कहानी भी पड़े  चुदाई का तजुर्बा

अब मैं भी रजाई में आ गई और लेट गई।

चेतन सीधी-साधी बातें कर रहा था.. फिर मैं मुद्दे पर बोलने लगी- भैया तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?
चेतन- नहीं है।
मैं- आप तो इतने स्मार्ट हो.. लड़कियां तो जान छिडकती होंगीं आप पर..!
चेतन- हाँ.. पर इतना भी नहीं.. मेरी गर्लफ्रेंड थी.. अब हमारा ब्रेकअप हो गया है।

मैं- क्यूँ.. क्या हुआ था?
चेतन- वो लड़की चालबाज़ थी.. उसने किसी और लड़के के साथ भी सैटिंग कर रखी थी.. और फिजिकल रिलेशन बनाए हुए थे.. मुझे पता चल गया और मैंने उसे छोड़ दिया।
मैं- कभी आपने फिजिकल रिलेशन बनाए हैं.. किसी लड़की के साथ?
चेतन- नहीं बनाये..

अब मेरी बात बन चुकी थी.. बस कुछ पल की देरी और इस बात का इन्तजार था.. कि अब पहल कौन करता है। बस इसी की शर्म मुझे भी थी और उसे भी।

और पहल चेतन ने ही कर दी.. आखिर लड़का है.. कब तक रोकता खुद को..
वो बोला- डॉली.. एक बात पूछूं.. सच बताना.. तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है?
मैंने कहा- नहीं है।
फिर चेतन ने कहा- तुमने कभी किया वो काम?
मैंने कहा- नहीं किया.. जब बॉयफ्रेंड ही नहीं है.. तो मैं कैसे करती?
और चेतन बोला- आज तुम भी अकेली हो और मैं भी अकेला हूँ.. क्यूँ ना हम एक हो जाएं..

मैं यह सुन कर बहुत खुश थी जैसे कि मेरी सारी इच्छाएँ पूरी हो गई हों। मैं खुशी से इतनी भर गई और मेरे मुँह से खुशी को चेतन ने देख लिया।
मैं मुस्कुराने लगी थी और घबराने लगी थी।

Pages: 1 2

error: Content is protected !!