विधवा मामी को प्यार दिया

हिी मेरा नामे हर्ष है, मई आमेडबॅड का रहने वाला हू, मी आगे इस 25. मई 15 साल की उमर से ही देसी कहानी और सेक्स वीडियो देखने का आदि हो गया था.

मेरी ये पहली स्टोरी है जोकि मेरे साथ बिता है. मैने सोचा क्यू ना आपको शेर किया जाए. तो ज़्यादा वक़्त ना लेते हुए मे कहानी की शुरुवत करता हू, प्लीज़ कोई भूल हुई हो तो माफ़ करना.

ये कहानी मेरी और मेरी मामी की बीच की है.

2 साल पहले आक्सिडेंट मे मेरे मामा की डेत हो गयी तो मामी अकेली पद गयी थी. मई लास्ट 4 साल से अपने मामा मामी के साथ ही रह रहा हू और मामा के जाने के बाद बिज़्नेस मई ही हॅंडल करता हू. घर मे हम 3 ही लोग थे मई, मामी और उनका लड़का जोकि 11 साल का है और 6त मे पढ़ता है.

मामा के जाने के बाद मामी काफ़ी अकेली पद गयी थी. मई मामी के बारे मे बताना भूल ही गया.

मेरी मामी का नाम मंजू है, मंजू काफ़ी हॉट है उसका रंग तोड़ा सावला है लेकिन फिगर मे कोई जवाब नही. मंजू की गांद देख के किसी का भी लंड खड़ा हो जाए. मामी घर मे ज़्यादा तार लेगैंग्स और कुरती तो कभी सारी पहेनटी थी. जिसमे उसकी बड़ी गांद मस्त लगती थी.

मई डेली उसकी गांद को देख के माल निकाला करता हू. उसका फिगर 34-36-38 होगा मुझे आंटी को छोड़ना काफ़ी पसंद है. मंजू जैसी बड़ी गांद वाली मामी को छोड़ने का मज़ा ही कुछ और है.

मंजू और मेरे बीच काफ़ी हसी मज़ाक होती थी. मई मामी का अब अकेला सहारा रह गया था. वो मुझे अपने बेटे जैसे ही रख ती थी. मामा के जाने को 2 साल बीत चुके थे तो मामी भी अब नॉर्मल लाइफ जीने लगी थी.

मेरा बिज़्नेस भी सही था तो घर मे पैसे की कोई टेन्षन नही थी. हम तीनो खुश थे.

बात ये तब की है जब डिसेंबर की शारडी चालू होती है और मामी के लड़के का स्कूल का तौर जाने वाला है. तो वो 4 दिन के लिए तौर पे था तो घर मे सिर्फ़ मे और मामी अकेले थे.

हम दोनो रात मे डिन्नर करके साथ मे त.व देख रहे थे. अचानक एमोशनल सीन आया और मामी रोने लगती है. तब मई उसके पास गया और उसको शांत करने की कोशिश करने लगा. वो मामा की याद मे रो रही थी तो मैने उसको हग किया और शांत रखने कोशिश की.

मैने हग किया और उसको रोने का माना करने लगा. उसको पानी पिलाया और उसको सोफे पे बिताया. उस वक़्त मेरा लंड जोकि 7 इंच का है, वो खड़ा हो गया और मामी को टच होने लगा.

मामी भी मुझसे लिपट गयी थी. काफ़ी टाइम से किसी मर्द को छुआ नही था तो सरीर भी आग छोड़ रहा था. मैने उसको सहलाया और ना रोने को बोला.

मंजू ने रोना बंद किया और मेरे कंधे पे सर रख के बेत गयी. टीवी मे सेक्स सीन आए तो मंजू और हम दोनो को काफ़ी गर्मी महसूस हुई. मंजू लेगैंग्स और कुरती ही घर मे ज़्यादा पहेनटी थी.

जब भी वो जुक्ति थी उसकी गांद लेगैंग्स मे से सॉफ दिखती थी. मई मामी के गांद का इतना आशिक़ था के इस गांद को चटाना चाहता था. मैने मंजू के पनटी पहने के काफ़ी बार मूठ मारी है और माल पनटी मे ही छोड़ा था.

मंजू और मई पास मे ही बैठे थे. मैने उसके ठिग्स पे हाथ रखा और उसको सहेलने की कोशिश की. वो भी गरम हो चुकी थी, उसने अपना हाथ मेरे लंड पे रख दिया और हम दोनो ने स्माइल की और मुझसे रहा नही गया तो मैने मंजू के होत चूसने चालू कर दिए. मंजू भी सब कुछ भूल कर मेरा साथ दे रही थी.

हम दोनो ने एक दूसरे को कस के पकड़ लिया था. मंजू काफ़ी हॉट माल थी, 35 की उमर थी और चुड़दक़्कड़ बहुत बड़ी थी. उसकी मोटी गांद और लस्टी फेस को देख के कोई भी उसके उपर चाड जाए.

मई तो मंजू को कब से छोड़ना चाहता था, आज मेरी खवैिश पूरी होने वाली थी. मंजू का फेस लस्टी था. मैने मंजू को कहा चलो बेडरूम मे चलते है और वो मान गयी.

मैने टीवी बाँध करके मंजू को उठाके उसके बेडरूम मे ले गया.

मंजू को लंड की प्यास बहुत बढ़ गयी थी उसको कोई मर्द चाईए था. मई मंजू की उपर चाड गया और किस करना चालू किया. वो मेरा मोटा लंड को मसल रही थी और पूरा साथ दे रही थी.

मैने मंजू का टॉप उतरा और उसकी ब्लॅक ब्रा को देख मुझसे रहा नही गया और मई उसके बड़े बूब्स को चयसने लगा. मंजू भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

मंजू मेरी मामी और मेरे बीच अब कोई नही था, हम दोनो बस एक दुरे की प्यास को बुजाना चाहते थे. वो मुजसे ऐसे लिपट गयी मानो बरसो से चूड़ी ना हो. उसने मेरा लंड हाथ मे लेकर खूब प्यार दिया. मंजू मेरी रानी, मैने उसको खूब सहलाया और गरम किया.

बाद मे मैने उसकी लेगैंग्स को उतार कर उसकी छूट छाती और उसने भी मेरा लंड मूह मे ले कर वीर्या निकल दिया. उस रात हुँने 3 बार सेक्स किया और मंजू ने काफ़ी मज़े से चुडवाया.

आज मई और मंजू हर रोज़ सेक्स करते है और एक दूसरे का खूब साथ देते है. मंजू अब मेरे साथ खुश थी. अब वो मूज़े अपना पति मनती थी और मुजसे हर रोज चुदाई करवाती थी.

हम दोनो अब एक ही बेड पे सोते है और दोनो खूब मज़े लेते है. मंजू की गांद को अपनी गोद मे लेके हम काफ़ी हसी मज़ाक करते है. अब मंजू विधवा सिर्फ़ समाज के लिए है, मॅन से तो वो अब मुझसे शादी कर ली है.

मंजू और उसकी सेक्सी बदन अब मेरा हो गया है. हम काफ़ी बार साथ मे नहाते है और बात मे भी खूब चुदाई करते है. उसका बेटा दिन मे स्कूल जाता है तो हम दोनो दोपहर को खूब चुदाई का खेल खेलते है. हम तीनो अभी अभी मनाली घूम के आए और मैने और मंजू ने खूब एंजाय किया.

तो ये थी मेरी और मेरी विधवा मामी की प्यासी तड़पति कहानी. ई होप योउ लीके तीस, प्लीज़ कहानी आक्ची लगे तो मैल करके बताए.

अगले एपिसोड मे बतौँगा की कैसे मैने और मंजू ने वाकेशन मे खूब चुदाई की और थ्रीसम भी किया. मैल करके रिप्लाइ करना मत भूलना. मेरा मैल ईद [email protected]

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